# मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा, ईरान को सऊदी अरब से युद्ध का इरादा नहीं और अमेरिका से वार्ता की मांगें वही हैं

> ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने सोमवार को कहा कि तेहरान सऊदी अरब से युद्ध नहीं चाहता और अमेरिका से वार्ता की मांगें नहीं बदली हैं। इसी बीच वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 1.44% बढ़कर $98.05 पर था, जबकि डॉलर, ट्रेजरी उपजें, सोना, मुद्राएँ और बिटकॉइन में नीतिगत सप्ताह की चाल देखी गई।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-15 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/masoud-pezeshkian-ne-kaha-iran-ko-saudi-arabia-se-yuddha-ka-irada-nahin-aura-united-states-se-varta-ki-mangen-vahi-hain-32334 · **Language:** Hindi
**Tags:** ईरान, सऊदी अरब, मसूद पेज़ेश्कियान, अमेरिका से वार्ता, कच्चा तेल, डब्ल्यूटीआई क्रूड, सोना, बिटकॉइन

बाज़ार स्तर दर्ज होने पर WTI क्रूड उस दिन 1.44% की तेजी के साथ $98.05 पर था, क्योंकि व्यापारी तेल, डॉलर और नीतिगत संकेतों के साथ ईरान के उस बयान को भी परख रहे थे जिसमें कहा गया कि तेहरान का सऊदी अरब से युद्ध करने का इरादा नहीं है।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने सोमवार को यह टिप्पणियाँ कीं। उन्होंने कहा कि ईरान का सऊदी अरब से लड़ने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन अमेरिका से वार्ता के मामले में उन्होंने साफ किया कि ईरान की मांगें पहले वाली स्थिति से अलग नहीं हुई हैं।

## पेज़ेश्कियान ने क्षेत्रीय शांति और अमेरिका से वार्ता को अलग-अलग रखा
पेज़ेश्कियान ने सवाल उठाया कि जब अमेरिका ने अपने वादों का पालन कभी नहीं किया, तब उससे वार्ता कैसे हो सकती है। उनका मुख्य संदेश यही था कि तेहरान ने वार्ता में रखी गई अपनी पुरानी मांगों में बदलाव नहीं किया है। उसी बयान में उन्होंने कहा कि क्षेत्र के देश सहयोग के जरिए सुरक्षा और गतिशील अर्थव्यवस्था बना सकते हैं।

ये टिप्पणियाँ दो अलग बाज़ारी चिंताओं को छूती हैं। सऊदी अरब से युद्ध न चाहने का संदेश क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, जबकि अमेरिका से वार्ता में मांगों को वही रखना कूटनीतिक अनिश्चितता को जारी रखता है। तेल बाज़ार के लिए इसका मतलब यह है कि व्यापारी केवल आपूर्ति आंकड़े ही नहीं देख रहे थे, बल्कि क्षेत्र से आ रहे राजनीतिक संकेतों को भी परख रहे थे।

## WTI क्रूड $98.05 पर रहा और तेल बाज़ार में अहम बना रहा
इस रोज़ाना तेजी ने वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट को कच्चे तेल के बाज़ार में फिर केंद्र में रख दिया। WTI तेल के प्रमुख संदर्भ भावों में से एक है, इसलिए $98.05 तक पहुंचना नए भंडार आंकड़ों या उत्पादन फैसलों से पहले भी अहम माना जाता है। व्यापारी ऐसी चाल को स्टॉक डेटा, ओपेक के फैसलों और मुद्रा बाज़ार की स्थिति के साथ मिलाकर पढ़ते हैं।

## WTI को वैश्विक बेंचमार्क क्यों माना जाता है
WTI कच्चे तेल का एक प्रकार है, जिसे दुनिया भर के बाज़ारों में खरीदा और बेचा जाता है। इसका पूरा रूप वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट है और यह ब्रेंट तथा दुबई क्रूड के साथ तीन प्रमुख क्रूड श्रेणियों में गिना जाता है। तेल बाज़ार में बेंचमार्क होने की वजह से WTI की कीमत मीडिया में अक्सर सामने आती है।

इस ग्रेड को “लाइट” और “स्वीट” कहा जाता है, क्योंकि इसकी ग्रैविटी और सल्फर की मात्रा क्रमशः अपेक्षाकृत कम होती है। रिफाइनरी कंपनियों के लिए यह उच्च गुणवत्ता वाला तेल है, जिसे प्रोसेस करना आसान माना जाता है। यह कच्चा तेल अमेरिका से आता है और कशिंग हब के जरिए बाज़ारों तक पहुंचता है, जिसे “दुनिया का पाइपलाइन चौराहा” कहा जाता है।

## मांग, आपूर्ति और डॉलर WTI की दिशा तय करते हैं
दूसरी संपत्तियों की तरह WTI की कीमत में मांग और आपूर्ति मुख्य भूमिका निभाते हैं। वैश्विक वृद्धि तेल की मांग बढ़ा सकती है, जबकि कमजोर वैश्विक वृद्धि मांग घटा सकती है। राजनीतिक अस्थिरता, युद्ध और प्रतिबंध आपूर्ति में खलल डालकर कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। ओपेक के बड़े तेल उत्पादक देशों के उत्पादन फैसले भी कीमत में अहम भूमिका निभाते हैं।

