कच्चे तेल में तेजी और कनाडियन डॉलर की मजबूती से गिरा यूरो, वैश्विक बाजारों में बड़ी हलचल वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और कनाडा के मुद्रास्फीति के आंकड़ों के बीच यूरो के मुकाबले कनाडियन डॉलर मजबूत हुआ है, जिससे कई अन्य वैश्विक परिसंपत्तियों में भी बड़ा उतार-चढ़ाव देखा गया। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में सोमवार को यूरो और कनाडियन डॉलर के बीच एक महत्वपूर्ण हलचल देखी गई। कनाडियन डॉलर के मुकाबले यूरो की कीमत में गिरावट दर्ज की गई, जिससे EUR/CAD करेंसी जोड़ा लगभग 0.17 प्रतिशत टूटकर 1.6060 के स्तर पर आ गया। इस गिरावट के पीछे दो मुख्य कारण रहे हैं: पहला, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी, जो कनाडियन डॉलर को मजबूत कर रही है; और दूसरा, कनाडा से आए मुद्रास्फीति यानी महंगाई के मिले-जुले आंकड़े, जिन्होंने केंद्रीय बैंक को तत्काल अपनी मौद्रिक नीति में बदलाव करने का कोई बड़ा कारण नहीं दिया है। कनाडा में महंगाई के आंकड़े और उसका असर कनाडा के हालिया आर्थिक आंकड़ों से पता चलता है कि वहां महंगाई की दर फिलहाल स्थिर बनी हुई है, लेकिन इसके भीतर के आंकड़े काफी जटिल हैं। अगस्त महीने में देश की हेडलाइन कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) सालाना आधार पर 3 प्रतिशत दर्ज की गई, जो बिल्कुल जुलाई महीने के बराबर थी और बाजार विश्लेषकों के अनुमानों के अनुकूल रही। हालांकि, मासिक आधार पर देखा जाए तो अगस्त में CPI में 0.1 प्रतिशत की गिरावट आई। यह गिरावट बाजार की उन उम्मीदों के विपरीत थी जिसमें इसके स्थिर रहने का अनुमान लगाया गया था, विशेष रूप से तब जब जुलाई में मासिक आधार पर इसमें 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई थी। महंगाई के इन आंकड़ों का और बारीक विश्लेषण करने पर पता चलता है कि बैंक ऑफ कनाडा (BoC) द्वारा ट्रैक की जाने वाली कोर मुद्रास्फीति सालाना आधार पर थोड़ी बढ़कर 2.4 प्रतिशत हो गई, जो पिछले महीने 2.3 प्रतिशत थी। हालांकि, बुनियादी महंगाई के अन्य पैमानों में स्थिरता देखी गई। जैसे कि कॉमन CPI मामूली रूप से घटकर 2.6 प्रतिशत पर आ गई, जो पहले 2.7 प्रतिशत थी। वहीं ट्रिम्ड CPI और मीडियन CPI क्रमशः 1.9 प्रतिशत और 2 प्रतिशत पर बिना किसी बदलाव के स्थिर रहे। इन आंकड़ों से साफ है कि हालांकि महंगाई बहुत तेजी से नहीं भाग रही है, लेकिन यह इतनी बनी हुई है कि नीति निर्माता पूरी तरह से निश्चिंत नहीं हो सकते। कनाडा के केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति का दृष्टिकोण वर्तमान में बैंक ऑफ कनाडा ने अपनी मुख्य ब्याज दर को 2.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। अपनी पिछली बैठक में केंद्रीय बैंक ने दरों में कोई बदलाव नहीं किया था। बैंक ऑफ कनाडा का कहना है कि हालांकि हेडलाइन महंगाई दर 3 प्रतिशत के आसपास मंडरा रही है, लेकिन इसका मुख्य कारण पेट्रोल और डीजल की लगातार ऊंची कीमतें हैं। केंद्रीय बैंक ने इस बात पर भी संतोष जताया है कि ऊर्जा की इन बढ़ी हुई कीमतों का असर अभी तक अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों या गैर-ऊर्जा उत्पादों की कीमतों पर बड़े पैमाने पर देखने को नहीं मिला है। रॉयल बैंक ऑफ कनाडा (RBC) के अर्थशास्त्रियों ने इन आंकड़ों पर अपना विश्लेषण साझा करते हुए कहा है कि अगस्त में महंगाई का 3 प्रतिशत पर बने रहना यह दर्शाता है कि बुनियादी स्तर पर कीमतों का दबाव अपेक्षाकृत नियंत्रण में है। बैंक ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बावजूद