# जियो प्लेटफॉर्म्स के सबसे बड़े पब्लिक इश्यू ने रचा इतिहास, बोली शुरू होते ही 100 मिनट में हुआ पूरा सब्सक्राइब

> जियो प्लेटफॉर्म्स के 30,213 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आईपीओ ने बाजार में आते ही धूम मचा दी, जहां संस्थागत निवेशकों के भारी दांव के चलते पूरा इश्यू महज 100 मिनट में भर गया।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/jio-platforms-ke-sabase-bare-pablika-ishyu-ne-racha-itihasa-boli-shuru-hote-hi-100-minata-men-hua-pura-sabsakraiba-51164 · **Language:** Hindi
**Tags:** जियो प्लेटफॉर्म्स, आईपीओ, शेयर बाजार, आकाश अंबानी, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज, हुंडई मोटर्स इंडिया

भारतीय प्राथमिक शेयर बाजार में बुधवार को नया इतिहास रचा गया जब देश के सबसे बड़े पब्लिक इश्यू को निवेशकों ने हाथों-हाथ लिया। जियो प्लेटफॉर्म्स के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ के लिए जैसे ही बोली की शुरुआत हुई, दलाल स्ट्रीट पर जबरदस्त गहमागहमी देखने को मिली। बड़े वित्तीय संस्थानों और फंड हाउसों की भारी मांग के चलते यह विशालकाय इश्यू खुलने के महज 100 मिनट के भीतर शत-प्रतिशत सब्सक्राइब हो गया। प्राथमिक बाजार के इतिहास में इतने भारी-भरकम आकार वाले किसी आईपीओ का इतनी तेज गति से पूरी तरह भर जाना अपने आप में एक अनोखा रिकॉर्ड माना जा रहा है। करीब 30,213 करोड़ रुपये के इस महा-इश्यू पर पहले मिनट से ही बड़े निवेशकों का अटूट भरोसा साफ दिखाई दिया।

## शुरुआती 10 मिनट में संस्थागत कोटा फुल, आधे घंटे में दोगुनी मांग
बुधवार सुबह बोली प्रक्रिया शुरू होते ही संस्थागत निवेशकों ने आक्रामक खरीदारी दिखाई। कंपनी प्रबंधन ने इस पब्लिक इश्यू के लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज से प्राप्त आधिकारिक ट्रेडिंग आंकड़ों के अनुसार, इश्यू ओपन होने के शुरुआती 10 मिनट के भीतर ही क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी क्यूआईबी के लिए सुरक्षित रखा गया पूरा हिस्सा पूरी तरह बुक हो गया। इसके बाद मांग की रफ्तार और तेज हो गई तथा 30 मिनट का समय बीतने से पहले ही इस श्रेणी में उपलब्ध शेयरों के मुकाबले दोगुनी मांग दर्ज हो चुकी थी।

कारोबार आगे बढ़ने के साथ क्यूआईबी श्रेणी में बोलियों का आंकड़ा 2.86 गुना के मजबूत स्तर तक पहुंच गया। सुबह के शुरुआती दौर में जब सभी श्रेणियों को मिलाकर देखा गया, तब कुल सब्सक्रिप्शन 0.83 गुना पर था। खुदरा और गैर-संस्थागत श्रेणियों से मिले सहयोग तथा बड़े संस्थानों की एकतरफा खरीदारी के दम पर 100 मिनट पूरे होते-होते कुल सब्सक्रिप्शन एक गुना के आंकड़े को पार कर गया। इस तेज रफ्तार ने भारतीय शेयर बाजार में बड़े आकार वाले आईपीओ के प्रति वैश्विक और घरेलू निवेशकों की गहरी रुचि को साबित कर दिया है।

## हुंडई का रिकॉर्ड पीछे छूटा, 108 अरब डॉलर पहुंचा वैल्यूएशन
जियो प्लेटफॉर्म्स का यह इश्यू आकार के मामले में भारतीय बाजार का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन गया है। इससे पहले देश में सबसे बड़े पब्लिक इश्यू का कीर्तिमान हुंडई मोटर्स इंडिया के नाम दर्ज था, जिसने वर्ष 2024 के दौरान 27,870 करोड़ रुपये का विशाल निर्गम पेश किया था। जियो प्लेटफॉर्म्स ने 30,213 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने का लक्ष्य रखकर इस पुराने रिकॉर्ड को काफी पीछे छोड़ दिया है।

प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर यानी 1,119 रुपये प्रति शेयर के आधार पर कंपनी का कुल बाजार मूल्यांकन लगभग 108 अरब डॉलर आंका गया है। इश्यू की वित्तीय संरचना की बात करें तो कंपनी इसके तहत कुल 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी कर रही है। इस पब्लिक ऑफर में ऑफर फॉर सेल का कोई घटक शामिल नहीं किया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि कंपनी के मौजूदा प्रमोटर अथवा पुराने शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहे हैं, बल्कि जुटाई जाने वाली पूरी पूंजी सीधे कंपनी के खाते में कारोबार विस्तार के लिए जाएगी।

## एंकर बुक में 2.5 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम बोलियां
सार्वजनिक निर्गम खुलने से पहले ही इस इश्यू की सफलता के संकेत मिलने लगे थे। सोमवार को जब कंपनी ने अपनी एंकर बुक खोली थी, तब दुनिया भर के शीर्ष फंड्स ने इसमें हिस्सा लिया था। कंपनी ने 212 दिग्गज एंकर निवेशकों को 1,119 रुपये प्रति शेयर की अधिकतम दर पर 8,110 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर आवंटित किए थे। एंकर निवेशकों की तरफ से शेयरों के लिए 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां प्राप्त हुई थीं, जो कि उपलब्ध एंकर कोटे की तुलना में 30 गुना से भी अधिक मांग को दर्शाती हैं। इसी जबरदस्त समर्थन ने मुख्य बोली के दिन का माहौल तैयार कर दिया था।

## आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल सेवाओं पर बड़ा दांव
दूरसंचार क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ बना चुकी जियो प्लेटफॉर्म्स अब केवल फोन नेटवर्क सेवा प्रदाता के दायरे तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी के अनुसार, संस्थान का मुख्य जोर अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और अगली पीढ़ी की उन्नत डिजिटल सेवाओं में तेजी से विस्तार करने पर है। कंपनी वर्तमान में 53.33 करोड़ सक्रिय ग्राहकों के विशाल नेटवर्क का संचालन करती है। इस मजबूत और विशाल ग्राहक आधार के सहारे जियो प्लेटफॉर्म्स आने वाले समय में एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी, बिजनेस सॉल्यूशंस और डेटा आधारित डिजिटल उत्पादों के जरिए अपनी कमाई को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की योजना बना रही है।

## इसका आप पर असर
इस ऐतिहासिक आईपीओ के पूरा भरने से प्राथमिक बाजार में निवेशकों की धारणा और पूंजी प्रवाह पर सीधा असर पड़ेगा।

- **खुदरा निवेशकों के लिए:** इश्यू पहले ही दिन पूरा भरने से लिस्टिंग गेन की उम्मीदें मजबूत हुई हैं। निवेशकों को अब शेयर आवंटन के कड़े मुकाबले के लिए तैयार रहना होगा क्योंकि अधिक बोलियों से अलॉटमेंट की संभावना कम हो सकती है।
- **बाजार की तरलता पर:** करीब 30,213 करोड़ रुपये की पूंजी एक ही इश्यू में ब्लॉक होने से अन्य द्वितीयक शेयरों में अस्थायी सुस्ती दिख सकती है। आवंटन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अनसक्सेसफुल निवेशकों का रिफंड वापस बाजार में लौटेगा।
- **टेलीकॉम और टेक सेक्टर:** जियो की 108 अरब डॉलर की वैल्यूएशन से समूचे डिजिटल और दूरसंचार क्षेत्र की अन्य लिस्टेड कंपनियों के वैल्यूएशन मल्टीपल बढ़ सकते हैं। इससे प्रतिस्पर्धी कंपनियों के शेयरों में भी री-रेटिंग देखने को मिल सकती है।
- **भविष्य के नए आईपीओ:** इस मेगा इश्यू की ऐतिहासिक सफलता अन्य बड़ी भारतीय कंपनियों के लिए बड़े पब्लिक इश्यू लाने का रास्ता आसान बनाएगी। संस्थागत निवेशकों का मजबूत भरोसा नए इश्यू लाने वाले प्रमोटरों का हौसला बढ़ाएगा।

## ऐसा क्यों हुआ
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को मिली यह असाधारण गति मजबूत संस्थागत भूख, स्वच्छ वित्तीय संरचना और कंपनी की भविष्योन्मुखी तकनीकी योजनाओं का सीधा परिणाम है।

- **संस्थागत निवेशकों की भारी मांग:** क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स ने शुरुआती 10 मिनट में ही अपना कोटा समाप्त कर दिया जिससे खुदरा और गैर-संस्थागत खरीदारों में भी आत्मविश्वास बढ़ा। एंकर बुक में पहले ही 30 गुना से अधिक मांग देखने को मिली थी, जिसने बाजार का रुख तय कर दिया।
- **शून्य ओएफएस और शुद्ध विकास पूंजी:** इस पूरे इश्यू में कोई ऑफर फॉर सेल शामिल नहीं है, जिससे सारा पैसा कंपनी के कारोबार विस्तार में लगेगा। प्रमोटरों द्वारा अपनी हिस्सेदारी न बेचे जाने से निवेशकों में कंपनी के भविष्य को लेकर मजबूत भरोसा बना।
- **विशाल ग्राहक आधार और एआई रणनीति:** कंपनी के पास 53.33 करोड़ से अधिक ग्राहकों का विशाल आधार है और वह केवल टेलीकॉम से आगे बढ़कर क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ओर रुख कर रही है। डिजिटल एंटरप्राइज सेवाओं से भविष्य में होने वाली भारी कमाई की उम्मीदों ने बड़े फंडों को निवेश के लिए प्रेरित किया।

## सवाल-जवाब

### 1. जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ कितने समय में पूरी तरह सब्सक्राइब हुआ?
यह पब्लिक इश्यू बोली शुरू होने के महज 100 मिनट के भीतर पूरी तरह यानी 100 प्रतिशत से अधिक सब्सक्राइब हो गया।

### 2. इस पब्लिक इश्यू का कुल आकार और प्राइस बैंड क्या है?
इस आईपीओ का कुल आकार लगभग 30,213 करोड़ रुपये है और इसके लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड रखा गया है।

### 3. क्या इस आईपीओ में मौजूदा प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं?
नहीं, इसमें कोई ऑफर फॉर सेल शामिल नहीं है और कंपनी पूरी तरह से 27 करोड़ नए शेयर जारी कर रही है।

### 4. इससे पहले भारत के सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड किस कंपनी के पास था?
इससे पहले यह रिकॉर्ड हुंडई मोटर्स इंडिया के नाम था, जिसने 2024 में 27,870 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू पेश किया था।

### 5. एंकर निवेशकों से कंपनी को कितनी बोलियां मिली थीं?
कंपनी को 212 एंकर निवेशकों से 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिली थीं, जो तय कोटे से 30 गुना से ज्यादा थीं।

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