# महंगाई के मजबूत आंकड़ों से स्विस फ्रैंक सात हफ्तों के शीर्ष पर, अमेरिकी चुनावों के बीच डॉलर पर दबाव

> स्विट्जरलैंड में उपभोक्ता महंगाई दर बढ़कर 1.5 प्रतिशत होने से स्विस फ्रैंक को मजबूती मिली है, जबकि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की अनिश्चितता के कारण डॉलर रक्षात्मक रुख अपनाए हुए है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-11-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/mahngai-ke-majabuta-ankaron-se-swiss-franc-sata-haphton-ke-shirsha-para-us-chunavon-ke-bicha-dollar-para-dabava-55629 · **Language:** Hindi
**Tags:** स्विस फ्रैंक, अमेरिकी डॉलर, विदेशी मुद्रा, महंगाई दर, सोना, अमेरिकी चुनाव

वैश्विक मुद्रा बाजारों में स्विस फ्रैंक ने जोरदार बढ़त दर्ज करते हुए सात सप्ताह के उच्चतम स्तर को छू लिया है, जिसका मुख्य कारण स्विट्जरलैंड के महंगाई आंकड़ों का अनुमान से कहीं अधिक मजबूत रहना है। मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्विस फ्रैंक की विनिमय दर में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया। इस दौरान USD/CHF की जोड़ी 0.8150 के स्तर से ठीक नीचे फिसल गई, जिससे पिछले दो कारोबारी सत्रों के भीतर इसमें 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। यह रुझान ऐसे समय में सामने आया है जब संयुक्त राज्य अमेरिका में महत्वपूर्ण मध्यावधि चुनावों के लिए मतदान चल रहा है, जिससे अमेरिकी मुद्रा पर चौतरफा दबाव महसूस किया जा रहा है।

## स्विट्जरलैंड में महंगाई के अप्रत्याशित आंकड़े
स्विट्जरलैंड के संघीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से मंगलवार को जारी ताजा आंकड़ों ने विश्लेषकों को चौंका दिया है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर अक्टूबर के महीने में 0.2 प्रतिशत की मासिक रफ्तार से बढ़ी, जबकि बाजार इसके स्थिर रहने का अनुमान लगा रहा था। यदि वार्षिक आधार पर तुलना की जाए, तो अक्टूबर में उपभोक्ता महंगाई 1.5 प्रतिशत की वार्षिक दर तक पहुंच गई।

यह आंकड़ा पिछले दो वर्षों से अधिक समय का सबसे उच्चतम स्तर साबित हुआ है। इससे पहले सितंबर के महीने में वार्षिक मुद्रास्फीति 1 प्रतिशत के स्तर पर दर्ज की गई थी। इसके साथ ही, यह ताजा आंकड़ा वित्तीय विश्लेषकों के 1.3 प्रतिशत के आम सहमति वाले अनुमान को भी काफी पीछे छोड़ चुका है। मुद्रास्फीति की इस अप्रत्याशित मजबूती ने निवेशकों के बीच यह धारणा बनाई है कि स्विस नेशनल बैंक को अपनी मौद्रिक नीतियों को लेकर सतर्क रहना पड़ सकता है, जिसने फ्रैंक को व्यापक मजबूती प्रदान की है।

## अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की अनिश्चितता और डॉलर की स्थिति
दूसरी तरफ, अमेरिकी मुद्रा अपने प्रतिद्वंद्वियों के सामने रक्षात्मक स्थिति में घिरी नजर आ रही है। इसका मुख्य कारण मंगलवार को संयुक्त राज्य अमेरिका में जारी मध्यावधि चुनावों को लेकर उपजी राजनीतिक अनिश्चितता है। इन चुनावों में बहुत कुछ दांव पर लगा हुआ है, जहां सीनेट की लगभग एक तिहाई सीटों और प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों के लिए मतदान हो रहा है। इसके अलावा, फ्लोरिडा और ओहियो में उन विशेष सीटों को भरने के लिए मतदान कराया जा रहा है जो अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा पद छोड़ने के बाद खाली हुई हैं।

