जून के महंगाई आंकड़ों ने चौंकाया, डॉलर लुढ़का और सोना 4,000 डॉलर के पार फेड के गूल्सबी ने जून के CPI आंकड़ों को हैरान करने वाली हद तक नरम बताया, जिसके बाद अमेरिकी डॉलर में जोरदार बिकवाली आई, यूरो और पाउंड चढ़े और सोना दोबारा 4,000 डॉलर के ऊपर पहुंच गया। महज एक नरम महंगाई रिपोर्ट ने मंगलवार को अमेरिकी डॉलर की हवा निकाल दी। फेड के गूल्सबी ने पूरे बाजार की भावना को एक ही लाइन में समेट दिया, जब उन्होंने जून के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़े को हैरान करने वाली हद तक नरम करार दिया। उनकी नपी-तुली टिप्पणी और डॉलर में चौतरफा बिकवाली ने मिलकर यूरो और ब्रिटिश पाउंड को ऊपर धकेला, सोने को दोबारा 4,000 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंचाया और ब्याज दरों की दिशा को लेकर कारोबारियों को फिर से उलझन में डाल दिया। यह पूरी हलचल इस बात का सबूत है कि अभी बाजार हर एक आंकड़े पर कितनी तेजी से प्रतिक्रिया दे रहा है। महंगाई का एक भी नरम आंकड़ा दरों में कटौती की उम्मीदें जगा देता है और डॉलर पर दबाव बना देता है, जबकि इसके ठीक उलट आंकड़े कुछ ही दिनों में पूरा नजरिया पलट भी सकते हैं। गूल्सबी ने जून के आंकड़ों को कैसे पढ़ा गूल्सबी का सुर सतर्क आशावाद वाला रहा। उन्होंने साफ कहा कि नीति बनाने वालों को महंगाई के किसी एक महीने के आंकड़े पर कभी हद से ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए। उनके मुताबिक अगर लगातार कई महीनों तक इसी तरह के नरम आंकड़े आते रहें, तभी उन्हें ज्यादा भरोसा होगा। सर्विसेज यानी सेवा क्षेत्र की महंगाई को लेकर उन्होंने माना कि यह अब भी बहुत ज्यादा ऊंची बनी हुई है, हालांकि ताजा आंकड़ा उत्साह बढ़ाने वाला रहा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) महंगाई के आंकड़े कई महीनों तक जून की CPI रिपोर्ट जैसे ही रहें, तो उन्हें काफी बेहतर महसूस होगा। श्रम बाजार पर उनकी राय बेलौस रही, उन्होंने इसे स्थिर बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि यह अच्छा हुए बिना स्थिर है। डॉलर की चौतरफा पिटाई महंगाई के आंकड़ों के बाद अमेरिकी डॉलर में तेज बिकवाली देखी गई। दिन के कारोबार में डॉलर सबसे मजबूत जापानी येन के मुकाबले रहा, यानी बाकी बड़ी मुद्राओं के आगे उसकी कमजोरी ज्यादा साफ दिखी। लाइव आंकड़ों के मुताबिक डॉलर-येन 162.23 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद 161.88 से 0.22 फीसदी ऊपर था और 145.86 से 162.84 के 52 हफ्ते के दायरे के ऊपरी सिरे के करीब था। यहां RSI 61 पर था, जो अभी ओवरबॉट जोन से थोड़ा नीचे है। ब्रिटिश पाउंड मंगलवार को डॉलर के मुकाबले चढ़ा और अपने पिछले नुकसान की भरपाई करते हुए 1.3375 के इलाके में लौट आया। उसकी नजर अब अहम 200-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) पर टिकी है, जिसे दोबारा परखने की कोशिश हो रही है। यह चर्चित इंडिकेटर 1.3400 से कुछ ही पिप्स नीचे है और पिछले दो हफ्तों से पाउंड की रिकवरी पर ढक्कन का काम कर रहा है। यूरो-डॉलर ने मंगलवार को अपनी पहले की बढ़त का कुछ हिस्सा गंवाया और 1.1440 के जोन की ओर खिसक गया। इस जोड़ी में मजबूती अमेरिकी डॉलर में आई तेज बिकवाली की प्रतिक्रिया में आई थी, जो जून के महंगाई आंकड़ों के उम्मीदों से कमजोर रहने और निवेशकों द्वारा चेयर वॉर्श की गवाही को तौलने के बाद और गहरी हो गई। सोना उछला, क्रिप्टो एक दायरे में सोने ने अपनी हालिया कमजोरी को पलट दिया और मंगलवार को 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम स्तर के ऊपर वाला इलाका दोबारा हासिल कर लिया। इस कीमती धातु की रिकवरी ने रफ्तार पकड़ी और यह 4,100 डॉलर के इलाके की ओर बढ़ी। इसकी वजह डॉलर की गिरावट और फेड के वॉर्श की टिप्पणियां रहीं। क्रिप्टो