महंगाई को 2% पर लाने में अब 2028 तक का इंतजार, विलियम्स ने दिए सख्त रुख के संकेत फेड के विलियम्स ने महंगाई के 2% लक्ष्य तक पहुंचने की उम्मीद को 2027 से खिसकाकर 2028 कर दिया है और कहा है कि मौद्रिक नीति मौजूदा माहौल के लिए सही स्थिति में है। फेडरल रिजर्व के 2% महंगाई लक्ष्य तक पहुंचने का रास्ता अब और लंबा हो गया है। विलियम्स ने अपने ताजा बयान में इस लक्ष्य तक पहुंचने की उम्मीद को 2027 से आगे खिसकाकर 2028 कर दिया है, यानी सख्त नीति का दौर अनुमान से ज्यादा वक्त तक चल सकता है। उनका साफ कहना है कि महंगाई को वापस 2% पर लाना फेडरल रिजर्व के लिए बेहद जरूरी बना हुआ है। विलियम्स ने दोहराया कि मौजूदा आर्थिक हालात को देखते हुए मौद्रिक नीति अच्छी स्थिति में है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस साल महंगाई घटकर करीब 3.5% पर आ जाएगी और कीमतों का दबाव समय के साथ धीरे धीरे कम होगा। मध्य पूर्व के तनाव और महंगाई का दबाव विलियम्स ने कहा कि अगर मध्य पूर्व में युद्ध से जुड़ी रुकावटें जल्द सुलझ जाती हैं, तो इससे महंगाई का कुछ दबाव कम हो सकता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने अब तक इस युद्ध के आर्थिक असर के सामने मजबूती दिखाई है। विकास दर और रोजगार पर भरोसा आगे की राह को लेकर विलियम्स का अनुमान है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था करीब 2.25% की रफ्तार से बढ़ेगी और 2028 तक बेरोजगारी दर घटकर 4% पर आ जाएगी। उन्होंने श्रम बाजार को मजबूत बताया और कहा कि अनिश्चितता के बावजूद अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत बनी हुई है। ब्याज दरों के दबाव पर नजर विलियम्स ने भरोसा दिलाया कि स्टैंडिंग रेपो ऑपरेशन ब्याज दरों के दबाव पर लगाम लगाने का एक अहम जरिया बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि फेडरल रिजर्व जरूरत के मुताबिक अपनी रिजर्व प्रबंधन से जुड़ी खरीद में बदलाव करता रहेगा। क्या है इसका मतलब विलियम्स का यह रुख हल्का सख्त माना जा रहा है। 2% लक्ष्य को 2027 से 2028 तक टालने का इशारा यही है कि सख्त नीति लंबे समय तक बनी रह सकती है। नीति को सही स्थिति में बताना, इस साल महंगाई के सिर्फ धीरे धीरे घटकर 3.5% तक आने का अनुमान और विकास व रोजगार बाजार की मजबूती, सब मिलकर यही संकेत देते हैं कि फेडरल रिजर्व कुछ और समय तक ऊंची महंगाई बर्दाश्त करते हुए धीरे धीरे 2% की ओर बढ़ना चाहता है। मध्य पूर्व के युद्ध के जोखिम, स्टैंडिंग रेपो ऑपरेशन और रिजर्व प्रबंधन का जिक्र दिखाता है कि महंगाई के ऊपर जाने और बाजार में ब्याज दरों के दबाव को लेकर सतर्कता बरकरार है, जिससे अमेरिकी डॉलर की ऊंची यील्ड को सहारा मिलता रहेगा। इसका आप पर असर • निवेशकों के लिए: 2% महंगाई लक्ष्य 2028 तक टलने का मतलब है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं, जिससे कर्ज और लोन महंगे बने रह सकते हैं। • आम लोगों के लिए: इस साल महंगाई के सिर्फ धीरे धीरे घटकर करीब 3.5% तक आने का अनुमान है, यानी कीमतों में राहत तुरंत नहीं, बल्कि वक्त के साथ मिलेगी। सवाल-जवाब 1. विलियम्स ने 2% महंगाई लक्ष्य को लेकर क्या कहा? उन्होंने इस लक्ष्य तक पहुंचने की उम्मीद को 2027 से खिसकाकर 2028 कर दिया और इसे हासिल करना बेहद जरूरी बताया। 2. इस साल महंगाई को लेकर क्या अनुमान है? विलियम्स को उम्मीद है कि इस साल महंगाई घटकर करीब 3.5% पर आएगी और दबाव धीरे धीरे कम होगा। 3. अमेरिकी अर्थव्यवस्था की विकास दर का अनुमान क्या है? उनका अनुमान है कि अर्थव्यवस्था करीब 2.25% की रफ्तार से बढ़ेगी और 2028 तक बेरोजगारी दर घटकर 4% रह जाएगी। 4. मध्य पूर्व के तनाव का महंगाई से क्या संबंध है? विलियम्स के मुताबिक अगर युद्ध से जुड़ी रुकावटें जल्द सुलझ जाती हैं, तो महंगाई का कुछ दबाव कम हो सकता है। 5. ब्याज दरों के दबाव को संभालने के लिए फेड क्या इस्तेमाल कर रहा है? विलियम्स ने स्टैंडिंग रेपो ऑपरेशन को अहम जरिया बताया और कहा कि फेड जरूरत के मुताबिक रिजर्व प्रबंधन की खरीद में बदलाव करेगा। https://trendkia.com/market/mahngai-ko-2-para-lane-men-aba-2028-taka-ka-intajara-williams-ne-die-sakhta-rukha-ke-snketa-3051 TrendKia — Har trend, sabse pehle.