# कमजोर अमेरिकी आंकड़ों के बीच मेक्सिकन पेसो मजबूत, 18 के स्तर की ओर फिसला यूएसडी-एमएक्सएन

> कमजोर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और बेहतर वैश्विक जोखिम धारणा के चलते मेक्सिकन पेसो लगातार दूसरे दिन मजबूत हुआ, जिससे यूएसडी-एमएक्सएन फिसलकर 18.08 के करीब आ गया।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/kamajora-us-ankaron-ke-bicha-mexican-peso-majabuta-18-ke-stara-ki-ora-phisala-usd-mxn-43556 · **Language:** Hindi
**Tags:** मेक्सिकन पेसो, यूएसडी एमएक्सएन, विदेशी मुद्रा, अमेरिकी डॉलर, बैंक ऑफ मैक्सिको, आईएमएफ, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में मेक्सिकन पेसो ने अपनी तेजी का सिलसिला लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बनाए रखा है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े नरम आर्थिक आंकड़ों और पिछले शुक्रवार को जारी सामान्य नॉनफार्म पेरोल रिपोर्ट के बाद अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मेक्सिकन पेसो में जोरदार बढ़त देखने को मिली। इस उतार-चढ़ाव के बीच यूएसडी-एमएक्सएन की जोड़ी करीब 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 18.08 के स्तर पर कारोबार करती नजर आई, जबकि इससे पहले दिन के दौरान यह जोड़ी 18.26 के उच्च स्तर तक पहुंच गई थी। निवेशकों का रुख उभरते बाजारों की मुद्राओं की ओर लौटने से पेसो को इस गिरावट से उबरने में मदद मिली है।

## वैश्विक बाजारों में जोखिम धारणा और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का रुख
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद सोमवार को वित्तीय बाजारों में जोखिम लेने की क्षमता यानी रिस्क एपेटाइट में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। हालांकि विवाद के किसी त्वरित कूटनीतिक समाधान की उम्मीदें कमजोर पड़ी हैं, फिर भी वॉल स्ट्रीट पर तकनीकी कंपनियों के मजबूत प्रदर्शन ने पूरे बाजार का मूड सकारात्मक बनाए रखा। अमेरिकी शेयर बाजार में टेक शेयरों की अगुवाई में आई तेजी ने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और मजबूत अमेरिकी डॉलर के असर को पूरी तरह पीछे छोड़ दिया।

अमेरिकी डेट मार्केट में 10-वर्षीय टी-नोट की यील्ड बढ़कर 5.349 प्रतिशत के स्तर तक पहुंची और बाद में 3 आधार अंकों की तेजी के साथ 5.307 प्रतिशत पर टिकी रही। वहीं दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले ग्रीनबैक के प्रदर्शन का आकलन करने वाला यूएस डॉलर इंडेक्स (DXY) 0.23 प्रतिशत की बढ़त लेकर 102.15 के स्तर पर पहुंच गया। व्यापक अमेरिकी आंकड़ों पर नजर डालें तो आईएसएम सर्विसेज सेक्टर की गति में सुस्ती देखी गई, जबकि कीमतों से जुड़ा इनपुट इंडेक्स बढ़कर 74 पर पहुंच गया। इस स्थिति पर आईएसएम की सर्विसेज बिजनेस सर्वे कमेटी के प्रमुख स्टीव मिलर ने स्पष्ट किया कि शुल्क और ईंधन लागत का प्रभाव उन प्राथमिक वजहों में शामिल रहा जिसका उल्लेख सर्वेक्षण में शामिल प्रतिभागियों ने अपनी आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ने वाले असर के रूप में किया है।

## मैक्सिको के घरेलू आर्थिक आंकड़े और आईएमएफ की चेतावनी
मैक्सिको के घरेलू मोर्चे पर जुलाई महीने के लिए ग्रॉस फिक्स्ड इन्वेस्टमेंट के आंकड़े सामने आए। इन आंकड़ों में महीने-दर-महीने आधार पर 1.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो बाजार की उम्मीदों के बिल्कुल अनुरूप रही। यह आंकड़ा पिछले महीने के 1.3 प्रतिशत की तुलना में थोड़ा बेहतर रहा। हालांकि इस आंकड़े से मुद्रा बाजार में बहुत बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला, क्योंकि विदेशी मुद्रा कारोबारी अब गुरुवार को जारी होने वाले उपभोक्ता और उत्पादक स्तर के महंगाई आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। इसके साथ ही बाजार की निगाहें बैंक ऑफ मैक्सिको (बैंक्सिको) की पिछली मौद्रिक नीति बैठक के मिनट्स पर भी टिकी हुई हैं।

