मध्य पूर्व में शांति वार्ता की पहल से अमेरिकी डॉलर कमजोर, स्विस फ्रैंक लगातार तीसरे दिन मजबूत राजनयिक वार्ताओं की प्रगति से तेल की कीमतें स्थिर हुईं और सुरक्षित पनाहगाह के तौर पर अमेरिकी डॉलर की मांग घट गई, जिससे स्विस फ्रैंक में लगातार तेजी देखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में शुक्रवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्विस फ्रैंक में लगातार तीसरे कारोबारी दिन मजबूती दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर और स्विस फ्रैंक की विनिमय दर (USD/CHF) गिरकर लगभग 0.8220 के स्तर के आसपास पहुंच गई। वैश्विक वित्तीय बाजारों में जोखिम की भावना में सुधार और मध्य पूर्व क्षेत्र में कूटनीतिक वार्ताओं की नई शुरुआत के कारण सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में अमेरिकी डॉलर की मांग में स्पष्ट कमी आई है, जिसका सीधा असर इस मुद्रा जोड़ी की गिरावट के रूप में देखने को मिल रहा है। राजनयिक प्रयासों से कच्चे तेल में स्थिरता और डॉलर पर दबाव अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेजई से शांति वार्ता को दोबारा शुरू करने के संदर्भ में संपर्क किया है। इस कूटनीतिक पहल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी प्राप्त है। डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात का भी उल्लेख किया कि ईरान को आवश्यक वस्तुओं और चिकित्सा सहायता की सख्त जरूरत है। इन महत्वपूर्ण कूटनीतिक चर्चाओं के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता लौटती दिखी। जब भू-राजनीतिक तनाव में कमी आती है, तो निवेशकों के बीच डॉलर को आपातकालीन सुरक्षित परिसंपत्ति के रूप में थामे रखने का आकर्षण कम होने लगता है, जिससे डॉलर सूचकांक पर बिकवाली का दबाव बढ़ता है। डॉलर के बुनियादी ढांचे और ब्याज दरों पर अर्थशास्त्रियों की राय स्कॉटियाबैंक के रणनीतिकारों ने अमेरिकी डॉलर के जोखिम संतुलन में आए बड़े बदलाव को लेकर चेतावनी जारी की है। स्कॉटियाबैंक के विश्लेषकों का कहना है कि बुनियादी कमजोरी के आधार पर वे अमेरिकी डॉलर में भारी गिरावट का जोखिम देख रहे हैं। रणनीतिकारों के अनुसार व्यापक आर्थिक पृष्ठभूमि अब अमेरिकी डॉलर की हालिया मजबूती को सही नहीं ठहराती। यदि आने वाले नए आर्थिक आंकड़े कमजोर रहे, तो डॉलर के और अधिक लुढ़कने की आशंका बढ़ जाएगी। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीदों में भी बदलाव आ रहा है, जिससे अमेरिकी मुद्रा पर दबाव बना हुआ है। स्विस फ्रैंक का वैश्विक महत्व और सुरक्षित परिसंपत्ति की भूमिका स्विस फ्रैंक (CHF) स्विट्जरलैंड की आधिकारिक मुद्रा है और यह दुनिया की शीर्ष दस सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्राओं में शामिल है। इसका व्यापारिक दायरा इतना बड़ा है कि इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम अक्सर स्विट्जरलैंड की अर्थव्यवस्था के कुल आकार से भी काफी अधिक निकल जाता है। स्विस फ्रैंक का मूल्य सामान्य बाजार भावना, देश के आर्थिक स्वास्थ्य और स्विस नेशनल बैंक (SNB) द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर निर्भर करता है। साल 2011 और 2015 के बीच स्विस फ्रैंक को यूरो के साथ एक निश्चित विनिमय दर (पेग) पर बांधा गया था। जब 2015 में इस पेग को अचानक हटाया गया, तो स्विस फ्रैंक की कीमत में 20 प्रतिशत से अधिक का उछाल आया, जिससे वैश्विक वित्तीय बाजारों में भारी उथल-पुथल मच गई थी। हालांकि अब यह निश्चित खूंटी लागू नहीं है, फिर भी यूरो और स्विस फ्रैंक के बीच का संबंध बेहद गहरा बना हुआ है। कुछ आर्थिक मॉडलों का आकलन है कि यूरो और स्विस फ्रैंक के बीच का सह-संबंध 90 प्रतिशत से भी अधिक है, जो लगभग पूरी तरह एक-दूसरे पर निर्भरता को दर्शाता है, क्योंकि स्विट्जरलैंड अपने व्यापार के लिए पड़ोसी यूरोज़ोन पर भारी निर्भर है। स्विस फ्रैंक को वित्तीय जगत में एक बेहद मजबूत 'सेफ-हेवन' संपत्ति माना जाता है। जब भी वैश्विक बाजारों में तनाव, अनिश्चितता या युद्ध का खतरा पैदा होता है, निवेशक अपने पैसे को सुरक्षित रखने के लिए स्विस फ्रैंक खरीदते हैं। स्विट्जरलैंड की मजबूत आर्थिक स्थिति, बड़ा