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  "type": "article",
  "title": "कमजोर अमेरिकी नौकरी आंकड़ों ने डॉलर को दो हफ्ते के निचले स्तर पर धकेला, सोने में तेज उछाल",
  "summary": "जून में सिर्फ 57,000 नई नौकरियां जुड़ने के कमजोर आंकड़े के बाद अमेरिकी डॉलर दो हफ्ते के निचले स्तर पर आ गया, जिससे सोने की कीमत करीब 2.10% चढ़कर 4,115 डॉलर के आसपास पहुंच गई।",
  "content": "अमेरिका से आए कमजोर रोजगार आंकड़ों ने बाजार का मूड पलट दिया और इसका सीधा फायदा सोने को मिला। इस खबर के लिखे जाने तक XAU/USD करीब 4,115 डॉलर पर कारोबार कर रहा था, जो दिन के मुकाबले लगभग 2.10% की मजबूती है। दूसरी तरफ अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY), जो छह बड़ी मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले डॉलर की कीमत मापता है, करीब 100.78 पर आ गया और दो हफ्ते के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। जब डॉलर कमजोर होता है तो डॉलर में तय होने वाला सोना खरीदारों के लिए सस्ता पड़ता है, और यही वजह रही कि पीली धातु में तेज खरीदारी लौट आई।\n\nलाइव कारोबार के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोना करीब 4,128 डॉलर के आसपास हाथ बदल रहा था, जो पिछले बंद भाव 4,068 डॉलर से करीब 1.47% ऊपर है। पिछले एक साल में सोने ने 3,264 डॉलर से लेकर 5,586 डॉलर तक का दायरा देखा है, और मौजूदा सत्र में कारोबार 20 दिन के औसत से करीब 15 गुना ज्यादा रहा।\n\nनौकरी के आंकड़ों ने कहां चौंकाया\nअमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो (BLS) की ओर से जारी आंकड़ों में बताया गया कि जून में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सिर्फ 57 हजार नई नौकरियां जुड़ीं। यह बाजार की 110 हजार की उम्मीद से काफी कम रहा। इतना ही नहीं, मई के आंकड़े को भी घटाकर संशोधित किया गया और इसे पहले बताए गए 172 हजार से नीचे 126 हजार कर दिया गया। यानी पिछले महीने का रोजगार भी उतना मजबूत नहीं था जितना पहले माना जा रहा था।\n\nहालांकि सब कुछ कमजोर नहीं रहा। बेरोजगारी दर उम्मीद के उलट मई के 4.3% से घटकर 4.2% पर आ गई। वहीं औसत प्रति घंटा कमाई जून में मासिक आधार पर 0.3% और सालाना आधार पर 3.5% बढ़ी, जो ठीक बाजार की उम्मीदों के मुताबिक थी। इसका मतलब यह हुआ कि नौकरियां भले कम जुड़ी हों, लेकिन कमाई में बढ़ोतरी की रफ्तार बरकरार रही।\n\nब्याज दरों पर सख्ती जारी रहने के आसार\nकमजोर नौकरी आंकड़ों के बावजूद मौद्रिक नीति के लंबे समय तक सख्त बने रहने की उम्मीद है। इसकी वजह है फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श का रुख। बुधवार को यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ECB) फोरम में उन्होंने महंगाई को 2% के लक्ष्य तक वापस लाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, \"हम कीमत स्थिरता के कारोबार में हैं।\" साथ ही उन्होंने यह भी माना कि \"महंगाई के जोखिम कम हुए हैं।\"\n\nदरअसल पिछले कुछ हफ्तों में महंगाई को लेकर चिंता कुछ घटी है, और इसकी बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट रही। अमेरिका और ईरान ने पिछले महीने 60 दिन का एक समझौता ज्ञापन (MoU) साइन किया था, जिसके बाद होर्मुज जलडमरूमध्य आंशिक रूप से फिर खुल गया। इसी के चलते तेल के दाम नीचे आए।\n\nकच्चे तेल का हाल और दोहा की बातचीत\nवेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चा तेल करीब 67 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, जो फरवरी के बाद इसका सबसे निचला स्तर है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के दौरान यही तेल 113 डॉलर की ऊंचाई तक पहुंच गया था, जहां से यह अब काफी नीचे लुढ़क चुका है।