WTI अमेरिकी डॉलर से भी प्रभावित होता है, क्योंकि अधिकांश तेल लेनदेन इसी मुद्रा में होते हैं। कमजोर डॉलर अन्य मुद्राओं के खरीदारों के लिए तेल को अधिक किफायती बना सकता है, जबकि मजबूत डॉलर उल्टा असर डाल सकता है। इसी कारण भौतिक तेल बाज़ार में बड़ा बदलाव न होने पर भी मुद्रा बाज़ार की चाल WTI के लिए अहम हो जाती है।

ये कारक एक दूसरे को मजबूत भी कर सकते हैं और एक दूसरे के असर को कम भी। मसलन, आपूर्ति में खलल आने से मांग वही रहने पर भी कीमतें बढ़ सकती हैं, जबकि कमजोर वैश्विक वृद्धि से आपूर्ति उपलब्ध होने के बावजूद कीमतों पर दबाव बन सकता है। डॉलर अलग चैनल के तौर पर काम करता है, क्योंकि वह गैर-डॉलर खरीदारों की क्रय शक्ति को बदलता है।

## भंडार रिपोर्टें बताती हैं कि क्रूड की स्थिति कस रही है या ढीली
अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट और एनर्जी इन्फॉर्मेशन एजेंसी की साप्ताहिक भंडार रिपोर्टें WTI को प्रभावित कर सकती हैं, क्योंकि भंडार में बदलाव मांग और आपूर्ति की स्थिति दिखाता है। स्टॉकपाइल में कमी मजबूत मांग का संकेत हो सकती है और क्रूड की कीमत ऊपर ले जा सकती है। वहीं भंडार बढ़ने से आपूर्ति बढ़ने का संकेत मिलता है और कीमतों पर दबाव बन सकता है। व्यापारियों के लिए सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि उसकी दिशा भी अहम होती है।

API की रिपोर्ट हर मंगलवार आती है और EIA की रिपोर्ट अगले दिन जारी होती है। 75% मामलों में दोनों रिपोर्टों के आंकड़े एक-दूसरे से 1% के अंदर रहते हैं। EIA के आंकड़ों को अधिक भरोसेमंद माना जाता है, क्योंकि यह एजेंसी सरकार का हिस्सा है। API और EIA की रिपोर्टों को मिलाकर देखना इसलिए जरूरी है क्योंकि दोनों के करीबी नतीजे बाज़ार को भंडार बढ़ रहे हैं या घट रहे हैं, इसकी साफ तस्वीर देते हैं।

## ओपेक के कोटे बाज़ार में उपलब्ध आपूर्ति बदल सकते हैं
ओपेक, यानी तेल निर्यातक देशों का संगठन, 12 तेल उत्पादक देशों का समूह है। साल में दो बार होने वाली बैठकों में सदस्य देश मिलकर उत्पादन कोटे तय करते हैं। ये फैसले WTI की कीमतों में दिखाई देते हैं। कोटे घटने से उपलब्ध आपूर्ति कस सकती है और कीमतों को सहारा मिल सकता है, जबकि उत्पादन बढ़ने से कीमतों पर नीचे की ओर दबाव बन सकता है।

ओपेक प्लस इसी का विस्तारित रूप है। ओपेक से बाहर के दस अतिरिक्त देशों में रूस सबसे अहम नाम है। यह विस्तारित ढांचा अहम है, क्योंकि आपूर्ति से जुड़े फैसले केवल मूल ओपेक सदस्यों तक सीमित नहीं रहते जब बड़ा समूह कदम उठाता है। साल में दो बार होने वाली बैठकें बाज़ार को उत्पादन नीति के नियमित संकेत देती हैं।

## डॉलर की मजबूती ने AUD/USD को दबाया और USD/JPY को सहारा दिया
सोमवार को AUD/USD दबाव में रहा, 0.7100 के करीब गया और एशिया में बाज़ार खुलने से पहले 0.7150 की ओर वापसी की। अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने जोखिम वाली संपत्तियों पर दबाव बनाए रखा और इस सप्ताह फेड द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीदें बढ़ने से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को नए माह के निचले स्तर पर भेज दिया। 0.7150 की ओर वापसी से राहत मिली, लेकिन डॉलर और फेड की उम्मीदों का बड़ा दबाव बना रहा।

निवेशक मंगलवार को चीन से आने वाले अहम आंकड़ों पर करीब से नजर रखने वाले थे। नए सप्ताह की शुरुआत में USD/JPY में खरीदारी देखी गई और एशियाई सत्र में यह 154.00 के करीब चला गया, जिससे शुक्रवार की गिरावट का कुछ हिस्सा वापस मिला। इसके बाद भी स्पॉट कीमतें पिछले लगभग एक सप्ताह के रेंज में ही रहीं और पिछले मंगलवार छुए लगभग सात माह के निचले स्तर के पास बनी रहीं, क्योंकि व्यापारी इस सप्ताह केंद्रीय बैंकों से जुड़ी अहम घटनाओं का इंतजार कर रहे थे।

