मजबूत अमेरिकी डॉलर के दबाव में मध्य और पूर्वी यूरोपीय मुद्राएं, जापानी येन और सोने में भी हलचल तेज अमेरिकी डॉलर में तेजी और प्रमुख केंद्रीय बैंकों के फैसलों के बीच वैश्विक मुद्रा बाजारों में उथल-पुथल जारी है। पोलिश ज़्लॉटी, हंगेरियन फ़ोरिंट और चेक कोरुना दबाव में हैं, जबकि बैंक ऑफ जापान और फेडरल रिजर्व के रुख से जापानी येन और सोने की कीमतों पर सीधा असर देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती से मध्य और पूर्वी यूरोपीय (सीईई) मुद्राओं पर दबाव गहराता दिख रहा है। हाल ही में यूरो और पोलिश ज़्लॉटी (EUR/PLN) में आई तेज उछाल के बाद, जो मंदी के शुरुआती अनुमानों से काफी ज्यादा रही, अब ज़्लॉटी में दोबारा कमजोरी आने से पहले कुछ समय के लिए स्थिरता देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर, यूरो और हंगेरियन फ़ोरिंट (EUR/HUF) की स्थिति अधिक संवेदनशील नजर आ रही है। मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच नेशनल बैंक ऑफ हंगरी (एनबीएच) की आगामी बैठक से पहले इस करेंसी जोड़े में और अधिक बढ़त बनने की संभावना बनी हुई है। यदि हंगरी का केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती रोकने और महंगाई के लक्ष्य को कम करने जैसा सख्त रुख अपनाता है, तो फ़ोरिंट को कुछ सहारा मिल सकता है। चेक नेशनल बैंक की बैठक और कोरुना की स्थिति चेक गणराज्य की मुद्रा कोरुना को लेकर भी बाजार में महत्वपूर्ण हलचल दर्ज की जा रही है। चेक नेशनल बैंक (सीएनबी) की बैठक से ठीक पहले यूरो और चेक कोरुना (EUR/CZK) 24.300 के स्तर से थोड़ा ऊपर कारोबार कर रहा है। वित्तीय बाजारों में चार से अधिक ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदें लगाई जा रही थीं, जिसकी तुलना में आने वाला नीतिगत फैसला नरम रुख वाला साबित हो सकता है। यदि केंद्रीय बैंक की ओर से नरम संदेश जारी किया जाता है और विपरीत वैश्विक कारक हावी रहते हैं, तो यह करेंसी पेयर और ऊपर की ओर रुख कर सकता है। ऐसी स्थिति में आज ही इसके 24.350 के स्तर के पार जाने की संभावना बन सकती है। एशियाई सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन का रुख गुरुवार को एशियाई व्यापार सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) में नए खरीदारों की दिलचस्पी देखी गई, जिसके चलते यह जोड़ी 0.7100 के स्तर को दोबारा हासिल करने में कामयाब रही। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख से प्रेरित डॉलर की तेजी थमने के कारण यह राहत मिली, जिसने डॉलर को जुलाई के अंत के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया था। इसके साथ ही, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (आरबीए) द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों और अमेरिका तथा ईरान के बीच राजनयिक प्रयासों की संभावनाओं ने बाजार में जोखिम लेने की धारणा को सहारा दिया है, जिससे जोखिम-संवेदनशील ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को मजबूती मिली। वहीं अमेरिकी डॉलर और जापानी येन (USD/JPY) ने गुरुवार को एशियाई सत्र में 156.00 के नीचे आई गिरावट को पलट दिया। यह जोड़ी पिछले दिन बने करीब दो सप्ताह के शीर्ष स्तर के बाद अपनी लगातार तीन दिनों की बढ़त की लड़ी को तोड़ने का प्रयास कर रही है। फेडरल रिजर्व की बैठक के बाद सात हफ्तों के उच्च स्तर पर पहुंची डॉलर की रफ्तार फिलहाल रुकी हुई है। दूसरी ओर, बैंक