निर्यात क्षेत्र, केंद्रीय बैंक के पास भारी विदेशी मुद्रा भंडार और अंतरराष्ट्रीय विवादों में लंबे समय से चली आ रही निष्पक्ष राजनीतिक तटस्थता की नीति इस मुद्रा को जोखिम भरे माहौल में पसंदीदा बनाती है। स्विस नेशनल बैंक की मौद्रिक नीति और शून्य प्रतिशत ब्याज दर स्विट्जरलैंड में मौद्रिक नीति की समीक्षा के लिए स्विस नेशनल बैंक साल में केवल चार बार, यानी हर तिमाही में एक बार अपनी बैठक आयोजित करता है, जो कई अन्य बड़े केंद्रीय बैंकों की तुलना में कम है। स्विस केंद्रीय बैंक का लक्ष्य सालाना मुद्रास्फीति दर को 2 प्रतिशत से नीचे बनाए रखना है। जब भी मुद्रास्फीति लक्ष्य से ऊपर जाने का अनुमान होता है, तो बैंक दरों में वृद्धि करता है, जिससे निवेशकों को अधिक रिटर्न मिलता है और फ्रैंक मजबूत होता है। इसके विपरीत कम ब्याज दरें मुद्रा को कमजोर करती हैं। मौजूदा समय में उम्मीद की जा रही है कि स्विस नेशनल बैंक अपनी नीतिगत ब्याज दर को 0 प्रतिशत पर बरकरार रखेगा। स्विट्जरलैंड में मुद्रास्फीति के स्थिर रहने के कारण ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी को 2027 तक टाले जाने का अनुमान है। स्विट्जरलैंड में कम ब्याज दरों के कारण स्विस फ्रैंक एक प्रमुख फंडिंग करेंसी बन जाता है, जिसका इस्तेमाल ट्रेडर उच्च यील्ड वाली मुद्राओं में निवेश करने के लिए फंड जुटाने में करते हैं, जिससे बेहतर रिटर्न की तलाश में दबाव की स्थिति भी बन सकती है। स्विट्जरलैंड के वृहद आर्थिक आंकड़े और बाजार का मिजाज स्विट्जरलैंड के घरेलू आर्थिक आंकड़े स्विस फ्रैंक के मूल्यांकन का आकलन करने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। यद्यपि स्विस अर्थव्यवस्था मोटे तौर पर बहुत स्थिर है, लेकिन आर्थिक वृद्धि, मुद्रास्फीति, चालू खाता घाटा या केंद्रीय बैंक के विदेशी मुद्रा भंडार में कोई भी अचानक परिवर्तन फ्रैंक की कीमतों में हलचल पैदा कर सकता है। मजबूत विकास दर, कम बेरोजगारी और बेहतर कारोबारी विश्वास फ्रैंक को बल देते हैं, जबकि आर्थिक मंदी के संकेत इसे कमजोर कर सकते हैं। चूंकि यूरोपीय संघ स्विट्जरलैंड का मुख्य आर्थिक साझेदार और प्रमुख सहयोगी है, इसलिए यूरोज़ोन की मौद्रिक और आर्थिक स्थिरता स्विस फ्रैंक के भविष्य के लिए भी उतनी ही अनिवार्य है। अन्य वैश्विक संपत्तियों और मुद्राओं का प्रदर्शन शुक्रवार के एशियाई कारोबारी सत्र में केवल स्विस फ्रैंक ही नहीं, बल्कि अन्य प्रमुख मुद्राओं में भी हलचल देखी गई। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर 0.7035 के करीब पहुंच गया। ऑस्ट्रेलिया में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित मुद्रास्फीति के गर्म आंकड़ों ने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को मजबूत कर दिया है। दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी (USD/JPY) भी लगातार तीसरे दिन फिसलकर 157.00 के मध्य स्तर से नीचे आ गई। बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा ब्याज दरों को यथावत रखने के अनुमानित फैसले के बाद यह गिरावट आई। मध्य पूर्व में कूटनीति की उम्मीदों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के कारण अमेरिका और जापान के बीच बॉन्ड प्रतिफल का अंतर घट गया, जिसने जापानी येन को सहारा दिया। कमोडिटी बाजार में सोने की कीमत सप्ताहांत से पहले टूटकर 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गई। अमेरिका में तीसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के मजबूत प्रारंभिक आंकड़ों और सितंबर के व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) मूल्य सूचकांक के गर्म आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा दिसंबर की बैठक में ब्याज दर बढ़ाने की संभावना को बल दिया है, जिससे इस पीली धातु पर बिकवाली का भारी दबाव देखा गया। इसका आप पर असर मुद्रा बाजार में डॉलर की कमजोरी और भू-राजनीतिक तनाव में कमी से वैश्विक व्यापार तथा उपभोक्ता लागतों पर प्रत्यक्ष असर पड़ता है। • कच्चे तेल और ईंधन पर: मध्य पूर्व में कूटनीतिक वार्ताओं से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर हो गई हैं। यदि शांति वार्ताएं सफल