कमजोर रोजगार आंकड़ों से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट, अमेरिकी डॉलर की सुस्ती ने संभाला ऑस्ट्रेलिया में नौकरियों के निराशाजनक आंकड़ों के बाद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर एक हफ्ते के निचले स्तर पर आ गया है, हालांकि अमेरिकी डॉलर में नरमी ने बड़ी गिरावट को रोक दिया। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर गुरुवार को तेज दबाव देखा गया। ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जारी किए गए ताजा श्रम बाजार आंकड़ों ने निवेशकों को निराश किया, जिसके बाद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की मुद्रा जोड़ी यानी AUD/USD अपने हालिया मासिक उच्च स्तर से फिसलकर एक सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गई। हालांकि, अमेरिकी मुद्रा में आई हालिया सुस्ती ने इस गिरावट को एक सीमित दायरे में बांधे रखा, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बहुत बड़ी गिरावट से बच गया। ऑस्ट्रेलिया में रोजगार परिदृश्य बिगड़ा, ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें कमजोर ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो (ABS) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर महीने में नियोजित व्यक्तियों की संख्या में 39.3K यानी 39,300 की भारी गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट बाजार विश्लेषकों के उस अनुमान के बिल्कुल विपरीत है, जिसमें लगभग 20K यानी 20,000 नई नौकरियों के सृजन की उम्मीद जताई जा रही थी। इससे पिछले महीने अगस्त में 39.5K नौकरियों की बढ़त देखी गई थी, लेकिन सितंबर की भारी गिरावट ने उस पूरी बढ़त को पलट कर रख दिया है। इसके साथ ही देश में बेरोजगारी दर भी अगस्त के 4.6% से मामूली बढ़कर 4.7% पर पहुंच गई है। रोजगार के इस कमजोर परिदृश्य ने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा आने वाले समय में नीतिगत ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी करने की संभावनाओं को बड़ा झटका दिया है। केंद्रीय बैंक द्वारा सख्त मौद्रिक नीति जारी रखने की घटती उम्मीदों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की धारणा को काफी कमजोर कर दिया है, जिसके चलते गुरुवार के एशियाई सत्र के दौरान मुद्रा जोड़ी में बिकवाली का दौर देखने को मिला। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट से डॉलर इंडेक्स पर दबाव एक तरफ जहां घरेलू नौकरियों के आंकड़ों ने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को नीचे खींचा, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने AUD/USD जोड़ी को सहारा देने का काम किया। बुधवार को जारी हुए अमेरिका के गर्म उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI आंकड़ों के बाद अमेरिकी डॉलर अप्रैल 2025 के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि, गुरुवार के कारोबारी सत्र में अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट के चलते डॉलर अपने उस पीक से नीचे फिसल गया। मुद्रा बाजार के प्रतिभागी अब अमेरिकी उत्पादक मूल्य सूचकांक यानी PPI के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जो महंगाई के अगले रुख को स्पष्ट करने में मददगार साबित हो सकते हैं। इसके अलावा, शुक्रवार को फेडरल रिजर्व के चेयरमैन वॉर्श के आगामी भाषण पर भी वैश्विक निवेशकों की निगाहें टिकी हुई हैं, जिससे अमेरिकी ब्याज दर चक्र की दिशा के बारे में ताजा संकेत मिलने की उम्मीद है। AUD/USD का तकनीकी विश्लेषण और अहम सपोर्ट-रेजिस्टेंस स्तर तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो 4-घंटे के टाइमफ्रेम पर AUD/USD का रुझान हल्का मंदी यानी बेयरिश बना हुआ है। यह मुद्रा जोड़ी 100-अवधि के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के नीचे ही सीमित नजर आ रही है। इसके अलावा, हाजिर कीमतें लगभग 0.6960 के स्तर के ठीक नीचे कारोबार कर रही हैं। यह स्तर पहले एक मजबूत अपवर्ड ट्रेंड लाइन सपोर्ट का काम कर रहा था, जो अब टूटकर नजदीकी रेजिस्टेंस में बदल चुका है। जब तक यह जोड़ी इन स्तरों से नीचे बनी रहती है, तब तक किसी भी तेज रिकवरी में रुकावट आ सकती है। वर्तमान में 0.6986 के आसपास मौजूद 100-पीरियड SMA एक शुरुआती प्रतिरोध के रूप में काम कर रहा है। इसके पार जाने पर 0.7015 के पिछले स्विंग हाई के पास मजबूत बाधा देखी जा सकती है। गिरावट की स्थिति में 0.6905 का स्विंग बेस एक महत्वपूर्ण संरचनात्मक सपोर्ट बना हुआ है, जहां बिकवाली बढ़ने पर खरीदार फिर से सक्रिय हो सकते हैं। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, यह जोड़ी 0.6950 के आसपास कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद 0.6985 के मुकाबले 0.51% की गिरावट दर्शाता है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 0.6422 से 0.7277 के बीच रहा है। 14-दिवसीय RSI 38 पर दर्ज किया गया है और तकनीकी संकेतक मौजूदा समय में लॉन्ग-टर्म डाउनट्रेंड की पुष्टि कर रहे हैं। ग्लोबल मार्केट का हाल: जापानी येन, सोना, बिटकॉइन और वॉल स्ट्रीट मुद्रा बाजार के अन्य प्रमुख जोड़ों में भी डॉलर की वापसी का असर दिखा। USD/JPY ने अपने तीन सप्ताह के उच्च स्तर से पुलबैक को आगे बढ़ाया और गुरुवार के एशियाई सत्र में 158.00 के नीचे फिसल गया। जापानी मुद्रा बाजार में इस बात को लेकर सतर्कता बनी हुई है कि अधिकारी येन को संभालने के लिए प्रत्यक्ष हस्तक्षेप कर सकते हैं। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड की नरमी ने डॉलर-येन जोड़ी पर भी बिकवाली का दबाव बनाया। कमोडिटी बाजार में सोने ने अपनी तीन दिन की गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए एशियाई सत्र में मजबूत लिवाली दर्ज की। अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में गिरावट से गैर-ब्याज वाली पीली धातु को गति मिली, हालांकि ऊर्जा की कीमतों से जुड़े महंगाई के जोखिमों के चलते फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाएं अभी भी खत्म नहीं हुई हैं, जिससे सोने की बढ़त सीमित रह सकती है। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्तर $80,000 के आसपास देखा जा रहा है। ग्लासनोड के अनुसार, सितंबर के मजबूत मुद्रास्फीति आंकड़ों ने पूरे डिजिटल एसेट बाजार पर दबाव डाला है। अमेरिकी हेडलाइन CPI में सालाना 3.7% की बढ़ोतरी हुई, जो 3.6% के पूर्वानुमान से अधिक रही, जबकि कोर CPI 2.6% पर आई। दूसरी ओर, बॉन्ड बाजार जून के उत्तरार्ध से ही यह मानकर चल रहा है कि फेडरल रिजर्व 2027 तक दरों में बढ़ोतरी जारी रख सकता है। इसके चलते अधिकांश अमेरिकी इक्विटी बाजारों में गिरावट आई है, हालांकि एसएंडपी 500 इंडेक्स इसलिए संभला हुआ है क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कुछ दिग्गज कंपनियों का उसमें बड़ा भारांक है और उनके शेयरों में व्यापक बाजार जैसी गिरावट नहीं आई है। इसका आप पर असर वैश्विक मुद्रा बाजारों में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की कमजोरी और अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव से विदेशी व्यापार, यात्रा और निवेश की लागत सीधे प्रभावित होती है। • मुद्रा विनिमय दर: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट से ऑस्ट्रेलिया की यात्रा या वहां पढ़ाई का खर्च भारतीय छात्रों और पर्यटकों के लिए थोड़ा सस्ता हो सकता है। यदि आप ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में फीस या यात्रा व्यय का भुगतान कर रहे हैं तो मौजूदा गिरावट का लाभ ले सकते हैं। • आयात-निर्यात कारोबार: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में नरमी से भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया से आयात किए जाने वाले कोयले और कच्चे माल की बिलिंग लागत में मामूली राहत मिल सकती है। निर्यातकों को अपनी हेजिंग रणनीति को मौजूदा विनिमय दरों के अनुसार समायोजित करना होगा। • वैश्विक वित्तीय बाजार: अमेरिकी ब्याज दरों और फेडरल रिजर्व के बयानों से डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निवेशकों को कमोडिटी और इक्विटी आवंटन में संभावित उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए। • क्रिप्टोकरेंसी और गोल्ड: महंगाई के मजबूत आंकड़ों के बीच सोना और बिटकॉइन जैसे एसेट्स में तेज उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। रिटेल निवेशकों को किसी भी नए पोजीशन में सख्त स्टॉप लॉस का पालन करना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ ऑस्ट्रेलिया में रोजगार के कमजोर आंकड़ों और अमेरिका में महंगाई की मिली-जुली परिस्थितियों के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में यह गिरावट देखने को मिली। • श्रम बाजार में अचानक संकुचन: ऑस्ट्रेलिया में सितंबर माह के दौरान 39,300 नौकरियों का नुकसान हुआ, जबकि बाजार 20,000 नई नौकरियों की उम्मीद कर रहा था। इस अप्रत्याशित झटके ने देश के आर्थिक विकास को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। • ब्याज दर वृद्धि की घटती संभावना: बेरोजगारी दर के बढ़कर 4.7% पर पहुंचने से रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव खत्म हो गया है। दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद कमजोर होने से मुद्रा की मांग घट गई। • अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी: अमेरिका के मजबूत महंगाई आंकड़ों के बावजूद अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई, जिससे डॉलर अपने हालिया उच्च स्तर से फिसला और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में और बड़ी गिरावट रुक गई। • आगे की दिशा: बाजार अब आगामी अमेरिकी उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष के बयानों पर नजर बनाए हुए है, जिससे ब्याज दरों की अंतिम दिशा तय होगी। सवाल-जवाब 1. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट की मुख्य वजह क्या है? सितंबर महीने में ऑस्ट्रेलिया में 39,300 नौकरियों की अप्रत्याशित कमी और बेरोजगारी दर का 4.7% तक बढ़ना गिरावट का मुख्य कारण है। 2. रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के रुख पर इसका क्या असर पड़ेगा? कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी करने की संभावना काफी कम हो गई है। 3. अमेरिकी डॉलर की सुस्ती से मुद्रा जोड़ी को क्या सहारा मिला? अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के कारण डॉलर अपने हालिया उच्च स्तर से नीचे फिसला, जिससे AUD/USD में भारी गिरावट सीमित रही। 4. AUD/USD के लिए कौन से महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर हैं? इस जोड़ी के लिए 0.6986 और 0.7015 पर अहम रेजिस्टेंस है, जबकि नीचे की ओर 0.6905 एक महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर बना हुआ है। 5. व्यापारियों की नजर अब किन प्रमुख अमेरिकी आंकड़ों पर है? व्यापारी अब अमेरिकी उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) और फेड चेयरमैन वॉर्श के शुक्रवार को होने वाले भाषण का इंतजार कर रहे हैं। https://trendkia.com/market/kamajora-rojagara-ankaron-se-australian-dollar-men-giravata-us-dollar-ki-susti-ne-snbhala-47666 TrendKia — Har trend, sabse pehle.