वित्तीय रणनीतिकारों की नजरें इस राजनीतिक उठापटक पर टिकी हुई हैं। आईएनजी के रणनीतिकारों का मानना है कि वे इन चुनाव नतीजों से मुद्रा बाजार में बड़े संरचनात्मक बदलाव की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। संस्था के अनुसार, रिपब्लिकन पार्टी की एक सामान्य हार को बाजार पहले ही अपनी कीमतों में शामिल कर चुका है। हालांकि, उनका सतर्कता भरा आकलन यह भी है कि यदि डेमोक्रेटिक पार्टी सीनेट और प्रतिनिधि सभा दोनों पर कब्जा करने में सफल हो जाती है, तो डॉलर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। आईएनजी के विश्लेषकों ने इस बात की ओर इशारा किया है कि कड़े नियामकीय नियमों की आशंका कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर असर डाल सकती है, जिससे मुद्रा बाजार में डॉलर प्रभावित हो सकता है। इसके साथ ही सरकारी फंडिंग और कर्ज सीमा जैसे अहम मुद्दों पर नीतिगत गतिरोध का जोखिम भी वित्तीय बाजारों को प्रभावित कर सकता है।

## ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन में हलचल
मुद्रा बाजार के अन्य प्रमुख जोड़ों में भी मंगलवार को भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी (AUD/USD) मंगलवार को लगातार दूसरे दिन कमजोर होकर एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान दो सप्ताह के नए निचले स्तर पर फिसल गई। यह गिरावट रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरों में की गई 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी के तत्काल बाद देखी गई। हालांकि केंद्रीय बैंक का यह फैसला पूरी तरह सर्वसम्मत नहीं था, क्योंकि नीति निर्माता मंडल के तीन सदस्यों ने नीतिगत दरों को 4.60 प्रतिशत पर ही बरकरार रखने के पक्ष में राय दी थी। इस मतभेद ने आगे ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावनाओं को कमजोर कर दिया, जिसने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को नीचे की ओर धकेल दिया।

वहीं दूसरी ओर, डॉलर और जापानी येन (USD/JPY) के बीच का कारोबार एशियाई सत्र में नीचे की ओर खिसकता दिखाई दिया। इसने पिछले कारोबारी सत्र में 158.00 के स्तर तक पहुंची बढ़त के एक हिस्से को गंवा दिया। ईरान से जुड़े कूटनीतिक समाधान की उम्मीदों और अमेरिकी चुनावों से पहले डॉलर के कमजोर पड़ने का असर इस पर दिखा। साथ ही, जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार में हस्तक्षेप के जोखिम ने येन को सहारा दिया, हालांकि बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा अगली दर वृद्धि के समय को लेकर बनी अनिश्चितता ने इस बढ़त को सीमित रखा, जिससे यह जोड़ी एक दायरे में ही सिमटी रही।

## सोने की कीमतों पर दबाव और क्रिप्टो बाजार का हाल
कमोडिटी बाजार में सोने के भाव में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। पीली धातु एशियाई सत्र के दौरान 3,950 डॉलर के स्तर से नीचे खिसक गई, जिससे पिछले सप्ताह एक साल के निचले स्तर से शुरू हुई रिकवरी की रफ्तार थम गई। सोमवार को सामने आए आंकड़ों से पता चला था कि अक्टूबर के दौरान अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र में कारोबारी गतिविधियां लगातार 10वें महीने विस्तारित हुई हैं।

इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट (ISM) का मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई अक्टूबर में बढ़कर 55.5 पर पहुंच गया, जो सितंबर में 54.5 के स्तर पर था और विश्लेषकों के अनुमानों से बेहतर साबित हुआ। इस मजबूत आर्थिक डेटा ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों पर आक्रामक रुख बनाए रखने की उम्मीदों को बल दिया है। अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में आई वापसी और दर कटौती में देरी की आशंकाओं ने गैर-उपज वाले सोने की बिकवाली को तेज कर दिया। उधर डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में कार्डानो (ADA) का मूल्य सुधार के दौर से गुजरता दिखा और यह 0.189 डॉलर के स्तर से नीचे आ गया। महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर गंवाने के बाद डेरिवेटिव्स के मिले-जुले रुझान और ऑन-चेन संकेतकों ने इसके प्रति धारणा को कमजोर बनाए रखा है।

## इसका आप पर असर
वैश्विक मुद्रा बाजार में डॉलर की कमजोरी और अन्य मुद्राओं में उतार-चढ़ाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।

