कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से कैड पर दबाव, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले फिसला कैनेडियन डॉलर कमजोर तेल की कीमतों के चलते कैनेडियन डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दबाव में है, जबकि बाजार में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव घटने से राहत रैली देखने को मिल रही है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कैनेडियन डॉलर में सुस्ती बनी हुई है और यह 1.4100 के स्तर से ऊपर दो हफ्ते के ऊंचे पायदान के आसपास स्थिर कारोबार कर रहा है। बाजार में जोखिम लेने की सकारात्मक धारणा के बीच अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी के असर को कच्चे तेल के दामों में आई भारी गिरावट ने बेअसर कर दिया है। फेडरल रिजर्व की तरफ से आने वाले दिनों में कड़े रुख वाले नीतिगत संकेत मिलने की संभावना है, जो अमेरिकी डॉलर को इस हफ्ते नई रफ्तार दे सकते हैं। कच्चे तेल के दामों में बड़ी गिरावट और कैनेडियन डॉलर पर असर सप्ताह की शुरुआत में बाजार खुलते ही कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि निवेशकों को यह उम्मीद है कि कूटनीतिक वार्ताओं के जरिए तेल के निर्बाध यातायात को बहाल करने पर सहमति बन सकती है। पिछले हफ्ते के उच्चतम स्तर से ब्रेंट क्रूड में 10 डॉलर से ज्यादा की गिरावट आई है और यह लगभग 85.00 डॉलर के पास आ गया है। इसी तरह अमेरिकी बेंचमार्क WTI भी फिसलकर 82.00 डॉलर के आसपास पहुंच गया है। चूंकि कच्चा तेल कनाडा का सबसे मुख्य निर्यात उत्पाद है, इसलिए दामों में इस तरह की सुस्ती कैनेडियन डॉलर यानी लूनी की मांग को कमजोर कर रही है और प्रमुख मुद्राओं में यह सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बन गई है। मध्य पूर्व संघर्ष में ठहराव और अन्य प्रमुख मुद्राओं का हाल सोमवार को यूरोपीय सत्र के दौरान GBP/USD में भी बढ़त देखने को मिल रही है और यह पिछले तीन हफ्तों के निचले स्तर से शुक्रवार को हुई मामूली रिकवरी को आगे बढ़ाते हुए 1.3350 के आसपास कारोबार कर रहा है। मध्य पूर्व के संघर्ष में फिलहाल विराम लगने और अमेरिकी डॉलर के व्यापक रूप से कमजोर होने से पाउंड को यह सपोर्ट मिला है। हालांकि, इस हफ्ते फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ इंग्लैंड की होने वाली मौद्रिक नीति बैठकों के फैसलों पर भी निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है। इसी तरह EUR/USD भी सोमवार के यूरोपीय सत्र में 1.1400 के मजबूत आंकड़े के करीब टिके हुए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच पांच महीने से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए कूटनीतिक समाधान की उम्मीदों ने बाजार में नया आशावाद पैदा किया है, जिससे डॉलर पर दबाव बढ़ा है और यूरो को मजबूती मिली है। निवेशक इन सभी भू-राजनीतिक और आर्थिक बदलावों के बीच आने वाले केंद्रीय बैंकों के नीतिगत बयानों का इंतजार कर रहे हैं ताकि विदेशी मुद्रा बाजार की अगली दिशा तय हो सके। इसका आप पर असर • वैश्विक स्तर पर: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से वैश्विक ऊर्जा बाजार में नरमी आई है, जिसका असर प्रमुख करेंसी जोड़ियों पर पड़ रहा है। • निवेशकों के लिए: कमोडिटी और फॉरेक्स बाजार में कारोबार करने वालों को फेडरल रिजर्व की आगामी बैठकों और तेल के दामों पर खास नजर रखनी चाहिए। सवाल-जवाब 1. USD/CAD वर्तमान में किस स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है? USD/CAD जोड़ी 1.4100 के स्तर से ऊपर दो हफ्ते के उच्चतम स्तर के करीब स्थिर बनी हुई है। 2. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का कैनेडियन डॉलर पर क्या असर पड़ा है? कच्चा तेल कनाडा का मुख्य निर्यात है, इसलिए इसके दामों में आई भारी गिरावट ने कैनेडियन डॉलर (लूनी) की मांग को कमजोर कर दिया है। 3. ब्रेंट क्रूड और WTI में कितनी गिरावट आई है? पिछले हफ्ते के उच्च स्तर से ब्रेंट क्रूड गिरकर लगभग 85.00 डॉलर पर आ गया है, जबकि WTI बेंचमार्क गिरकर 82.00 डॉलर के आसपास पहुंच गया है। 4. किन प्रमुख केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर निवेशकों की नजर है? इस हफ्ते फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ इंग्लैंड की नीतिगत घोषणाओं पर निवेशकों की कड़ी नजर टिकी हुई है। https://trendkia.com/market/kachche-tela-ki-kimaton-men-giravata-se-cad-para-dabava-ameriki-dolaka-ke-mukabale-phisala-canadian-dollar-10861 TrendKia — Har trend, sabse pehle.