कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों से सोने में तेजी, $4,470 के स्तर पर मिलेगी कड़ी रुकावट अमेरिका में ADP रोजगार रिपोर्ट के कमजोर रहने और फेडरल रिजर्व के दरों पर रुख के चलते सोने की कीमतों में $4,470 की ओर सुधार देखा गया है, हालांकि तकनीकी स्तरों पर चुनौतियां बनी हुई हैं। वैश्विक वित्तीय बाजारों में मंदी की बढ़ती आशंकाओं और अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े मिश्रित समष्टि आर्थिक आंकड़ों के बीच अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में एक महत्वपूर्ण मोड़ देखने को मिला है। पिछले कारोबारी सत्रों के दौरान दर्ज किए गए $4,690 प्रति औंस के उच्च स्तर से आई तेज गिरावट के बाद सोने की हाजिर कीमतों (XAU/USD) ने निचले स्तरों से सुधारात्मक बढ़त दर्ज की है। बुधवार के कारोबारी सत्र में $4,380 के निचले स्तर तक गिरने के बाद सोने की कीमतों में जोरदार उछाल आया, जिससे यह बढ़कर सत्र के दौरान $4,440 के स्तर तक पहुंच गया। हालिया लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, सोना लगभग $4,470 प्रति औंस के आसपास स्थिर होकर कारोबार कर रहा है, जो इसके पिछले बंद भाव $4,366 की तुलना में लगभग 2.38 प्रतिशत की ठोस इंट्राडे बढ़त को दर्शाता है। 52 हफ्तों के विस्तृत दायरे में सोने का भाव $3,550 के निचले स्तर से लेकर $5,586 के रिकॉर्ड उच्च स्तर के बीच उतार-चढ़ाव दर्ज करता रहा है, जबकि वर्तमान में कारोबारी वॉल्यूम अपने 20-दिवसीय औसत से 15.85 गुना अधिक बढ़ा हुआ है। इस हालिया रिकवरी का मुख्य श्रेय अमेरिकी प्राइवेट सेक्टर के रोजगार आंकड़ों में आई सुस्ती और फेडरल रिजर्व के नीति निर्माताओं की ओर से मिली सतर्क टिप्पणियों को जाता है, जिन्होंने अमेरिकी डॉलर पर चौतरफा दबाव बना दिया है। हालांकि, तकनीकी चार्ट पर वित्तीय विश्लेषक आगाह कर रहे हैं कि जब तक कीमतें प्रमुख ओवरहेड रेजिस्टेंस जोन को सफलतापूर्वक पार नहीं कर लेतीं, तब तक इस बुलिश रिकवरी का टिकना चुनौतीपूर्ण बना रहेगा। तकनीकी चार्ट विश्लेषण और प्रमुख प्रतिरोध स्तर सोने के मौजूदा तेजी के रुख को आगे बढ़ते हुए सबसे पहले $4,470 प्रति औंस के स्तर पर एक मजबूत तकनीकी रुकावट का सामना करना पड़ेगा, जो कि 31 अगस्त को दर्ज किया गया पिछला उच्चतम स्तर रहा है। यदि बाजार में लिवाली का दबाव बना रहता है और खरीदार इस स्तर के ऊपर कीमतें ले जाने में सफल होते हैं, तो अगला बड़ा तकनीकी रोड़ा 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) पर आएगा, जो वर्तमान में $4,533 (लाइव 200-दिवसीय SMA $4,519) के आसपास स्थित है। जब तक यह 200-दिवसीय मूविंग एवरेज पार नहीं हो जाता, तब तक पिछले हफ्ते के उच्च स्तर $4,690 की ओर फिर से तेजी का रास्ता काफी कठिन माना जा रहा है। लाइव तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) $4,424 पर, 50-दिवसीय EMA $4,346 पर और 200-दिवसीय EMA $4,359 पर कायम है। यद्यपि दीर्घकालिक मूल्य ढांचा अब भी अपट्रेंड में दिखाई देता है, लेकिन 50-दिवसीय EMA का 200-दिवसीय EMA से नीचे होना एक डेथ क्रॉसओवर (Death Cross) संरचना की ओर इशारा करता है, जो अल्पकालिक व्यापारियों को सतर्कता बरतने की सलाह देता है। इसके विपरीत, यदि सर्राफा बाजार में फिर से बिकवाली का दबाव हावी होता है, तो नीचे की तरफ नुकसान के जोखिम काफी गहरे हो सकते हैं। तकनीकी चार्ट पर 14 अगस्त को बना $4,310 का निचला स्तर एक बेहद महत्वपूर्ण सपोर्ट रेखा के रूप में काम कर रहा है। यदि कीमतें इस स्तर को