# भारतीय जीवन बीमा निगम के ओएफएस को पहले दिन जोरदार रिस्पॉन्स, मिले तीगुने से ज्यादा आवेदन

> भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के ऑफर फॉर सेल को लॉन्च के पहले दिन संस्थागत निवेशकों की तरफ से बंपर बोलियां मिलीं। इस बीच शेयर में गिरावट भी दर्ज की गई।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/lic-ofs-ko-pehle-din-mila-subscription-aur-share-gira-13609 · **Language:** Hindi
**Tags:** एलआईसी ओएफएस, भारतीय जीवन बीमा निगम, शेयर बाजार, संस्थागत निवेशक, आईपीओ और ओएफएस

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की शेयर बिक्री योजना को शुरुआती सत्र में ही बाजार की तरफ से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित खंड में इस ओएफएस को 331.86 प्रतिशत यानी तीन गुना से भी अधिक का सब्सक्रिप्शन हासिल हुआ है। मौजूदा प्रक्रिया के तहत देश की केंद्र सरकार संस्थागत खरीदारों के लिए एलआईसी के 28.46 करोड़ से अधिक शेयरों की पेशकश 382 रुपये प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर कर रही है।

 

## संस्थागत निवेशकों की तरफ से 94 करोड़ से ज्यादा शेयरों पर लगी बोलियां
 योग्य संस्थागत खरीदार वर्ग ने 383.84 रुपये प्रति शेयर के इंडिकेटिव प्राइस पर कुल 94.45 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए अपनी बोलियां दर्ज कराईं, जो उनके कोटे के लिए निर्धारित हिस्से का 331.86 प्रतिशत बैठता है। इन बोलियों को जमा कराने की समयसीमा दोपहर 3.30 बजे तक निर्धारित की गई थी। इस श्रेणी में मुख्य तौर पर म्यूचुअल फंड हाउस, विभिन्न बैंक और प्रमुख वित्तीय संस्थान शामिल होते हैं, जिन्होंने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

 

## सामान्य निवेशकों के लिए इस दिन खुलेगी शेयर बिक्री
 इस बड़े ओएफएस में भारतीय जीवन बीमा निगम के शेयर खरीदने के लिए रिटेल निवेशक बुधवार को अपनी बोलियां लगा सकेंगे। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी में सरकार अपनी 6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी यानी 82.22 करोड़ से ज्यादा शेयर बेच रही है। सरकार को इस पूरी प्रक्रिया के जरिए कुल 31,000 करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद है। इस हिस्सेदारी की बिक्री से एलआईसी को तय समयसीमा से पहले ही मिनिमम पब्लिक होल्डिंग के नियमों को पूरा करने में काफी मदद मिलेगी।

 

## प्रवर्तन हिस्सेदारी और समयसीमा से जुड़े नियम
 बाजार नियामक सेबी की तरफ से बीमा कंपनी को कम से कम 10 प्रतिशत पब्लिक शेयरहोल्डिंग के लक्ष्य को पूरा करने के वास्ते 16 मई, 2027 तक का वक्त दिया गया था। इस पेशकश से पहले एलआईसी में सरकार की कुल हिस्सेदारी 96.5 प्रतिशत के स्तर पर बनी हुई है।

 

## शेयर बाजार में गिरावट का रुख
 सार्वजनिक बिक्री के इस घटनाक्रम के बीच मंगलवार को बीमा कंपनी के शेयरों में उल्लेखनीय कमजोरी देखने को मिली। बीएसई पर एलआईसी के शेयर 7.86 प्रतिशत यानी 33.35 रुपये की भारी गिरावट के बाद 391.00 रुपये के स्तर पर बंद हुए। बाजार जानकारों के अनुसार, रियायती मूल्य पर आई इस शेयर बिक्री और तकनीकी डिस्काउंट का असर कंपनी के शेयरों के भाव पर साफ तौर पर दिखाई दिया है।

 

## कारोबारी सत्र के दौरान शेयरों का उतार-चढ़ाव
 सप्ताह के पहले दिन यानी सोमवार को यह बीमा शेयर 424.35 रुपये के बंद भाव पर था, जो मंगलवार को कमजोर शुरुआत के साथ 393.10 रुपये पर खुला। कारोबार के दौरान शेयर ने ऊपर में 402.35 रुपये के इंट्राडे हाई और नीचे में 389.00 रुपये के इंट्राडे लो को छुआ। बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक इस दिग्गज बीमा कंपनी का 52 हफ्तों का उच्च स्तर 468.30 रुपये और न्यूनतम स्तर 361.00 रुपये दर्ज है। मौजूदा भाव के आधार पर कंपनी का कुल मार्केट कैप 4,94,614.82 करोड़ रुपये है।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** एलआईसी ओएफएस में संस्थागत निवेशकों की भारी मांग से सरकारी विनिवेश योजना को बल मिला है, जिसका असर बीमा क्षेत्र के शेयरों पर देखा जा रहा है।
- **निवेशकों के लिए:** खुदरा निवेशकों को बुधवार से इस ओएफएस में भाग लेने का मौका मिल रहा है, जबकि शेयर मूल्य में हालिया गिरावट से निवेशकों को सतर्क रुख अपनाने की जरूरत है।

## सवाल-जवाब

### 1. एलआईसी ओएफएस के पहले दिन संस्थागत निवेशकों को कितना सब्सक्रिप्शन मिला?
संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित श्रेणी में इसे 331.86 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ।

### 2. एलआईसी ओएफएस में खुदरा निवेशक कब बोली लगा सकेंगे?
खुदरा निवेशक बुधवार को इस शेयर बिक्री में अपनी बोलियां लगा सकेंगे।

### 3. सरकार एलआईसी में कुल कितनी हिस्सेदारी बेच रही है?
सरकार देश की इस सबसे बड़ी बीमा कंपनी में 6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी यानी 82.22 करोड़ से ज्यादा शेयर बेच रही है।

### 4. मंगलवार को बीएसई पर एलआईसी का शेयर किस भाव पर बंद हुआ?
मंगलवार को एलआईसी के शेयर 7.86 प्रतिशत की गिरावट के साथ 391.00 रुपये के भाव पर बंद हुए।

### 5. इस ओएफएस से सरकार को कुल कितने पैसे मिलने की उम्मीद है?
इस हिस्सेदारी बिक्री से सरकार को कुल 31,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।

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