जुलाई में जर्मनी का व्यावसायिक माहौल सुधरा, आंकड़े 86.6 पर पहुंचे जर्मनी के आईएफओ व्यावसायिक माहौल सूचकांक में जुलाई के दौरान अपेक्षा से बेहतर सुधार दर्ज किया गया, जबकि वैश्विक विदेशी मुद्रा और कमोडिटी बाज़ारों में अनिश्चितता के बीच हलचल जारी रही। यूरोपीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत में जर्मनी का व्यावसायिक माहौल जुलाई के दौरान उम्मीद से अधिक मजबूत हुआ है। प्रमुख आर्थिक सर्वेक्षण आंकड़ों के अनुसार व्यावसायिक भावना सूचकांक बढ़कर 86.6 के स्तर पर पहुंच गया जो बाज़ार के विश्लेषकों के 86.1 के अनुमान से काफी बेहतर है। यह सुधार जून महीने के संशोधित 85.7 के स्तर के बाद देखने को मिला है जिसे पहले 85.6 दर्ज किया गया था। इस आर्थिक सुधार के साथ ही वैश्विक विदेशी मुद्रा, धातु और क्रिप्टोकरेंसी बाज़ारों में व्यापक उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है क्योंकि निवेशक आगामी केंद्रीय बैंक बैठकों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर अपनी नज़र बनाए हुए हैं। जर्मन आईएफओ भावना सूचकांक के मुख्य आंकड़े जर्मनी के व्यापारिक परिदृश्य की स्थिति को दर्शाने वाले विभिन्न घटकों में मिला-जुला लेकिन काफी हद तक सुधारात्मक रुख देखा गया। जहां एक तरफ कुल व्यावसायिक माहौल सूचकांक बढ़कर 86.6 पर आ गया, वहीं वर्तमान मूल्यांकन सूचकांक में हल्की गिरावट दर्ज की गई। यह सूचकांक पिछले 87.0 के स्तर से फिसलकर 86.5 पर आ गया, जो दर्शाता है कि कारोबारी वर्तमान परिस्थितियों को लेकर थोड़े सतर्क बने हुए हैं। इसके विपरीत भविष्य की व्यावसायिक अपेक्षाओं को दर्शाने वाला सूचकांक काफी मजबूती से सुधरा है। अपेक्षाएं सूचकांक जून के 84.3 से बढ़कर 86.7 के स्तर पर पहुंच गया। ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि जून के आंकड़े को पहले के 84.1 से संशोधित कर 84.3 किया गया था। भविष्य की धारणा में यह तेज उछाल संकेत देता है कि जर्मन उद्योग जगत आने वाले महीनों में आर्थिक रिकवरी को लेकर पहले से अधिक आश्वस्त हो रहा है। विदेशी मुद्रा बाज़ार: डॉलर की कमजोरी से पाउंड और यूरो में उछाल व्यावसायिक भावना में सुधार के साथ-साथ विदेशी मुद्रा बाज़ार में अमेरिकी डॉलर की व्यापक कमजोरी दर्ज की गई। सोमवार को यूरोपीय कारोबारी सत्र की शुरुआत में ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) ने पिछले सप्ताह के तीन सप्ताह के निचले स्तर से हुई रिकवरी को और मजबूत किया। यह जोड़ी 1.3350 के आसपास कारोबार करती दिखी, जो लगातार दूसरे दिन बढ़त को दर्शाती है। मध्य पूर्व में तनाव के अस्थायी ठहराव और कमजोर अमेरिकी डॉलर ने इस तेजी को समर्थन दिया। व्यापारी अब इस सप्ताह के अंत में आने वाले फेडरल रिजर्व (FOMC) और बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) के नीतिगत फैसलों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उसी दौरान यूरो (EUR/USD) ने भी 1.1400 के स्तर के पास अपनी मजबूत बढ़त बनाए रखी। अमेरिकी डॉलर में बिकवाली का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच पांच महीने से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक समाधान की नई उम्मीदें थीं। इस कूटनीतिक पहल ने निवेशकों के बीच जोखिम