मजबूत ब्रिटिश आर्थिक आंकड़ों से पाउंड में आई तेजी, जापानी येन के मुकाबले 208.00 के स्तर पर वापसी ब्रिटेन के संशोधित सकल घरेलू उत्पाद और चालू खाता घाटे में अप्रत्याशित कमी के चलते ब्रिटिश पाउंड ने जापानी येन के मुकाबले मजबूत रिकवरी दर्ज की है। वहीं जापान के औद्योगिक उत्पादन और खुदरा व्यापार में आई कमजोरी ने येन पर दबाव बना दिया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड ने जापानी येन के मुकाबले निचले स्तरों से जबरदस्त वापसी करते हुए 208.00 के अहम आंकड़े को फिर से छू लिया है। कारोबारी सत्र के शुरुआती हिस्से में यह मुद्रा जोड़ी साल के सबसे निचले स्तर 206.89 तक लुढ़क गई थी। ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था से जुड़े ताजा और संशोधित आंकड़ों ने पाउंड को मजबूत सहारा दिया है, जबकि दूसरी ओर जापान से आए बेहद कमजोर आर्थिक आंकड़ों ने येन की धारणा को भारी झटका दिया है। ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में अप्रत्याशित मजबूती के संकेत ब्रिटेन के राष्ट्रीय सांख्यिकी तंत्र की ओर से जारी अंतिम आंकड़ों के मुताबिक, देश की आर्थिक वृद्धि दर दूसरी तिमाही में 0.5 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह आंकड़ा पहले लगाए गए 0.4 प्रतिशत के अनुमान से बेहतर है। इसी तरह सालाना आधार पर सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP की वृद्धि दर को भी संशोधित कर 1.4 प्रतिशत कर दिया गया है, जो प्राथमिक अनुमान में 1.2 प्रतिशत आंकी गई थी। इन बेहतर आंकड़ों ने निवेशकों को यह भरोसा दिलाया है कि ब्रिटिश अर्थव्यवस्था उम्मीद से अधिक लचीली साबित हो रही है। इसके अलावा चालू खाते के घाटे के मोर्चे पर भी ब्रिटेन के लिए राहत भरी खबर सामने आई। दूसरी तिमाही में चालू खाते का घाटा घटकर 19.932 अरब पाउंड पर आ गया। पहली तिमाही में यह घाटा संशोधित होकर 21.12 अरब पाउंड रहा था। बाजार विश्लेषकों का अनुमान था कि व्यापारिक असंतुलन के कारण यह अंतर बढ़कर 25.6 अरब पाउंड तक पहुंच जाएगा, लेकिन घाटे में आई इस अप्रत्याशित गिरावट ने पाउंड की खरीद में नए सिरे से जान फूंक दी। जापान के कमजोर औद्योगिक और खुदरा आंकड़ों ने बढ़ाई येन की परेशानी बुधवार के कारोबारी सत्र में जापान से आए व्यापक आर्थिक आंकड़े घरेलू मुद्रा येन को कोई सहारा देने में नाकाम रहे। जापान के खुदरा व्यापार में अगस्त के दौरान 1.2 प्रतिशत का संकुचन दर्ज किया गया, जबकि इससे ठीक पहले जुलाई में इसमें 2.1 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई थी। घरेलू स्तर पर उपभोक्ता मांग में आई इस अचानक सुस्ती ने निवेशकों को निराश किया। दूसरी तरफ औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों ने भी बाजार की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया। अगस्त महीने के प्राथमिक आंकड़ों के अनुसार, जापान के औद्योगिक उत्पादन में 4.8 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। बाजार के आम सहमति अनुमान में इसमें 1.7 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही थी, खासकर तब जब जुलाई में उत्पादन में 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। उत्पादन और बिक्री दोनों मोर्चों पर इस तरह की तीव्र गिरावट से यह स्पष्ट संकेत मिला कि जापानी विनिर्माण क्षेत्र इस समय गहरे दबाव से गुजर रहा