{
  "type": "article",
  "title": "कर्मचारी का ईमेल हैक होने के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयर गिरे, बैंक ने डेटा सुरक्षा पर दी सफाई",
  "summary": "कर्मचारी का ईमेल खाता हैक होने और डेटा लीक की खबरों के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयरों में गिरावट आई, हालांकि बैंक ने स्पष्ट किया है कि कोर बैंकिंग सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है।",
  "content": "सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख ऋणदाता बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयरों में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारी बिकवाली देखने को मिली। साइबर सुरक्षा से जुड़ी एक घटना में बैंक के एक कर्मचारी का ईमेल खाता हैक होने की बात सामने आने के बाद निवेशकों में चिंता फैल गई। यह मामला तब गरमाया जब इंटरनेट पर बैंक के आंतरिक दस्तावेजों और ग्राहकों से संबंधित गोपनीय फाइलों के लीक होने की खबरें तेजी से फैलने लगीं। इसके जवाब में बैंक ने तुरंत आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी कर स्थिति साफ करने का प्रयास किया है।\n\nशेयर बाजार में गिरावट और कारोबार का हाल\nराष्ट्रीय शेयर बाजार यानी NSE पर 28 जुलाई को सुबह 10:05 बजे बैंक ऑफ बड़ौदा का शेयर 1.50 प्रतिशत या 3.65 रुपये टूटकर 240.35 रुपये पर कारोबार कर रहा था। कारोबारी सत्र की शुरुआत में शेयर 242.80 रुपये पर खुला था और दिन के दौरान इसने 244.70 रुपये के उच्चतम स्तर को छुआ। हालांकि, बिक्री के दबाव के कारण यह निचले स्तर पर जाकर 240.00 रुपये तक फिसल गया। डेटा लीक से जुड़ी चिंताओं ने बाजार के निवेशकों को सतर्क कर दिया, जिसके चलते शेयर पर दबाव बना रहा।\n\nबैंक का आधिकारिक बयान और कोर सेवाओं की स्थिति\nबैंक ऑफ बड़ौदा ने एक आधिकारिक बयान जारी कर यह स्वीकार किया कि उसके एक कर्मचारी का ईमेल खाता अनधिकृत रूप से एक्सेस किया गया था। बैंक ने स्पष्ट किया कि सेंधमारी की यह घटना केवल उस विशिष्ट ईमेल खाते तक ही सीमित थी और इसका बैंक के मुख्य इंफ्रास्ट्रक्चर पर कोई असर नहीं पड़ा है। बैंक प्रबंधन ने ग्राहकों को आश्वस्त किया कि कोर बैंकिंग सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित और अप्रभावित है। बैंक की दैनिक गतिविधियां जैसे पैसे जमा करना, निकासी, फंड ट्रांसफर और खाते की शेष राशि जांचने जैसी सभी सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।\n\nजांच प्रक्रिया और सुरक्षा के कड़े कदम\nसाइबर सुरक्षा तंत्र के बारे में जानकारी देते हुए बैंक ने कहा कि उसकी सुरक्षा प्रणालियों ने इस अनधिकृत पहुंच का तुरंत पता लगा लिया था। घटना की जानकारी मिलते ही इसे रोकने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए गए ताकि आगे कोई डेटा एक्सेस न किया जा सके। बैंक ने इस घटना के पूर्ण प्रभाव का आकलन करने और यह जांचने के लिए एक विस्तृत फोरेंसिक ऑडिट शुरू कर दिया है कि क्या कोई संवेदनशील डेटा लीक हुआ है। इसके अलावा, बैंक संबंधित नियामक संस्थाओं के साथ लगातार संपर्क में है और सभी जरूरी दिशानिर्देशों का पालन कर रहा है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक या भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) की ओर से इस मामले पर कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।\n\nसोशल मीडिया पर लीक दस्तावेजों का दावा और हैकर समूह की चर्चा\nऑनलाइन निगरानी मंचों पर बैंक ऑफ बड़ौदा से जुड़ी कुछ फाइलें सामने आने के बाद साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का ध्यान इस ओर गया। सॉफ्टवेयर इंजीनियर और कैशलेसकंज्यूमर के संस्थापक श्रीकांत लक्ष्मणन ने एक्स पर सार्वजनिक पोस्ट साझा कर दावा किया कि बैंक से संबंधित कुछ नमूना फाइलें ऑनलाइन दिखाई दे रही हैं। इन दावों के अनुसार, लीक हुए दस्तावेजों में शाखाओं की ऑडिट रिपोर्ट, ऋण मूल्यांकन पत्र, आंतरिक पत्राचार, सतर्कता जांच रिपोर्ट और अन्य गोपनीय बैंकिंग रिकॉर्ड शामिल हैं। हालांकि, बैंक ने अभी तक लीक हुए डेटा की मात्रा या प्रकृति की पुष्टि नहीं की है और न ही किसी नियामक ने इन दस्तावेजों की प्रामाणिकता की स्वतंत्र जांच की है। इस बीच, सोशल मीडिया पर ट्रिपलएक्स नामक हैकिंग समूह की संलिप्तता की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन किसी भी समूह ने आधिकारिक तौर पर इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: बैंक ऑफ बड़ौदा के खाताधारक बिना किसी चिंता के जमा, निकासी और फंड ट्रांसफर जैसी अपनी सामान्य बैंकिंग सेवाएं जारी रख सकते हैं क्योंकि कोर बैंकिंग सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है।\n\nनिवेशकों के लिए: शेयर बाजार के निवेशकों को अल्पावधि में व्यापारिक निर्णय लेने से पहले चल रही फोरेंसिक जांच और नियामकों की प्रतिक्रिया पर नज़र रखनी चाहिए।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. 28 जुलाई को बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयरों में क्यों गिरावट आई?\nकर्मचारी के ईमेल खाते में साइबर सेंधमारी और संवेदनशील दस्तावेजों के ऑनलाइन लीक होने के दावों के कारण शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।\n\n2. क्या इस ईमेल हैक से कोर बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुई हैं?\nनहीं, बैंक ने स्पष्ट किया है कि कोर बैंकिंग सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है और जमा, निकासी तथा ट्रांसफर जैसी सामान्य सेवाएं अप्रभावित हैं।\n\n3. ऑनलाइन किस तरह के दस्तावेज लीक होने की खबर सामने आई थी?\nऑनलाइन साझा की गई जानकारियों के अनुसार ब्रांच ऑडिट रिपोर्ट, लोन मूल्यांकन दस्तावेज, आंतरिक संचार और सतर्कता जांच से जुड़े रिकॉर्ड दिखने की बात कही गई।\n\n4. क्या किसी हैकर समूह ने इस साइबर हमले की जिम्मेदारी ली है?\nसोशल मीडिया चर्चाओं में ट्रिपलएक्स नामक हैकिंग समूह का नाम सामने आया था, लेकिन अभी तक किसी भी समूह ने आधिकारिक तौर पर जिम्मेदारी नहीं ली है।",
  "url": "https://trendkia.com/market/karmachari-ka-imela-haika-hone-ke-bada-bank-of-baroda-ke-sheyara-gire-bainka-ne-deta-suraksha-para-di-saphai-11309",
  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-07-28",
  "tags": [
    "बैंक ऑफ बड़ौदा",
    "शेयर बाजार",
    "साइबर सुरक्षा",
    "डेटा लीक",
    "बैंकिंग समाचार",
    "बैंकिंग डेटा",
    "एनएसई"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}