\n\nताजा घटनाक्रम में दोनों पक्षों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत दोहा में खत्म हुई। कतर के मध्यस्थों ने इसमें \"सकारात्मक प्रगति\" की बात कही, हालांकि कोई बड़ी सफलता का ऐलान नहीं हुआ।\n\nसोने का तकनीकी नजरिया\nतकनीकी तौर पर देखें तो XAU/USD का नजदीकी रुझान अभी भी मंदी का बना हुआ है, क्योंकि कीमत 200 दिन के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) और 100 दिन के SMA से काफी नीचे टिकी है। सोने पर 4,100 डॉलर के पास मौजूद एक क्षैतिज अवरोध का दबाव भी बना हुआ है, जो इस बात को मजबूती देता है कि बाजार अभी टिकाऊ रिकवरी के बजाय सुधार के दबाव में है।\n\nदैनिक चार्ट पर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 38 पर है, जो न्यूट्रल 50 के स्तर से नीचे है और अभी भी नीचे की ओर बचे हुए दबाव की ओर इशारा करता है। वहीं एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (ADX) करीब 41 पर है, जो मौजूदा रुझान के अपेक्षाकृत मजबूत होने का संकेत देता है। लाइव आंकड़ों में दैनिक RSI करीब 42 और ADX करीब 38 पढ़ा जा रहा है, जो कमोबेश यही तस्वीर दिखाता है।\n\nऊपर की ओर पहला अवरोध 4,100 डॉलर पर दिखता है, इसके बाद 4,300 डॉलर पर एक ज्यादा मजबूत बाधा है। इससे आगे लंबी अवधि की सीमा 200 दिन के SMA यानी 4,483 डॉलर और 100 दिन के SMA यानी 4,643 डॉलर पर बनती है। नीचे की ओर तुरंत सहारा 3,950 डॉलर पर नजर आता है, और अगर गिरावट और गहराई तो अगला अहम फर्श 3,800 डॉलर पर है, जहां खरीदार दोबारा दिलचस्पी दिखा सकते हैं।\n\nनॉनफार्म पेरोल आखिर है क्या\nनॉनफार्म पेरोल (NFP) अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो की मासिक रोजगार रिपोर्ट का हिस्सा होता है। इसका NFP हिस्सा खासतौर पर यह मापता है कि पिछले महीने के दौरान अमेरिका में कितने लोगों को रोजगार मिला या घटा, और इसमें खेती से जुड़े क्षेत्र को शामिल नहीं किया जाता।\n\nयह आंकड़ा फेडरल रिजर्व के फैसलों को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि इससे पता चलता है कि फेड पूर्ण रोजगार और 2% महंगाई के अपने लक्ष्य को कितनी सफलता से पूरा कर रहा है। ज्यादा NFP का मतलब है कि ज्यादा लोग नौकरी में हैं, ज्यादा कमा रहे हैं और शायद ज्यादा खर्च भी कर रहे हैं। इसके उलट कम NFP यह संकेत देता है कि लोगों को काम पाने में दिक्कत हो रही है। फेड आमतौर पर कम बेरोजगारी से पैदा हुई ऊंची महंगाई को थामने के लिए ब्याज दरें बढ़ाता है और सुस्त पड़े श्रम बाजार में जान फूंकने के लिए दरें घटाता है।\n\nडॉलर और सोने पर NFP का असर\nनॉनफार्म पेरोल का आमतौर पर अमेरिकी डॉलर से सकारात्मक रिश्ता होता है। यानी जब पेरोल के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा आते हैं तो डॉलर मजबूत होता है, और कम आने पर इसका उलटा होता है। NFP महंगाई, मौद्रिक नीति की उम्मीदों और ब्याज दरों पर अपने असर के जरिए डॉलर को प्रभावित करता है। ज्यादा NFP का आमतौर पर मतलब होता है कि फेड अपनी नीति में ज्यादा सख्ती बरतेगा, जो डॉलर को सहारा देता है।\n\nदूसरी तरफ नॉनफार्म पेरोल का सोने की कीमत से आमतौर पर नकारात्मक रिश्ता होता है। इसका मतलब है कि उम्मीद से ज्यादा पेरोल आंकड़ा सोने की कीमत पर दबाव डालता है, और कम आंकड़ा इसे ऊपर ले जाता है। चूंकि ज्यादा NFP से डॉलर मजबूत होता है और ज्यादातर बड़ी कमोडिटी की तरह सोना भी डॉलर में तय होता है, इसलिए डॉलर मजबूत होने पर एक औंस सोना खरीदने के लिए कम डॉलर लगते हैं। इसके अलावा ऊंची ब्याज दरें (जो अक्सर ऊंचे NFP के साथ आती हैं) नकदी में पैसा रखने के मुकाबले सोने को निवेश के तौर पर कम आकर्षक बना देती हैं, क्योंकि नकदी पर कम से कम ब्याज तो मिलता है।