जापानी येन पर दबाव कायम, मजबूत अमेरिकी डॉलर के सामने कमजोर हुई मुद्रा यूरोपीय सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर में मजबूती के चलते जापानी येन में गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिका और जापान के बीच ब्याज दरों का अंतर और जापान की राजकोषीय स्थिति इस पर असर डाल रही है। सोमवार को यूरोपीय सत्र के शुरुआती घंटों के दौरान जापानी येन में कमजोरी देखने को मिली है, जबकि अमेरिकी डॉलर ने अपनी स्थिति मजबूत की है। शुरुआती कारोबार में इंट्राडे के दौरान येन में गिरावट आई और यह 158.00 के मध्य स्तर के करीब फिसला, जिसके बाद इसमें कुछ खरीदारी भी देखने को मिली। वर्तमान में हाजिर कीमतें 159.25 और 159.30 के दायरे के आसपास कारोबार कर रही हैं, जो दिन के मुकाबले लगभग 0.25 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाती हैं। ब्याज दरों का अंतर और आर्थिक कारक अमेरिकी डॉलर के व्यापक रूप से मजबूत होने से इस मुद्रा जोड़े को समर्थन मिल रहा है। अमेरिका और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले जापान में ब्याज दरों का अंतर अभी भी काफी ज्यादा बना हुआ है। इसके अलावा, जापान की बिगड़ती राजकोषीय स्थिति भी येन पर दबाव बना रही है। बैंक ऑफ जापान द्वारा भविष्य में ब्याज दरों में तेजी से बढ़ोतरी की उम्मीदों के बावजूद यह फंडामेंटल स्थिति जापानी मुद्रा को कमजोर कर रही है और डॉलर के मुकाबले उसकी स्थिति को प्रभावित कर रही है। जापानी येन और बैंक ऑफ जापान की नीतियां जापानी येन दुनिया की सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्राओं में शामिल है। इसका मूल्य मुख्य रूप से जापानी अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन, बैंक ऑफ जापान की नीतियों, अमेरिका और जापान के बांड यील्ड के अंतर तथा व्यापारियों के जोखिम लेने के रुझान पर निर्भर करता है। मुद्रा बाजार में नियंत्रण रखना बैंक ऑफ जापान के मुख्य दायित्वों में से एक है, जिससे केंद्रीय बैंक के कदम येन की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। हालांकि राजनीतिक चिंताओं के कारण बैंक ऑफ जापान सीधे तौर पर बाजार में हस्तक्षेप करने से अक्सर बचता है, लेकिन पूर्व में उसने येन के मूल्य को नियंत्रित करने के लिए ऐसा किया है। वर्ष 2013 से 2024 के बीच बैंक ऑफ जापान की अति-ढीली मौद्रिक नीति के कारण अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों की नीतियों से अंतर बढ़ गया, जिससे येन में बड़ी गिरावट आई थी। हालांकि हाल के वर्षों में इस नीति को धीरे-धीरे वापस लेने से येन को कुछ हद तक सहारा मिला है। पिछले एक दशक में अमेरिका के फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान के रुख में अंतर के कारण 10-वर्षीय अमेरिकी और जापानी बांड्स के बीच का अंतर काफी बढ़ गया था, जिसने अमेरिकी डॉलर को मजबूती दी। सुरक्षित निवेश के रूप में येन की स्थिति बाजार में अनिश्चितता के दौर में जापानी येन को अक्सर एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देखा जाता है। वैश्विक बाजार में तनाव या मंदी की आशंका के समय निवेशक इसकी स्थिरता और विश्वसनीयता के कारण जापानी मुद्रा की ओर रुख करते हैं। ऐसे दौर में जोखिम भरी मानी जाने वाली अन्य मुद्राओं की तुलना में येन का मूल्य मजबूत होने की संभावना बढ़ जाती है। व्यापक बाजार हलचल और अन्य मुद्राएं सोमवार को अन्य प्रमुख मुद्राओं के प्रदर्शन में भी हलचल देखी गई। यूरोपीय सत्र के शुरुआती कारोबार में पाउंड-डॉलर जोड़ी 1.3600 के मध्य स्तर के आसपास नकारात्मक दायरे में कारोबार कर रही थी। ईरान पर संभावित अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों को लेकर अनिश्चितता के कारण अमेरिकी डॉलर में सुधार हुआ है, जिससे जोखिम के प्रति संवेदनशील ब्रिटिश पाउंड पर दबाव बढ़ गया है। इसी तरह यूरो-डॉलर जोड़ी भी यूरोपीय सत्र में 1.1700 के नीचे कमजोरी के साथ कारोबार कर रही है। दूसरी ओर, सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली पीली धातु यानी सोना यूरोपीय सत्र के दौरान तीन महीने के अपने उच्चतम स्तर के करीब 4,650 डॉलर के आसपास टिका हुआ है। अमेरिकी ट्रेजरी के बायबैक प्लान और अमेरिका-कनाडा व्यापार तनाव के बाद डॉलर में आई कमजोरी का फायदा सोने को मिल रहा है। व्यापारी ईरान पर प्रतिबंधों से जुड़ी आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार कर रहे हैं ताकि बाजार को अगली दिशा मिल सके। अमेरिकी ट्रेजरी के कदम और बाजार का रुख बुधवार को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 10-वर्षीय से 20-वर्षीय और 20-वर्षीय से 30-वर्षीय सेक्टरों में लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक ऑपरेशंस के आकार को दोगुना करने की घोषणा की। विभाग ने इसके तहत अधिकतम सीमा को प्रति ऑपरेशन 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से प्रभावी होकर 4 नवंबर तक जारी रहने वाली है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के नीतिगत कदम वैश्विक वित्तीय बाजारों और बांड यील्ड को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। इसका आप पर असर व्यापक आर्थिक प्रभाव: • भारत में: येन और डॉलर के उतार-चढ़ाव से वैश्विक मुद्रा बाजार में हलचल होती है, जिसका असर कच्चे तेल के आयात बिल और भारतीय रुपये की विनिमय दर पर पड़ सकता है। • वैश्विक निवेशकों के लिए: मुद्रा बाजार में निवेश करने वाले ट्रेडर्स और निवेशकों को अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीतियों पर करीबी नजर रखनी चाहिए। सवाल-जवाब 1. जापानी येन में हालिया गिरावट का मुख्य कारण क्या है? अमेरिका और जापान के बीच ब्याज दर का बड़ा अंतर और जापान की राजकोषीय स्थिति जापानी येन पर दबाव बना रही है। 2. USD/JPY मुद्रा जोड़ी वर्तमान में किस स्तर पर कारोबार कर रही है? सोमवार को यूरोपीय सत्र के दौरान यह जोड़ी 159.25 से 159.30 के आसपास कारोबार कर रही थी। 3. बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति का येन पर क्या असर पड़ा है? पूर्व में अति-ढीली नीतियों के कारण येन में भारी गिरावट आई थी, हालांकि हाल के वर्षों में नीति में बदलाव से इसे कुछ समर्थन मिला है। 4. क्या जापानी येन को सुरक्षित निवेश माना जाता है? हां, वैश्विक बाजार में अनिश्चितता और तनाव के दौर में जापानी येन को एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देखा जाता है। https://trendkia.com/market/japanese-yen-slips-as-recovering-us-dollar-gains-traction-amid-interest-rate-gap-21159 TrendKia — Har trend, sabse pehle.