कच्चे तेल में नरमी और विदेशी निवेश से शेयर बाजार चढ़ा, सेंसेक्स 454 अंक उछला और निफ्टी 23,400 के करीब पहुंचा सोमवार के कारोबारी सत्र में घरेलू शेयर बाजार में तेजी लौटी, जहाँ ब्रेंट क्रूड में गिरावट और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लिवाली से सेंसेक्स 454.43 अंक चढ़कर 74,749.39 पर पहुंच गया। घरेलू शेयर बाजार में सोमवार, 21 सितंबर के कारोबारी सत्र की शुरुआत शानदार बढ़त के साथ हुई, जहाँ प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी50 मजबूती के साथ हरे निशान पर कारोबार करते दिखे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की नई लिवाली ने बाजार में निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। हाल के दिनों में देखी गई तेज उतार-चढ़ाव की स्थिति के बाद यह उछाल घरेलू निवेशकों के लिए राहत लेकर आया है। बाजार प्रतिभागी अब आगे की दिशा तय करने के लिए कच्चे तेल की चाल, वैश्विक शेयर बाजारों के रुझान और विदेशी संस्थागत प्रवाह की स्थिरता पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। सेंसेक्स और निफ्टी50 के कारोबारी आंकड़े सुबह 11:39 बजे तक बंबई स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 454.43 अंक अथवा 0.61 प्रतिशत की मजबूती लेकर 74,749.39 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था। सेंसेक्स का पिछला बंद स्तर 74,294.96 अंक था, जिसके मुकाबले यह आज सुबह 74,535.18 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान इसने 74,790.21 अंक का ऊपरी स्तर छुआ, जबकि इसका निचला स्तर 74,454.18 अंक दर्ज किया गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के मानक सूचकांक एनएसई निफ्टी50 में भी शुरुआती तेजी का माहौल बना रहा। निफ्टी 52.15 अंक या 0.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,398.55 अंक के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी की शुरुआत 23,330.20 अंक पर हुई थी और सत्र के दौरान इसने 23,410.75 अंक का उच्च स्तर तथा 23,314.80 अंक का निचला स्तर देखा। बाजार में बने इस रुझान ने बेंचमार्क इंडेक्स को महत्वपूर्ण स्तरों के पार टिके रहने में मदद की है। कच्चे तेल में गिरावट से अर्थव्यवस्था और बाजार को राहत बाजार की इस तेजी का सबसे प्रमुख कारक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी रहा। ब्रेंट क्रूड 2.25 प्रतिशत गिरकर 101.5 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए तेल आयात पर काफी हद तक निर्भर है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट घरेलू अर्थव्यवस्था के लिए सीधा सहारा बनती है। कच्चे तेल के सस्ता होने से महंगाई के दबाव में कमी आने, कंपनियों की लागत घटने और देश के चालू खाता घाटे पर दबाव कम होने की उम्मीद बंधी है। इन मैक्रोइकोनॉमिक कारणों से घरेलू शेयर बाजार में खरीदारी का माहौल तैयार हुआ। तेल की कीमतों में आई इस गिरावट से उन कंपनियों के शेयरों में विशेष चमक देखने को मिली जो कच्चे माल या ऊर्जा लागत के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हैं। पेंट्स, विमानन और सीमेंट क्षेत्र की कंपनियों के उत्पादन खर्च में कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा होता है। तेल सस्ता होने के कारण शुरुआती कारोबार में एशियन पेंट्स, इंटरग्लोब एविएशन और अल्ट्राटेक सीमेंट जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में जोरदार लिवाली देखी गई और निवेशकों ने इन क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत की। विदेशी संस्थागत निवेशकों की वापसी से मिला सहारा बाजार की तेजी में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई की वापसी ने भी अहम भूमिका निभाई। पिछले कुछ समय से बिकवाली के दबाव के बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में 599.54 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। विदेशी फंडों की यह खरीदारी बेंचमार्क सूचकांकों और लार्ज-कैप शेयरों में स्थिरता लाने के लिए बेहद अहम मानी जाती है। विदेशी निवेशकों का प्रवाह बाजार के उन क्षेत्रों को सीधे प्रभावित करता है जिनका सूचकांकों में भारी भारांक है, जिनमें वित्तीय सेवाएं, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा क्षेत्र शामिल हैं। विदेशी पूंजी के प्रवाह ने घरेलू बाजार के मूड को सकारात्मक बना दिया है। हालांकि, बाजार विश्लेषकों का मानना है कि तेजी को टिकाऊ बनाए रखने के लिए यह देखना जरूरी होगा कि विदेशी संस्थागत निवेशक आने वाले कारोबारी सत्रों में भी अपनी शुद्ध खरीदारी का सिलसिला जारी रखते हैं या नहीं। वैश्विक बाजारों से मिले अनुकूल संकेत और तकनीकी स्थिति सप्ताह के पहले दिन एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भी भारतीय बाजार को मजबूती दी। