कमजोर डॉलर और बढ़ती यील्ड के बीच चांदी में तेजी, जानिए सर्राफा बाजार का ताजा हाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और जापानी येन में मजबूती के चलते चांदी 2% से अधिक उछलकर $68.10 प्रति औंस पर पहुंच गई, हालांकि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड की तेजी ने बढ़त को सीमित रखा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मुद्रा विनिमय दरों में बदलाव और जिंस बाजारों में तेजी के बीच बुधवार को चांदी के वायदा भाव में जोरदार उछाल देखने को मिला। हाजिर और वायदा बाजार में चांदी की कीमतें 2 प्रतिशत से अधिक चढ़कर $68.10 प्रति ट्रॉय औंस के स्तर पर पहुंच गईं, जो पिछले बंद भाव $66.30 से 2.71 प्रतिशत की बढ़त दर्शाती हैं। पिछले कुछ सत्रों की गिरावट के बाद चांदी में यह सुधार अमेरिकी डॉलर की कमजोरी के कारण संभव हुआ है। हालांकि, अमेरिका में बॉन्ड यील्ड के उच्च स्तर पर बने रहने और ब्याज दरों में आगे बढ़ोतरी की आशंकाओं ने कीमती धातुओं की इस बढ़त को एक सीमित दायरे में बांधकर रखा है। उधर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से वैश्विक अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति की चिंताएं दोबारा गहरी हो गई हैं। बुधवार को चांदी में आई इस तेजी की मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर सूचकांक में आई गिरावट रही। दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर के मूल्य को मापने वाला डॉलर इंडेक्स (DXY) 0.25 प्रतिशत गिरकर 98.61 के करीब कारोबार करता नजर आया, जो 21 अगस्त के बाद का इसका निचला स्तर है। चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी (XAG/USD) का कारोबार अमेरिकी डॉलर में होता है, इसलिए डॉलर के कमजोर होने से अन्य देशों की मुद्राओं का उपयोग करने वाले विदेशी निवेशकों और औद्योगिक खरीदारों के लिए यह कीमती धातु सस्ती हो जाती है, जिससे वैश्विक मांग में सुधार आता है। मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर पर दबाव बनाने में जापानी येन (JPY) की मजबूती की अहम भूमिका रही। अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की विनिमय दर (USD/JPY) लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज करते हुए 153.00 के स्तर के पास आ गई, जो मध्य फरवरी के बाद का सबसे निचला स्तर है। टोक्यो में जारी मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने बाजार में इन उम्मीदों को बल दिया है कि बैंक ऑफ जापान (BoJ) अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की प्रक्रिया जारी रखेगा। जापानी केंद्रीय बैंक के इस रुख से निवेशकों ने डॉलर पर आधारित सौदों को समेटना शुरू कर दिया, जिससे डॉलर सूचकांक पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया। उधर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने भी अमेरिकी डॉलर के सामने मजबूती का प्रदर्शन किया। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान AUD/USD की जोड़ी 0.7200 के स्तर से ऊपर स्थिर बनी रही। चीन में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) और उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) के आंकड़े उम्मीद से अधिक गर्म रहने के बावजूद, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं से सहारा मिला। दुनिया भर के मुद्रा व्यापारी अब आगामी वैश्विक आर्थिक आंकड़ों पर बारीक नजर रख रहे हैं ताकि विनिमय दरों की भविष्य की दिशा को समझा जा सके। ट्रेजरी यील्ड का प्रभाव और अमेरिकी आर्थिक आंकड़े मुद्रा बाजार की अनुकूल स्थितियों के बावजूद चांदी की तेजी पर अमेरिकी बॉन्ड बाजार का दबाव साफ देखा गया। अमेरिका का 10-वर्षीय मानक ट्रेजरी यील्ड 4.80 प्रतिशत के आसपास कारोबार कर रहा है, जो नवंबर 2023 के बाद का उच्चतम स्तर है। जब सरकारी