# जापानी येन पर भारी पड़ा अमेरिकी डॉलर, ब्याज दर की उम्मीदें घटने से 158.40 के करीब उछली दरें

> बैंक ऑफ जापान की बैठक के राय सारांश के बाद ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदें कम होने और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल से जापानी येन में गिरावट दर्ज की गई।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/japani-yena-para-bhari-para-us-dollar-byaja-dara-ki-ummiden-ghatane-se-158-40-ke-kariba-uchhali-daren-41306 · **Language:** Hindi
**Tags:** जापानी येन, अमेरिकी डॉलर, बैंक ऑफ जापान, विदेशी मुद्रा, ट्रेजरी यील्ड, मुद्रा बाजार, वित्त

वैश्विक मुद्रा बाजार में गुरुवार के कारोबारी सत्र के दौरान जापानी येन अपने प्रतिस्पर्धी मुद्राओं की तुलना में कमजोर साबित हुआ, जिसके चलते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इसमें तेज उछाल देखने को मिला। विदेशी मुद्रा बाजार में USD/JPY की जोड़ी 0.55 प्रतिशत की तेजी के साथ 158.40 के करीब पहुंच गई। जापानी मुद्रा पर यह दबाव उस समय बढ़ा जब वित्तीय बाजार के प्रतिभागियों ने सितंबर नीति बैठक के राय सारांश यानी समरी ऑफ ओपिनियंस (SoP) के जारी होने के बाद बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा निकट भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं को कम आंकना शुरू कर दिया।

## जापानी येन पर बना चौतरफा दबाव
विदेशी मुद्रा विनिमय के दैनिक प्रदर्शन में जापानी येन प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली करेंसी बनकर उभरी। प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले जापानी मुद्रा के विनिमय मूल्य में गिरावट दर्ज की गई, जिसमें अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यह कमजोरी सबसे अधिक स्पष्ट रही। मुद्रा हीटमैप पर आधार मुद्रा के रूप में जापानी येन को रखने पर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इसका प्रतिशत परिवर्तन साफ तौर पर विक्रेता पक्ष के हावी होने की पुष्टि करता है।

विश्लेषकों का मानना है कि बैंक ऑफ जापान की सतर्कता के कारण मुद्रा बाजार एक निश्चित दायरे में बंधा हुआ है। इसके साथ ही जापानी अधिकारियों की ओर से किसी भी प्रत्यक्ष बाजार हस्तक्षेप की अनुपस्थिति ने भी येन की कमजोरी को सहारा दिया है। अक्टूबर महीने में संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी के अनुमानों के कमजोर पड़ने से निवेशकों ने येन में अपनी आक्रामक खरीदारी की स्थिति को पीछे खींच लिया है।

## अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स में बढ़त
दूसरी तरफ अमेरिकी बाजार से आ रहे संकेतों ने डॉलर को जबरदस्त मजबूती प्रदान की है। यूनाइटेड स्टेट्स (US) ट्रेजरी यील्ड में मजबूती बने रहने के कारण डॉलर इंडेक्स (DXY) में नया सालाना शिखर देखा गया। छह प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं के मुकाबले ग्रीनबैक के मूल्य का आकलन करने वाला यूएस डॉलर इंडेक्स यूरोपीय कारोबारी सत्र में 102.00 के करीब एक नए वार्षिक उच्च स्तर पर पहुंच गया।

अमेरिकी पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) के आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में दरें बढ़ाने के दावों को कुछ हद तक संयमित किया है, इसके बावजूद कच्चे तेल की कीमतों से उपजी महंगाई की चिंताओं ने अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल को बहु-वर्षीय उच्च स्तरों के निकट बनाए रखा है। साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव ने भी अमेरिकी डॉलर को सुरक्षित पनाहगाह के तौर पर मजबूती दी है। अमेरिकी डॉलर की यह व्यापक तेजी बैंक ऑफ जापान के संभावित आक्रामक रुख और जापानी अधिकारियों द्वारा हस्तक्षेप के जोखिमों को पूरी तरह संतुलित कर रही है।