- **मुद्रा विनिमय दर:** अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्विस फ्रैंक मजबूत होने से यूरोप के इस प्रमुख वित्तीय केंद्र में यात्रा और पढ़ाई महंगी होगी। भारतीय छात्रों और यात्रियों को स्विस फ्रैंक खरीदते समय अतिरिक्त बजट का प्रावधान करना पड़ेगा।
- **सोने की कीमतें:** वैश्विक बाजार में सोने के भाव $3,950 से नीचे फिसलने से घरेलू बाजार में भी कीमतों पर दबाव दिखेगा। आभूषण या सोने में निवेश की योजना बना रहे खरीदारों को अल्पकालिक गिरावट का लाभ मिल सकता है।
- **निर्यात और आयात:** डॉलर में उतार-चढ़ाव भारतीय आयातकों और निर्यातकों के बिलिंग मार्जिन को सीधे प्रभावित करता है। कच्चे तेल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के आयातकों को अपनी हेजिंग रणनीति की दोबारा समीक्षा करनी होगी।
- **क्रिप्टो परिसंपत्तियां:** कार्डानो के $0.189 से नीचे जाने से खुदरा डिजिटल टोकन निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। तकनीकी स्तर टूटने के बाद नए खरीदारों को बाजार में स्थिरता आने तक इंतजार करने की सलाह दी जाती है।

## ऐसा क्यों हुआ
स्विट्जरलैंड में बढ़ती महंगाई और अमेरिका के राजनीतिक घटनाक्रम ने प्रमुख परिसंपत्ति वर्गों में यह व्यापक फेरबदल शुरू किया है।

- **स्विट्जरलैंड में महंगाई का दबाव:** अक्टूबर में स्विस उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का बढ़कर 1.5% हो जाना इस उछाल का प्रत्यक्ष कारण बना। अनुमान से अधिक तेज महंगाई ने स्विस केंद्रीय बैंक द्वारा सख्त रुख बनाए रखने की उम्मीद जगा दी।
- **अमेरिकी मध्यावधि चुनाव:** अमेरिकी सीनेट और संसद के चुनाव परिणामों को लेकर निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। नीतिगत गतिरोध और संभावित नियामकीय कड़ाई के अंदेशे ने डॉलर की मांग को कमजोर कर दिया है।
- **मजबूत अमेरिकी विनिर्माण:** अमेरिका के ISM मैन्युफैक्चरिंग सूचकांक के बढ़कर 55.5 पर पहुंचने से फेडरल रिजर्व के दरों को ऊंचा रखने की संभावना मजबूत हुई। इसके चलते बॉन्ड यील्ड बढ़ी और बिना ब्याज वाले सोने में गिरावट आई।
- **ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक का विभाजन:** रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने ब्याज दरें 25 आधार अंक बढ़ाईं लेकिन तीन सदस्यों ने इसका विरोध किया। इस आंतरिक असहमति ने आगे दर वृद्धि की उम्मीदों को धीमा कर दिया।

## सवाल-जवाब

### 1. स्विस फ्रैंक में हालिया तेजी की मुख्य वजह क्या है?
स्विट्जरलैंड में अक्टूबर महीने की वार्षिक महंगाई दर बढ़कर 1.5 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो दो साल का उच्चतम स्तर है और बाजार के 1.3 प्रतिशत के अनुमान से कहीं अधिक है।

### 2. USD/CHF की विनिमय दर में कितनी गिरावट आई है?
यह विनिमय दर घटकर 0.8150 के ठीक नीचे आ गई है, जिससे दो कारोबारी सत्रों के दौरान इसमें 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई है।

### 3. अमेरिकी डॉलर पर इस समय दबाव क्यों बना हुआ है?
अमेरिका में प्रतिनिधि सभा और सीनेट के लिए हो रहे मध्यावधि चुनावों के कारण अनिश्चितता का माहौल है, जिसने डॉलर को रक्षात्मक बना दिया है।

### 4. सोने के भाव में गिरावट क्यों देखी जा रही है?
अमेरिकी विनिर्माण पीएमआई के 55.5 पर आने से अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें ऊंची रखने की आशंका बढ़ी, जिससे सोना $3,950 के नीचे आ गया।

### 5. रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के नीतिगत फैसले में क्या हुआ?
आरबीए ने ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की, लेकिन बोर्ड के तीन सदस्यों ने दरों को 4.60 प्रतिशत पर स्थिर रखने के पक्ष में मत दिया।

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