बॉन्ड की यील्ड अधिक होती है, तो निवेशक बिना ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोना और चांदी के बजाय सुरक्षित और निश्चित रिटर्न देने वाले बॉन्ड का रुख करते हैं। इस प्रकार कमजोर डॉलर के समर्थन और उच्च ट्रेजरी यील्ड के अवरोध के बीच चांदी की कीमतों में एक संतुलित तेजी देखने को मिल रही है। अमेरिका के हालिया मैक्रोइकॉनॉमिक आंकड़ों ने भी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता बढ़ाई है। ऑटोमैटिक डेटा प्रोसेसिंग (ADP) के रोजगार आंकड़ों के अनुसार, 22 अगस्त को समाप्त अवधि के दौरान अमेरिकी निजी नियोक्ताओं ने प्रति सप्ताह औसतन 12K नई नौकरियां जोड़ीं। यह इससे पिछली अवधि के संशोधित 10K के आंकड़े से थोड़ा बेहतर है। हालांकि निजी क्षेत्र में रोजगार की यह वृद्धि सीमित है, फिर भी यह दर्शाती है कि अमेरिकी श्रम बाजार में पूरी तरह सुस्ती नहीं आई है। निवेशकों की निगाहें अब इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर टिकी हैं। गुरुवार को उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) और शुक्रवार को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़े जारी होने हैं। यदि ये आंकड़े अनुमान से अधिक गर्म आते हैं, तो वित्तीय बाजारों में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में दोबारा बढ़ोतरी किए जाने की संभावनाएं मजबूत होंगी। ऐसी स्थिति में अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिल सकती है, जिससे चांदी और सोने की कीमतों पर एक बार फिर बिकवाली का दबाव बन सकता है। औद्योगिक मांग के कारक और चांदी के बुनियादी पहलू मौद्रिक नीतियों के अलावा, चांदी की बाजार संरचना अन्य कीमती धातुओं से काफी अलग है क्योंकि यह एक वित्तीय एसेट के साथ-साथ एक आवश्यक औद्योगिक जिंस भी है। ऐतिहासिक रूप से मूल्य संचयन (स्टोर ऑफ वैल्यू) और विनिमय के माध्यम के रूप में इस्तेमाल होने वाली चांदी निवेशकों को मुद्रास्फीति और आर्थिक मंदी के जोखिम से सुरक्षा प्रदान करती है। निवेशक भौतिक रूप में चांदी के सिक्के और सिल्लियां खरीदकर या अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंजों पर इसकी कीमतों को ट्रैक करने वाले एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) के माध्यम से इसमें निवेश करते हैं। सोने के विपरीत, जिसकी अधिकांश मांग निवेश और आभूषण निर्माण से आती है, चांदी की व्यापक खपत औद्योगिक क्षेत्र में होती है। सभी धातुओं में चांदी की विद्युत चालकता (इलेक्ट्रिक कंडक्टिविटी) सबसे अधिक होती है, जो तांबे और सोने से भी अधिक है। इस विशिष्ट भौतिक गुण के कारण इलेक्ट्रॉनिक्स, दूरसंचार उपकरणों और सौर ऊर्जा पैनल (फोटोवोल्टिक सेल) के निर्माण में चांदी की अनिवार्य आवश्यकता होती है। दुनिया भर में हरित ऊर्जा और नवीकरणीय तकनीकों पर बढ़ते जोर के कारण चांदी की औद्योगिक मांग को दीर्घकालिक आधार मिल रहा है। वैश्विक स्तर पर चांदी की कीमतों को तय करने में अमेरिका, चीन और भारत की प्रमुख भूमिका रहती है। अमेरिका और चीन के विशाल औद्योगिक क्षेत्र इलेक्ट्रॉनिक्स और विनिर्माण प्रक्रियाओं में भारी मात्रा में चांदी का उपयोग करते हैं। वहीं दूसरी ओर, भारतीय बाजार में चांदी की मांग मुख्य रूप से रिटेल उपभोक्ताओं और आभूषण उद्योग से आती है। भारत में त्योहारों और सांस्कृतिक अवसरों पर चांदी के आभूषणों, बर्तनों और धार्मिक वस्तुओं की भारी खरीदारी होती है, जिससे कीमती धातु की हाजिर कीमतों को मजबूत समर्थन प्राप्त होता है। जिंस, ऊर्जा और क्रिप्टो बाजारों में परस्पर संबंध चांदी की कीमतों की चाल काफी हद तक सोने के रुख का अनुसरण करती है। बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना तीन दिनों की गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए दोबारा $4,400 प्रति ट्रॉय औंस के पार निकल गया। डॉलर में