# कमजोर पीएमआई आंकड़ों और मजबूत डॉलर के चलते ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में फिसलन, नौकरियों के आंकड़ों से पहले दबाव

> ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था में विनिर्माण क्षेत्र की सुस्ती और अमेरिकी डॉलर की मजबूती से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर गिरकर 0.7100 के नीचे आ गया है। निवेशक अब गुरुवार को आने वाले रोजगार आंकड़ों और ट्रंप-शी बैठक पर नजरें टिकाए हुए हैं।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/kamajora-pmi-ankaron-aura-majabuta-dollar-ke-chalate-australian-dollar-men-phisalana-naukariyon-ke-ankaron-se-pahale-dabava-37002 · **Language:** Hindi
**Tags:** ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, विदेशी मुद्रा बाजार, अमेरिकी डॉलर, फेडरल रिजर्व, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया, डोनाल्ड ट्रंप, शी जिनपिंग, मुद्रा विनिमय, वित्त

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में बुधवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर चौतरफा बिकवाली का दबाव देखने को मिला। प्रमुख मुद्रा जोड़ी AUD/USD फिसलकर 0.7100 के अहम स्तर से नीचे चली गई और यूरोपीय कारोबारी सत्र की शुरुआत में एक सप्ताह के निचले स्तर तक लुढ़क गई। घरेलू मोर्चे पर विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की धीमी रफ्तार ने जहां ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा की धारणा को चोट पहुंचाई, वहीं अमेरिकी डॉलर में जारी मजबूती ने इस गिरावट को और गहरा कर दिया। वर्तमान में यह जोड़ी अपने मासिक निचले स्तर के ठीक ऊपर कारोबार कर रही है, जहां कारोबारी 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) से नीचे के संभावित ब्रेकडाउन पर नजर गड़ाए हुए हैं।

## कमजोर घरेलू पीएमआई आंकड़ों से बिगड़ा सेंटिमेंट
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की कमजोरी की मुख्य वजह हालिया फ्लैश परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के आंकड़े रहे। इन आंकड़ों से साफ संकेत मिला कि ऑस्ट्रेलिया के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में संकुचन की स्थिति बन गई है, जबकि सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में भी लगातार दूसरे महीने धीमी बढ़त दर्ज की गई है। इस निराशाजनक आर्थिक प्रदर्शन ने वित्तीय बाजारों में उस उम्मीद को झटका दिया है, जिसमें माना जा रहा था कि रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) आगामी बैठक में 25 बेसिस पॉइंट्स (bps) की संभावित ब्याज दर वृद्धि के बाद भी दरों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रखेगा। नीतिगत रुख में नरमी की संभावनाओं ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की मांग घटा दी है।

इसके साथ ही वैश्विक मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की भारी मांग बनी हुई है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक (हॉकिश) रुख से डॉलर इंडेक्स को लगातार समर्थन मिल रहा है। ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के बीच मौद्रिक नीति के संभावित अंतर के कारण AUD/USD जोड़ी लगातार बिकवाली के दबाव में बनी हुई है।

## भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अमेरिकी डॉलर का प्रभुत्व
मध्य पूर्व के मोर्चे पर एक महत्वपूर्ण राजनयिक घटनाक्रम देखने को मिला जब ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए तेहरान की शर्तें दोहराने के मकसद से अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ बैठक की। इस सकारात्मक घटनाक्रम के चलते कच्चे तेल की कीमतें गिरकर दो सप्ताह से अधिक के निचले स्तर पर आ गईं। ऊर्जा लागत घटने से बाजार में मुद्रास्फीति से जुड़ी चिंताएं कुछ हद तक कम हुईं, जिससे अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल अपने बहु-वर्षीय उच्च स्तर से नीचे बना रहा।

हालांकि, तेल कीमतों में गिरावट और बॉन्ड यील्ड में नरमी के बावजूद अमेरिकी डॉलर के मजबूत रुख पर कोई खास असर नहीं पड़ा। डॉलर की यह मजबूती स्पष्ट करती है कि विदेशी मुद्रा बाजार में AUD/USD के लिए फिलहाल गिरावट की दिशा ही सबसे आसान रास्ता बनी हुई है।

## तकनीकी स्तर: समर्थन और प्रतिरोध के दायरे
तकनीकी विश्लेषण के नजरिए से देखें तो AUD/USD के लिए 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज बेहद अहम तकनीकी स्तर बना हुआ है। यदि यह जोड़ी इस स्तर से नीचे फिसलती है और वहां टिकाव बनाती है, तो हाल ही में सितंबर महीने में छुए गए बहु-महीने के उच्च स्तर से शुरू हुई गिरावट का दायरा और बढ़ सकता है।