इसके समानांतर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने मैक्सिको की वित्तीय स्थिति को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का मानना है कि वर्ष 2026 में राजकोषीय सुदृढ़ीकरण जारी रहने के बावजूद देश को अपने कर्ज के बोझ को कम करने के लिए और अधिक ठोस प्रयासों की जरूरत है। रिपोर्ट के अनुसार 2027 तक मैक्सिको का सार्वजनिक ऋण देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 55 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है, जिसने ऋण स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। आईएमएफ ने अनुमान लगाया है कि मैक्सिको की अर्थव्यवस्था चालू वर्ष में 1.5 प्रतिशत और वर्ष 2027 में 1.8 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। इसके साथ ही संस्था ने रेखांकित किया कि बाहरी झटकों के कारण देश की आर्थिक वृद्धि सीमित हो रही है और बैंक ऑफ मैक्सिको को अपनी मौद्रिक नीति में एक मध्यम और सख्त रुख बनाए रखने की आवश्यकता है।

## दैनिक चार्ट पर तकनीकी विश्लेषण और प्रमुख स्तर
दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो यूएसडी-एमएक्सएन 18.0890 के आसपास कारोबार कर रहा है। यह स्तर 50-दिवसीय, 100-दिवसीय और 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के सम्मिलित क्लस्टर से काफी ऊपर बना हुआ है, जो लगभग 17.2465 के स्तर के करीब स्थित है। यह तकनीकी संरेखण अल्पावधि में तेजी के रुझान को मजबूती से बरकरार रखता है क्योंकि कीमतें अपने प्रमुख ट्रेंड संकेतकों से स्पष्ट रूप से ऊपर टिकी हुई हैं।

हालांकि तकनीकी संकेतकों में 14-पीरियड का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 72.84 के स्तर पर दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा ओवरबॉट स्थिति को दर्शाता है, जिसका अर्थ यह है कि हालिया तेजी काफी खिंच चुकी है और किसी तत्काल बड़े उलटफेर के बजाय कीमतों में एक सुधारात्मक ठहराव या कंसोलिडेशन आने का जोखिम बढ़ रहा है। नीचे की ओर गिरावट आने की स्थिति में 17.25 के आसपास मौजूद तीनों सिंपल मूविंग एवरेज का संगम तत्काल सपोर्ट प्रदान करता है। यदि बिकवाली का दबाव अधिक गहराता है, तो पहले का 16.89 का क्षैतिज डिमांड जोन एक मजबूत रक्षात्मक स्तर साबित होगा। ऊपर की तरफ ऊंचे स्तरों से खिंची गई अवरोही ट्रेंडलाइन प्रतिरोध पैदा कर रही है। जब तक उस अवरोही प्रतिरोध रेखा के ऊपर निर्णायक और निरंतर ब्रेकआउट नहीं मिलता, तब तक नए सिरे से किसी आक्रामक तेजी की संभावना सीमित रहेगी और पिछले उच्च स्तरों के पार जाने पर तकनीकी बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।

## पेसो के मूल्य निर्धारण और केंद्रीय बैंक की भूमिका
लैटिन अमेरिकी मुद्राओं में मेक्सिकन पेसो सबसे अधिक ट्रेड की जाने वाली मुद्रा है। इसकी अंतरराष्ट्रीय वैल्यू व्यापक रूप से मैक्सिको के आर्थिक प्रदर्शन, देश के केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति, आने वाले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और विदेशों में रहने वाले मैक्सिकन नागरिकों द्वारा भेजे जाने वाले रेमिटेंस की मात्रा पर निर्भर करती है, विशेष रूप से अमेरिका से आने वाली धनराशि पर। इसके अतिरिक्त भू-राजनीतिक रुझान भी पेसो की चाल को प्रभावित करते हैं। उदाहरण के लिए नियरशोरिंग की प्रक्रिया, जिसके तहत कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपनी विनिर्माण क्षमता और आपूर्ति श्रृंखला को अपने घरेलू बाजारों के करीब स्थानांतरित करती हैं, पेसो के लिए एक बड़ा सकारात्मक उत्प्रेरक बनकर उभरी है क्योंकि मैक्सिको अमेरिकी महाद्वीप में एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र माना जाता है। कच्चे तेल की कीमतें भी पेसो के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि मैक्सिको इस वस्तु का एक प्रमुख निर्यातक देश है।