\n\nहालांकि NFP पूरी रोजगार रिपोर्ट का सिर्फ एक हिस्सा है और कई बार इसके दूसरे हिस्से इस पर भारी पड़ जाते हैं। कई बार जब NFP उम्मीद से ज्यादा आता है, लेकिन औसत साप्ताहिक कमाई उम्मीद से कम रहती है, तो बाजार मुख्य आंकड़े के महंगाई बढ़ाने वाले असर को नजरअंदाज कर देता है और कमाई में गिरावट को महंगाई घटाने वाला मान लेता है। भागीदारी दर और औसत साप्ताहिक घंटे जैसे हिस्से भी बाजार की प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन ऐसा \"ग्रेट रेजिग्नेशन\" या वैश्विक वित्तीय संकट जैसी बिरली घटनाओं में ही होता है।\n\nबाकी बाजारों की चाल\nब्रिटिश पाउंड गुरुवार को यूरोपीय सत्र के दौरान डॉलर के मुकाबले 0.5% चढ़कर 1.3340 के आसपास कारोबार कर रहा था। जून के अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल आंकड़ों से पहले, जो 12:30 GMT पर आने थे, डॉलर अपने साथी मुद्राओं के मुकाबले कमजोर दिखा और इसी से GBP/USD में मजबूती झलकी। इसी तरह EUR/USD ने रफ्तार पकड़ी और 1.1450 का स्तर पार करते हुए कई दिनों की नई ऊंचाई छू ली, क्योंकि डॉलर में साफ गिरावट आई।\n\nक्रिप्टो बाजार में भी गुरुवार को व्यापक तेजी रही और लंबे समय से जारी बिकवाली के दबाव के बाद जोखिम को लेकर धारणा सुधरी। बिटकॉइन हफ्ते की शुरुआत में 58,000 डॉलर पर सहारा जांचने के बाद दोबारा 60,000 डॉलर के ऊपर लौट आया। कुल मिलाकर, वित्तीय बाजार फेडरल रिजर्व के अगले कदम के संकेत ढूंढने सिंट्रा पहुंचे थे, लेकिन वहां से उन्हें यही पुष्टि मिली कि केविन वॉर्श इन संकेतों को पढ़ना और मुश्किल करने के इरादे में हैं।\n\nइसका आप पर असर\nयह खबर सीधे आपकी जेब और निवेश से जुड़ी है।\n\n• निवेशकों के लिए: डॉलर कमजोर होने और नौकरी के आंकड़े नरम रहने से सोने में तेजी लौटी है, इसलिए सोने या गोल्ड फंड में पैसा लगाने वालों की नजर अब 4,100 डॉलर के अवरोध और 3,950 डॉलर के सहारे पर रहनी चाहिए।\n• आम खरीदार के लिए: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना चढ़ने का असर आने वाले दिनों में घरेलू सोने के भाव और गहनों की खरीद पर पड़ सकता है।\n• कर्ज लेने वालों के लिए: फेड के ब्याज दरें सख्त बनाए रखने के संकेत का मतलब है कि दरों में जल्दी बड़ी राहत की उम्मीद कम है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सोने की कीमत में उछाल की मुख्य वजह क्या रही?\nजून के कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद डॉलर दो हफ्ते के निचले स्तर पर आ गया, जिससे सोना करीब 2.10% चढ़कर 4,115 डॉलर के आसपास पहुंच गया।\n\n2. जून में अमेरिका में कितनी नई नौकरियां जुड़ीं?\nजून में सिर्फ 57 हजार नई नौकरियां जुड़ीं, जबकि बाजार को 110 हजार की उम्मीद थी।\n\n3. मई के आंकड़े में क्या बदलाव हुआ?\nमई के पेरोल आंकड़े को घटाकर संशोधित किया गया और इसे पहले बताए गए 172 हजार से नीचे 126 हजार कर दिया गया।\n\n4. बेरोजगारी दर कितनी रही?\nबेरोजगारी दर उम्मीद के उलट मई के 4.3% से घटकर 4.2% पर आ गई।\n\n5. केविन वॉर्श ने क्या कहा?\nउन्होंने ECB फोरम में 2% महंगाई लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई और कहा, 'हम कीमत स्थिरता के कारोबार में हैं', साथ ही माना कि महंगाई के जोखिम कम हुए हैं।\n\n6. कच्चे तेल की कीमत अभी कहां है?\nWTI कच्चा तेल करीब 67 डॉलर प्रति बैरल पर है, जो फरवरी के बाद इसका सबसे निचला स्तर है, जबकि तनाव के दौरान यह 113 डॉलर तक गया था।\n\n7. सोने के लिए अहम तकनीकी स्तर कौन से हैं?\nऊपर की ओर अवरोध 4,100 और 4,300 डॉलर पर हैं, जबकि नीचे सहारा 3,950 डॉलर और उसके बाद 3,800 डॉलर पर है।\n\n8. बिटकॉइन का क्या हाल रहा?\nबिटकॉइन हफ्ते की शुरुआत में 58,000 डॉलर पर सहारा जांचने के बाद दोबारा 60,000 डॉलर के ऊपर लौट आया।",
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  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-07-02",
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