# कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव: एमसीएक्स पर सोना 1.58 लाख के पार, अमेरिकी बॉन्ड बायबैक से हलचल

> 20 अगस्त 2026 को एमसीएक्स पर सोना 250 रुपये बढ़कर 1,58,246 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जबकि चांदी 1 प्रतिशत बढ़कर 2,39,099 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंची। अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा बॉन्ड बायबैक दोगुना करने से यील्ड में गिरावट आई, लेकिन फेड के सख्त मौद्रिक रुख से बढ़त सीमित रही।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/kimati-dhatuon-men-utara-charhava-mcx-para-sona-1-58-lakha-ke-para-us-treasury-bond-buyback-se-halachala-18984 · **Language:** Hindi
**Tags:** एमसीएक्स सोना, एमसीएक्स चांदी, सोने का भाव, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड, फेडरल रिजर्व, कमोडिटी बाजार

20 अगस्त 2026 को भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कीमती धातु बाजारों में मिला-जुला और उतार-चढ़ाव भरा माहौल देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के वायदा भाव में हल्की बढ़त दर्ज की गई और यह दिन के अंत के करीब 250 रुपये बढ़कर 1,58,246 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले शुरुआती कारोबार में सोने ने 1,58,750 रुपये प्रति 10 ग्राम का उच्च स्तर छुआ था। वहीं चांदी के वायदा भाव में अधिक मजबूती देखने को मिली। एमसीएक्स पर चांदी 2,312 रुपये यानी करीब 1 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,39,099 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई, जबकि इसका इंट्राडे हाई 2,41,167 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया था। बाजार में यह हलचल अमेरिकी सरकार की बॉन्ड बायबैक योजना और फेडरल रिजर्व की ओर से मिले सख्त मौद्रिक संकेतों के बीच देखने को मिल रही है।

## घरेलू वायदा बाजार और शुरुआती रुझान
20 अगस्त की सुबह कमोडिटी बाजार में तेजी के साथ शुरुआत हुई थी। एमसीएक्स पर सोने का वायदा भाव 544 रुपये या 0.34 प्रतिशत चढ़कर 1,58,540 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हाजिर सोने की कीमतों में गिरावट के बावजूद घरेलू बाजार में मजबूती बनी रही और भाव अपने दिन के उच्चतम स्तर के करीब रहे।

चांदी में निवेशकों की ओर से जोरदार खरीदारी देखी गई, जिससे इसका प्रदर्शन सोने से बेहतर रहा। 4 सितंबर की एक्सपायरी वाले एमसीएक्स चांदी वायदा में शुरुआती घंटों में 3,400 रुपये की जबरदस्त बढ़त दर्ज की गई और भाव 2,40,200 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गए। इंट्राडे के दौरान चांदी ने 2,41,167 रुपये का स्तर छुआ, जिसके बाद इसमें थोड़ा सुधार हुआ और यह 2.40 लाख रुपये के नीचे आ गई।

एमसीएक्स पर अन्य कमोडिटीज की बात करें तो तांबा और जस्ता जैसी औद्योगिक धातुओं में भी बढ़त दर्ज की गई। हालांकि ऊर्जा बाज़ार में मंदी का रुख देखने को मिला। एमसीएक्स पर नेचुरल गैस वायदा में 1.4 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि कच्चे तेल का वायदा भाव भी लगभग 1 प्रतिशत नीचे गिर गया।

## अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार और बुलियन की स्थिति
ग्लोबल मार्केट में हाजिर सोना बीते दिन की 4 प्रतिशत की बड़ी तेजी के बाद थोड़ा सुस्त नजर आया। हाजिर सोना लगभग 0.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,495 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था, जिससे यह 4,500 डॉलर के स्तर से थोड़ा नीचे आ गया। इससे पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के चलते सोने में भारी तेजी आई थी।

दूसरी ओर हाजिर चांदी में हल्की मजबूती बनी रही। यह 0.3 प्रतिशत से 0.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ 67.19 डॉलर प्रति औंस के ऊपर टिकी रही। ब्याज दरों या यील्ड में कमी आने से बिना ब्याज देने वाली धातुओं जैसे सोने और चांदी को रखने की लागत घट जाती है, जिससे निवेशकों का ध्यान इनकी ओर बढ़ता है।

बाजार की इस चाल पर एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट (वीपी) जतीन त्रिवेदी ने अपनी राय रखी।

> "सुरक्षित निवेश की मांग को बढ़ावा देने वाले भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण सोने में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है," त्रिवेदी ने कहा।

## अमेरिकी ट्रेजरी का बड़ा कदम और बॉन्ड यील्ड में गिरावट
वैश्विक वित्तीय बाजारों में आए इस बदलाव का मुख्य कारण अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की नई घोषणा है। अमेरिकी सरकार ने आने वाले महीनों में 10 साल, 20 साल और 30 साल की परिपक्वता वाले सरकारी बॉन्ड की बायबैक प्रक्रिया को दोगुने से अधिक करने का निर्णय लिया है। स्कॉट बेसेंट ने इस बायबैक कार्यक्रम को बाजार में नकदी बढ़ाने और बॉन्ड मार्केट के असंतुलन को दूर करने वाला एक अहम साधन बताया था।

