केंद्रीय बैंकों की नीतियों में बदलाव और एनवीडिया के नतीजों पर टिकी बाजार की निगाहें, अमेरिकी डॉलर में बढ़त यूरोपीय और अमेरिकी वित्तीय बाजारों में मौद्रिक नीतियों के अंतर, एनवीडिया के आगामी आय नतीजों, और मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण विदेशी मुद्रा, सोना और क्रिप्टोकरेंसी बाजारों में हलचल देखने को मिल रही है। वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस सप्ताह कई महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े और नीतिगत घटनाक्रम सामने आ रहे हैं, जिससे मुद्रा बाजार, कमोडिटी, क्रिप्टोकरेंसी और शेयर बाजारों में व्यापक हलचल बढ़ गई है। यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) और पोलैंड के नेशनल बैंक (NBP) के बीच ब्याज दरों के भावी रुख को लेकर पैदा हुआ अंतर पोलिश ज़्लॉटी (PLN) की विनिमय दर पर दबाव बना रहा है। वहीं, अमेरिका में व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) मुद्रास्फीति और दूसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) आंकड़ों के पुनरीक्षण के बाद अमेरिकी डॉलर की मजबूती से प्रमुख वैश्विक मुद्राओं, सोने की कीमतों और डिजिटल संपत्तियों में उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। एबीएन एम्रो का विश्लेषण: पोलिश ज़्लॉटी और यूरोपीय मौद्रिक नीति का अंतर एबीएन एम्रो (ABN AMRO) के बाजार विश्लेषकों द्वारा तैयार किए गए नवीनतम अध्ययन के अनुसार, यूरो ज़ोन और पोलैंड में ब्याज दर की अपेक्षाएं EUR/PLN मुद्रा जोड़े की दिशा तय करने में एक प्रमुख कारक रही हैं। नेशनल बैंक ऑफ पोलैंड (NBP) और यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) की नीतियों में अलग-अलग दिशाओं में बढ़ने की बढ़ती उम्मीदों ने EUR/PLN विनिमय दर को ऊपर की ओर धकेला है, जिसका सीधा असर पोलिश ज़्लॉटी में आई कमजोरी के रूप में देखने को मिल रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि दोनों केंद्रीय बैंकों के बीच इस नीतिगत मतभेद को ध्यान में रखते हुए चालू वर्ष के लिए EUR/PLN के पूर्वानुमानों को संशोधित किया गया है। वित्तीय संस्थान का मानना है कि यदि पोलिश केंद्रीय बैंक का बयान अपेक्षा से अधिक नरम (dovish) रहता है, तो EUR/PLN की दर 4.40 के स्तर की ओर बढ़ सकती है। दोनों अर्थव्यवस्थाओं की ब्याज दर रणनीतियों का यह अंतर वैश्विक निवेशकों के लिए करेंसी पेयर में पॉजिशनिंग को प्रभावित कर रहा है। अमेरिकी डॉलर की मजबूती से यूरो और पाउंड पर दबाव विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मजबूत प्रदर्शन के कारण प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं में गिरावट देखी गई है। GBP/USD (केबल) जोड़े ने बुधवार को 1.3600 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आकर अपनी गिरावट की प्रवृत्ति को फिर से शुरू कर दिया है, जिससे मंगलवार को आई क्षणिक तेजी का प्रयास पूरी तरह उलट गया है। पाउंड Sterling में यह वापसी अमेरिकी PCE मुद्रास्फीति और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आंकड़ों के पुनर्मूल्यांकन के बीच डॉलर सूचकांक में दर्ज की गई मजबूती का सीधा परिणाम है। इसी तरह, EUR/USD में भी नुकसान तेज हो गया है और यह मुद्रा जोड़ा बुधवार को 1.1650 के आसपास बहु-दिवसीय निचले स्तरों की ओर फिसल गया। यूरो में यह गिरावट जुलाई महीने के PCE आंकड़ों के जारी होने और Q2 GDP के संशोधित आंकड़ों के सामने आने के बाद ग्रीनबैक (अमेरिकी डॉलर) की ठोस बढ़त के कारण दर्ज की गई है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था के स्थिर आंकड़े और वैश्विक अनिश्चितता डॉलर को सुरक्षित निवेश के रूप में समर्थन दे रहे हैं। सोने की कीमतों में सुधार और बॉन्ड यील्ड का असर कीमती धातुओं के बाजार में सोने पर नया बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। बुलियन की कीमतें मंगलवार को 4,700 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद पीछे हटी हैं और अब 4,600 डॉलर के प्रमुख स्तर को चुनौती दे रही हैं। तीन लगातार कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद सोने की कीमतों में यह करेक्शन देखने को मिला है, जिससे सर्राफा बाजार के व्यापारियों का ध्यान नए समर्थन स्तरों पर केंद्रित हो गया है। अमेरिकी डॉलर में मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (US Treasury yields) में आई तेजी के कारण सोने की कीमतों पर यह दबाव बना हुआ है। ट्रेजरी यील्ड में सुधार होने से निवेशकों का रुझान निश्चित आय वाले साधनों की ओर बढ़ा है, जिससे बिना ब्याज वाली परिसंपत्ति जैसे सोने की मांग में आंशिक कमी आई है। इसके बावजूद, वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच हाजिर बाजार में निवेशकों की नजरें बनी हुई हैं। बिटकॉइन और संस्थागत मांग में मजबूती डिजिटल एसेट और क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन (BTC) की कीमतें बुधवार को हरे निशान में कारोबार कर रही हैं। बिटकॉइन का भाव 78,000 डॉलर के स्तर के ऊपर मजबूती से बना हुआ है, हालांकि इसे 80,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने और अपनी हालिया रिकवरी को आगे बढ़ाने में प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद, बाजार में संस्थागत मांग और फंड फ्लो की स्थिति सकारात्मक दिखाई दे रही है। बाजार आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि ब्लैकरॉक (BlackRock) के टैक्स-डेफर्ड बिटकॉइन-टू-ETF स्वैप वॉल्यूम 5 अरब डॉलर के आंकड़े तक पहुंच गए हैं, जो बड़े निवेशकों और संस्थाओं के निरंतर पूंजी प्रवाह को दर्शाते हैं। संस्थागत निवेशकों द्वारा ईटीएफ (ETF) माध्यमों के जरिए की जा रही यह निरंतर खरीदारी बिटकॉइन को मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच एक मजबूत आधार प्रदान कर रही है। एनवीडिया के तिमाही नतीजे और शेयर बाजार की उम्मीदें वैश्विक शेयर बाजार के निवेशकों की निगाहें आज अमेरिकी बाजार बंद होने के बाद जारी होने वाले एनवीडिया (NVIDIA) के वित्तीय परिणामों पर टिकी हुई हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिपसेट निर्माण क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एनवीडिया से बाजार विश्लेषक एक और रिकॉर्ड तोड़ तिमाही रिपोर्ट पेश किए जाने की उम्मीद जता रहे हैं। बाजार के सर्वसम्मति अनुमानों के अनुसार, एनवीडिया का तिमाही राजस्व 92 अरब डॉलर से अधिक रहने का अनुमान है, जबकि प्रति शेयर आय (EPS) 2.09 डॉलर के स्तर पर आने की संभावना जताई गई है। एनवीडिया के नतीजों का असर न केवल अमेरिकी टेक सेक्टर बल्कि पूरे वैश्विक शेयर बाजारों की धारणा पर पड़ सकता है, क्योंकि AI क्षेत्र में पूंजीगत व्यय की गति इस पर निर्भर करेगी। फेड अध्यक्ष केविन वॉश का जैक्सन होल संबोधन सप्ताह के अंत में वित्तीय जगत का ध्यान फेडरल रिजर्व (Fed) के अध्यक्ष केविन वॉश (Kevin Warsh) पर रहेगा, जो शुक्रवार को प्रतिष्ठित जैक्सन होल (Jackson Hole) आर्थिक सम्मेलन में फेड अध्यक्ष के रूप में अपना पहला भाषण देने जा रहे हैं। वित्तीय बाजारों और दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों में इस संबोधन को लेकर काफी उत्सुकता और सतर्कता देखी जा रही है। निवेशकों की अपेक्षाएं केवल इस सवाल तक सीमित नहीं हैं कि सितंबर की आगामी मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में कटौती होगी या उन्हें स्थिर रखा जाएगा, बल्कि वे भविष्य के मुद्रास्फीति परिदृश्य, श्रम बाजार की स्थिति और फेड की दीर्घकालिक दर नीति के संकेतों पर भी बारीकी से नजर रख रहे हैं। इसका आप पर असर भारत में: अमेरिकी डॉलर में मजबूती और अंतरराष्ट्रीय सोने के दामों में उतार-चढ़ाव से घरेलू सर्राफा बाजार में सोने-चांदी के भाव प्रभावित हो सकते हैं, जिससे ज्वेलरी खरीदारों को अस्थिरता देखने को मिल सकती है। निवेशकों के लिए: एनवीडिया के नतीजे और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत बयानों का सीधा असर वैश्विक शेयर बाजारों और भारतीय आईटी/टेक शेयरों के रुझान पर पड़ेगा। सवाल-जवाब 1. पोलिश ज़्लॉटी (PLN) पर यूरोपीय केंद्रीय बैंक और NBP की नीतियों का क्या असर पड़ रहा है? यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) और नेशनल बैंक ऑफ पोलैंड (NBP) की ब्याज दर नीतियों में अंतर के कारण पोलिश ज़्लॉटी पर दबाव है, जिससे EUR/PLN 4.40 के स्तर की ओर बढ़ सकता है। 2. अमेरिकी डॉलर में तेजी का प्रमुख कारण क्या है? अमेरिका में जारी जुलाई के PCE मुद्रास्फीति आंकड़ों और Q2 GDP के पुनरीक्षण में आर्थिक मजबूती दिखने से अमेरिकी डॉलर को बल मिला है। 3. सोने की कीमतों में हालिया गिरावट क्यों देखी गई है? मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में सुधार के कारण सोने की कीमतें 4,700 डॉलर के उच्चतम स्तर से गिरकर 4,600 डॉलर के करीब कारोबार कर रही हैं। 4. एनवीडिया से इस तिमाही में क्या वित्तीय आंकड़े अपेक्षित हैं? बाजार एनवीडिया से 92 अरब डॉलर से अधिक का राजस्व और $2.09 प्रति शेयर आय (EPS) की उम्मीद कर रहा है। 5. ब्लैकरॉक के बिटकॉइन ईटीएफ स्वैप का आंकड़ा कितना पहुंच गया है? ब्लैकरॉक का टैक्स-डेफर्ड बिटकॉइन-टू-ETF स्वैप वॉल्यूम 5 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंच गया है। https://trendkia.com/market/kendriya-bainkon-ki-nitiyon-men-badalava-aura-nvidia-ke-natijon-para-tiki-bajara-ki-nigahen-us-dollar-men-barhata-22639 TrendKia — Har trend, sabse pehle.