कनाडाई डॉलर पर दबाव, रोजगार और वेतन वृद्धि के आंकड़े बने मुख्य वजह टीडी सिक्योरिटीज के जानकारों के अनुसार अगस्त के कमजोर श्रम आंकड़ों और मजबूत अमेरिकी पेरोल रिपोर्ट के कारण कनाडाई डॉलर पर दबाव बना हुआ है। हालांकि इसके बावजूद बैंक ऑफ कनाडा के नीतिगत नजरिए में कोई बड़ा बदलाव आने की संभावना नहीं है। कनाडाई मुद्रा पर हाल ही में जारी अगस्त के रोजगार आंकड़ों और सुस्त वेतन वृद्धि के कारण दबाव देखा जा रहा है। टीडी सिक्योरिटीज के रणनीतिकारों ने स्पष्ट किया है कि रोजगार गतिशीलता में कमी और सुस्त वेतन वृद्धि के ये आंकड़े आने के बावजूद, बैंक ऑफ कनाडा द्वारा श्रम बाजार के अपने मौजूदा आकलन में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। बुधवार को जारी नीतिगत बयान में केंद्रीय बैंक ने यह माना था कि हालिया सुधारों के बावजूद श्रम की मांग अभी भी सीमित बनी हुई है। वेतन वृद्धि में सुस्ती और महंगाई का जोखिम विश्लेषकों का मानना है कि अगस्त के रोजगार आंकड़ों में आई इस नरमी से हालिया बाजार गतिशीलता कुछ हद तक थमी है। इसके अलावा वेतन वृद्धि में दर्ज की गई सुस्ती से बैंक ऑफ कनाडा को मुद्रास्फीति से जुड़े ऊपर की ओर जोखिमों से निपटने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, कनाडाई श्रम बाजार के मोर्चे पर आए इस नकारात्मक आश्चर्य और इसके उलट अमेरिकी पेरोल रिपोर्ट के अप्रत्याशित रूप से मजबूत रहने का मिला-जुला असर देखने को मिला है। अमेरिकी पेरोल और कैनेडियन डॉलर की चाल अमेरिकी पेरोल आंकड़ों में दर्ज की गई जबरदस्त तेजी और कनाडा की तरफ से आए कमजोर आंकड़ों ने मिलकर उस अस्थायी सहारे को पूरी तरह बेअसर कर दिया जो बैंक ऑफ कनाडा के सख्त रुख से मिला था। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले समय में कनाडाई डॉलर अपने समकक्ष अन्य मुद्राओं के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन कर सकता है। अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों की नीतियों को लेकर बने अनिश्चितता के माहौल के बीच, कैरी ट्रेड निवेशकों के बीच खास पसंद बने हुए हैं, जिससे कनाडाई मुद्रा का आकर्षण धीरे-धीरे कम हो रहा है। वैश्विक मुद्रा बाजार का हाल विस्तृत मुद्रा बाजार में शुक्रवार को एशियाई सत्र के दौरान जापानी येन में जोरदार मजबूती देखने को मिली, जिससे अमरीकी डॉलर के मुकाबले येन अगस्त के मासिक न्यूनतम स्तर से उबरता नजर आया। बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती उम्मीदों और संभावित हस्तक्षेप के चलते जापानी येन को मजबूत आधार मिल रहा है। दूसरी ओर, अमेरिकी बांड यील्ड में आई नरमी के कारण अमेरिकी डॉलर पिछले सत्र के भारी नुकसान को संभालता दिखाई दे रहा है, जिससे व्यापारी अब अमेरिकी एनएफपी रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। अन्य प्रमुख मुद्राओं और जिंसों का प्रदर्शन ऑस्ट्रेलियन डॉलर 0.7200 के स्तर से ऊपर मजबूती के साथ बना हुआ है, जो मई के मध्य के बाद से इसका उच्चतम स्तर है। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के रुख पर अधिक स्पष्टता पाने के लिए बाजार प्रतिभागी अमेरिकी एनएफपी रिपोर्ट के आने का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिकी बांड यील्ड में आई गिरावट के चलते अमेरिकी डॉलर एक हफ्ते से अधिक समय के अपने निचले स्तर के आसपास कमजोर बना हुआ है, जिससे रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के सख्त रुख के बीच ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को लगातार समर्थन मिल रहा है। सोने की कीमतों में तेज गिरावट पीली धातु यानी सोना शुक्रवार को भारी गिरावट का शिकार हुआ, जिससे इसकी दो दिन की रिकवरी पर विराम लग गया। अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल रिपोर्ट के उम्मीद से काफी बेहतर आने के बाद सोने की कीमतों में यह तेज गिरावट दर्ज की गई। इससे एक दिन पहले यानी गुरुवार को सोना थोड़े समय के लिए 4,500 डॉलर के ऊपर निकल गया था और इसमें करीब 2% की तेजी आई थी, लेकिन ताजा आंकड़ों के बाद उस बढ़त का एक बड़ा हिस्सा साफ हो चुका है। तेल बाजार और डीजल की कीमतों का रुख कच्चे तेल का बाजार भले ही पिछले कुछ महीनों के मुकाबले शांत नजर आ रहा हो, लेकिन डीजल बाजार एक बिल्कुल अलग संकेत दे रहा है। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड, यानी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट की तुलना में अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम, हाल ही में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया और इसने इंट्राडे रिकॉर्ड बनाते हुए थोड़ा ही सही, पर 102.00 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को छू लिया। इसका आप पर असर कनाडाई डॉलर में कमजोरी और वैश्विक मुद्रा बाजार के उतार-चढ़ाव का असर आयात-निर्यात, विदेशी यात्रा और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेन-देन पर पड़ सकता है। • भारत में: विदेशी मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी डॉलर तथा अन्य प्रमुख मुद्राओं की चाल से भारतीय आयातकों और वैश्विक निवेशकों को अपनी रणनीतियों में बदलाव करना पड़ सकता है। • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर: कनाडाई डॉलर के कमजोर होने और अमेरिकी पेरोल आंकड़ों के मजबूत रहने से वैश्विक मुद्रा बाजार में कैरी ट्रेड और बॉंड यील्ड की स्थितियों पर सीधा असर पड़ेगा। सवाल-जवाब 1. कनाडाई डॉलर पर दबाव क्यों बना हुआ है? अगस्त के कमजोर श्रम आंकड़ों, धीमी वेतन वृद्धि और मजबूत अमेरिकी पेरोल रिपोर्ट के कारण कनाडाई डॉलर पर दबाव देखा जा रहा है। 2. क्या बैंक ऑफ कनाडा की नीतियों में कोई बदलाव आएगा? टीडी सिक्योरिटीज के अनुसार, कमजोर रोजगार आंकड़ों के बावजूद बैंक ऑफ कनाडा के श्रम बाजार के आकलन में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। 3. सोने की कीमतों में अचानक गिरावट क्यों आई? अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल रिपोर्ट के उम्मीद से काफी मजबूत आने के बाद सोने की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। 4. डीजल बाजार में क्या नया रिकॉर्ड बना है? अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया और इंट्राडे रिकॉर्ड बनाते हुए 102.00 डॉलर के करीब पहुंच गया। https://trendkia.com/market/kanadai-dollar-para-dabava-rojagara-aura-vetana-vriddhi-ke-ankare-bane-mukhya-vajaha-27840 TrendKia — Har trend, sabse pehle.