गिरावट और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण सोने में यह रिकवरी आई। बुलियन कारोबारी सोने और चांदी के अनुपात (Gold/Silver ratio) को भी ध्यान में रखते हैं, जो यह बताता है कि एक औंस सोना खरीदने के लिए कितने औंस चांदी की आवश्यकता होगी। यदि यह अनुपात ऐतिहासिक रूप से उच्च स्तर पर होता है तो इसे चांदी के कम मूल्यांकित होने का संकेत माना जाता है। ऊर्जा बाजार में भी ईंधन की आपूर्ति को लेकर दबाव के संकेत मिल रहे हैं। यद्यपि कच्चे तेल का बाजार अपेक्षाकृत शांत दिखता है, लेकिन डीजल की रिफाइनिंग मार्जिन ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड, जो WTI कच्चे तेल पर अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल वायदा के प्रीमियम को दर्शाता है, हाल ही में इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल को पार करते हुए $102.00 प्रति बैरल के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। डीजल मार्जिन में यह तेज उछाल औद्योगिक विनिर्माण और परिवहन लागत में बढ़ोतरी का स्पष्ट संकेत देता है। डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में भी बुधवार को सुधार देखा गया। पाई नेटवर्क (PI) का टोकन अपने 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के पास समर्थन पाने के बाद $0.098 से ऊपर कारोबार करता नजर आया। पाई कोर टीम द्वारा अपने डेवलपर इकोसिस्टम को मजबूत करने और नेटवर्क पर वास्तविक उपयोगिता वाले एप्लिकेशन बढ़ाने पर जोर दिए जाने के बाद इस क्रिप्टो परिसंपत्ति में निवेशकों की रुचि दोबारा बढ़ी है। चांदी (SI=F) का तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण स्तर चांदी वायदा (SI=F) के चार्ट का तकनीकी विश्लेषण बताता है कि दीर्घावधि के अपट्रेंड के भीतर अल्पावधि में कीमतें एक संतुलित दायरे में कारोबार कर रही हैं। बुधवार को $68.10 के स्तर पर कारोबार करते हुए चांदी अपने 52-सप्ताह के दायरे $40.88 से $121.30 के बीच स्थित है। सत्र के दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम अपने 20-दिवसीय औसत से 8.72 गुना अधिक दर्ज किया गया, जो संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 58 पर है, जो अत्यधिक खरीदारी (ओवरबॉट) के बिना तटस्थ से सकारात्मक सेंटिमेंट का संकेत देता है। मूविंग एवरेज के विश्लेषण से पता चलता है कि चांदी का भाव अपने 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA20) $65.95, 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA50) $65.11 और 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA50) $62.33 के ऊपर बना हुआ है। हालांकि, इसका 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA200) $72.07 पर स्थित है, जो ऊपर की तरफ एक बड़ा तकनीकी प्रतिरोध प्रस्तुत करता है। MACD इंडिकेटर में मेन लाइन 1.06 और सिग्नल लाइन 1.27 पर है, जिसका हिस्टोग्राम -0.21 का नकारात्मक रीडिंग दे रहा है, जो तेजी के रुझान में सतर्कता बरतने की सलाह देता है। बोलिंगर बैंड्स के अनुसार चांदी का भाव $63.40 के निचले और $69.93 के ऊपरी बैंड के बीच में बना हुआ है, जबकि इसका मध्य बैंड $66.66 पर है। ADX इंडिकेटर 21 के स्तर पर है, जो किसी एक दिशा में मजबूत ट्रेंड के बजाय कंसोलिडेशन का संकेत देता है। स्टोकेस्टिक इंडिकेटर की फास्ट लाइन 61 और सिग्नल लाइन 46 पर है, जो सकारात्मक अल्पावधि मोमेंटम का इशारा करती है। ATR 1.89 है, जो दैनिक अस्थिरता के हिसाब से स्टॉप-लॉस निर्धारित करने में मदद करता है। दैनिक धुरी स्तर (Pivot Point) $67.58 पर है। ऊपर की तरफ पहला प्रतिरोध R1 $69.03 और दूसरा प्रतिरोध R2 $69.96 पर है, जबकि नीचे की तरफ पहला समर्थन S1 $66.65 और दूसरा समर्थन S2 $65.20 पर देखा जा रहा है। इसका आप पर असर अंतरराष्ट्रीय जिंस बाजार में चांदी की कीमतों में आया