है। तकनीकी चार्ट पर प्रतिरोध और कमजोर गतिशीलता के संकेत तकनीकी विश्लेषण के लिहाज से पाउंड बनाम येन जोड़ी भले ही उछलकर 207.90 और फिर 208.00 के करीब पहुंची हो, लेकिन अल्पावधि का समग्र रुझान अभी भी मंदी की ओर झुका हुआ नजर आ रहा है। चार्ट पर मूल्य व्यवहार एक पुरानी ट्रेंडलाइन समर्थन रेखा के नीचे बना हुआ है, जो अब आगे चलकर कड़े प्रतिरोध के रूप में काम कर सकती है। चार घंटे के चार्ट पर मोमेंटम संकेतक भी नकारात्मक क्षेत्र में फंसे हुए हैं। 14 अवधियों वाला रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI हालिया उछाल के बावजूद 40 के स्तर से नीचे बना हुआ है, जो कमजोर आंतरिक शक्ति को दर्शाता है। साथ ही मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी MACD भी थोड़ा नकारात्मक बना हुआ है, जिसका सीधा मतलब है कि पाउंड की मौजूदा रिकवरी अभी भी नाजुक स्थिति में है और इसे ठोस तेजी का आधार नहीं माना जा सकता। खरीदारों के लिए 208.30 का स्तर बना बड़ी चुनौती आगामी सत्रों में तेजी की उम्मीद लगाए खरीदारों को 208.30 के दायरे में एक कड़े प्रतिरोध समूह का सामना करना पड़ेगा। यह वह स्तर है जहां पिछली ट्रेंडलाइन और दिन का उच्चतम स्तर आपस में मिलते हैं। यदि मुद्रा जोड़ी इस स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहती है, तभी बाजार में लिवाली का विश्वास मजबूत होगा। ऐसी स्थिति में 27 और 28 सितंबर के उच्चतम स्तर 209.00 का दायरा खुल सकता है। हालांकि 22 और 24 सितंबर को दर्ज किए गए 210.15 के उच्चतम स्तर फिलहाल आने वाले कारोबारी सत्रों की पहुंच से काफी बाहर दिखाई दे रहे हैं। वैश्विक मुद्रा बाजारों में व्यापक हलचल वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार के आज के उतार-चढ़ाव में ब्रिटिश पाउंड अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में काफी मजबूत स्थिति में रहा। पाउंड ने सबसे ज्यादा मजबूती ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले दिखाई। ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा दबाव में रही क्योंकि अगस्त के अंतर्निहित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI आंकड़े अनुमान से कमजोर रहे, जिससे रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदों को झटका लगा। इसके चलते AUD/USD एशियाई सत्र में दो महीने के निचले स्तर 0.6950 के करीब कारोबार करता नजर आया, जहां चीनी PMI के आंकड़े भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा देने में असफल रहे। वहीं अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी USD/JPY एशियाई सत्र में 157.00 के स्तर से नीचे नुकसान में बनी रही। बैंक ऑफ जापान की संभावित सख्त नीति और मुद्रा हस्तक्षेप के जोखिमों ने येन को थोड़ी जमीन दी, जिसने कमजोर घरेलू उत्पादन आंकड़ों के असर को संतुलित किया। इसके अलावा कमोडिटी बाजार में सोना यूरोपीय सत्र से पहले 4,200 डॉलर प्रति औंस के नीचे एक दायरे में स्थिर रहा, जहां अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और फेडरल रिजर्व से जुड़ी नीतिगत अनिश्चितताओं के बीच मिलाजुला रुख देखा गया। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में Aave टोकन 10 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के बाद मुनाफावसूली के चलते 161 डॉलर के नीचे आ गया। इसका आप पर असर मुद्रा विनिमय दरों में आने वाला यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय यात्रियों, विदेशी निवेशकों और आयात-निर्यात से जुड़े कारोबारियों की लागत को सीधे प्रभावित करता है। • मुद्रा विनिमय लागत: ब्रिटेन की यात्रा या पढ़ाई के लिए पाउंड खरीदने वाले लोगों को अब थोड़ी ज्यादा रकम चुकानी पड़ सकती है। मजबूत आर्थिक आंकड़ों के बाद पाउंड के निचले स्तरों से सुधरने से विनिमय दर महंगी हो रही है। • आयात-निर्यात पर असर: जापानी सामान आयात करने वाले व्यापारियों के लिए कमजोर येन अनुकूल परिस्थितियां बना रहा है। दूसरी ओर ब्रिटेन से होने वाला आयात पाउंड की मजबूती के कारण थोड़ा महंगा पड़ सकता है। • फॉरेक्स ट्रेडर्स: अल्पावधि के विदेशी मुद्रा कारोबारियों को 208.30 के स्तर पर विशेष नजर रखनी होगी। तकनीकी संकेत अभी पूरी तरह तेजी के पक्ष में नहीं हैं, जिससे मुनाफावसूली का जोखिम बना हुआ है। • वैश्विक निवेश पोर्टफोलियो: अंतरराष्ट्रीय फंडों में निवेश करने वाले भारतीय निवेशकों के रिटर्न पर मुद्राओं की घट-बढ़ का सीधा असर दिखेगा। विकसित देशों की वृद्धि दर में अंतर वैश्विक पूंजी प्रवाह की दिशा बदल सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह मुद्रा उतार-चढ़ाव ब्रिटेन में उम्मीद से बेहतर आर्थिक प्रदर्शन और जापान के विनिर्माण क्षेत्र में आई गंभीर मंदी के प्रत्यक्ष टकराव के कारण हुआ है। • ब्रिटेन के सुधरे आंकड़े: ब्रिटेन की दूसरी तिमाही की आर्थिक वृद्धि को 0.4 से बढ़ाकर 0.5 प्रतिशत किया गया और चालू खाता घाटा 25.6 अरब पाउंड के अनुमान के मुकाबले घटकर 19.932 अरब पाउंड रह गया। इस दोहरे सकारात्मक बदलाव ने पाउंड में खरीदारी को गति दी। • जापान की औद्योगिक मंदी: जापान के औद्योगिक उत्पादन में अगस्त में 4.8 प्रतिशत की भारी गिरावट आई, जबकि बाजार 1.7 प्रतिशत बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहा था। साथ ही खुदरा बिक्री 1.2 प्रतिशत घटने से येन की धारणा बुरी तरह लड़खड़ा गई। • अल्पावधि तकनीकी रिकवरी: मुद्रा जोड़ी के 206.89 के न्यूनतम स्तर पर पहुंचते ही तकनीकी समर्थन सक्रिय हुआ, जिससे निचली कीमतों पर खरीदारी लौटी और यह 208.00 तक पहुंच सकी। सवाल-जवाब 1. GBP/JPY मुद्रा जोड़ी में ताजा उछाल क्यों आया? ब्रिटेन की दूसरी तिमाही की GDP 0.5 प्रतिशत तक सुधरने और चालू खाता घाटा कम होकर 19.932 अरब पाउंड रहने से पाउंड में यह मजबूती आई है। 2. जापान के किन आर्थिक आंकड़ों ने येन को कमजोर किया? अगस्त में जापान के औद्योगिक उत्पादन में 4.8 प्रतिशत और खुदरा व्यापार में 1.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे येन पर दबाव बढ़ा। 3. तकनीकी चार्ट पर पाउंड के सामने कौन सा प्रमुख प्रतिरोध है? पाउंड के खरीदारों को 208.30 के स्तर पर कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है, जहां पुरानी ट्रेंडलाइन और दैनिक उच्च स्तर मौजूद हैं। 4. आज के कारोबार में ब्रिटिश पाउंड किस मुद्रा के मुकाबले सबसे मजबूत रहा? कमजोर उपभोक्ता महंगाई आंकड़ों के कारण ब्रिटिश पाउंड ने आज सबसे ज्यादा बढ़त ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले दर्ज की। https://trendkia.com/market/majabuta-british-arthika-ankaron-se-pound-men-ai-teji-japanese-yen-ke-mukabale-208-00-ke-stara-para-vapasi-40597 TrendKia — Har trend, sabse pehle.