लाल निशान पर खुला दलाल स्ट्रीट, सेंसेक्स में 315 अंकों की गिरावट और निफ्टी 24,317 पर फिसला शुक्रवार 14 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी देखी गई, जहां आईटी, मेटल और ऑटो शेयरों में बिकवाली के कारण प्रमुख सूचकांक लाल निशान में आ गए। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 14 अगस्त को हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र की शुरुआत दबाव के साथ हुई। बाजार खुलते ही दलाल स्ट्रीट पर निवेशकों का रुख बिकवाली की ओर दिखाई दिया, जिससे प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती मिनटों में बीएसई सेंसेक्स 315.67 अंक घटकर 77,764.29 के स्तर पर आ गया। वहीं एनएसई निफ्टी 78.40 अंक फिसलकर 24,317.45 पर कारोबार करता दिखा, जो 24,350 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे चला गया। इस मंदी की मुख्य वजह आईटी, ऑटोमोबाइल और मेटल क्षेत्रों से जुड़े शेयरों में देखा गया बिकवाली का माहौल रहा। दिग्गज शेयरों और आईटी सेक्टर पर बिकवाली का असर सेंसेक्स के हीटमैप पर नजर डालें तो बाजार के दिग्गज शेयरों में भारी बिकवाली का असर सीधे सूचकांकों की स्थिति पर पड़ा। मेटल क्षेत्र की प्रमुख कंपनी टाटा स्टील के शेयर में 1.41 प्रतिशत की गिरावट आई, जिससे यह सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों की सूची में शीर्ष पर रहा। इसके अलावा आईटी और बैंकिंग शेयरों में भी बिकवाली हावी रही, जिसमें टेक महिंद्रा 1.27 प्रतिशत, एक्सिस बैंक 1.19 प्रतिशत, इंडिगो 1.18 प्रतिशत और पावरग्रिड 1.11 प्रतिशत तक नीचे गिरकर कारोबार कर रहे थे। दिग्गज कंपनियों में टीसीएस 0.15 प्रतिशत, एचसीएल टेक 0.78 प्रतिशत और रिलायंस इंडस्ट्रीज 0.49 प्रतिशत के नुकसान में रहे, जबकि इंफोसिस 0.01 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ लगभग स्थिर बना रहा। चुनिंदा शेयरों में मजबूती और निफ्टी 50 के टॉप गेनर्स-लूजर्स बाजार में चौतरफा बिकवाली के बावजूद कुछ चुनिंदा कंपनियों के शेयरों ने सूचकांक को सहारा देने की कोशिश की। इटरनल का शेयर 1.27 प्रतिशत चढ़कर ₹322.05 के भाव पर पहुंच गया, जबकि टाइटन कंपनी 0.63 प्रतिशत की मजबूती के साथ ₹5,082.50 पर कारोबार करती दिखी। इनके अलावा अडानी पोर्ट्स 0.44 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस 0.38 प्रतिशत और भारती एयरटेल 0.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ हरे निशान में टिके रहे। निफ्टी 50 सूचकांक की बात करें तो अपोलो हॉस्पिटल 1.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ टॉप गेनर रहा, जिसके बाद इटरनल 0.5 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस 0.48 प्रतिशत, अडानी पोर्ट्स 0.45 प्रतिशत और विप्रो 0.44 प्रतिशत की मजबूती के साथ कारोबार कर रहे थे। इसके विपरीत निफ्टी 50 के सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में टीएमपीवी 4.09 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ सबसे आगे रहा, जिसके बाद हिंडाल्को 1.9 प्रतिशत, मैक्स हेल्थकेयर 1.28 प्रतिशत, जियो फाइनेंशियल 1.02 प्रतिशत और एसबीआई 0.96 प्रतिशत के नुकसान पर दर्ज किए गए। सेक्टोरल सूचकांकों का प्रदर्शन और बाजार का रुझान क्षेत्रवार प्रदर्शन की दृष्टि से कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में लाल बने हुए थे। निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.47 प्रतिशत की गिरावट के साथ 31,305.75 के स्तर पर आ गया। इसी तरह निफ्टी एफएमसीजी में 0.39 प्रतिशत और निफ्टी बैंक में 0.16 प्रतिशत का नुकसान दर्ज किया गया। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी हल्की कमजोरी का रुख बना रहा। हालांकि, मुख्य सूचकांकों में आई गिरावट के बावजूद बाजार की व्यापक चौड़ाई सकारात्मक नजर आई, जहां करीब 1,576 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, 1,185 शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में रहे और 150 शेयर बिना किसी बदलाव के स्थिर बने रहे। इसका आप पर असर भारत में: शेयर बाजार की इस गिरावट का असर सभी घरेलू निवेशकों के पोर्टफोलियो के कुल मूल्य पर देखा जा सकता है। निवेशकों के लिए: आईटी और मेटल शेयरों में कमजोरी के कारण अल्पकालिक ट्रेडर्स को बाजार की गति पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। सवाल-जवाब 1. 14 अगस्त को सेंसेक्स और निफ्टी कितने अंक गिरे? सुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 315.67 अंक गिरकर 77,764.29 पर और एनएसई निफ्टी 78.40 अंक गिरकर 24,317.45 पर आ गया। 2. बाजार में गिरावट का मुख्य कारण क्या रहा? आईटी, ऑटो और मेटल क्षेत्र के प्रमुख शेयरों में बिकवाली के दबाव के कारण सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई। 3. निफ्टी 50 में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयर कौन से थे? निफ्टी 50 में टीएमपीवी में 4.09% की सबसे बड़ी गिरावट आई, इसके बाद हिंडाल्को 1.9% और मैक्स हेल्थकेयर 1.28% टूटे। 4. कौन सा सेक्टोरल सूचकांक बढ़त में रहा? कंज्यूमर ड्यूरेबल्स एकमात्र सेक्टोरल सूचकांक था जो हरे निशान में कारोबार कर रहा था। https://trendkia.com/market/lala-nishana-para-khula-dalal-street-bse-sensex-men-315-ankon-ki-giravata-aura-nse-nifty-24-317-para-phisala-16540 TrendKia — Har trend, sabse pehle.