# कॉपर बाजार में आपूर्ति की किल्लत, जून के आंकड़ों में बड़ा घाटा और कम हुआ सरप्लस

> कॉमर्जबैंक की बारबरा लैम्ब्रेच के अनुसार, तांबे के वैश्विक बाजार में आपूर्ति संबंधी बाधाओं और आईसीएसजी के आंकड़ों के कारण कीमतें फिर से ऊपर जा रही हैं।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/kopara-bajara-men-apurti-ki-killata-juna-ke-ankaron-men-bara-ghata-aura-kama-hua-saraplasa-21926 · **Language:** Hindi
**Tags:** कॉपर, कॉमर्जबैंक, आईसीएसजी, एलएमई, कमोडिटी बाजार, तांबा उत्पादन, finance

वैश्विक स्तर पर तांबे की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है, जिसके पीछे मुख्य वजहें आपूर्ति में आ रही रुकावटें और कड़े होते बाजार समीकरण हैं। कॉमर्जबैंक की बारबरा लैम्ब्रेच के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय कॉपर स्टडी ग्रुप यानी आईसीएसजी के ताजा आंकड़े इस बात की तस्दीक करते हैं कि बाजार में तांबे की भारी कमी पैदा हो गई है।

## आईसीएसजी के आंकड़ों से सामने आया घाटा
अंतरराष्ट्रीय कॉपर स्टडी ग्रुप के आंकड़ों के अनुसार, जून के महीने में तांबे के बाजार में बड़े पैमाने पर अंडर-सप्लाई यानी मांग के मुकाबले आपूर्ति की कमी दर्ज की गई। मौसमी रूप से समायोजित करने के बाद यह घाटा करीब 85,000 टन रहा। इस भारी कमी के असर से चालू वर्ष की पहली छमाही का कुल सरप्लस यानी आधिक्य घटकर मात्र 32,000 टन पर आ गया है।

## उत्पादन में बाधाएं और वैश्विक चिंताएं
आसमान छूती चिंताओं के बीच चीन से तांबे के उत्पादन में गिरावट की खबरें आई हैं, और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में बाढ़ के कारण वहां की एक प्रमुख खनन कंपनी को अपने उत्पादन अनुमानों में कटौती करनी पड़ सकती है। इसके अलावा, चिली और कांगो में खानों के उत्पादन में कमजोरी ने भी चिंताएं बढ़ा दी हैं। चीन और कांगो के बाहर खदानों का आउटपुट कमजोर रहने से बाजार पर दबाव और बढ़ गया है।

## एलएमई वारंट और स्टॉक का हाल
लंदन मेटल एक्सचेंज यानी एलएमई पर रद्द किए गए वारंटों को लेकर सामने आई रिपोर्टों ने भी आपूर्ति संकट की आशंकाओं को हवा दे दी है। हालांकि एलएमई के कॉपर स्टॉक में मामूली बढ़ोतरी जरूर दर्ज की गई है, लेकिन एलएमई कॉपर की निकासी के लिए दिए जाने वाले आर्डर 50,000 टन से अधिक बढ़ चुके हैं।

## बाजार का नया रुख
इन तमाम वजहों से तांबे के बाजार में संतुलन काफी तंग हो गया है, जो इस कमोडिटी के लिए अधिक अनुकूल मूल्य वातावरण तैयार कर रहा है। उत्पादन के मोर्चे पर मिल रही लगातार बाधाएं और घटता सरप्लस आने वाले दिनों में कीमतों को और समर्थन दे सकते हैं।

## इसका आप पर असर
**व्यापार और उद्योग पर असर:** कॉपर की कीमतों में तेजी से तांबे पर आधारित उद्योगों जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, निर्माण और ऑटोमोबाइल सेक्टर में लागत बढ़ सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. कॉपर बाजार में अचानक घाटा क्यों दर्ज किया गया है?
जून के महीने में मौसमी रूप से समायोजित 85,000 टन के बड़े घाटे के कारण पहली छमाही का सरप्लस घटकर 32,000 टन रह गया है।

### 2. आईसीएसजी के आंकड़े क्या दर्शाते हैं?
आईसीएसजी के आंकड़े बताते हैं कि बाजार में मांग के मुकाबले तांबे की आपूर्ति काफी कम हो गई है।

### 3. किन देशों में उत्पादन संबंधी समस्याएं आ रही हैं?
चिली, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और चीन में उत्पादन संबंधी बाधाएं और बाढ़ के कारण खनन प्रभावित हुआ है।

### 4. एलएमई स्टॉक और वारंट की क्या स्थिति है?
एलएमई कॉपर स्टॉक में हल्की बढ़त के बावजूद निकासी के लिए आर्डर 50,000 टन से ज्यादा बढ़ गए हैं।

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