कच्चे तेल में गिरावट और अमेरिकी डॉलर की मजबूती से USD/CAD में उछाल, तकनीकी स्तरों पर ओवरबॉट के संकेत मध्य पूर्व से कच्चे तेल के बढ़ते निर्यात और G7 देशों के आपूर्ति फैसलों के चलते कनाडाई डॉलर पर दबाव बढ़ा है, जिससे USD/CAD मजबूत हुआ है। हालांकि तकनीकी संकेतकों पर ओवरबॉट स्तर अस्थायी बिकवाली की चेतावनी दे रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में सोमवार के शुरुआती यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कनाडाई डॉलर पर लगातार दबाव देखा गया, जिससे USD/CAD की जोड़ी 1.4280 के स्तर के करीब मजबूत गति हासिल करती नजर आई। बाजार में इस तेजी का प्राथमिक कारण कच्चे तेल की कीमतों में दर्ज की गई गिरावट है। मध्य पूर्व के देशों से कच्चे तेल के निर्यात में बढ़ोतरी और G7 देशों की ओर से तेल भंडार जारी किए जाने से वैश्विक स्तर पर आपूर्ति बढ़ी है, जिसका सीधा असर ऊर्जा बाजार पर पड़ा है। चूंकि कनाडा कच्चे तेल का एक प्रमुख निर्यातक देश है, इसलिए वैश्विक बाजार में तेल की नरम कीमतें आमतौर पर कनाडाई मुद्रा लूनी (CAD) की मांग को कमजोर कर देती हैं। लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, यह जोड़ी 1.43 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद स्तर 1.42 से 0.30 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है और अपने 52-सप्ताह के दायरे 1.35 से 1.43 के ऊपरी छोर पर टिकी हुई है। फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर बाजार की बदलती उम्मीदें अमेरिकी रोजगार के कमजोर आंकड़ों के आने के बाद व्यापारियों ने फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी मौद्रिक नीति में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं पर अपनी स्थिति काफी हल्की की है। CME FedWatch Tool के आंकड़ों के अनुसार, इस महीने अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना घटकर लगभग 22.1 प्रतिशत रह गई है, जबकि सप्ताह की शुरुआत में यह संभावना लगभग 70 प्रतिशत के उच्च स्तर पर आंकी जा रही थी। रोजगार के कमजोर आंकड़ों ने ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की गति पर अस्थायी रोक लगाने की अटकलों को हवा दी है, जिससे ट्रेजरी यील्ड्स में भी बदलाव देखा जा रहा है। बाजार की इस तेज रीप्राइसिंग के बीच TD Securities ने बॉन्ड यील्ड्स के रुख पर प्रकाश डाला है। TD Securities का आकलन है कि कर्व का मध्य भाग हालिया इतिहास की तुलना में ऊंचे स्तर पर बना हुआ है, लेकिन साल के अंत तक यील्ड्स में 10 से 15 बेसिस प्वाइंट्स की नरमी आ सकती है। TD Securities के अनुसार, इस हफ्ते ड्यूरेशन के मामले में क्रॉस-मार्केट हलचलों पर विशेष ध्यान होना चाहिए, जहां सप्ताह के अंत तक 6 बेसिस प्वाइंट्स का कसाव आ सकता है, क्योंकि कनाडा और अमेरिका के बीच 10 से 50 वर्ष के बॉन्ड सेक्टर में तुलनात्मक प्रदर्शन की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती जा रही है। नीतिगत रुख और तकनीकी प्रतिरोध स्तर मौद्रिक नीति के मोर्चे पर फेडरल रिजर्व की अधिकारी लोगन का संदेश काफी आक्रामक रहा है। FXS Speechtracker पर उनका 9.2/10 का स्कोर उनके 8.1/10 के ऐतिहासिक औसत से काफी ऊपर है, जो मौद्रिक नीति में सख्ती के मजबूत झुकाव को दर्शाता है। हालांकि यह तर्क भी सामने आया है कि बॉन्ड यील्ड्स में बढ़ोतरी टर्म प्रीमियम में वृद्धि को दर्शा सकती है जिससे अतिरिक्त दरों में बढ़ोतरी की आवश्यकता कम हो सकती है, लेकिन इसके बावजूद 2 प्रतिशत मुद्रास्फीति लक्ष्य को हासिल करने के लिए कम से कम कई और दरों में बढ़ोतरी तथा 50 बेसिस प्वाइंट्स या उससे अधिक की नीतिगत दर वृद्धि की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। यह सख्त रुख डॉलर के समर्थन को बनाए रखने में मदद कर रहा है। तकनीकी चार्ट्स पर नजर डालें तो USD/CAD में तेजी का रुझान बना हुआ है, लेकिन तकनीकी संकेतक सतर्कता का संकेत दे रहे हैं। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 78 के स्तर पर है, जो अत्यधिक खरीद यानी ओवरबॉट स्थिति को दर्शाता है। इसके अलावा 92 पर मौजूद स्टोकेस्टिक संकेतक भी अत्यधिक तेजी के स्तर पर है। ऐसे में बाजार में एक अस्थायी बिकवाली या कंसॉलिडेशन से इनकार नहीं किया जा सकता। ऊपर की ओर पहला अवरोध 1.4350 के करीब 20-दिवसीय बोलिंजर अपर बैंड पर स्थित है। यदि बाजार इस बाधा को पार कर खरीदारी बनाए रखता है, तो 1 अप्रैल 2025 के 1.4415 के उच्च स्तर और उसके बाद 3 मार्च 2025 के 1.4542 के उच्च स्तर की ओर रास्ता खुल सकता है। सपोर्ट स्तर और कनाडाई डॉलर को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक नीचे की ओर गिरावट की स्थिति में पहला तात्कालिक सपोर्ट 1 अक्टूबर के निचले स्तर 1.4221 पर बना हुआ है। इसके बाद 28 जुलाई का उच्च स्तर 1.4129 और बोलिंजर मिडिल बैंड लगभग 1.4045 पर समर्थन प्रदान कर सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण सहारा 1.4000 के स्तर पर है, जो 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) होने के साथ-साथ एक मनोवैज्ञानिक स्तर भी है। लाइव चार्ट्स पर 50-दिवसीय EMA 1.40 और 200-दिवसीय EMA 1.39 पर है, जो गोल्डन क्रॉस और दीर्घकालिक अपट्रेंड की पुष्टि करते हैं, जबकि 14-दिवसीय ATR 0.01 पर है। कनाडाई डॉलर के मूल्य निर्धारण में बैंक ऑफ कनाडा (BoC) द्वारा तय ब्याज दरें, तेल की कीमतें, आर्थिक विकास, मुद्रास्फीति और व्यापार संतुलन सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। कनाडा के निर्यात और आयात के अंतर को दर्शाने वाला व्यापार संतुलन तेल की कीमतों पर काफी निर्भर करता है। इसके अलावा जब वैश्विक निवेशक जोखिम उठाने को तैयार होते हैं (रिस्क-ऑन भावना), तो कनाडाई डॉलर को मजबूती मिलती है, जबकि सुरक्षित निवेश की मांग (रिस्क-ऑफ भावना) में यह पिछड़ जाता है। बैंक ऑफ कनाडा का प्राथमिक लक्ष्य ब्याज दरों में बदलाव कर मुद्रास्फीति को 1 से 3 प्रतिशत के दायरे में रखना है। आधुनिक पूंजी प्रवाह के दौर में उच्च मुद्रास्फीति के कारण केंद्रीय बैंक दरें बढ़ाते हैं, जिससे विदेशी पूंजी आकर्षित होती है और स्थानीय मुद्रा की मांग बढ़ती है। इसी तरह GDP, मैन्युफैक्चरिंग व सर्विसेज PMI और रोजगार के मजबूत आंकड़े भी कनाडाई डॉलर को सहारा देते हैं। वैश्विक मुद्रा, कमोडिटी और क्रिप्टो बाजारों की स्थिति डॉलर की व्यापक मजबूती का असर अन्य वैश्विक परिसंपत्तियों पर भी साफ देखा गया। एशियाई कारोबार के दौरान AUD/USD पर नया बिकवाली दबाव आया और यह गिरकर 0.6900 की ओर आ गया, जहां मध्य पूर्व और रूस-यूक्रेन के भू-राजनीतिक तनावों का असर पड़ा। दूसरी ओर USD/JPY अपने नुकसान को मिटाते हुए 158.00 के स्तर को दोबारा हासिल करने में सफल रहा, हालांकि बैंक ऑफ जापान (BoJ) के सख्त रुख और संभावित मुद्रा हस्तक्षेप के जोखिम से इसकी आगे की बढ़त सीमित रह सकती है। कमोडिटी बाजार में सोना 4,150 डॉलर प्रति औंस से नीचे कारोबार करते हुए कंसॉलिडेशन के दायरे में रहा, क्योंकि अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद डॉलर अप्रैल 2025 के बाद के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। हालांकि अक्टूबर में फेड की दर वृद्धि की कम होती संभावनाओं ने सोने की गिरावट को सीमित किया। इसके अतिरिक्त EUR/USD गिरकर मई 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया; यह जोड़ी बुधवार को 1.1312 पर आ गई थी और जनवरी के 1.2082 के शिखर से काफी नीचे चल रही है, जिसका कारण ऊर्जा कीमतों में वृद्धि और यूरोप की संवेदनशीलता है। क्रिप्टो बाजार में BNB (पूर्व में Binance Coin) लगातार तीन हफ्तों की बढ़त के बाद लगभग 790 डॉलर पर कारोबार करता दिखा, जहां बढ़ते ओपन इंटरेस्ट और सकारात्मक फंडिंग रेट्स डेरिवेटिव्स बाजार में तेजी की स्थिति की ओर इशारा कर रहे हैं। इसका आप पर असर कच्चे तेल