कच्चे तेल में गिरावट से कैनेडियन डॉलर पस्त, यूरो ने लगातार तीसरे दिन दर्ज की बढ़त ईरान, ओमान, पाकिस्तान और कतर से जुड़े कूटनीतिक प्रयासों से कच्चे तेल के दामों में गिरावट आई है, जिसके चलते EUR/CAD 1.6180 के स्तर के पास पहुंच गया है। उधर जर्मनी के आर्थिक आंकड़ों में सुधार और अमेरिका के महंगाई डेटा से फॉरेक्स बाजार में हलचल तेज हो गई है। अंतरराष्ट्रीय फॉरेक्स बाजार में बुधवार को यूरोपीय सत्र के दौरान यूरो ने कैनेडियन डॉलर के मुकाबले अपनी बढ़त बरकरार रखी। EUR/CAD करेंसी पेयर लगातार तीसरे दिन तेजी दर्ज करते हुए 1.6180 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। कैनेडियन डॉलर में आई इस कमजोरी की मुख्य वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट है, क्योंकि कमोडिटी से जुड़ी मुद्राएं कच्चे तेल के दामों में नरमी से सीधे प्रभावित होती हैं। कच्चे तेल के बाजारों में यह गिरावट मध्य पूर्व क्षेत्र में कूटनीतिक वार्ताओं और समुद्री सुरक्षा समझौतों की खबरों के बाद देखने को मिली है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज और मध्य पूर्व में कूटनीतिक कोशिशें तेज कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर पैदा हुई चिंताएं उस समय कम होने लगीं जब ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में एक अस्थायी संयुक्त समुद्री गलियारा स्थापित करने की बातचीत शुरू हुई। दोनों देश जलडमरूमध्य के प्रशासन, सूचना साझाकरण, समुद्री यातायात नेविगेशन और सुरक्षा सेवाओं के संचालन के लिए एक स्थाई समझौते की दिशा में तकनीकी वार्ता जारी रख रहे हैं। इसके साथ ही मध्य पूर्व में क्षेत्रीय कूटनीतिक पहलों में भी तेजी आई है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने तेहरान का दौरा कर सक्रिय कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन किया, जबकि कतर ने भी मध्यस्थता पहलों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इन बहुपक्षीय वार्ताओं से क्षेत्र में आपूर्ति बाधित होने का जोखिम कम हुआ है। डैंस्के बैंक के रणनीतिकारों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीति की नई उम्मीदों की अफवाहों के चलते अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल के दामों में गिरावट आई, जिससे ब्रेंट क्रूड 90 USD प्रति बैरल के स्तर से नीचे आ गया। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी और ब्रेंट क्रूड में गिरावट यह दर्शाती है कि कूटनीतिक जुड़ाव के संकेत भी ऊर्जा बाजारों में रिस्क प्रीमियम को तेजी से कम कर सकते हैं। जर्मनी के मजबूत आर्थिक आंकड़े और यूरो का प्रदर्शन कच्चे तेल में नरमी के अलावा यूरो को जर्मनी से मिले सकारात्मक आर्थिक आंकड़ों से भी सहारा मिल रहा है। जर्मनी के दूसरी तिमाही के GDP आंकड़ों में किए गए संशोधन और आईएफओ (IFO) बिजनेस क्लाइमेट इंडेक्स के एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने से यूरो को मजबूती मिली है। जर्मन अर्थव्यवस्था में सुधार के इन संकेतों ने यूरोपीय मुद्रा को अन्य प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले स्थिर बनाए रखा है। जीबीपी/यूएसडी और यूरो/यूएसडी में उतार-चढ़ाव अन्य प्रमुख फॉरेक्स जोड़ों में, GBP/USD बुधवार को यूरोपीय सत्र में 1.3650 के स्तर से नीचे नकारात्मक रुझान के साथ कारोबार करता दिखा, जिससे पिछले दिन की बढ़त का कुछ हिस्सा घट गया। इसके बावजूद, यह जोड़ी पिछले शुक्रवार को बने छह महीने के उच्चतम स्तर के करीब बनी हुई है, क्योंकि ट्रेडर्स अमेरिका के पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी ओर, EUR/USD में भी कुछ नरमी देखी गई और यह 1.1650 के स्तर की तरफ कारोबार कर रहा है। मुनाफावसूली और मध्य पूर्व से जुड़ी अनिश्चितताओं के बीच अमेरिकी डॉलर में मामूली