मजबूत अमेरिकी मुद्रा और महंगाई के दबाव से चार महीने के उच्चतम स्तर से फिसला ऑस्ट्रेलियाई डॉलर चीन के 54 अरब डॉलर के प्रोत्साहन पैकेज और आरबीए (RBA) के सख्त रुख के बावजूद, अमेरिका में 5.4% पीपीआई (PPI) महंगाई और सितंबर में फेड दर बढ़ोतरी की उम्मीदों के कारण AUD/USD जोड़ी 0.7200 के नीचे फिसल गई। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में हालिया तेजी के बाद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट दर्ज की गई है। मई के मध्य के बाद अपने उच्चतम स्तर को छूने के बाद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7200 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया है। इस समय AUD/USD करेंसी जोड़ी 0.7160 से 0.7169 के दायरे में कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद भाव 0.7220 के मुकाबले लगभग 0.71% की गिरावट दर्शाती है। हाल के सत्रों में 0.7220 के शिखर पर पहुंचने के बाद अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती ने इस ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा की बढ़त पर ब्रेक लगा दिया है। चीन का 54 अरब डॉलर का पैकेज और ऑस्ट्रेलिया का केंद्रीय बैंक इस सप्ताह की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को चीन से जुड़ी सकारात्मक खबरों से बड़ा सहारा मिला था। बीजिंग प्रशासन ने अपने बैंकिंग और व्यापक वित्तीय क्षेत्र को मजबूती देने के लिए 54 अरब डॉलर के भारी-भरकम प्रोत्साहन पैकेज की योजना तैयार की है। चीन ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, इसलिए चीनी अर्थव्यवस्था में किसी भी तरह का सुधार सीधे तौर पर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मजबूती प्रदान करता है। जून के निचले स्तरों के बाद इस प्रोत्साहन पैकेज के ऐलान से AUD/USD जोड़ी में तेज उछाल देखने को मिला था। इसके साथ ही, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा दिया। ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक के सख्त रुख के कारण यह मुद्रा 14 मई के बाद से अपने सबसे मजबूत स्तर के करीब बनी हुई थी। बाजार विश्लेषकों का मानना था कि चीन की आर्थिक मदद और आरबीए का आक्रामक रुख इस जोड़ी को 0.7200 के ऊपर बनाए रखेगा, लेकिन अमेरिकी बाजार से आए ताजा आंकड़ों ने स्थिति बदल दी है। अमेरिकी महंगाई और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर की रणनीति अमेरिकी डॉलर में आई ताजा मजबूती के पीछे अमेरिका के उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) के आंकड़े मुख्य वजह रहे हैं। अगस्त तक समाप्त वर्ष में अमेरिकी पीपीआई 5.4% की दर से बढ़ा, जो अनुमान से अधिक गर्म आंकड़ा है। इस उच्च मुद्रास्फीति ने वित्तीय बाजार में यह चिंता बढ़ा दी है कि फेडरल रिजर्व (Fed) को आगामी सितंबर बैठक में ब्याज दरों में फिर से बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। इसके अतिरिक्त, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक संकट ने कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है। तेल की बढ़ती कीमतों के कारण वैश्विक स्तर पर महंगाई का दबाव बना हुआ है। इन अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में अमेरिकी डॉलर की ओर रुख किया है, जिससे ग्रीनबैक मजबूत हुआ है और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की तेजी थम गई है। AUD/USD का तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण स्तर तकनीकी चार्ट पर AUD/USD जोड़ी का रुख फिलहाल सीमित दायरे में समेकन (consolidation) का संकेत दे रहा है। 52-सप्ताह के 0.6422 से 0.7277 के दायरे में कारोबार कर रही यह जोड़ी दीर्घकालिक अपट्रेंड में बनी हुई है, जहां 50-दिवसीय EMA (0.7098) और 200-दिवसीय EMA (0.6940) के बीच गोल्डन क्रॉस बना हुआ है। 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 56 पर है, जो तटस्थ से सकारात्मक स्थिति दिखाता है, जबकि ADX 19 पर होकर कमजोर ट्रेंड का संकेत दे रहा है। गिरावट की स्थिति में, पहला तत्काल समर्थन 0.7157 के हॉरिजॉन्टल फ्लोर पर स्थित है। यदि यह स्तर टूटता है, तो S1 समर्थन 0.7146 और S2 समर्थन 0.7122 तक निचले स्तर देखने को मिल सकते हैं। 