## तकनीकी स्तर और महत्वपूर्ण संकेत
विदेशी मुद्रा विनिमय के तकनीकी पटल पर USD/JPY का भाव 158.17 के स्तर पर दर्ज किया गया, जबकि लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार यह 157.93 के आसपास कारोबार कर रहा है। यह मुद्रा जोड़ी 20-अवधि के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 157.23 से ऊपर मजबूती से टिकी हुई है। तकनीकी आधार पर 20-दिवसीय ईएमए 157.18 के आसपास स्थित है, जो मौजूदा तेजी के रुझान को समर्थन दे रहा है। जब तक भाव इस महत्वपूर्ण औसत से ऊपर बने रहते हैं, तब तक अल्पकालिक रुझान पर खरीदारों का नियंत्रण बरकरार रहने की संभावना है।

दैनिक चार्ट पर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 54 के स्तर पर स्थित है। यह रीडिंग सकारात्मक क्षेत्र में मानी जाती है, जो जरूरत से ज्यादा खरीदारी (ओवरबॉट) के बजाय स्थिर तेजी की गति का संकेत देती है। दैनिक चार्ट पर यदि यह जोड़ी 20-दिवसीय ईएमए से नीचे दैनिक क्लोजिंग देती है, तो यह गहरे सुधारात्मक चरण की ओर बढ़ने का संकेत हो सकता है। मौजूदा तकनीकी सेटअप में पिवट पॉइंट 157.90 पर स्थित है, जबकि पहला प्रतिरोध स्तर 158.49 और दूसरा प्रतिरोध 159.05 पर बना हुआ है। नीचे की ओर पहला समर्थन 157.34 और दूसरा समर्थन 156.75 पर देखा जा रहा है। 52 हफ्तों के दौरान इस जोड़ी का दायरा 149.41 से 163.98 के बीच रहा है।

## अन्य मुद्राओं और संपत्तियों की स्थिति
अमेरिकी डॉलर के इस मजबूत रुख का असर केवल जापानी येन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अन्य प्रमुख मुद्राओं और संपत्तियों पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ा

- **ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD):** अमेरिकी डॉलर की मजबूती के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर दो महीने के निचले स्तर के करीब सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा और एशियाई सत्र में 0.6900 के मध्य क्षेत्र में रहा। ऑस्ट्रेलिया का व्यापार अधिशेष अगस्त में तेजी से घटकर 495 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD495M) रह गया, जिसका इस जोड़ी पर सीमित असर हुआ।
- **यूरो (EUR/USD):** यूरो डॉलर के मुकाबले गिरकर मई 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। यह जोड़ी बुधवार को 1.1312 तक लुढ़की थी, जो जनवरी के 1.2082 के उच्चतम स्तर से काफी नीचे है। डॉलर की मजबूती, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और ऊर्जा लागतों के जोखिम ने यूरोपीय मुद्रा पर दबाव बनाए रखा है।
- **सोना:** सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली पीली धातु भी अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के बढ़ने से संघर्ष करती नजर आई। बुधवार को उम्मीद से कम मुद्रास्फीति आंकड़ों के बावजूद सोना 4,200 डॉलर प्रति औंस के करीब बढ़त बनाए रखने में असमर्थ रहा और यूरोपीय सत्र के पहले हिस्से में सपाट कारोबार करता दिखा।
- **क्रिप्टोकरेंसी हाइपरलिक्विड (HYPE):** डिजिटल एसेट बाजार में हाइपरलिक्विड टोकन 2 प्रतिशत गिर गया, जिससे पिछले दिन की 5 प्रतिशत बढ़त कम हो गई। बुधवार को 5 मिलियन डॉलर के संस्थागत बहिर्वाह से भावनाएं कमजोर हुईं और इसका भाव 90 डॉलर के नीचे सीमित रहा।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी डॉलर और जापानी येन में आई इस हलचल का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय यात्रा, आयात बिल और वित्तीय पोर्टफोलियो पर पड़ता है।