रहती हैं, तो वैश्विक स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अचानक होने वाली बढ़ोतरी का जोखिम काफी कम हो जाएगा। • मुद्रा बाजार और व्यापार पर: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्विस फ्रैंक लगातार मजबूत हो रहा है और विनिमय दर 0.8220 के पास आ गई है। सुरक्षित परिसंपत्तियों की मांग घटने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोखिम वाली मुद्राओं और उभरते बाजारों के लिए पूंजी निकासी का दबाव हल्का होता है। • सोने के खरीदारों और निवेशकों पर: सोना 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया है। अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के मजबूत आने से दरें बढ़ने की उम्मीदें बनी हैं, जिससे निकट भविष्य में सोने में नए निवेश से पहले सतर्क रहने की जरूरत है। • विदेशी मुद्रा कर्जदारों पर: स्विट्जरलैंड में ब्याज दरें 0 प्रतिशत पर स्थिर रहने और 2027 तक बढ़ोतरी टलने की संभावना है। यह स्थिति उन वैश्विक वित्तीय संस्थानों के लिए फंडिंग लागत को कम रखती है जो स्विस फ्रैंक में कर्ज लेकर उच्च रिटर्न वाली संपत्तियों में निवेश करते हैं। ऐसा क्यों हुआ मध्य पूर्व में उच्च स्तरीय कूटनीतिक वार्ताओं की शुरुआत और अमेरिकी वृहद आर्थिक संकेतकों के मिले-जुले रुख ने मुद्रा बाजार की दिशा बदल दी है। • राजनयिक बातचीत की शुरुआत: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजई से संपर्क किया, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी मिली। इस कूटनीतिक कदम ने मध्य पूर्व में जारी तनाव को कम करने और तेल की कीमतों को स्थिर करने में सीधी भूमिका निभाई। • सुरक्षित पनाहगाह संपत्तियों से निकासी: शांति वार्ता की उम्मीदों के कारण वैश्विक निवेशकों ने आपातकालीन सुरक्षा के रूप में अमेरिकी डॉलर में पूंजी लगाना कम कर दिया। सुरक्षित संपत्तियों की घटती मांग ने डॉलर सूचकांक को नीचे धकेल दिया और स्विस फ्रैंक जैसी प्रतिद्वंद्वी मुद्राओं को बढ़त दी। • अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का विरोधाभास: तीसरी तिमाही के मजबूत जीडीपी और सितंबर के गर्म पीसीई आंकड़ों ने ब्याज दर में बढ़ोतरी की उम्मीदें जगाई हैं, लेकिन स्कॉटियाबैंक जैसे विश्लेषकों का मानना है कि बुनियादी कमजोरियां डॉलर के वर्तमान स्तर को बनाए रखने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। • स्विस आर्थिक स्थिरता और तटस्थता: स्विट्जरलैंड का बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार, मजबूत निर्यात ढांचा और निष्पक्ष वैश्विक छवि बाजार के उतार-चढ़ाव में स्विस फ्रैंक को स्वाभाविक रूप से मजबूती प्रदान करते हैं। सवाल-जवाब 1. शुक्रवार को USD/CHF किस स्तर पर कारोबार कर रहा था? शुक्रवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान USD/CHF लगभग 0.8220 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। 2. मध्य पूर्व में शांति वार्ता के लिए किसने पहल की? अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी से ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजई से बातचीत की। 3. स्विस नेशनल बैंक से ब्याज दरों को लेकर क्या उम्मीद है? स्विस नेशनल बैंक द्वारा ब्याज दरों को 0 प्रतिशत पर स्थिर रखने की संभावना है और संभावित दर वृद्धि 2027 तक टल सकती है। 4. स्विस फ्रैंक और यूरो के बीच कितना सह-संबंध माना जाता है? आर्थिक मॉडलों के अनुसार दोनों मुद्राओं के बीच 90 प्रतिशत से अधिक का गहरा सह-संबंध माना जाता है। 5. सोने की कीमत किस स्तर से नीचे आ गई है? मजबूत अमेरिकी जीडीपी और मुद्रास्फीति आंकड़ों के चलते सोना 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया। 6. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मजबूती का क्या कारण रहा? ऑस्ट्रेलिया के मजबूत सीपीआई मुद्रास्फीति आंकड़ों ने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीदों को बढ़ाया, जिससे AUD मजबूत हुआ। https://trendkia.com/market/madhya-purva-men-shanti-varta-ki-pahala-se-us-dollar-kamajora-swiss-franc-lagatara-tisare-dina-majabuta-53399 TrendKia — Har trend, sabse pehle.