बाजार में बिटकॉइन 62,500 डॉलर के आसपास एक दायरे में कारोबार करता दिखा। इसी बीच एथेरियम और रिपल जैसे बड़े ऑल्टकॉइन क्रमशः 1,700 डॉलर और 1.05 डॉलर के अहम सपोर्ट स्तरों के ऊपर टिके रहे, जो पूरे क्रिप्टो सेक्टर में जारी कंसोलिडेशन को दर्शाता है। वॉर्श की संसद में गवाही अमेरिकी हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमिटी के सामने अर्धवार्षिक मौद्रिक नीति रिपोर्ट पर गवाही देते हुए फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने दोहराया कि फेड मूल्य स्थिरता और 2 फीसदी महंगाई के लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है। यही भरोसा दिलाने वाला संदेश उस दिन के कारोबार की पृष्ठभूमि में गूंजता रहा। दरों की कहानी जो बार-बार पलट रही है जुलाई की शुरुआत में बाजार दिसंबर में दर बढ़ोतरी को ही आधार मानकर चल रहा था, और उसने पांच कारोबारी सत्र इसी अनुमान को भूलने और दोबारा सीखने में बिता दिए। 57 हजार की पेरोल रिपोर्ट ने सख्ती वाले दांव को पूरी तरह निचोड़ दिया, वहीं स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के दोबारा बंद होने ने उन दांवों को फिर से वापस धकेल दिया। बुधवार को आए जून की FOMC बैठक के मिनट्स इसी उथल-पुथल के बीच सामने आए और उन्होंने एक ऐसी दुनिया का खाका खींचा जो पहले ही खत्म हो चुकी थी। कुल मिलाकर तस्वीर यही उभरती है कि महंगाई, नौकरियां और भू-राजनीतिक तनाव, तीनों मिलकर बाजार को हर कुछ दिनों में एक नई दिशा में मोड़ रहे हैं, और यही वजह है कि डॉलर, सोना और क्रिप्टो सब एक-दूसरे से जुड़ी हुई इसी अनिश्चितता की चाल पर नाच रहे हैं। इसका आप पर असर • निवेशकों के लिए: नरम महंगाई आंकड़े से डॉलर कमजोर हुआ और सोना 4,000 डॉलर के पार लौटा, यानी कीमती धातु और गैर-डॉलर मुद्राओं में रखने वालों को राहत मिली। • कर्ज लेने वालों के लिए: अगर आगे भी महंगाई ऐसी ही नरम रही तो ब्याज दरें बढ़ने का दबाव घटेगा, जो लोन और EMI के नजरिए से अच्छा संकेत है। सवाल-जवाब 1. गूल्सबी ने जून के CPI आंकड़ों को क्या कहा? उन्होंने जून के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़े को हैरान करने वाली हद तक नरम बताया। 2. क्या एक महीने के आंकड़े से नीति बदल जाएगी? गूल्सबी के मुताबिक नीति बनाने वालों को किसी एक महीने के आंकड़े पर हद से ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए, भरोसा तभी बढ़ेगा जब कई महीनों तक ऐसे ही नरम आंकड़े आएं। 3. इस खबर के बाद सोने की कीमत कहां पहुंची? सोना अपनी हालिया कमजोरी पलटकर 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के पार गया और 4,100 डॉलर के इलाके की ओर बढ़ा। 4. अमेरिकी डॉलर का हाल क्या रहा? महंगाई आंकड़ों के बाद डॉलर में तेज बिकवाली आई, हालांकि दिन में वह जापानी येन के मुकाबले सबसे मजबूत रहा। 5. बिटकॉइन और बड़े ऑल्टकॉइन कहां कारोबार कर रहे हैं? बिटकॉइन 62,500 डॉलर के आसपास एक दायरे में रहा, जबकि एथेरियम 1,700 डॉलर और रिपल 1.05 डॉलर के सपोर्ट के ऊपर टिके रहे। 6. केविन वॉर्श ने संसद में क्या कहा? उन्होंने हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमिटी के सामने दोहराया कि फेड मूल्य स्थिरता और 2 फीसदी महंगाई के लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है। 7. दरों को लेकर बाजार का अनुमान क्यों बार-बार बदल रहा है? 57 हजार की पेरोल रिपोर्ट ने सख्ती वाले दांव घटाए, जबकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के दोबारा बंद होने ने उन्हें फिर बढ़ा दिया, जिससे दिसंबर में दर बढ़ोतरी का अनुमान झूलता रहा। https://trendkia.com/market/juna-ke-mahngai-ankaron-ne-chaunkaya-dolara-lurhaka-aura-sona-4-000-dollar-ke-para-7718 TrendKia — Har trend, sabse pehle.