# जियो प्लेटफॉर्म्स ला सकती है देश का सबसे बड़ा आईपीओ, जून में दस्तक देने की तैयारी

> रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल शाखा जियो प्लेटफॉर्म्स 30,000 करोड़ से 37,500 करोड़ रुपये का देश का सबसे बड़ा आईपीओ जून में पेश करने की योजना बना रही है। कंपनी का मूल्यांकन 130 अरब से 180 अरब डॉलर के बीच आंका गया है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/jio-platforms-la-sakati-hai-desha-ka-sabase-bara-ipo-juna-men-dastaka-dene-ki-taiyari-36057 · **Language:** Hindi
**Tags:** जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, मुकेश अंबानी, आईपीओ, शेयर बाजार, गूगल, मेटा

भारतीय शेयर बाजार में अब तक के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की प्रमुख डिजिटल और दूरसंचार इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स अगले महीने जून में अपना बहुप्रतीक्षित आईपीओ बाजार में उतार सकती है। बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि इस निर्गम के साथ कंपनी की कुल वैल्यूएशन 130 अरब डॉलर से 180 अरब डॉलर के दायरे में रह सकती है। हालांकि कंपनी प्रबंधन ने अभी तक लॉन्च की किसी तय तारीख का औपचारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि विवरण और तिथियों को लेकर जल्द घोषणा सामने आ सकती है।

## हुंडई मोटर इंडिया का रिकॉर्ड तोड़ेगा नया निर्गम
बाजार के अनुमानों के मुताबिक जियो प्लेटफॉर्म्स के इस पब्लिक इश्यू का आकार 30,000 करोड़ रुपये से लेकर 37,500 करोड़ रुपये के बीच हो सकता है। यदि यह निर्गम इस दायरे में आता है, तो यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ साबित होगा। इससे पहले साल 2024 में हुंडई मोटर इंडिया ने 27,870 करोड़ रुपये का निर्गम पेश कर सबसे बड़े आईपीओ का कीर्तिमान स्थापित किया था। रिलायंस की वार्षिक आम बैठक 2025 में मुकेश अंबानी ने पहले ही स्पष्ट किया था कि जियो के आईपीओ को 2026 की पहली छमाही के भीतर बाजार में लाया जाएगा। हाल ही में गुरुवार को जारी रिलायंस की वार्षिक रिपोर्ट में उन्होंने कहा कि कंपनी अपने संस्थागत ढांचे को सुदृढ़ करने, संचालन में पारदर्शिता बढ़ाने और इकाई को वैश्विक प्रौद्योगिकी अगुआ बनाने की दिशा में निरंतर कदम उठा रही है।

## मुकेश अंबानी का रणनीतिक रुख और समयसीमा
सार्वजनिक निर्गम को लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा, 
> "हम ऐसे रणनीतिक विकल्पों का मूल्यांकन जारी रखेंगे, जिनसे हितधारकों की भागीदारी बढ़ सके और जियो की दीर्घकालिक वृद्धि को समर्थन मिले। इसके साथ ही टिकाऊ मूल्य सृजन का सिद्धांत भी कायम रहे।"

अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने स्पष्ट किया है कि आईपीओ के लिए निर्धारित समयसीमा के पास आने के साथ ही जियो प्लेटफॉर्म्स में व्यापक स्तर पर हितधारकों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए कई तरह के विकल्पों की समीक्षा की जा रही है। इसका मकसद शेयरधारकों के लिए लंबी अवधि में मूल्य संवर्धन करना और कंपनी के विस्तार को नई पूंजीगत मजबूती देना है।

## मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और वैश्विक साझेदारियां
जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के स्वामित्व ढांचे पर नजर डालें तो रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास इसमें 66.43 प्रतिशत की बहुलांश हिस्सेदारी है। शेष हिस्सेदारी में वैश्विक तकनीकी दिग्गज मेटा और गूगल जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भी प्रमुख रणनीतिक भागीदार के रूप में शामिल हैं। कंपनी का हालिया वित्तीय रिपोर्ट कार्ड भी काफी मजबूत रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जियो प्लेटफॉर्म्स का शुद्ध लाभ 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज करते हुए 30,053 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 26,120 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। इसी वित्तीय अवधि में कंपनी का परिचालन राजस्व भी 14.5 प्रतिशत के उछाल के साथ 1,46,885 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो इसके लगातार फैलते डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र को दर्शाता है।

## इसका आप पर असर
जियो प्लेटफॉर्म्स का संभावित आईपीओ खुदरा निवेशकों और भारतीय पूंजी बाजार के लिए तरलता और निवेश का बड़ा अवसर ला सकता है।