तोड़कर नीचे बंद होती हैं, तो इससे चार्ट पर एक क्लासिक 'हेड एंड शोल्डर्स' (Head and Shoulders) मंदी के पैटर्न की पुष्टि हो जाएगी। इस बियरिश पैटर्न के एक्टिव होते ही सोने में आक्रामक बिकवाली आ सकती है, जो कीमतों को 6 अगस्त के निचले स्तर $4,220 की ओर धकेल सकती है। यदि बिकवाली का यह सिलसिला जारी रहता है, तो जुलाई के अंतिम सप्ताह में देखे गए $4,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर तक भारी गिरावट देखी जा सकती है। वर्तमान में मोमेंटम इंडिकेटर्स भी बहुत अधिक आक्रामक तेजी का समर्थन नहीं कर रहे हैं। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 52 के स्तर पर न्यूट्रल बना हुआ है (लाइव RSI 56 पर है), जबकि मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) शून्य रेखा से नीचे बना हुआ है, जहां MACD लाइन 61.44 और सिग्नल लाइन 85.20 पर है। इसके साथ ही एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (ADX) 24 पर है, जो यह दर्शाता है कि मौजूदा रुझान में गति कम है। जोखिम प्रबंधन के लिए डेली एवरेज ट्रू रेंज (ATR) 82.22 पर दर्ज की गई है, जो दैनिक उतार-चढ़ाव की सीमा को दर्शाती है। अमेरिकी रोजगार आंकड़े, फेड नीतियां और डॉलर का रुख सोने की कीमतों में निचले स्तरों से आई इस सुधारात्मक तेजी का मुख्य उत्प्रेरक अमेरिका से जारी एडीपी (ADP) प्राइवेट पेरोल रिपोर्ट रही है। प्राइवेट सेक्टर में नौकरियों के सृजन के आंकड़े विश्लेषकों के अनुमानों से काफी कमजोर रहे, जिसने अमेरिकी श्रम बाजार में सुस्ती का स्पष्ट संदेश दिया। इस कमजोर डेटा के सार्वजनिक होते ही विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। इसके साथ ही, फेडरल रिजर्व के वरिष्ठ अधिकारी जॉन विलियम्स के बयानों ने ब्याज दरों में निकट भविष्य में आक्रामक बढ़ोतरी की संभावनाओं को खारिज कर दिया। विलियम्स ने संकेत दिया कि केंद्रीय बैंक आगे के मौद्रिक फैसलों में आर्थिक संतुलन को प्राथमिकता देगा। डॉलर इंडेक्स में आई इस नरमी ने विदेशी मुद्राधारकों के लिए डॉलर में मूल्यवर्गित सोने को सस्ता और आकर्षक बना दिया, जिससे सर्राफा बाजार में खरीदारी की नई लहर देखी गई। ऐतिहासिक रूप से सोने का अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड के साथ गहरा विपरीत संबंध रहा है। चूंकि सोना एक बिना यील्ड वाली यानी ब्याज न देने वाली संपत्ति है, इसलिए जब बॉन्ड यील्ड में गिरावट आती है या डॉलर कमजोर होता है, तो अंतरराष्ट्रीय निवेशक सुरक्षित रिटर्न के लिए सोने की ओर आकर्षित होते हैं। इसके अतिरिक्त, सोने का शेयर बाजार जैसी जोखिम भरी संपत्तियों के साथ भी उल्टा correlation देखा जाता है। जब-जब इक्विटी बाजारों में बिकवाली का दौर आता है, निवेशक अपनी पूंजी बचाने के लिए सोने को सुरक्षित ठिकाने के रूप में चुनते हैं। इसके विपरीत, शेयर बाजारों में तेज उछाल सोने की मांग को दबा देता है। हालांकि, मौजूदा माहौल में कच्चे तेल और ईंधन की ऊंची कीमतों से पैदा हुई मुद्रास्फीति की चिंताएं और सितंबर में फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक को लेकर अनिश्चितता के कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को पूरी तरह नीचे गिरने से रोका हुआ है, जिससे सोने का उछाल भी सीमित दायरे में अटका हुआ है। केंद्रीय बैंकों की रिजर्व रणनीतियां और सोने का बुनियादी महत्व सभ्यता के शुरुआती दिनों से ही सोना न केवल आभूषणों और सजावट का प्रतीक रहा है, बल्कि इसने धन के संचय और वैश्विक विनिमय के सबसे प्रामाणिक साधन