अगस्त के महीने में अमेरिकी बॉन्ड मार्केट पर काफी दबाव देखा गया था। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कर्ज, बढ़ते बजटीय घाटे और लगातार बनी हुई मुद्रास्फीति की चिंता के कारण दीर्घकालिक उधार लागत काफी बढ़ गई थी। ट्रेजरी विभाग द्वारा बॉन्ड की पुनर्खरीद बढ़ाने के फैसले से बॉन्ड बाजार को तुरंत राहत मिली।

इस फैसले के बाद अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बड़ी गिरावट आई। 10 साल के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 20 महीने के उच्चतम स्तर 4.75 प्रतिशत से गिरकर 4.64 प्रतिशत पर आ गई। इसी तरह 30 साल के बॉन्ड की यील्ड भी 19 साल के रिकॉर्ड स्तर 5.34 प्रतिशत से घटकर 5.2 प्रतिशत के नीचे आ गई। यील्ड में इस गिरावट ने सोने और चांदी की कीमतों को बीते सत्र में मजबूत सहारा दिया था।

## फेडरल रिजर्व की सख्ती और अमेरिकी डॉलर में गिरावट
ट्रेजरी यील्ड में गिरावट के बावजूद कीमती धातुओं की तेजी पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख ने ब्रेक लगाया। फेड की जुलाई बैठक के मिनट्स जारी किए गए, जिसमें अधिकारियों का रुख सख्त यानी हॉकिश नजर आया। मिनट्स से साफ हुआ कि कुछ नीति निर्माताओं ने 2026 में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी का समर्थन किया था ताकि भविष्य में महंगाई के खतरे को रोका जा सके।

फेड की ओर से दरें बढ़ाए जाने के संकेतों ने यह साफ कर दिया कि 2026 में मौद्रिक सख्ती का दौर खत्म नहीं हुआ है। इस वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,500 डॉलर के स्तर को बनाए रखने में असमर्थ रहा और इसमें हल्की गिरावट दर्ज की गई।

इसी बीच अमेरिकी डॉलर में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। डॉलर इंडेक्स गिरकर लगभग 98.8 के स्तर पर आ गया, जो पिछले तीन महीनों का सबसे निचला स्तर है। अमेरिकी सरकार द्वारा बॉन्ड बायबैक का दायरा बढ़ाने से डॉलर पर दबाव बढ़ा, जिससे डॉलर में मूल्यवर्गित कमोडिटीज को समर्थन मिला।

## कच्चे तेल में अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव
ऊर्जा बाजार में भी 20 अगस्त को भारी अस्थिरता देखने को मिली। अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड ऑयल का वायदा भाव 85 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया। हालांकि वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड में तेजी दर्ज की गई और यह 92 डॉलर प्रति बैरल के स्तर की ओर बढ़ता दिखा। वैश्विक स्तर पर गैसोलीन में 2 प्रतिशत और नेचुरल गैस में 1 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

भू-राजनीतिक मोर्चे पर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) बिना किसी नई बातचीत के समाप्त हो गया। हॉरमुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में अनिश्चितता और तनाव बने रहने से आपूर्ति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। इस भू-राजनीतिक तनाव के चलते महंगाई का जोखिम बना हुआ है, जो निवेशकों को सुरक्षित संपत्ति के रूप में सोने की तरफ आकर्षित कर रहा है।

## इसका आप पर असर
- **निवेशकों के लिए:** सोने और चांदी में उतार-चढ़ाव के बीच लंबी अवधि के निवेशकों को अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और फेड के फैसलों पर पैनी नजर रखनी चाहिए।
- **आभूषण खरीदारों के लिए:** एमसीएक्स पर उच्च स्तर के करीब बने भावों के कारण खुदरा बाजार में सोने और चांदी के गहने खरीदने वालों की लागत बढ़ी रहेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. 20 अगस्त 2026 को एमसीएक्स पर सोने और चांदी के बंद भाव क्या रहे?
20 अगस्त को एमसीएक्स पर सोना 250 रुपये चढ़कर 1,58,246 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,312 रुपये बढ़कर 2,39,099 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

### 2. अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में गिरावट क्यों आई?
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा दीर्घकालिक सरकारी बॉन्ड (10, 20 और 30 साल) के बायबैक को दोगुने से अधिक करने की घोषणा के बाद बॉन्ड यील्ड में बड़ी गिरावट आई।

### 3. फेडरल रिजर्व की जुलाई बैठक के मिनट्स में क्या कहा गया?
फेड मिनट्स के अनुसार, कुछ नीति निर्माताओं ने 2026 में महंगाई को रोकने के लिए ब्याज दरों में और बढ़ोतरी का समर्थन किया, जिससे बाजार में मौद्रिक सख्ती का संकेत बना हुआ है।

### 4. अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोने और चांदी की क्या स्थिति रही?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 0.6 प्रतिशत गिरकर 4,495 डॉलर प्रति औंस के करीब आ गया, जबकि हाजिर चांदी 0.3 से 0.4 प्रतिशत बढ़कर 67.19 डॉलर प्रति औंस पर रही।

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