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  "type": "article",
  "title": "कच्चे तेल में उबाल और बॉन्ड यील्ड से फिसला घरेलू बाजार, सेंसेक्स 778 अंक टूटकर 74,000 के पास",
  "summary": "अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल के चलते घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को जोरदार गिरावट दर्ज की गई। हालांकि आईटी शेयरों और एचडीएफसी बैंक में खरीदारी ने सूचकांकों को बड़े नुकसान से बचा लिया।",
  "content": "घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार के कारोबारी सत्र के दौरान चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी भारी दबाव के बीच लाल निशान में बंद हुए। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए तेज उछाल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने विदेशी निवेशकों समेत घरेलू ट्रेडर्स की चिंताएं बढ़ा दीं। बिकवाली के इस दौर के बीच केवल सूचना प्रौद्योगिकी सेक्टर के दिग्गज शेयरों ने मोर्चा संभाले रखा, जिससे सूचकांक और गहरे नुकसान से बच सके।\n\nबाजार का बंद स्तर और घट-बढ़ का दायरा\nदिन के कारोबार के अंत में सेंसेक्स 777.94 अंक यानी 1.04 प्रतिशत टूटकर 74,003.82 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 279.50 अंक यानी 1.19 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,118.60 अंक पर आ गया। पूरे कारोबारी सत्र के दौरान बाजार में कमजोरी का दायरा काफी व्यापक रहा। कुल मिलाकर केवल 1,070 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि 3,054 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं 134 कंपनियों के शेयर भाव में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं देखा गया।\n\nआईटी कंपनियों और एचडीएफसी बैंक ने दिया सहारा\nव्यापक मंदी के माहौल में आईटी क्षेत्र ने बाजार को अकेला मजबूत सहारा दिया। एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर में लगभग 5 प्रतिशत का जोरदार उछाल आया। इसके साथ ही टीसीएस, इन्फोसिस और टेक महिंद्रा के शेयरों में भी करीब 3 से 4 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज हुई। प्रमुख आईटी कंपनियों में आई इस खरीदारी की बदौलत निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 3 प्रतिशत मजबूत होकर बंद हुआ। वहीं बैंकिंग क्षेत्र में एचडीएफसी बैंक के शेयर में लगभग 1.4 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। निजी क्षेत्र के इस बैंक ने अपने प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद के लिए भारतीय रिजर्व बैंक को दो नाम औपचारिक रूप से भेजे हैं, जिसकी घोषणा के बाद शेयर में लिवाली देखने को मिली।\n\nबैंकिंग, फाइनेंस और डिफेंस सेक्टर में भारी नुकसान\nदूसरी तरफ बैंकिंग, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और रक्षा क्षेत्र के शेयरों में तेज बिकवाली देखी गई। श्रीराम फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में करीब 2 से 3.5 प्रतिशत तक की गिरावट आई। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर में लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट आई और यह निफ्टी 50 पैक का सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला शेयर साबित हुआ। सेक्टोरल सूचकांकों में केवल आईटी और एफएमसीजी ही हरे निशान में बंद हो सके, जबकि रियल एस्टेट, ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल, एनर्जी, मेटल और मीडिया सेक्टर में कमजोरी हावी रही। निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स में करीब 5 प्रतिशत का भारी नुकसान दर्ज हुआ।\n\nक्रूड ऑयल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का गहरा असर\nघरेलू बाजार में आई इस गिरावट की सबसे मुख्य वजह वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल में आई अचानक तेजी रही। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण एशियाई व्यापारिक घंटों के दौरान ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए महंगे ईंधन से घरेलू स्तर पर मुद्रास्फीति बढ़ने और राजकोषीय गणित बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा, अमेरिका की 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5 प्रतिशत के मनोवैज्ञानिक स्तर पर पहुंच गई, जिससे दुनिया भर के बाजारों में ऊंची ब्याज दरों के लंबे समय तक बने रहने का डर गहरा गया और इसका सीधा नकारात्मक असर घरेलू इक्विटी बाजार पर देखने को मिला।\n\nइसका आप पर असर\nकच्चे तेल में तेजी और शेयर बाजार में आई तेज गिरावट से व्यक्तिगत निवेश और रोजमर्रा के बजट पर सीधा असर पड़ सकता है।