बैंक ऑफ मैक्सिको (बैंक्सिको) का प्राथमिक उद्देश्य मुद्रास्फीति को अपने 3 प्रतिशत के लक्ष्य के आसपास कम और स्थिर बनाए रखना है, जिसकी सहनशीलता सीमा 2 से 4 प्रतिशत के बीच तय की गई है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को उपयुक्त स्तर पर निर्धारित करता है। जब महंगाई दर बहुत अधिक हो जाती है, तो बैंक्सिको दरों में बढ़ोतरी करता है जिससे उधारी महंगी होती है, घरेलू मांग ठंडी पड़ती है और अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी होती है। ऊंची ब्याज दरें आम तौर पर पेसो के लिए अनुकूल होती हैं क्योंकि वे निवेशकों को बेहतर रिटर्न देती हैं। इसके विपरीत कम ब्याज दरें पेसो को कमजोर करने का काम करती हैं। एक मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था जहां बेरोजगारी कम और विकास दर ऊंची हो, पेसो को मजबूती प्रदान करती है।

एक उभरते बाजार की मुद्रा होने के कारण मेक्सिकन पेसो उस समय सबसे बेहतर प्रदर्शन करती है जब वैश्विक वित्तीय बाजारों में रिस्क-ऑन का माहौल हो यानी जब निवेशकों को समग्र बाजार जोखिम कम महसूस होते हैं और वे अधिक रिटर्न देने वाले परिसंपत्ति वर्गों में पूंजी लगाने को उत्सुक होते हैं। इसके विपरीत जब वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल या आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक जोखिम भरे विकल्पों को बेचकर सुरक्षित ठिकानों का रुख करते हैं, जिसके चलते पेसो में कमजोरी दर्ज की जाती है।

## अन्य वैश्विक मुद्राओं और कमोडिटी बाजारों की स्थिति
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार के अन्य हिस्सों पर नजर डालें तो एशियाई कारोबारी सत्र की शुरुआत से पहले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले (AUD/USD) 0.6970 के आसपास अपनी सकारात्मक बढ़त बनाए रखने में सफल रहा। अमेरिकी डॉलर की मजबूती के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने शुक्रवार के रिबाउंड को आगे बढ़ाते हुए 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को फिर से लक्षित किया है। अब निवेशकों की नजरें वेस्टपैक द्वारा जारी किए जाने वाले घरेलू कंज्यूमर कॉन्फिडेंस इंडेक्स पर लगी हुई हैं।

दूसरी ओर जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) ने अपनी शुरुआती गिरावट की भरपाई करते हुए एशियाई सत्र में 158.00 का स्तर फिर से हासिल कर लिया और यह जोड़ी एक सप्ताह पुराने दायरे में ही बनी रही। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें कमजोर पड़ने के बावजूद भू-राजनीतिक अनिश्चितता डॉलर को सहारा दे रही है। हालांकि बैंक ऑफ जापान की ओर से सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदें और संभावित बाजार हस्तक्षेप का जोखिम येन को मजबूती दे सकता है, जिससे इस जोड़ी की बढ़त सीमित रह सकती है।

कमोडिटी बाजार में सोने ने अपनी स्थिरता फिर से हासिल की और यह कीमती धातु 4,150 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के स्तर के करीब पहुंच गई। अमेरिकी डॉलर में निरंतर मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में दोबारा शुरू हुई तेजी के चलते सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया। उधर यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ईसीबी) के सामने मुद्रास्फीति से निपटने की बड़ी चुनौती खड़ी है। सामान्य परिस्थितियों में लक्ष्य से दोगुनी चल रही महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरें बढ़ाना सीधा उपाय होता, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में बॉन्ड बाजार खुद मौद्रिक सख्ती का कुछ हिस्सा पूरा कर रहा है, जिससे ईसीबी के लिए नीतिगत निर्णय लेना अधिक जटिल हो गया है।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मेक्सिकन पेसो की मजबूती अंतरराष्ट्रीय व्यापार, मुद्रा विनिमय दरों और उभरते बाजारों में निवेश करने वाले भारतीय निवेशकों पर सीधा असर डालती है।

- **मुद्रा विनिमय और रेमिटेंस:** अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर में मामूली सुस्ती अन्य उभरती मुद्राओं को स्थिरता प्रदान करती है। जो कारोबारी लैटिन अमेरिकी बाजारों या मेक्सिको से आयात-निर्यात करते हैं, उन्हें अपनी हेजिंग रणनीतियों में इस बदलाव को ध्यान में रखना होगा।
- **वैश्विक निवेश और पोर्टफोलियो:** उभरते बाजारों में जोखिम धारणा सुधरने से विदेशी संस्थागत निवेशक भारत जैसे बाजारों में भी पूंजी आवंटन बढ़ा सकते हैं। भारतीय खुदरा निवेशकों के लिए यह संकेत है कि वैश्विक स्तर पर तकनीकी शेयरों की अगुवाई में जोखिम उठाने की क्षमता अभी बरकरार है।
- **कच्चे तेल और ईंधन की लागत:** मेक्सिको द्वारा तेल निर्यात और अमेरिकी सेवा क्षेत्र में ईंधन लागत के प्रभाव से वैश्विक ऊर्जा कीमतों की दिशा प्रभावित होती है। तेल की कीमतों में किसी भी हलचल का सीधा असर भारत के आयात बिल और घरेलू मुद्रास्फीति पर पड़ सकता है।
- **ब्याज दरें और केंद्रीय बैंक की नीतियां:** आईएमएफ द्वारा सख्त मौद्रिक नीति बनाए रखने की सलाह दर्शाती है कि वैश्विक स्तर पर ऊंची ब्याज दरों का दौर जल्द खत्म नहीं होने वाला है। कर्ज लेने वाले उपभोक्ताओं और कॉरपोरेट्स को आने वाले समय में भी पूंजी की ऊंची लागत के लिए तैयार रहना चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटनाक्रम अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों में नरमी, वैश्विक इक्विटी बाजारों में जोखिम धारणा में सुधार और मेक्सिको की मजबूत घरेलू निवेश गति के मिले-जुले असर के कारण सामने आया है।