के रूप में अपनी भूमिका निभाई है। जब भी दुनिया में वित्तीय उथल-पुथल, युद्ध के बादल या मंदी की आशंकाएं गहराती हैं, सोने को दुनिया की सबसे सुरक्षित संपत्ति (Safe-Haven Asset) माना जाता है। किसी भी कागजी मुद्रा की तुलना में सोने की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी भी विशिष्ट देश, सरकार या कॉर्पोरेट संस्था की साख पर निर्भर नहीं करता, इसलिए इसमें डिफ़ॉल्ट का कोई जोखिम नहीं होता। यही कारण है कि इसे बढ़ती महंगाई और घटती मुद्रा दरों के खिलाफ सबसे सटीक हेज माना जाता है। दुनियाभर के केंद्रीय बैंक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय ढांचे में सोने के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण धारक हैं। आर्थिक अनिश्चितता या विदेशी मुद्रा संकट के दौरान अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं की विनिमय दर को स्थिरता प्रदान करने और विदेशी मुद्रा भंडार को विविध बनाने के लिए केंद्रीय बैंक भारी मात्रा में सोना खरीदते हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) के अधिकृत आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने अपने विदेशी मुद्रा भंडार में रिकॉर्ड 1,136 टन सोना जोड़ा था, जिसकी कुल बाजार वैल्यू लगभग $70 बिलियन थी। आधिकारिक रिकॉर्ड रखे जाने की शुरुआत के बाद से यह किसी भी एक कैलेंडर वर्ष में केंद्रीय बैंकों द्वारा की गई अब तक की सबसे बड़ी रिकॉर्ड खरीदारी थी। चीन, भारत और तुर्की जैसे उभरते हुए विकासशील देशों के केंद्रीय बैंक अपनी अर्थव्यवस्थाओं की संप्रभुता और साख मजबूत करने तथा अमेरिकी डॉलर पर अपनी निर्भरता घटाने के उद्देश्य से तेजी से सोने के भंडार को बढ़ा रहे हैं। वैश्विक मुद्रा बाजार, सेवा क्षेत्र पीएमआई और ऊर्जा बाजार का संकट अमेरिकी डॉलर पर बने दबाव के चलते सोने के अलावा अन्य प्रमुख वैश्विक संपत्तियों और विदेशी मुद्रा बाजारों पर भी गहरा प्रभाव पड़ा है। गुरुवार को यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान USD/JPY मुद्रा जोड़ी में भारी बिकवाली देखी गई और यह खिसककर 157.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे चला गया। निराशाजनक अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के अलावा बैंक ऑफ जापान (BoJ) की ओर से आक्रामक मौद्रिक नीति अपनाने के संकेतों और जापानी अधिकारियों द्वारा मुद्रा बाजार में संभावित हस्तक्षेप के जोखिम ने जापानी येन को मजबूत सहारा दिया है। दूसरी तरफ, एशियाई ट्रेडिंग आवर्स के दौरान AUD/USD की विनिमय दर अपने दो हफ्ते के निचले स्तर से उबरने के बाद 0.7150 से ऊपर स्थिर रहने में कामयाब रही। ऑस्ट्रेलिया के कमजोर व्यापारिक आंकड़ों के झटके को चीन से आए रेटिंगडॉग (RatingDog) सर्विसेज पीएमआई आंकड़ों की मजबूती ने बेअसर कर दिया। हालांकि, मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और सितंबर में फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति से जुड़ी अटकलों के चलते ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की तेजी पर भी अंकुश लगा रहा। अब सभी निवेशकों की निगाहें गुरुवार को 14:00 GMT पर इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट (ISM) द्वारा जारी किए जाने वाले अगस्त सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) आंकड़ों पर टिकी हैं। बाजार विश्लेषकों को उम्मीद है कि यह सूचकांक जुलाई के 54.1 से मामूली सुधरकर 54.3 पर आ सकता है, जो अमेरिकी सेवा क्षेत्र में स्थिरता को