\n\n• भारत में: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचना ईंधन लागत और सामान्य महंगाई के दबाव को बढ़ा सकता है। यदि कच्चे तेल के दाम ऊंचे बने रहे, तो घरेलू उपभोक्ताओं को आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल और माल ढुलाई की बढ़ी हुई दरों का सामना करना पड़ सकता है।\n• इक्विटी और म्यूचुअल फंड निवेशकों पर: बाजार में व्यापक बिकवाली के कारण इक्विटी म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो और सीधे शेयरों में निवेश करने वालों के नेट एसेट वैल्यू में गिरावट आई है। अस्थिरता के इस दौर में नए खुदरा निवेशकों को घबराहट में बिकवाली करने के बजाय सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान को नियमित बनाए रखने की सलाह दी जाती है।\n• बैंकिंग और डिफेंस शेयरधारकों पर: वित्तीय कंपनियों और रक्षा क्षेत्र के शेयरों में 3 से 5 प्रतिशत तक का तेज नुकसान दर्ज किया गया है। जिन निवेशकों के पास इन सेक्टरों के शेयर हैं, उन्हें अपने जोखिम आवंटन की दोबारा समीक्षा करनी चाहिए क्योंकि निकट भविष्य में इनमें उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।\n• आईटी क्षेत्र के निवेशकों पर: मंदी के माहौल में भी आईटी इंडेक्स में करीब 3 प्रतिशत का उछाल आया है जो निर्यात-आधारित तकनीकी कंपनियों के लिए सकारात्मक है। जिन निवेशकों का निवेश आईटी फंड्स में है, उन्हें डॉलर की मजबूती और रक्षात्मक खरीदारी का तुलनात्मक लाभ मिला है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nघरेलू बाजार में बिकवाली का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा संकट की आशंका और अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर बढ़ते प्रतिफल रहे। इन दो वैश्विक कारकों ने विदेशी और घरेलू दोनों तरह के निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को झटका दिया।\n\n• कच्चे तेल में उछाल: पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से एशियाई व्यापार के दौरान ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से ऊपर निकल गया। भारत की भारी आयात निर्भरता के कारण महंगे तेल से व्यापार घाटा और खुदरा महंगाई बढ़ने की आशंकाएं तेज हो गईं।\n• अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी: अमेरिका के 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 5 प्रतिशत के अहम स्तर तक पहुंच गई। सुरक्षित और उच्च अमेरिकी यील्ड के कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों ने उभरते बाजारों से पूंजी निकालना तेज कर दिया।\n• ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे रहने का डर: ऊर्जा कीमतों में तेजी से वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना कमजोर पड़ गई है। इसके चलते वित्तीय और गैर-बैंकिंग ऋणदाता कंपनियों के मुनाफे पर दबाव की आशंका बढ़ गई।\n• डिफेंस और बैंकिंग में मुनाफावसूली: हाल के महीनों में तेज बढ़त हासिल कर चुके रक्षा और बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों में निवेशकों ने सबसे पहले मुनाफा सुरक्षित करने के लिए भारी बिकवाली की।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सेंसेक्स और निफ्टी मंगलवार को किस स्तर पर बंद हुए?\nसेंसेक्स 777.94 अंक यानी 1.04 प्रतिशत टूटकर 74,003.82 पर और निफ्टी 279.50 अंक यानी 1.19 प्रतिशत गिरकर 23,118.60 अंक पर बंद हुआ।\n\n2. बाजार में भारी गिरावट की सबसे बड़ी वजह क्या रही?\nपश्चिम एशिया में तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड का 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचना और अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का 5 प्रतिशत छूना गिरावट की मुख्य वजह रहा।\n\n3. गिरावट के बीच किन शेयरों में मजबूती देखने को मिली?\nएचसीएल टेक्नोलॉजीज में करीब 5 प्रतिशत की तेजी रही, जबकि टीसीएस, इन्फोसिस और टेक महिंद्रा 3 से 4 प्रतिशत तक मजबूत हुए।\n\n4. एचडीएफसी बैंक के शेयर में तेजी क्यों आई?\nएचडीएफसी बैंक ने एमडी और सीईओ पद के लिए भारतीय रिजर्व बैंक को दो नाम भेजे हैं, जिसके चलते उसका शेयर करीब 1.4 प्रतिशत चढ़ा।\n\n5. निफ्टी 50 में सबसे खराब प्रदर्शन किस शेयर का रहा?\nभारत इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर लगभग 4 प्रतिशत टूटकर निफ्टी 50 पैक में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला शेयर रहा।\n\n6. डिफेंस सेक्टर के शेयरों का क्या हाल रहा?\nभारी बिकवाली के कारण निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स में करीब 5 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई।",
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  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-09-22",
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