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, शंघाई का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी ज्यादातर बढ़त के साथ बंद हुए थे, जिससे वैश्विक स्तर पर निवेशकों की जोखिम उठाने की क्षमता में सुधार आया। इन सबके बीच निवेशक अमेरिका और चीन के बीच होने वाली आगामी वार्ताओं और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव पर भी नजर रख रहे हैं, क्योंकि ये घटनाक्रम भविष्य में बाजार और कच्चे तेल की कीमतों को फिर से प्रभावित कर सकते हैं। तकनीकी विश्लेषण के मोर्चे पर बाजार के जानकारों ने चार्ट पर सुधार के संकेत देखे हैं। बजाज ब्रोकिंग रिसर्च के अनुसार, सूचकांक ने एक छोटी बुलिश कैंडल बनाई है जिसमें हायर हाई और हायर लो पैटर्न दिखा है, जो अत्यधिक ओवरसोल्ड दायरे से पुलबैक जारी रहने का संकेत देता है। इसके अलावा 22,182 से 24,774 के हालिया स्विंग के 61.8 प्रतिशत रिट्रेसमेंट जोन के आसपास जारी कंसॉलिडेशन निचले स्तरों पर बेस बनने की संभावना को दर्शाता है। दैनिक और साप्ताहिक ऑसिलेटर ओवरसोल्ड जोन में बने रहने से आने वाले सत्रों में पुलबैक के और आगे बढ़ने की गुंजाइश खुली हुई है। इसका आप पर असर कच्चे तेल की कीमतों में कमी और शेयर बाजार में रिकवरी से आम निवेशकों और उपभोक्ताओं पर सीधा प्रभाव पड़ता है। • भारत में निवेशकों के लिए: शेयर बाजार में बढ़त से म्यूचुअल फंड और सीधे इक्विटी पोर्टफोलियो की वैल्यू में सुधार देखने को मिलेगा। जो निवेशक हालिया गिरावट के बाद घबरा रहे थे, उन्हें इस रिकवरी से अपने निवेश को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी। • उपभोक्ताओं और हवाई यात्रियों के लिए: कच्चे तेल में 2.25 प्रतिशत की गिरावट से विमानन कंपनियों और परिवहन लागत पर दबाव कम हो सकता है। यदि यह गिरावट लंबे समय तक जारी रहती है, तो ईंधन और हवाई टिकटों की दरों में संभावित राहत मिल सकती है। • सीमेंट और पेंट उद्योग से जुड़े लोगों के लिए: एशियन पेंट्स और अल्ट्राटेक सीमेंट जैसे शेयरों में तेजी इन क्षेत्रों में उत्पादन लागत घटने का संकेत देती है। इसका लाभ निर्माण कार्य और गृह नवीनीकरण कराने वाले उपभोक्ताओं को लागत स्थिरता के रूप में मिल सकता है। • विदेशी पूंजी और मुद्रा विनिमय पर प्रभाव: विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा 599.54 करोड़ रुपये की नई लिवाली से रुपये को मजबूती मिलने में मदद मिलेगी। यह स्थिति आयात पर निर्भर उद्योगों और विदेशी खर्च करने वाले छात्रों के लिए राहत ला सकती है। ऐसा क्यों हुआ घरेलू शेयर बाजार में सोमवार की बढ़त अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट, एशियाई बाजारों की मजबूती और विदेशी पूंजी की वापसी के संयुक्त प्रभाव से संभव हुई। • कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 2.25 प्रतिशत गिरकर 101.5 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। भारत के बड़े तेल आयातक होने के कारण ईंधन सस्ता होने से घरेलू मुद्रास्फीति और कंपनियों की लागत में कमी की उम्मीद जगी, जिससे बाजार का मूड सुधरा। • विदेशी संस्थागत निवेशकों की ताजा खरीदारी: विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लंबे समय तक बिकवाली के बाद शुक्रवार को भारतीय बाजारों में 599.54 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इस नए पूंजी प्रवाह ने प्रमुख इंडेक्स शेयरों को सहारा दिया और बिकवाली के दबाव को रोक दिया। • एशियाई और वैश्विक बाजारों का सकारात्मक रुख: दक्षिण कोरिया का कोस्पी, शंघाई का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त में रहे, जबकि अमेरिकी बाजार भी शुक्रवार को तेजी के साथ बंद हुए थे। इस अनुकूल वैश्विक माहौल ने घरेलू शेयर बाजार के लिए सकारात्मक शुरुआत का रास्ता साफ किया। • तकनीकी चार्ट पर ओवरसोल्ड स्थिति से पुलबैक: निफ्टी और सेंसेक्स हालिया गिरावट के बाद चार्ट पर अत्यधिक ओवरसोल्ड दायरे में आ चुके थे। 22,182 से 24,774 के पिछले स्विंग के 61.8 प्रतिशत रिट्रेसमेंट के पास निचले स्तरों पर बेस बनने से शॉर्ट-कवरिंग और रिकवरी को गति मिली। सवाल-जवाब 1. सोमवार के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी कितने अंकों की बढ़त पर थे? सुबह 11:39 बजे सेंसेक्स 454.43 अंक चढ़कर 74,749.39 पर और निफ्टी50 52.15 अंक की बढ़त के साथ 23,398.55 पर कारोबार कर रहा था। 2. कच्चे तेल की कीमत में कितनी गिरावट दर्ज की गई? अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 2.25 प्रतिशत गिरकर 101.5 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर आ गया। 3. कच्चे तेल में नरमी का सबसे ज्यादा फायदा किन कंपनियों के शेयरों को मिला? तेल की कीमतों में गिरावट से एशियन पेंट्स, इंटरग्लोब एविएशन और अल्ट्राटेक सीमेंट जैसी कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। 4. विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बाजार में कितने रुपये की खरीदारी की? विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजार में 599.54 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध लिवाली की। 5. एशिया के अन्य शेयर बाजारों का रुख कैसा रहा? दक्षिण कोरिया का कोस्पी, शंघाई का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। 6. सेंसेक्स और निफ्टी का आज का उच्चतम स्तर क्या रहा? सत्र के दौरान सेंसेक्स ने 74,790.21 अंक का और निफ्टी50 ने 23,410.75 अंक का इंट्राडे हाई छुआ। https://trendkia.com/market/kachche-tela-men-narami-aura-videshi-nivesha-se-sheyara-bajara-charha-sensex-454-anka-uchhala-aura-nifty-23-400-ke-kariba-pahuncha-35589 TrendKia — Har trend, sabse pehle.