- **भारतीय यात्रियों पर:** अमेरिका जाने वाले भारतीय छात्रों और पर्यटकों के लिए खर्च बढ़ सकता है, क्योंकि मजबूत डॉलर के कारण डॉलर आधारित लेन-देन महंगे हो जाते हैं। दूसरी ओर जापान की यात्रा करने वाले भारतीय पर्यटकों को कमजोर येन के चलते स्थानीय स्तर पर राहत मिल सकती है।
- **विदेशी मुद्रा ट्रेडर्स पर:** तकनीकी स्तरों पर 157.23 का स्तर अहम बना हुआ है, जिसके टूटने पर स्टॉप-लॉस ट्रिगर हो सकते हैं। ट्रेडर्स को 158.49 के प्रतिरोध स्तर पर सतर्क रहकर जोखिम प्रबंधन तय करना चाहिए।
- **आयात-निर्यात कारोबार पर:** ऊर्जा की ऊंची कीमतें और मजबूत डॉलर मिलकर एशियाई देशों के आयात खर्च को बढ़ा देते हैं। कच्चे तेल पर निर्भर भारतीय उद्योगों को डॉलर की निरंतर मजबूती से मार्जिन पर दबाव का सामना करना पड़ सकता है।
- **बुलियन और मेटल निवेशकों पर:** अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के ऊंचे स्तरों पर बने रहने से सोने जैसे बिना ब्याज वाली संपत्तियों में मुनाफावसूली बढ़ सकती है। लंबी अवधि के निवेशक कीमतों में स्थिरता आने के बाद ही नई खरीदारी की योजना बना सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
जापानी येन की तेज गिरावट और डॉलर में उछाल के पीछे प्रमुख केंद्रीय बैंकों की नीतियों और वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल में आए बदलाव की भूमिका रही है।

- **बैंक ऑफ जापान का नरम रुख:** सितंबर की मौद्रिक नीति बैठक के राय सारांश में ब्याज दरों में तत्काल बढ़ोतरी के प्रति सतर्कता बरती गई। इसके चलते ट्रेडर्स ने अक्टूबर में होने वाली संभावित दर वृद्धि की उम्मीदों को काफी कम कर दिया।
- **अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल में उछाल:** कच्चे तेल की कीमतों के कारण महंगाई का दबाव बना रहने से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तरों पर बनी हुई है। इसने अमेरिकी डॉलर को वैश्विक स्तर पर आकर्षक बना दिया और डॉलर इंडेक्स को 102.00 के नए शिखर पर पहुंचा दिया।
- **जापान की ओर से हस्तक्षेप का अभाव:** जापानी वित्तीय अधिकारियों की ओर से मुद्रा बाजार में किसी त्वरित सरकारी हस्तक्षेप के न होने से बिकवाली का दबाव बढ़ गया। विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप के डर के घटने से डॉलर खरीदारों का हौसला बढ़ा।
- **भू-राजनीतिक अनिश्चितता:** अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते गतिरोध ने सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर की मांग को और मजबूती प्रदान की। इसने यूरो और पाउंड जैसी अन्य मुद्राओं के मुकाबले भी डॉलर को बढ़त दिलाई।

## सवाल-जवाब

### 1. USD/JPY में गुरुवार को कितनी तेजी दर्ज की गई?
गुरुवार को USD/JPY की जोड़ी 0.55 प्रतिशत की बढ़त के साथ 158.40 के करीब पहुंच गई।

### 2. जापानी येन में कमजोरी की मुख्य वजह क्या रही?
बैंक ऑफ जापान की सितंबर बैठक के राय सारांश के बाद ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदें घटने से येन कमजोर हुआ।

### 3. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स किस स्तर पर पहुंचा?
ट्रेजरी यील्ड में उछाल के दम पर अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 102.00 के नए वार्षिक शिखर पर पहुंच गया।

### 4. तकनीकी विश्लेषण में USD/JPY के लिए तत्काल समर्थन स्तर कौन सा है?
इस जोड़ी के लिए 20-दिवसीय ईएमए 157.23 पर तत्काल मुख्य समर्थन स्तर के रूप में कार्य कर रहा है।

### 5. सोने के भाव पर इस हलचल का क्या असर हुआ?
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर होने से सोना 4,200 डॉलर के स्तर पर टिक नहीं सका और लगभग सपाट कारोबार करता रहा।

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