- **खुदरा निवेशकों के लिए:** इस बड़े आईपीओ के जरिए आम निवेशकों को देश की सबसे बड़ी डिजिटल और दूरसंचार कंपनी में प्रत्यक्ष शेयरधारक बनने का मौका मिलेगा। संभावित आवंटन के लिए निवेशकों को अपनी निवेश पूंजी और डीमैट खाते पहले से तैयार रखने होंगे।
- **बाजार तरलता पर असर:** 37,500 करोड़ रुपये तक के इस निर्गम से द्वितीयक बाजार से पर्याप्त नकदी प्राथमिक बाजार की ओर आकर्षित हो सकती है। अन्य सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में अल्पावधि के दौरान नकदी प्रवाह का पुनर्संतुलन देखने को मिल सकता है।
- **रिलायंस के शेयरधारकों के लिए:** मूल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास 66.43 प्रतिशत स्वामित्व होने से इस मूल्यांकन का सीधा फायदा मूल शेयरधारकों के मूल्य संवर्धन में दिखेगा। यह कॉर्पोरेट अनलॉक रिलायंस इंडस्ट्रीज के मूल्यांकन को भी नई दिशा दे सकता है।
- **तकनीकी क्षेत्र के मूल्यांकन पर प्रभाव:** 130 से 180 अरब डॉलर का मूल्यांकन भारतीय तकनीकी और दूरसंचार कंपनियों के लिए नए वैश्विक मानक स्थापित करेगा। इससे घरेलू बाजार में अन्य डिजिटल स्टार्टअप्स और टेक कंपनियों की लिस्टिंग को भी बढ़ावा मिलेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की यह तैयारी कंपनी के दीर्घकालिक विस्तार, संस्थागत स्वतंत्रता और निवेशकों को पूंजी का मूल्य लौटाने की व्यापक रणनीति का परिणाम है।

- **समयसीमा की प्रतिबद्धता:** रिलायंस की वार्षिक आम बैठक 2025 में 2026 की पहली छमाही में निर्गम लाने की रूपरेखा तय की गई थी। जून महीने की संभावित लॉन्च योजना उसी घोषित समयसीमा का तार्किक अनुपालन है।
- **मूल्य संवर्धन और संस्थागत विस्तार:** कंपनी अपने प्रशासनिक ढांचे को वैश्विक मानकों पर ले जाने और संचालन में उच्च पारदर्शिता स्थापित करने के प्रयास कर रही है। सूचीबद्धता के जरिए संस्थागत मजबूती और वैश्विक तकनीकी नेतृत्व हासिल करना इसका प्रमुख लक्ष्य है।
- **मजबूत वित्तीय आधार:** वित्त वर्ष 2025-26 में शुद्ध लाभ 15 प्रतिशत बढ़कर 30,053 करोड़ रुपये और परिचालन राजस्व 14.5 प्रतिशत बढ़कर 1,46,885 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस सुदृढ़ वित्तीय प्रदर्शन ने मेगा इश्यू के लिए अनुकूल बाजार माहौल तैयार किया है।

## सवाल-जवाब

### 1. जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का अनुमानित आकार कितना हो सकता है?
जियो प्लेटफॉर्म्स के इस पब्लिक इश्यू का संभावित आकार 30,000 करोड़ रुपये से लेकर 37,500 करोड़ रुपये के बीच रहने का अनुमान है।

### 2. कंपनी की कुल अनुमानित वैल्यूएशन कितनी आंकी गई है?
विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक कंपनी का समग्र मूल्यांकन 130 अरब डॉलर से 180 अरब डॉलर के बीच आंका गया है।

### 3. भारत में इससे पहले सबसे बड़ा आईपीओ किस कंपनी का था?
इससे पहले देश का सबसे बड़ा आईपीओ हुंडई मोटर इंडिया का था, जिसने साल 2024 में 27,870 करोड़ रुपये जुटाए थे।

### 4. जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की कितनी हिस्सेदारी है?
रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड में 66.43 प्रतिशत की हिस्सेदारी है, जबकि मेटा और गूगल भी इसमें भागीदार हैं।

### 5. वित्त वर्ष 2025-26 में जियो प्लेटफॉर्म्स का वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा?
कंपनी का शुद्ध लाभ 15 प्रतिशत बढ़कर 30,053 करोड़ रुपये रहा, जबकि इसका परिचालन राजस्व 14.5 प्रतिशत बढ़कर 1,46,885 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

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