यह उछाल निवेशकों, सर्राफा व्यवसाय और औद्योगिक खरीदारों के लिए कई सीधे वित्तीय प्रभाव लाता है। • भारत में निवेशकों के लिए: चांदी की वैश्विक कीमतों में 2.71% की बढ़त से घरेलू बाजार (MCX) पर भी कीमतों में तेजी आएगी, जिससे चांदी ETF और भौतिक bullion में निवेश करने वालों के पोर्टफोलियो रिटर्न में बढ़ोतरी होगी। • भारत में रिटेल ग्राहकों के लिए: शादी-विवाह और आगामी त्योहारों के सीजन में चांदी के गहने, बर्तनों और सिक्कों की खरीदारी महंगी हो जाएगी, जिससे खरीदारों को अधिक बजट रखना होगा। • औद्योगिक क्षेत्र के लिए: इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर पैनल निर्माताओं को चांदी की बढ़ती कीमतों के कारण कच्चे माल की अधिक लागत चुकानी होगी, जिससे उनकी उत्पादन लागत बढ़ सकती है। • वैश्विक ट्रेडर्स के लिए: $67.58 के धुरी स्तर और R1 $69.03 के प्रतिरोध के साथ व्यापारियों को अमेरिकी CPI और PPI आंकड़ों तक सतर्क स्टॉप-लॉस प्रबंधन अपनाना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ बुधवार को चांदी की कीमतों में तेजी और फिर एक सीमित दायरे में रुकावट के पीछे कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आर्थिक कारण जिम्मेदार रहे हैं। • अमेरिकी डॉलर सूचकांक में गिरावट: जापानी येन में मजबूती के कारण डॉलर इंडेक्स (DXY) 0.25% गिरकर 98.61 पर आ गया, जिससे विदेशी मुद्रा धारकों के लिए डॉलर में कोट की जाने वाली चांदी सस्ती हो गई। • जापान की मौद्रिक नीति में बदलाव: बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा ब्याज दरें सामान्य करने के संकेतों से USD/JPY गिरकर 153.00 पर आया, जिसने डॉलर पर चौतरफा बिकवाली का दबाव बनाया। • बॉन्ड यील्ड से लगा ब्रेक: अमेरिका की 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 4.80% के करीब बनी हुई है, जिससे बिना ब्याज वाली संपत्तियों का आकर्षण सीमित हो गया। • कच्चे तेल से मुद्रास्फीति की चिंता: ऊर्जा बाजार और डीजल क्रैक स्प्रेड में तेजी से मुद्रास्फीति बढ़ने और फेड द्वारा ब्याज दरें ऊंची रखने की उम्मीदें मजबूत हुई हैं। सवाल-जवाब 1. बुधवार को चांदी की कीमत में कितना सुधार देखा गया? अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 2.71% से अधिक चढ़कर $68.10 प्रति ट्रॉय औंस के स्तर पर कारोबार करती देखी गई। 2. अमेरिकी डॉलर की कमजोरी का चांदी की कीमत पर क्या असर पड़ा? डॉलर इंडेक्स (DXY) के 0.25% गिरकर 98.61 पर आने से विदेशी मुद्रा धारकों के लिए डॉलर में कोटेड चांदी सस्ती हो गई, जिससे मांग को समर्थन मिला। 3. ट्रेजरी यील्ड का चांदी पर क्या प्रभाव पड़ रहा है? अमेरिका की 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 4.80% के उच्च स्तर पर बनी हुई है, जिससे बिना ब्याज वाली संपत्तियों में निवेश का अवसर लागत बढ़ गया है और चांदी की बढ़त सीमित हुई है। 4. चांदी की औद्योगिक मांग में किन क्षेत्रों की मुख्य भूमिका है? चांदी की उच्चतम विद्युत चालकता के कारण सौर ऊर्जा (फोटोवोल्टिक पैनल), इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार उपकरणों के निर्माण में इसकी भारी मांग रहती है। 5. सोने और चांदी के अनुपात (Gold/Silver ratio) का क्या महत्व है? यह अनुपात दर्शाता है कि एक औंस सोना खरीदने के लिए कितनी चांदी चाहिए। उच्च अनुपात चांदी के कम मूल्यांकित होने और निम्न अनुपात सोने के कम मूल्यांकित होने का संकेत देता है। 6. चांदी (SI=F) के लिए मुख्य तकनीकी स्तर कौन से हैं? चांदी का दैनिक धुरी स्तर (Pivot) $67.58 है, जबकि ऊपर की तरफ पहला प्रतिरोध R1 $69.03 और नीचे की तरफ पहला समर्थन S1 $66.65 पर स्थित है। https://trendkia.com/market/kamajora-dollar-aura-barhati-yield-ke-bicha-chandi-men-teji-janie-sarrapha-bajara-ka-taja-hala-30411 TrendKia — Har trend, sabse pehle.