की गिरती कीमतों और अमेरिकी डॉलर में मजबूती से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, आयात लागत और मुद्रा बाजार की चाल पर सीधा असर पड़ता है। • मुद्रा विनिमय दर: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर के मजबूत होने से आयात बिल में वृद्धि हो सकती है। आयातकों को विदेशी भुगतान के लिए अधिक घरेलू मुद्रा खर्च करनी पड़ सकती है। • कच्चे तेल की कीमतें: वैश्विक आपूर्ति में वृद्धि से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का रुख बना हुआ है। यदि यह गिरावट जारी रहती है तो आने वाले समय में ईंधन लागत पर दबाव कम हो सकता है। • निवेशक और ट्रेडर: ओवरबॉट स्तरों के कारण USD/CAD में किसी भी समय तेज तकनीकी सुधार आ सकता है। व्यापारियों को 1.4350 के रेजिस्टेंस और 1.4221 के सपोर्ट स्तरों पर पैनी नजर रखनी चाहिए। • ब्याज दरों का रुख: अमेरिकी रोजगार के कमजोर आंकड़ों के बाद दरों में वृद्धि की संभावना घटकर 22.1 प्रतिशत रह गई है। इससे आने वाले महीनों में केंद्रीय बैंकों के सख्त फैसलों में नरमी की उम्मीद बंधी है। ऐसा क्यों हुआ USD/CAD में यह तेजी ऊर्जा आपूर्ति में वृद्धि के कारण तेल की कीमतों में आई गिरावट और फेड अधिकारियों के सख्त बयानों से डॉलर को मिले समर्थन के कारण हुई है। • कच्चे तेल की आपूर्ति में वृद्धि: मध्य पूर्व से बढ़ते कच्चे तेल के निर्यात और G7 देशों द्वारा तेल भंडार जारी करने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति बढ़ गई। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतें गिरीं, जिससे तेल निर्यातक कनाडा की मुद्रा पर सीधा नकारात्मक असर पड़ा। • फेडरल रिजर्व की सख्त टिप्पणियां: फेड अधिकारी लोगन द्वारा 50 बेसिस प्वाइंट्स या उससे अधिक की दर वृद्धि और 2 प्रतिशत मुद्रास्फीति लक्ष्य पर दिए गए बयानों ने डॉलर को सहारा दिया। इससे कमजोर रोजगार आंकड़ों के बावजूद डॉलर की मांग मजबूत बनी रही। • कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़े: शुक्रवार के कमजोर नौकरियों के आंकड़ों के बाद व्यापारियों ने दर वृद्धि की संभावना को 70 प्रतिशत से घटाकर 22.1 प्रतिशत कर दिया। हालांकि इस रीप्राइसिंग के बावजूद सुरक्षित निवेश और यील्ड्स के अंतर ने जोड़ी में तेजी बनाए रखी। सवाल-जवाब 1. USD/CAD जोड़ी में हालिया तेजी का मुख्य कारण क्या है? मध्य पूर्व से कच्चे तेल के बढ़ते निर्यात और G7 देशों द्वारा तेल भंडार जारी करने से तेल की कीमतें गिरी हैं, जिससे कनाडा की मुद्रा कमजोर हुई है और USD/CAD ऊपर चढ़ा है। 2. फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की वर्तमान संभावना क्या है? CME FedWatch Tool के अनुसार, व्यापारियों द्वारा इस महीने दर वृद्धि की संभावना घटकर लगभग 22.1 प्रतिशत रह गई है, जो पहले लगभग 70 प्रतिशत थी। 3. USD/CAD के लिए प्रमुख तकनीकी रेजिस्टेंस स्तर कौन सा है? जोड़ी के लिए तात्कालिक तकनीकी प्रतिरोध 20-दिवसीय बोलिंजर अपर बैंड के पास 1.4350 पर स्थित है, जिसके बाद 1.4415 का स्तर आता है। 4. USD/CAD के लिए प्रमुख सपोर्ट स्तर कहां स्थित हैं? पहला तात्कालिक सपोर्ट 1.4221 पर है, जिसके बाद 1.4129 और 1.4000 का मनोवैज्ञानिक तथा 100-दिवसीय SMA स्तर आता है। 5. कच्चे तेल की कीमतें कनाडाई डॉलर को कैसे प्रभावित करती हैं? पेट्रोलियम कनाडा का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने पर कनाडाई डॉलर मजबूत होता है और कीमतें गिरने पर यह कमजोर होता है। 6. EUR/USD और सोने के बाजारों में क्या हलचल रही? EUR/USD गिरकर मई 2025 के बाद के निचले स्तर 1.1312 पर आ गया, जबकि सोना डॉलर की मजबूती के बीच 4,150 डॉलर प्रति औंस से नीचे सीमित दायरे में रहा। https://trendkia.com/market/kachche-tela-men-giravata-aura-us-dollar-ki-majabuti-se-usd-cad-men-uchhala-takaniki-staron-para-ovarabota-ke-snketa-43154 TrendKia — Har trend, sabse pehle.