लेने की क्षमता को बढ़ाया है जिससे अमेरिकी मुद्रा पर दबाव देखा गया। कमोडिटी और क्रिप्टो बाज़ार: सोना, कच्चा तेल और कार्डानो की स्थिति कीमती धातुओं के बाज़ार में सोना (XAU/USD) सोमवार को यूरोपीय सत्र में मामूली बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। हालांकि इस सप्ताह की महत्वपूर्ण फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) बैठक से पहले खरीदार सतर्क रहे, जिसके कारण सोना $4,100 के स्तर से ऊपर टिकने में संघर्ष करता दिखा। दूसरी ओर अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक वार्ता की संभावनाओं के कारण कच्चे तेल की कीमतों में सत्र के दौरान भारी गिरावट आई, क्योंकि भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम में कमी आई। डिजिटल परिसंपत्ति बाज़ार में Cardano (ADA) दबाव में बना रहा और पिछले सप्ताह की हल्की हानि के बाद सोमवार को $0.165 पर कारोबार करता देखा गया। कमजोर होते डेरिवेटिव्स मेट्रिक्स और सुस्त गति संकेतकों से स्पष्ट है कि कार्डानो में तेजी की संभावना सीमित है और गिरावट का जोखिम बना हुआ है। डेरिवेटिव्स आंकड़ों से व्यापारियों के बीच मंदी की धारणा का साफ पता चलता है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर वैश्विक व्यापक आर्थिक अनिश्चितता का प्रभाव वर्ष की पहली छमाही में अत्यधिक उतार-चढ़ाव का सामना करने के बाद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD) ने चार साल के उच्चतम स्तर को छुआ था, जिसके बाद इसमें तेज सुधार दर्ज किया गया। अब यह मुद्रा अनिश्चितता से भरे परिदृश्य के साथ दूसरी छमाही में प्रवेश कर रही है। मध्य पूर्व में नए सिरे से उपजी अनिश्चितताओं ने वैश्विक मुद्रास्फीति के दृष्टिकोण और केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरों के भविष्य के पथ को जटिल बना दिया है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में आगे की चाल पर सतर्कता बरती जा रही है। इसका आप पर असर भारत में: वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भारत के आयात बिल और ईंधन कीमतों पर दबाव कम हो सकता है। निवेशकों के लिए: केंद्रीय बैंकों की आगामी ब्याज दर बैठकों और डॉलर की कमजोरी के कारण सोने, विदेशी मुद्रा और क्रिप्टो परिसंपत्तियों में अस्थिरता बनी रह सकती है। सवाल-जवाब 1. जुलाई में जर्मनी का आईएफओ व्यावसायिक माहौल सूचकांक कितना रहा? जुलाई में जर्मनी का आईएफओ व्यावसायिक माहौल सूचकांक बढ़कर 86.6 पर पहुंच गया, जो 86.1 के बाजार अनुमानों से अधिक है। 2. सोने की कीमत किस स्तर के पास संघर्ष करती दिखी? सोना (XAU/USD) मामूली बढ़त के साथ $4,100 के स्तर से ऊपर टिकने के लिए संघर्ष करता नजर आया। 3. कार्डानो (ADA) का ताजा भाव और बाज़ार रुझान क्या है? कार्डानो $0.165 पर कारोबार कर रहा है और कमजोर डेरिवेटिव्स आंकड़ों के कारण इस पर मंदी का दबाव बना हुआ है। 4. यूरो और पाउंड की विनिमय दरों में क्या बदलाव देखा गया? डॉलर में कमजोरी के कारण GBP/USD बढ़कर 1.3350 के पास पहुंच गया और EUR/USD 1.1400 के करीब बना रहा। https://trendkia.com/market/july-men-germany-ka-vyavasayika-mahaula-sudhara-ankare-86-6-para-pahunche-10800 TrendKia — Har trend, sabse pehle.