इसके "दूसरे दौर के" प्रभाव यानी अन्य चीजों की कीमतें बढ़ने के बहुत कम सबूत मिले हैं। दूसरे दौर का प्रभाव तब होता है जब ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के कारण कंपनियां अपने अन्य उत्पादों के दाम बढ़ा देती हैं और कर्मचारी अधिक वेतन की मांग करने लगते हैं। हालांकि, रॉयल बैंक ऑफ कनाडा के विश्लेषकों ने सचेत किया कि यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक इसी तरह ऊंची बनी रहीं, तो इसका बोझ उपभोक्ताओं पर डालने का जोखिम बढ़ जाएगा। ऐसे में मासिक हेडलाइन महंगाई के बजाय कोर महंगाई के दबाव की अवधि और उसका दायरा ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाएगा। रॉयल बैंक ऑफ कनाडा का मानना है कि बैंक ऑफ कनाडा साल 2026 के अंत तक ब्याज दरों को इसी स्तर पर बनाए रखेगा और फिर 2027 में अर्थव्यवस्था के मजबूत होने पर धीरे-धीरे ब्याज दरों में बढ़ोतरी शुरू करेगा। कच्चे तेल में उछाल और सऊदी अरब पर हमला कनाडियन डॉलर को एक प्रमुख पेट्रो-करेंसी माना जाता है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का इसे सीधा फायदा मिलता है। वैश्विक बाजार में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है, जो इस महीने अब तक 15 प्रतिशत से अधिक की तेजी को दर्शाती है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं, जिससे कीमतों को समर्थन मिल रहा है। सऊदी अरब ने एक ड्रोन हमले के बाद अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को बंद कर दिया है, जो तेल को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के रास्ते के बिना भेजने में मदद करती है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि यह पाइपलाइन कई हफ्तों तक बंद रह सकती है। चूंकि कनाडा के निर्यात में ऊर्जा क्षेत्र का एक बहुत बड़ा हिस्सा है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में आई इस तेजी ने कनाडियन डॉलर की स्थिति को मजबूत किया है, जिससे यूरो के मुकाबले इसमें बढ़त देखने को मिल रही है। यूरोपियन सेंट्रल बैंक का रुख और यूरो की स्थिति दूसरी तरफ, यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ECB) द्वारा पिछले सप्ताह ब्याज दरों में की गई बढ़ोतरी के बावजूद यूरो को कोई नया सहारा नहीं मिल पाया है। केंद्रीय बैंक ने भविष्य की मौद्रिक नीति को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिए हैं। यूरोपियन सेंट्रल बैंक की अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड ने स्पष्ट किया कि हालिया बैठक में केवल उस समय के फैसले पर चर्चा की गई थी, और नीति निर्माताओं ने भविष्य की दरों पर कोई बात नहीं की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक के अगले कदम का अनुमान लगाना अभी बहुत जल्दबाजी होगी। हालांकि, यूरोपियन सेंट्रल बैंक की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य और नेशनल बैंक ऑफ स्लोवाकिया (NBS) के गवर्नर पीटर काजीमीर ने गैस और बिजली की कीमतों में उतार-चढ़ाव को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सोमवार को कहा कि केंद्रीय बैंक अपनी अगली बैठक में सभी विकल्पों पर विचार करेगा और जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठाएगा, जिससे यूरोपीय मौद्रिक नीति का भविष्य अभी भी अनिश्चित बना हुआ है। अन्य वैश्विक बाजारों का हाल: जापानी येन, सोना और क्रिप्टोकरेंसी सोमवार को अन्य वित्तीय बाजारों में भी काफी हलचल देखने को मिली। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोरी देखी गई। AUD/USD जोड़ी लगभग 0.25 प्रतिशत गिरकर 0.7140 के पास पहुंच गई, जो करीब डेढ़ सप्ताह का सबसे निचला स्तर है। हालांकि बाद में इसमें थोड़ा सुधार हुआ और यह 0.7100 के मध्य स्तर के ठीक ऊपर कारोबार करती दिखी। वहीं जापानी येन में कुछ बिकवाली के कारण USD/JPY जोड़ी में मामूली बढ़त देखी गई। सोमवार को एशियाई सत्र में यह जोड़ी 154.00 के करीब पहुंच गई, जिससे पिछले शुक्रवार को हुए नुकसान की कुछ भरपाई हो सकी। हालांकि, बाजार अभी भी आगामी केंद्रीय बैंक बैठकों के इंतजार में है, जिससे येन पिछले एक सप्ताह के दायरे में ही बना हुआ है। कमोडिटी बाजार की बात करें तो सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई तेजी के कारण सोना फिसलकर लगभग 4,250 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के पास आ गया, जो कई हफ्तों का निचला स्तर है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से दोबारा महंगाई बढ़ने की आशंका और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की अटकलों ने सोने पर दबाव बनाया है। इसके विपरीत, डिजिटल एसेट यानी क्रिप्टोकरेंसी बाजार में सकारात्मक माहौल देखा गया। सोमवार को बिटकॉइन की कीमत मामूली बढ़त के साथ 77,884 डॉलर के करीब कारोबार कर रही थी। एथेरियम और रिपल जैसी अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी ने भी अपने मजबूत समर्थन स्तरों को बनाए रखा। एथेरियम 2,521 डॉलर और रिपल 1.38 डॉलर के स्तर पर टिके रहे, जो इस बाजार में निवेशकों के सकारात्मक रुख को दर्शाता है। फेडरल रिजर्व की नीतियां और राजनीतिक दबाव अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता भी बाजारों को प्रभावित कर रही है। हाल ही में आए प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के मजबूत आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ गई हैं। ऐसे में फेड के आने वाले डॉट प्लॉट पर सभी की नजरें टिकी होंगी, जो अमेरिकी डॉलर की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। डॉट प्लॉट एक ऐसा चार्ट होता है जिसमें फेडरल रिजर्व के अधिकारी भविष्य की ब्याज दरों को लेकर अपने व्यक्तिगत अनुमानों को दर्शाते हैं। इसके अलावा, डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दरों में कटौती के दबाव के बीच नीति निर्माता वॉर्श की स्वतंत्रता की भी परीक्षा होगी। डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से ब्याज दरों को कम रखने की वकालत करते रहे हैं ताकि आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके। अमेरिकी डॉलर की इस तेजी को बनाए रखने के लिए फेडरल रिजर्व को बाजार की इन सख्त उम्मीदों पर खरा उतरना होगा। इसका आप पर असर यह वैश्विक समष्टि आर्थिक बदलाव अंतरराष्ट्रीय व्यापार लागतों, ऊर्जा की कीमतों और खुदरा व्यापारियों के लिए निवेश रणनीतियों को सीधे प्रभावित करता है। - ईंधन और ऊर्जा लागत: भू-राजनीतिक तनावों के कारण WTI कच्चे तेल के 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने से दुनिया भर के उपभोक्ताओं को ईंधन की कीमतों में निरंतर वृद्धि के लिए तैयार रहना चाहिए। तेल की ऊंची कीमतें परिवहन लागत को बढ़ाएंगी जिससे दैनिक वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं। - विदेशी मुद्रा व्यापार: EUR/CAD जोड़ी का 1.6060 तक गिरना मुद्रा व्यापारियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रविष्टि बिंदु प्रदान करता है। भविष्य के ट्रेडों के प्रबंधन के लिए बैंक ऑफ कनाडा के तटस्थ रुख बनाम ECB के अस्पष्ट