ऑफ जापान (बीओजे) द्वारा नीति सामान्यीकरण की राह पर अधिक सख्त कदम उठाने के संकेतों से जापानी येन को समर्थन मिल रहा है। इस घटनाक्रम ने इस जोड़ी की बढ़त को सीमित रखा है, और बाजार की निगाहें शुक्रवार को आने वाले बैंक ऑफ जापान के नीतिगत फैसले पर टिकी हुई हैं। सोने में सुधार और जापान की वित्तीय नीति में ऐतिहासिक बदलाव कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतें गुरुवार को यूरोपीय सत्र की शुरुआत में दोबारा 4,300 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गईं। हालांकि, यह कीमती धातु अभी भी पिछले दिन दर्ज किए गए छह सप्ताह के निचले स्तर के काफी करीब बनी हुई है। जुलाई के अंत के बाद नए शिखर को छूने के बाद अमेरिकी डॉलर में आई हल्की नरमी ने सोने को सहारा प्रदान किया है। इसके बावजूद, फेडरल रिजर्व का सख्त नीतिगत दृष्टिकोण और पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव सुरक्षित निवेश के रूप में सोने को मजबूती दे रहे हैं, जबकि गैर-उपज वाली इस धातु पर कुछ सीमाएं भी तय कर रहे हैं। जापान की अत्यधिक कम ब्याज दरों ने एक दशक से भी अधिक समय तक दुनिया भर में खरबों डॉलर के वैश्विक निवेश को वित्तपोषित करने में मदद की है। इस व्यवस्था ने जापानी येन को दुनिया के सबसे सस्ते फंडिंग स्रोतों में से एक बना दिया था। जहां दुनिया की अधिकांश प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं ने महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरों में भारी बढ़ोतरी की, वहीं जापान लंबे समय तक वैश्विक अपवाद बना रहा। अब बैंक ऑफ जापान द्वारा इस सप्ताह अपनी मौद्रिक नीति को फिर से कड़ा करने की उम्मीदों के साथ, यह दशकों पुरानी फंडिंग व्यवस्था एक नए दौर में प्रवेश कर सकती है। इसका आप पर असर वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की मजबूती और केंद्रीय बैंकों के फैसलों से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विदेश यात्रा और सोने की कीमतों पर सीधा प्रभाव पड़ता है। • मुद्रा विनिमय पर प्रभाव: डॉलर की मजबूती से गैर-अमेरिकी मुद्राओं में गिरावट आ रही है। इसका मतलब है कि अंतरराष्ट्रीय भुगतान, आयात और विदेश यात्रा के खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। • सोने के खरीदार और निवेशक: सोने की कीमतें 4,300 डॉलर प्रति औंस के आसपास स्थिर होने का प्रयास कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर के रुख और भू-राजनीतिक तनाव के चलते सोने में निवेश करने वालों को निकट अवधि में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। • वैश्विक उधारी और कर्ज: बैंक ऑफ जापान द्वारा मौद्रिक नीति सख्त करने से दशकों पुरानी सस्ती पूंजी की उपलब्धता खत्म हो रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सस्ती दर पर येन उधारी लेने वाले निवेशकों के लिए पूंजी जुटाने की लागत बढ़ सकती है। • विदेशी व्यापार और कमोडिटी: स्थानीय मुद्राओं की कमजोरी से आयात महंगा हो सकता है। केंद्रीय बैंकों द्वारा दरों को लेकर सख्त या नरम संदेशों के आधार पर निर्यातकों और आयातकों को अपनी हेजिंग रणनीति दुरुस्त रखनी होगी। ऐसा क्यों हुआ मुद्रा बाजारों में यह अस्थिरता अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त नीतिगत रुख, प्रमुख केंद्रीय बैंकों के आगामी ब्याज दर फैसलों और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के संयोजन से उत्पन्न