- **कमजोर अमेरिकी आर्थिक संकेत:** अमेरिका में शुक्रवार को जारी सामान्य नॉनफार्म पेरोल रिपोर्ट और उसके बाद आईएसएम सर्विसेज सेक्टर में आई सुस्ती ने डॉलर की तेजी पर ब्रेक लगाया। इन आंकड़ों ने यह संकेत दिया कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था की गति कुछ धीमी हो रही है, जिससे डॉलर पर दबाव बढ़ा।
- **वॉल स्ट्रीट पर बेहतर जोखिम धारणा:** पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद अमेरिकी शेयर बाजार में प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखी गई। इस सकारात्मक धारणा ने सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की मांग को कम किया और मेक्सिकन पेसो जैसी उभरते बाजार की मुद्राओं को सहारा दिया।
- **मैक्सिको का स्थिर घरेलू निवेश:** मैक्सिको में जुलाई महीने के ग्रॉस फिक्स्ड इन्वेस्टमेंट के आंकड़े 1.4 प्रतिशत पर रहे, जो उम्मीदों के अनुरूप थे। घरेलू स्तर पर आर्थिक गतिविधियों की इस निरंतरता ने मुद्रा को बुनियादी मजबूती प्रदान की।
- **आईएमएफ की सख्त मौद्रिक नीति की सिफारिश:** अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने सुझाव दिया है कि बाहरी झटकों और 2027 तक सार्वजनिक ऋण 55 प्रतिशत तक पहुंचने के जोखिम के मद्देनजर बैंक ऑफ मैक्सिको को अपनी मौद्रिक नीति सख्त रखनी चाहिए। ऊंची ब्याज दरों की संभावना विदेशी निवेशकों को आकर्षित करती है और मुद्रा को मजबूती देती है।

## सवाल-जवाब

### 1. सोमवार को यूएसडी-एमएक्सएन जोड़ी में कितनी गिरावट दर्ज की गई?
यूएसडी-एमएक्सएन जोड़ी में करीब 0.34 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 18.26 के उच्च स्तर से फिसलकर 18.08 के आसपास आ गई।

### 2. मेक्सिकन पेसो की मजबूती के पीछे मुख्य कारण क्या रहे?
अमेरिका में उम्मीद से कमजोर आर्थिक आंकड़े, पिछले शुक्रवार की सामान्य पेरोल रिपोर्ट और शेयर बाजारों में मजबूत जोखिम धारणा मुख्य कारण रहे।

### 3. आईएमएफ ने मैक्सिको के सार्वजनिक ऋण को लेकर क्या अनुमान जताया है?
आईएमएफ के अनुसार 2027 तक मैक्सिको का सार्वजनिक ऋण देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 55 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।

### 4. मैक्सिको की आर्थिक वृद्धि दर के लिए आईएमएफ का क्या अनुमान है?
आईएमएफ ने मैक्सिको की अर्थव्यवस्था चालू वर्ष में 1.5 प्रतिशत और वर्ष 2027 में 1.8 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान लगाया है।

### 5. तकनीकी चार्ट पर यूएसडी-एमएक्सएन के लिए तत्काल सपोर्ट स्तर क्या हैं?
चार्ट पर 17.25 के आसपास तीन मूविंग एवरेज का संगम तत्काल सपोर्ट है, जिसके बाद 16.89 का स्तर मजबूत मांग क्षेत्र है।

### 6. बैंक ऑफ मैक्सिको (बैंक्सिको) का मुद्रास्फीति लक्ष्य क्या है?
बैंक्सिको का मुख्य लक्ष्य मुद्रास्फीति को 3 प्रतिशत पर बनाए रखना है, जिसकी सहनशीलता सीमा 2 से 4 प्रतिशत के बीच है।

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