यदि मौजूदा समर्थन स्तर टूटता है, तो नीचे की तरफ 78.6% फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर 0.6945 पर स्थित है। इसके बाद अगला प्रमुख और व्यापक ढांचागत निचला स्तर 0.6865 के आसपास दिखाई देता है। वहीं दूसरी ओर, यदि बाजार में रिकवरी आती है, तो ऊपर की तरफ तत्काल रुकावट 38.2% फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर यानी 0.7095 पर देखने को मिलेगी। इसे पार करने के बाद 23.6% रिट्रेसमेंट स्तर 0.7150 के पास एक मजबूत बाधा बनेगा, जिसके बाद चक्र का अगला मुख्य स्तर 0.7237 की ओर लक्षित होगा।

लाइव तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, इस मुद्रा जोड़ी का 14-दिवसीय आरएसआई (RSI) 42 के स्तर पर है, जो हल्का मंदी का संकेत देता है। 20-दिवसीय ईएमए (EMA) 0.7135 पर और 50-दिवसीय ईएमए 0.7107 पर है, जबकि 200-दिवसीय ईएमए 0.6960 पर स्थित है। वहीं 50-दिवसीय एसएमए 0.7092 और 200-दिवसीय एसएमए 0.7016 पर बना हुआ है। बोलिंगर बैंड (0.7077 से 0.7242) के भीतर कीमतें सिमटी हुई हैं। आज का मुख्य पिवट स्तर 0.7097 पर है, जिसमें पहला समर्थन (S1) 0.7074 और दूसरा समर्थन (S2) 0.7059 पर है, जबकि ऊपरी प्रतिरोध R1 0.7112 और R2 0.7136 पर दर्ज है। मुद्रा तुलना मैट्रिक्स के आधार पर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर आज अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की तुलना में न्यूजीलैंड डॉलर के मुकाबले सबसे मजबूत स्थिति में रहा।

## गुरुवार के रोजगार आंकड़े और ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन पर निगाहें
विदेशी मुद्रा व्यापारी फिलहाल किसी आक्रामक दांव से बच रहे हैं क्योंकि गुरुवार को दो अत्यंत महत्वपूर्ण वैश्विक घटनाएं होने जा रही हैं। पहली, ऑस्ट्रेलिया के आधिकारिक श्रम बाजार आंकड़े यानी जॉब्स रिपोर्ट जारी होगी, जो रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के नीतिगत निर्णयों की दिशा तय करेगी।

दूसरी बड़ी घटना वाशिंगटन में होने वाली है, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक उच्च स्तरीय शिखर सम्मेलन में आमने-सामने होंगे। कई महीनों तक व्यापारिक तनाव में आई नरमी के बाद, यह बैठक तय करेगी कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं अपने संघर्ष विराम को आगे बढ़ाएंगी या फिर वैश्विक व्यापार एक नए अनिश्चितता के दौर में प्रवेश करेगा। चूंकि चीन ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, इसलिए ट्रंप-शी बैठक के नतीजे सीधे तौर पर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की किस्मत तय करेंगे।

## अन्य वैश्विक वित्तीय बाजारों का हाल
मुद्रा बाजार के अन्य मोर्चों पर, डॉलर-येन (USD/JPY) एशियाई सत्र के दौरान 157.00 के मध्य स्तर पर कारोबार करता नजर आया। बैंक ऑफ जापान (BoJ) ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है, जो मौद्रिक नीति सामान्यीकरण की दिशा में एक कदम है। हालांकि इस कदम के बावजूद जापानी येन में कमजोरी बनी रही, जबकि अमेरिकी फेड के हॉकिश रुख ने डॉलर को सहारा दिया। येन में किसी आधिकारिक हस्तक्षेप के डर से इस जोड़ी की बढ़त फिलहाल सीमित बनी हुई है।

कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव देखा गया। पीली धातु पिछले कारोबारी सत्र में 4,300 डॉलर के नीचे से दिखाए गए सुधार को आगे बढ़ाने में नाकाम रही और नई बिकवाली का शिकार हुई। अमेरिकी डॉलर के 30 जुलाई के बाद के नए उच्च स्तर पर पहुंचने के कारण बिना ब्याज देने वाली इस सुरक्षित संपत्ति की मांग कमजोर हुई है।

