# मजबूत नॉनफार्म पेरोल्स आंकड़ों के बाद अमेरिकी डॉलर सूचकांक में तेजी

> अगस्त के मजबूत नॉनफार्म पेरोल्स आंकड़ों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मजबूती दिखाई है, जिससे सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना बढ़ गई है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/majabuta-nonapharma-perolsa-ankaron-ke-bada-ameriki-us-dollar-index-men-teji-27858 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमेरिकी डॉलर सूचकांक, नॉनफार्म पेरोल्स, फेडरल रिजर्व, ब्याज दर, मुद्रास्फीति, फॉरेक्स बाजार, finance

अमेरिकी अर्थव्यवस्था में रोजगार के आंकड़े उम्मीद से काफी बेहतर रहने के कारण डॉलर सूचकांक में उछाल दर्ज किया गया है। श्रम सांख्यिकी ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त महीने के दौरान नॉनफार्म पेरोल्स में लगभग 1.62 लाख नौकरियों का इजाफा हुआ, जिससे बाजार की उम्मीदें पीछे छूट गईं। इस मजबूत रिपोर्ट के सामने आने के बाद अमेरिकी डॉलर सूचकांक करीब 0.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। यह सूचकांक अपने दिन के निचले स्तर 98.91 से उबरते हुए 99.17 के आसपास पहुंच गया।

## रोजगार आंकड़ों का बाजार पर प्रभाव
डेटा जारी होने के तुरंत बाद डॉलर सूचकांक में तेजी आई और यह उछलकर अपने दिन के उच्च स्तर 99.39 के करीब पहुंच गया, हालांकि बाद में इसमें कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिली। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में भी इसी तरह का रुझान दिखा लेकिन शुरुआती तेजी बाद में थोड़ी कम हो गई। श्रम बाजार के इस मजबूत आंकड़े ने आगामी 16 सितंबर की बैठक में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं को नए सिरे से हवा दे दी है। प्राइम टर्मिनल के आंकड़ों के अनुसार स्वैप बाजार में अब फेडरल फंड रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की संभावना बढ़कर 63 प्रतिशत हो गई है, जो कि एक दिन पहले 54 प्रतिशत पर थी।

## महंगाई के मोर्चे पर निवेशकों की नजरें
रोजगार के आंकड़ों के बाद अब बाजार का पूरा ध्यान अगले सप्ताह आने वाली मुद्रास्फीति की रिपोर्टों पर टिक गया है, जिसमें पहले उत्पादक मूल्य सूचकांक और उसके बाद उपभोक्ता मूल्य सूचकांक जारी किए जाएंगे। यदि ये दोनों आंकड़े यह संकेत देते हैं कि महंगाई घटने की प्रक्रिया उम्मीद के मुताबिक आगे नहीं बढ़ रही है, तो नीति निर्माताओं को दरों में बढ़ोतरी का कड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

## तकनीकी विश्लेषण और रुझान
दैनिक चार्ट पर नजर डालें तो डॉलर सूचकांक स्पॉट 99.09 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। मूल्य के 100.22 के आसपास बने 50, 100 और 200-दिवसीय साधारण मूविंग एवरेज क्लस्टर के नीचे बने रहने के कारण निकट अवधि का रुख मंदी का बना हुआ है। इसके अलावा 100.15 के पास मौजूद प्राइमरी अपट्रेंड लाइन और 101.80 से आ रही डिसेंडिंग ट्रेंड लाइन भी रिकवरी के प्रयासों को सीमित कर रही है। मध्य रेखा से नीचे 42 के आसपास मंडराता 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यह इशारा करता है कि बाजार में अभी भी मंदी का दबाव बना हुआ है और तुरंत तेजी की किसी बड़ी संभावना के संकेत नहीं मिल रहे हैं।

## प्रमुख समर्थन और प्रतिरोध स्तर
ऊपरी स्तरों पर शुरुआती बाधा टूटी हुई ट्रेंड-लाइन क्षेत्र के पास 99.36 और 99.61 के प्रतिरोध स्तरों पर है। वहीं दूसरी ओर गिरावट की स्थिति में पहला ठोस समर्थन 98.88 और 98.66 के आसपास देखा जा सकता है, जिनके टूटने पर सूचकांक में और अधिक कमजोरी आ सकती है।

## वैश्विक बाजारों और अन्य मुद्राओं का हाल
इस बीच एशियाई सत्र के दौरान जापानी येन में मजबूती और बैंक ऑफ जापान द्वारा दरों में बढ़ोतरी की अटकलों के कारण अमेरिकी डॉलर पर भी असर देखा गया है। इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी के माहौल के बीच अन्य प्रमुख मुद्रा जोड़ियां भी अपनी स्थिति को संभाल रही हैं। सोने के बाजार में भी हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली देखने को मिली है। तेल बाजार में हालांकि कुछ स्थिरता है, लेकिन डीजल के दामों में प्रीमियम बढ़ने के चलते अलग संकेत मिल रहे हैं।

## इसका आप पर असर
डॉलर सूचकांक में आई इस तेजी और फेडरल रिजर्व की नीतियों के संभावित बदलाव का असर सीधे तौर पर वैश्विक बाजारों और निवेशकों पर पड़ेगा।

- **भारत में:** विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर के मजबूत होने से रुपये की विनिमय दर पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे आयात महंगा होने की संभावना है।
- **वैश्विक निवेशकों के लिए:** बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों के बीच निवेशकों को अपनी इक्विटी और कमोडिटी रणनीतियों में सावधानी बरतने की जरूरत है।
- **कच्चे तेल और कमोडिटी पर असर:** मजबूत डॉलर के कारण सोने और अन्य डॉलर-मूल्यवान वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
- **ऋण और कर्ज की लागत:** वैश्विक स्तर पर ब्याज दरें ऊंची बने रहने से कॉर्पोरेट और व्यक्तिगत ऋणों पर ब्याज दरों में राहत मिलने की उम्मीद कम हो जाती है।
- **व्यापारिक नीतियां:** आयातकों और निर्यातकों दोनों को मुद्रा बाजार की इस अस्थिरता के बीच अपनी हेजिंग रणनीतियों को मजबूत रखना चाहिए।

## सवाल-जवाब

### 1. अमेरिकी डॉलर सूचकांक में हालिया तेजी की मुख्य वजह क्या है?
अगस्त के दौरान उम्मीद से कहीं अधिक 1.62 लाख नौकरियां जुड़ने वाले मजबूत नॉनफार्म पेरोल्स रिपोर्ट के कारण डॉलर सूचकांक में तेजी आई है।

### 2. सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना कितनी है?
प्राइम टर्मिनल के आंकड़ों के अनुसार, स्वैप बाजार में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की संभावना अब बढ़कर 63 प्रतिशत हो गई है।

### 3. अगली कौन सी रिपोर्टें बाजार की दिशा तय करेंगी?
अगले सप्ताह आने वाली उत्पादक और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई और पीपीआई) की मुद्रास्फीति रिपोर्टें बाजार की अगली दिशा तय करेंगी।

### 4. डॉलर सूचकांक वर्तमान में किस स्तर पर कारोबार कर रहा है?
मजबूत आंकड़ों के बाद डॉलर सूचकांक लगभग 99.17 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

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