सुधार आया है। बुधवार को जारी होने वाले अमेरिकी PCE महंगाई आंकड़े और दूसरी तिमाही के GDP संशोधन पर निवेशकों की नजर टिकी हुई है। सोने के भाव और क्रिप्टोकरेंसी बाजार की स्थिति कीमती धातुओं की बात करें तो सोना यूरोपीय सत्र से पहले 4,650 डॉलर प्रति औंस से नीचे मामूली नुकसान के साथ टिका हुआ है। हालांकि इसमें कोई बड़ा मंदी का रुझान नहीं दिख रहा है और यह पिछले दिन के दायरे में ही सीमित है। अमेरिकी PCE महंगाई डेटा से पहले डॉलर में आई तेजी सोने पर दबाव बना रही है। इसके अलावा, शुक्रवार को जैक्सन होल सिम्पोजियम में फेडरल रिजर्व चेयरमैन केविन वॉरश के भाषण पर भी बाजार की निगाहें हैं, जिससे ब्याज दरों के भविष्य के रास्ते का संकेत मिल सकता है। वहीं क्रिप्टो बाजार में पिछले हफ्ते दोहरे अंक की बढ़त दर्ज करने वाले मीम कॉइन्स का उछाल अब सुस्त पड़ता दिख रहा है। मुनाफावसूली के दबाव के कारण डॉगकॉइन (DOGE) और पेपे (PEPE) में और गिरावट का खतरा बना हुआ है, जबकि शिबा इनु (SHIB) अपने सपोर्ट लेवल को बनाए रखने में कामयाब रहा है। अमेरिकी PCE महंगाई आंकड़े और फेड नीति पर नजर अमेरिकी ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस द्वारा बुधवार को 12:30 GMT पर जुलाई महीने के लिए पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स आंकड़े जारी किए जाने की उम्मीद है। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि जुलाई में PCE इन्फ्लेशन का स्तर फेडरल रिजर्व के 2 प्रतिशत के लक्ष्य से काफी ऊपर बना रह सकता है, जिससे आगामी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठकों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। इसका आप पर असर वैश्विक बाजार और ऊर्जा पर प्रभाव: कच्चे तेल के दामों में गिरावट से आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की वैश्विक कीमतों में राहत मिल सकती है, जिससे ईंधन की लागत कम होगी। फॉरेक्स और निवेशकों पर प्रभाव: डॉलर और यूरो में उतार-चढ़ाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विदेश यात्रा और करेंसी मार्केट में ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के पोर्टफोलियो पर असर पड़ेगा। सवाल-जवाब 1. EUR/CAD करेंसी पेयर में तेजी क्यों आ रही है? कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण कैनेडियन डॉलर कमजोर हुआ है, जबकि जर्मनी के सकारात्मक आर्थिक आंकड़ों से यूरो को मजबूती मिली है, जिससे EUR/CAD 1.6180 के पास पहुंच गया है। 2. कच्चे तेल के दामों में गिरावट की मुख्य वजह क्या है? ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में समुद्री गलियारे को लेकर बातचीत और कतर तथा पाकिस्तान के कूटनीतिक पहलों से मध्य पूर्व में तेल आपूर्ति बाधित होने का खतरा कम हुआ है। 3. जर्मनी के कौन से आंकड़े यूरो का समर्थन कर रहे हैं? जर्मनी की दूसरी तिमाही के GDP आंकड़ों में संशोधन और आईएफओ (IFO) बिजनेस क्लाइमेट इंडेक्स के एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने से यूरो को बल मिला है। 4. अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े कौन से मुख्य आंकड़े जारी होने वाले हैं? अमेरिकी ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस बुधवार को 12:30 GMT पर जुलाई महीने के लिए पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स जारी करेगा। 5. फेडरल रिजर्व से जुड़ा अगला बड़ा आयोजन क्या है? निवेशक शुक्रवार को जैक्सन होल सिम्पोजियम में फेडरल रिजर्व चेयरमैन केविन वॉरश के संबोधन का इंतजार कर रहे हैं, जिससे ब्याज दरों की दिशा स्पष्ट हो सकती है। https://trendkia.com/market/kachche-tela-men-giravata-se-canadian-dollar-pasta-euro-ne-lagatara-tisare-dina-darja-ki-barhata-22396 TrendKia — Har trend, sabse pehle.