20-दिवसीय EMA 0.7154 पर स्थिति को संभालने का प्रयास कर रहा है। वहीं ऊपर की तरफ, पहला प्रतिरोध 100-अवधि के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) 0.7174 के आसपास है। इसके बाद 0.7185 का पिवट पॉइंट और 0.7193 का हॉरिजॉन्टल कैप मुख्य बाधाएं हैं। आगे की बढ़त के लिए 0.7209 (R1), 0.7213, और 20-अवधि SMA 0.7215 के पार जाना होगा, जिसके बाद 0.7223 और R2 स्तर 0.7249 तक का रास्ता साफ हो सकता है। वैश्विक बाजारों, सोने और जापानी येन पर प्रभाव अमेरिकी डॉलर की मजबूती का असर अन्य वैश्विक परिसंपत्तियों पर भी साफ देखा गया है। सोने की कीमतें लगातार उतार-चढ़ाव के बाद 4,400 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के प्रमुख स्तर से नीचे फिसल गई हैं। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में आई तेजी और पीपीआई आंकड़ों के बाद डॉलर इंडेक्स के मजबूत होने से सर्राफा बाजार पर दबाव बना है। दूसरी ओर, जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) 153.50 के स्तर से ऊपर स्थिर बना हुआ है। हालांकि, बैंक ऑफ जापान (BoJ) की ओर से सख्त मौद्रिक नीति के संकेतों के कारण येन अपने सात महीने के उच्चतम स्तर के पास बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा फेड द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की आशंकाओं से डॉलर को सहारा जरूर मिला है, लेकिन आने वाले अमेरिकी उपभोक्ता मुद्रास्फीति (CPI) आंकड़ों पर निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं। इसका आप पर असर वैश्विक मुद्रा बाजार में AUD/USD की यह हलचल अंतरराष्ट्रीय व्यापार, आयात-निर्यात लागत और विदेशी निवेशकों के पोर्टफोलियो को प्रभावित करती है। • भारत में: अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे भारत के लिए कच्चा तेल और आयातित सामान महंगा हो सकता है। इसके कारण आने वाले समय में घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल और इलेक्ट्रॉनिक सामान की कीमतों में बढ़ोतरी का असर दिख सकता है। • वैश्विक स्तर पर: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट और डॉलर की मजबूती से वैश्विक कमोडिटी बाजारों में सोना और कच्चा तेल प्रभावित हो रहे हैं। निवेशकों को विदेशी मुद्रा व्यापार और विदेशी फंड्स में निकट अवधि की अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है। ऐसा क्यों हुआ ऑस्ट्रेलियन डॉलर के चार महीने के उच्चतम स्तर से गिरने के पीछे अमेरिकी मुद्रास्फीति के गर्म आंकड़े और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव मुख्य कारण रहे हैं। • अमेरिकी पीपीआई में तेज उछाल: अमेरिका में उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) सालाना आधार पर 5.4% बढ़ा है। इस उच्च आंकड़े के कारण बाजार में यह धारणा मजबूत हुई कि फेडरल रिजर्व सितंबर में ब्याज दरें बढ़ा सकता है। • चीन का वित्तीय प्रोत्साहन पैकेज: चीन ने बैंकिंग क्षेत्र के लिए 54 अरब डॉलर का पैकेज तैयार किया है, जिसने शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मजबूती दी, लेकिन डॉलर इंडेक्स की तेजी के सामने यह बढ़त टिक नहीं सकी। • कच्चे तेल की कीमतें और भू-राजनीतिक तनाव: मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष और अमेरिका-ईरान तनाव के कारण कच्चे तेल के दाम बढ़े हैं, जिससे वैश्विक मुद्रास्फीति और सुरक्षित निवेश के तौर पर अमेरिकी डॉलर की मांग बढ़ी है। सवाल-जवाब 1. AUD/USD जोड़ी में हाल ही में क्या बदलाव आया है? AUD/USD जोड़ी चार महीने के उच्चतम स्तर 0.7220 को छूने के बाद फिसलकर 0.7160-0.7169 के दायरे में आ गई है। 2. चीन के 54 अरब डॉलर के पैकेज का ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर क्या असर पड़ा? चीन ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, इसलिए चीन के 54 अरब डॉलर के वित्तीय पैकेज से AUD को शुरुआती मजबूती मिली थी। 3. अमेरिकी डॉलर अचानक क्यों मजबूत हुआ? अमेरिका में अगस्त पीपीआई (PPI) महंगाई 5.4% रहने और सितंबर में फेड द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीदों के कारण अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ। 4. AUD/USD के लिए मुख्य सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर कौन से हैं? नीचे की तरफ 0.7157 मुख्य सपोर्ट है, जबकि ऊपर की तरफ 0.7174 (100 SMA) और 0.7193 मुख्य रेजिस्टेंस स्तर हैं। https://trendkia.com/market/majabuta-us-mudra-aura-mahngai-ke-dabava-se-chara-mahine-ke-uchchatama-stara-se-phisala-australian-dollar-31091 TrendKia — Har trend, sabse pehle.