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में कार्डानो (ADA) में सकारात्मक रुख देखने को मिला, जहां यह 0.262 डॉलर के ऊपर कारोबार कर रहा था। इस सप्ताह अब तक इसमें 14% से अधिक की तेजी दर्ज की गई है। ओपन इंटरेस्ट (OI) में वृद्धि, सकारात्मक फंडिंग दरें और व्हेल संचय के संकेतों ने इसके डेरिवेटिव मेट्रिक्स को मजबूत आधार दिया है।

## इसका आप पर असर
मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव से आयात-निर्यात लागत और विदेश यात्रा खर्चों पर सीधा असर पड़ता है।

- **भारत में प्रभाव:** भारतीय आयातकों और विदेशी शिक्षा ले रहे छात्रों के लिए अमेरिकी डॉलर की मजबूती से खर्च बढ़ सकता है। यदि डॉलर के मुकाबले रुपया दबाव में आता है तो अंतरराष्ट्रीय भुगतान महंगे हो जाएंगे।
- **ऑस्ट्रेलियाई डॉलर खरीदारों के लिए:** जो लोग ऑस्ट्रेलिया यात्रा या वहां पढ़ाई की योजना बना रहे हैं, उन्हें AUD के कमजोर होने से थोड़ी राहत मिलेगी। रुपये के मुकाबले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के नरम पड़ने से ट्यूशन फीस और रहने का खर्च अपेक्षाकृत सुलभ हो सकता है।
- **मुद्रा व्यापारियों (ट्रेडर्स) के लिए:** AUD/USD में 0.7100 का स्तर टूटने से शॉर्ट पोजीशन वालों को सतर्क रहना होगा। गुरुवार को आने वाले रोजगार आंकड़े और ट्रंप-शी बैठक से पहले अस्थिरता बढ़ सकती है।
- **वैश्विक निवेशकों के लिए:** अमेरिकी डॉलर में लगातार मजबूती से उभरते बाजारों और गैर-उपज वाली संपत्तियों पर दबाव बना रह सकता है। पोर्टफोलियो में सुरक्षित संपत्तियों का संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में यह गिरावट घरेलू आर्थिक सुस्ती, मौद्रिक नीतियों में अंतर और वैश्विक कूटनीतिक हलचलों के सम्मिलित प्रभाव से हुई है।

- **घरेलू आर्थिक कमजोरी:** ऑस्ट्रेलिया के विनिर्माण क्षेत्र का संकुचन में जाना और सेवा क्षेत्र का धीमा पड़ना गिरावट का मुख्य तात्कालिक कारण बना। इन आंकड़ों ने आरबीए द्वारा आक्रामक दर वृद्धि जारी रखने की उम्मीदों को कमजोर कर दिया।
- **फेडरल रिजर्व का सख्त रुख:** अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों को लेकर सख्त रवैया बनाए रखने से अमेरिकी डॉलर में भारी निवेश प्रवाह देखा गया। इसने प्रतिस्पर्धी मुद्राओं पर सीधा दबाव बनाया।
- **कच्चे तेल में नरमी:** ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई, जिससे मुद्रास्फीति की आशंकाएं कम हुईं लेकिन डॉलर की मजबूती अप्रभावित रही।
- **शिखर सम्मेलन से पहले अनिश्चितता:** वाशिंगटन में होने वाली ट्रंप-शी बैठक से पहले वैश्विक निवेशक जोखिम भरी मुद्राओं से दूरी बनाकर सुरक्षित डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. बुधवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट का मुख्य कारण क्या था?
ऑस्ट्रेलिया के कमजोर पीएमआई आंकड़े, जिनमें मैन्युफैक्चरिंग में संकुचन देखा गया, और अमेरिकी डॉलर की लगातार मजबूती इस गिरावट की मुख्य वजह रही।

### 2. AUD/USD के लिए कौन सा स्तर सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है?
इस जोड़ी के लिए 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज और 0.7100 का स्तर अहम तकनीकी सीमाएं हैं।

### 3. रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) से क्या उम्मीद की जा रही है?
बाजार अगले हफ्ते RBA द्वारा 25 बेसिस पॉइंट्स की ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहा है, हालांकि कमजोर आंकड़ों से आगे की बढ़ोतरी पर संशय है।

### 4. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी की बैठक का क्या महत्व है?
वाशिंगटन में होने वाली यह बैठक तय करेगी कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक युद्धविराम जारी रहेगा या नए तनाव पैदा होंगे, जिसका सीधा असर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर पड़ सकता है।

### 5. बैंक ऑफ जापान (BoJ) ने ब्याज दरों पर क्या निर्णय लिया?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दी है।

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