दर्शाएगा। इसी बीच, ऊर्जा बाजार से आने वाले संकेत भी व्यापक अर्थव्यवस्था के लिए चिंता बढ़ा रहे हैं। अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड यानी WTI क्रूड ऑयल के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल वायदा का मूल्य अंतर इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है और इसने $102.00 प्रति बैरल का सर्वकालिक इंट्राडे रिकॉर्ड बनाया है। ईंधन रिफाइनिंग की इस भारी लागत और आपूर्ति तंगी के कारण माल ढुलाई महंगी हो सकती है, जो मुद्रास्फीति के दबाव को लंबे समय तक बनाए रखेगी। यह समष्टि आर्थिक स्थिति आने वाले हफ्तों में सोने की कीमतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसका आप पर असर अमेरिकी रोजगार बाजार में नरमी और सोने की कीमतों में सुधार का सीधा असर व्यक्तिगत निवेशकों, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और आभूषण खरीदारों पर पड़ता है। • भारत में: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के महंगे होने से घरेलू सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के भाव में बढ़ोतरी होगी। आभूषण खरीदारों को शादियों के सीजन में ऊंची कीमतें चुकानी पड़ सकती हैं। • निवेशकों के लिए: कमजोर डॉलर और अस्थिर इक्विटी मार्केट के बीच गोल्ड ईटीएफ (ETF) और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड धारकों के पोर्टफोलियो रिटर्न में सुधार देखा जा सकता है। निवेशकों को $4,470 के प्रतिरोध स्तर पर सतर्क रुख अपनाना चाहिए। • विदेशी यात्रियों के लिए: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट आने से विदेश यात्रा करने वाले भारतीयों और विदेशी शिक्षा के लिए डॉलर में भुगतान करने वाले छात्रों को मामूली राहत मिल सकती है। • ऊर्जा और ईंधन उपभोक्ताओं पर: डीजल क्रैक स्प्रेड में रिकॉर्ड तेजी के कारण आने वाले समय में माल ढुलाई और परिवहन लागत बढ़ सकती है, जिससे आम उपभोक्ता वस्तुओं पर महंगाई का दबाव बना रहेगा। सवाल-जवाब 1. सोने की कीमत में हालिया उछाल का मुख्य कारण क्या है? अमेरिका से जारी कमजोर एडीपी रोजगार आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख के ढीले पड़ने से अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ, जिससे सोने की कीमतों में $4,470 की ओर सुधार देखने को मिला। 2. सोने के लिए अगला प्रमुख तकनीकी प्रतिरोध स्तर कौन सा है? सोने के लिए पहला मजबूत प्रतिरोध $4,470 के स्तर पर है, जिसके बाद 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) $4,533 पर एक प्रमुख तकनीकी बाधा बना हुआ है। 3. यदि सोने में बिकवाली लौटती है तो नीचे कौन से सपोर्ट स्तर हैं? गिरावट की स्थिति में पहला महत्वपूर्ण सपोर्ट $4,310 पर है। इस स्तर के टूटने पर कीमतें $4,220 और फिर $4,000 के स्तर तक गिर सकती हैं। 4. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार केंद्रीय बैंकों ने कितना सोना खरीदा है? वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय बैंकों ने 2022 में रिकॉर्ड 1,136 टन सोना अपने भंडार में जोड़ा था, जिसकी अनुमानित वैल्यू $70 बिलियन थी। 5. अमेरिकी डॉलर और सोने की कीमत में क्या संबंध होता है? सोने और अमेरिकी डॉलर के बीच विपरीत संबंध होता है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग और कीमतें बढ़ती हैं। https://trendkia.com/market/kamajora-us-rojagara-ankaron-se-sone-men-teji-4-470-ke-stara-para-milegi-kari-rukavata-27090 TrendKia — Har trend, sabse pehle.