हुई है। • फेडरल रिजर्व का रुख और डॉलर की तेजी: फेडरल रिजर्व के सख्त मौद्रिक दृष्टिकोण ने डॉलर इंडेक्स को जुलाई के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया। हालांकि डॉलर की इस रैली में क्षणिक ठहराव आया है, लेकिन इसके उच्च स्तर ने वैश्विक मुद्राओं और सोने पर दबाव बनाए रखा है। • यूरोपीय केंद्रीय बैंकों की आगामी बैठकें: हंगरी के नेशनल बैंक और चेक नेशनल बैंक की आगामी बैठकों से पहले अनिश्चितता बनी हुई है। बाजार में दरों की उम्मीदों और केंद्रीय बैंकों के वास्तविक रुख के बीच का अंतर फ़ोरिंट और कोरुना जैसी मुद्राओं में कमजोरी का कारण बन रहा है। • बैंक ऑफ जापान का नीतिगत बदलाव: बैंक ऑफ जापान द्वारा एक दशक से अधिक समय से जारी बेहद कम ब्याज दरों के दौर को समाप्त कर मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की तैयारी की जा रही है। बाजार में ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदों के चलते जापानी येन में डॉलर के मुकाबले मजबूती देखी जा रही है। • भू-राजनीतिक तनाव और जोखिम धारणा: पश्चिम एशिया में जारी तनाव सुरक्षित संपत्तियों की मांग बनाए हुए है, जबकि अमेरिका-ईरान कूटनीतिक उम्मीदों और ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक की दरों से जुड़े अनुमानों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जैसी जोखिम-संवेदनशील मुद्राओं को सहारा दिया है। सवाल-जवाब 1. यूरो और पोलिश ज़्लॉटी (EUR/PLN) में हाल ही में क्या हलचल देखी गई? EUR/PLN में हाल ही में अनुमान से अधिक तेजी आई थी, जिसके बाद अब ज़्लॉटी में दोबारा कमजोरी आने से पहले कुछ समय के लिए स्थिरता देखने को मिल सकती है। 2. नेशनल बैंक ऑफ हंगरी की बैठक से फ़ोरिंट पर क्या असर पड़ सकता है? यदि हंगेरियन केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती रोकता है और मुद्रास्फीति लक्ष्य को कम करता है, तो फ़ोरिंट को सहारा मिल सकता है, अन्यथा EUR/HUF में बढ़त जारी रहने की संभावना है। 3. चेक नेशनल बैंक की बैठक से पहले EUR/CZK किस स्तर पर कारोबार कर रहा है? EUR/CZK नीतिगत बैठक से ठीक पहले 24.300 के स्तर से थोड़ा ऊपर है और एक नरम नीतिगत संदेश इसे 24.350 के पार पहुंचा सकता है। 4. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) में तेजी का मुख्य कारण क्या रहा? ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7100 के स्तर पर लौटा क्योंकि डॉलर की तेजी थमी और ऑस्ट्रेलिया में ब्याज दरें बढ़ने के अनुमान तथा अमेरिका-ईरान राजनयिक प्रयासों की उम्मीदों ने जोखिम धारणा को सुधारा। 5. बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति से वैश्विक बाजार पर क्या असर पड़ रहा है? जापान ने एक दशक से अधिक समय तक सस्ती फंडिंग उपलब्ध कराई है, लेकिन बैंक ऑफ जापान द्वारा नीति सख्त करने की तैयारी से येन को मजबूती मिल रही है और वैश्विक सस्ती फंडिंग व्यवस्था बदल रही है। 6. सोने की कीमतों की मौजूदा स्थिति क्या है? सोना सुधरकर 4,300 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंचा है, जिसे डॉलर की नरमी और पश्चिम एशिया के तनाव से सहारा मिल रहा है, हालांकि फेड के सख्त रुख से इसकी बढ़त सीमित है। https://trendkia.com/market/majabuta-american-dollar-ke-dabava-men-madhya-aura-purvi-yuropiya-mudraen-japanese-yen-aura-sone-men-bhi-halachala-teja-33701 TrendKia — Har trend, sabse pehle.