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  "type": "article",
  "title": "कोर महंगाई अब भी बहुत ऊंची, फेड अधिकारी ने माना सबसे बड़ी चिंता यही है",
  "summary": "गूल्सबी का कहना है कि महंगाई गलत दिशा में जा रही है और कोर तथा सर्विसेज की कीमतें अब भी बहुत ऊंची हैं, जिससे यही फेड के सामने सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। उन्होंने AI से जुड़े खर्च को लेकर भी आगाह किया।",
  "content": "महंगाई की दिशा अब फेडरल रिजर्व के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन गई है, और गूल्सबी ने इस पर कोई शक नहीं छोड़ा। उनके मुताबिक कीमतें \"गलत दिशा\" में जा रही हैं, और इस वक्त सबसे मुश्किल सवाल यही है कि इस दबाव में कितना हिस्सा कुछ समय का है और कितना लंबे समय तक टिकने वाला।\n\nसर्विसेज महंगाई बड़ी चिंता\nहाल की तेजी का कुछ हिस्सा ऐसे एकबारगी कारणों से हो सकता है जो खुद ही ठंडे पड़ जाते हैं। लेकिन ज्यादा चिपकने वाला और परेशान करने वाला हिस्सा सर्विसेज की महंगाई है, जिसे गूल्सबी ने \"थोड़ा ज्यादा परेशान करने वाला\" बताया। यह वैसा दबाव है जो जल्दी खत्म नहीं होता, इसलिए इसे आसानी से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।\n\nउन्होंने कहा कि ताजा PCE रिपोर्ट \"पूरी तरह नकारात्मक नहीं\" थी। सर्विसेज की तरफ कुछ सुधार के संकेत जरूर दिखे। फिर भी महंगाई उस स्तर से काफी ऊपर बनी हुई है जहां फेड इसे देखना चाहता है, और रिपोर्ट ने इस तस्वीर को ज्यादा नहीं बदला।\n\nकोर महंगाई \"बहुत ज्यादा ऊंची\"\nउतार-चढ़ाव वाली चीजों को हटाकर देखी जाने वाली कोर महंगाई अब भी \"बहुत ज्यादा ऊंची\" है और गलत दिशा में बढ़ रही है। गूल्सबी के लिए यही वजह काफी है कि फेड के दोहरे लक्ष्य में महंगाई वाला हिस्सा इस समय नीति-निर्माताओं के सामने सबसे बड़ी समस्या बना हुआ है।\n\nफॉरवर्ड गाइडेंस पर शक\nगूल्सबी ने कहा कि वे फॉरवर्ड गाइडेंस को लेकर कभी पूरी तरह सहज नहीं रहे और सालों आगे के अनुमानों में खुद को बांध लेना उन्हें पसंद नहीं। हालांकि डॉट प्लॉट से उन्हें कोई दिक्कत नहीं है।\n\nउन्होंने फेड चेयर की उस टास्क फोर्स का समर्थन किया जो डॉट प्लॉट के तरीके में बदलाव के विकल्पों पर विचार कर रही है, और फेड के बयान को ज्यादा साफ और आसान बनाने की कोशिश की भी तारीफ की।\n\nAI तेजी पर चेतावनी\nआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बात करते हुए गूल्सबी ने एक खास खतरे की ओर इशारा किया। अगर बाजार उन उत्पादकता फायदों को अभी से कीमतों में जोड़ने लगे जो अभी आए ही नहीं हैं, और लोग यह मानकर आज ही खर्च करने लगें कि वे फायदे आने वाले हैं, तो अर्थव्यवस्था जरूरत से ज्यादा गरम हो सकती है।\n\nआज के समय में सिर्फ कागजों पर मौजूद मुनाफे के भरोसे खर्च करना ही उन्हें बेचैन करता है, क्योंकि इससे असली फायदा मिलने से पहले ही नई महंगाई का दबाव बन सकता है।\n\nवेतन से पहले चेतावनी क्यों नहीं मिलेगी\nउन्होंने वेतन को शुरुआती संकेत मानने को लेकर भी आगाह किया। उनके मुताबिक वेतन महंगाई का भरोसेमंद अग्रिम संकेतक नहीं है, और हो सकता है कि वेतन बढ़ने से पहले ही कीमतें चढ़ने लगें।\n\nइसका आप पर असर\n• कर्ज लेने और बचत करने वालों के लिए: कोर महंगाई को \"बहुत ज्यादा ऊंची\" बताने वाला फेड का यह बयान दिखाता है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरें घटाने की जल्दी में नहीं है, इसलिए लोन की EMI और जमा पर ब्याज ऊंचे बने रह सकते हैं।\n• निवेशकों के लिए: महंगाई की लगातार चिंता बाजार में बेचैनी बनाए रख सकती है, इसलिए जल्दी दर कटौती की उम्मीद पर लगाए गए दांव में जोखिम ज्यादा है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. गूल्सबी ने महंगाई की दिशा के बारे में क्या कहा?\nउन्होंने कहा कि कीमतें \"गलत दिशा\" में जा रही हैं और यह तय करना मुश्किल है कि दबाव कितना अस्थायी है और कितना टिकने वाला।\n\n2. सर्विसेज की महंगाई ज्यादा चिंता क्यों है?\nक्योंकि यह जल्दी खत्म नहीं होती और गूल्सबी ने इसे \"थोड़ा ज्यादा परेशान करने वाला\" बताया।\n\n3. ताजा PCE रिपोर्ट में क्या दिखा?\nरिपोर्ट \"पूरी तरह नकारात्मक नहीं\" थी और सर्विसेज में कुछ सुधार दिखा, लेकिन महंगाई जरूरी स्तर से काफी ऊपर बनी रही।\n\n4. गूल्सबी के मुताबिक फेड की सबसे बड़ी समस्या क्या है?\nफेड के दोहरे लक्ष्य में महंगाई वाला हिस्सा, क्योंकि कोर महंगाई \"बहुत ज्यादा ऊंची\" और गलत दिशा में बढ़ रही है।\n\n5. डॉट प्लॉट और फॉरवर्ड गाइडेंस पर उनका रुख क्या है?\nवे फॉरवर्ड गाइडेंस को लेकर सहज नहीं हैं, लेकिन डॉट प्लॉट से उन्हें दिक्कत नहीं और इसके बदलाव पर विचार कर रही टास्क फोर्स का उन्होंने समर्थन किया।\n\n6. AI को लेकर उन्होंने किस खतरे की चेतावनी दी?\nअगर बाजार और उपभोक्ता अभी से आने वाले उत्पादकता फायदों के भरोसे खर्च करने लगें, तो अर्थव्यवस्था जरूरत से ज्यादा गरम हो सकती है और महंगाई बढ़ सकती है।\n\n7. क्या वेतन महंगाई का अच्छा संकेतक है?\nनहीं, गूल्सबी के मुताबिक वेतन भरोसेमंद अग्रिम संकेतक नहीं है और कीमतें वेतन बढ़ने से पहले ही चढ़ सकती हैं।",
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  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-06-25",
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    "सर्विसेज महंगाई"
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