दृष्टिकोण पर नजर रखना आवश्यक है। - निवेश पोर्टफोलियो में बदलाव: सोने का 4,250 डॉलर की तरफ गिरना अमेरिकी डॉलर और बढ़ती ट्रेजरी यील्ड की मजबूती को दर्शाता है। निवेशक गैर-यील्ड वाले सुरक्षित-निवेशों से निवेश घटाकर यील्ड वाले विकल्पों में अपना आवंटन बढ़ा सकते हैं। - क्रिप्टोकरेंसी बाजार: बिटकॉइन का 77,884 डॉलर के करीब टिके रहना यह दर्शाता है कि डिजिटल एसेट बाजार पारंपरिक बाजार की अनिश्चितताओं से काफी हद तक अलग है। खुदरा क्रिप्टो धारक एथेरियम और रिपल के मजबूत समर्थन स्तरों पर भरोसा कर सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ EUR/CAD विनिमय दर में अचानक आई गिरावट और वैश्विक बाजारों में बड़े बदलावों के पीछे भू-राजनीतिक बाधाएं और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों का भिन्न होना मुख्य कारण हैं। - सऊदी पाइपलाइन का बंद होना: सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हुए ड्रोन हमले ने परिचालन को पूरी तरह से ठप कर दिया। इसके चलते स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बाईपास करने वाला मुख्य मार्ग बंद हो गया है, जिससे तेल की कीमतों में उछाल आया है। - कनाडियन डॉलर की मजबूती: कनाडा कच्चे तेल का एक बड़ा शुद्ध निर्यातक है, इसलिए WTI तेल के 100 डॉलर के पास पहुंचने से कनाडियन डॉलर (CAD) को सीधा समर्थन मिला, जिससे यह यूरो पर हावी हो गया। - ECB की नीतिगत अनिश्चितता: यूरोपियन सेंट्रल बैंक ने दरों में बढ़ोतरी तो की लेकिन भविष्य की नीति को लेकर कोई स्पष्ट मार्गदर्शन नहीं दिया। इस रुख ने यूरो को कनाडियन डॉलर जैसी मजबूत मुद्राओं के मुकाबले कमजोर बना दिया। - यूएस डॉलर और यील्ड में उछाल: अमेरिका में आए मजबूत PPI और CPI आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। इससे सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़ी और सोने की कीमतों में गिरावट आई। सवाल-जवाब 1. सोमवार को EUR/CAD विनिमय दर में गिरावट क्यों आई? कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण कनाडियन डॉलर मजबूत हुआ, जबकि यूरोपियन सेंट्रल बैंक की अनिश्चित मौद्रिक नीति के चलते यूरो पर दबाव बना, जिससे इस जोड़ी में गिरावट आई। 2. अगस्त में कनाडा की वार्षिक महंगाई दर क्या थी? कनाडा की वार्षिक हेडलाइन महंगाई दर अगस्त में 3 प्रतिशत पर स्थिर रही, जो जुलाई के आंकड़े के समान थी और बाजार के अनुमानों के अनुरूप थी। 3. कच्चे तेल की कीमतों में आई हालिया तेजी का मुख्य कारण क्या है? मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव और सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर ड्रोन हमले के बाद परिचालन बंद होने से तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। 4. वर्तमान में बैंक ऑफ कनाडा की ब्याज दर क्या है? बैंक ऑफ कनाडा ने अपनी हालिया नीतिगत बैठक में अपनी प्रमुख ब्याज दर को 2.25 प्रतिशत पर बिना किसी बदलाव के बरकरार रखा है। 5. सोमवार को सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट क्यों देखी गई? यूएस डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई तेजी के कारण सोने की कीमतें गिरकर 4,250 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के पास आ गईं, क्योंकि फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाएं बढ़ी हैं। https://trendkia.com/market/kachche-tela-men-teji-aura-canadian-dollar-ki-majabuti-se-gira-euro-vaishvika-bajaron-men-bari-halachala-32305 TrendKia — Har trend, sabse pehle.