## सोना $4,300 के करीब गया और बिटकॉइन $79,000 से ऊपर
सोमवार को सोने में खरीदारी का मोमेंटम लौटा और धातु प्रति ट्रॉय औंस $4,300 के अहम स्तर की ओर बढ़ी। लेकिन पीली धातु पर दबाव बना रहा, क्योंकि अमेरिकी डॉलर में बड़ी तेजी आई और अमेरिकी ट्रेजरी उपजें पूरी अवधि में बढ़ीं। इसका मतलब था कि सोने को बड़े स्तर की ओर खरीदारी मिली, लेकिन डॉलर और उपजों ने ऊपर की चाल को सीमित रखा।

बिटकॉइन सोमवार को $79,000 से ऊपर चला गया, जब व्यापक क्रिप्टो बाज़ार ऐसे सप्ताह में दाखिल हुआ जिसमें नीति निर्माताओं पर बाज़ार की नजर थी। क्यूटीसीपी के विश्लेषकों के अनुसार, पिछले सप्ताह अगस्त के मुद्रास्फीति आंकड़े आने के बाद व्यापारियों ने फेडरल रिज़र्व की 25 बेसिस पॉइंट दर वृद्धि की अधिकांश उम्मीद को कीमत में शामिल कर लिया था। अब ध्यान इस बात पर था कि नीति निर्माता आगे दरों को लेकर अपना नजरिया कैसे बयान करते हैं।

कुल मिलाकर, उस सत्र में यह साफ था कि तेल, मुद्राएँ, सोना और क्रिप्टो एक ही मिश्रण से प्रभावित हो रहे थे। इस मिश्रण में क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े संकेत, डॉलर की मजबूती और केंद्रीय बैंकों की उम्मीदें शामिल थीं। WTI की तेजी, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के माह के निचले स्तर, USD/JPY की वापसी, सोने का $4,300 स्तर छूना और बिटकॉइन का $79,000 से ऊपर जाना ऐसे माहौल में हुआ जब बाज़ार आंकड़ों और नीतिगत संकेतों की राह देख रहा था।

## इसका आप पर असर
सबसे बड़ा असर यह है कि कच्चा तेल, मुद्राएँ, सोना और बिटकॉइन एक ही तरह के डॉलर और नीतिगत संकेतों से प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए जिन पाठकों का ध्यान ईंधन, विदेशी खर्च, सोने या क्रिप्टो पर है उन्हें इन स्तरों को अलग-अलग नहीं समझना चाहिए।

- **कच्चा तेल:** WTI उस दिन 1.44% बढ़कर $98.05 पर था। यह तेल बाज़ार का अहम बेंचमार्क है, लेकिन लेख में पंप कीमत या घरेलू ईंधन मूल्य में कोई सीधा बदलाव नहीं बताया गया है।
- **विदेशी मुद्रा:** AUD/USD 0.7100 के पास जाने के बाद 0.7150 की ओर लौटा, जबकि USD/JPY 154.00 के करीब गया। विदेशी खर्च या मुद्रा स्थिति देखने वाले पाठकों के लिए डॉलर की मजबूती और मंगलवार के चीन आंकड़े अहम होंगे।
- **सोना:** सोने ने प्रति ट्रॉय औंस $4,300 के अहम स्तर को छूने की कोशिश की। लेकिन अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी उपजों में वृद्धि ने सोने पर दबाव बनाए रखा, इसलिए यह स्तर खरीदारी की गारंटी नहीं है।
- **बिटकॉइन:** बिटकॉइन $79,000 से ऊपर चला गया। बाज़ार ने अगस्त के मुद्रास्फीति आंकड़ों के बाद फेडरल रिज़र्व की 25 बेसिस पॉइंट दर वृद्धि को बड़े पैमाने पर कीमत में शामिल कर लिया है, इसलिए आगे की बातचीत क्रिप्टो निवेशकों के लिए अहम रहेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
यह बाज़ार-चाल एक साथ कई कारणों से जुड़ी है। ईरान की ओर से सऊदी अरब से युद्ध न चाहने का संदेश क्षेत्रीय जोखिम को लेकर संकेत देता है, जबकि अमेरिका से मांगों में बदलाव न होना वार्ता को लेकर अनिश्चितता बनाए रखता है। साथ में डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों की उम्मीदें, भंडार आंकड़े और ओपेक के उत्पादन फैसले तेल, मुद्रा, सोना और क्रिप्टो की चाल को समझने के मुख्य संदर्भ हैं।

- **तेल में तेजी का संदर्भ:** WTI उस स्नैपशॉट में 1.44% बढ़कर $98.05 पर था। लेख में तेल की इस चाल का एकल पुख्ता कारण नहीं बताया गया है, लेकिन राजनीतिक अस्थिरता, युद्ध और प्रतिबंध आपूर्ति में खलल डालकर कीमतें बदल सकते हैं।
- **डॉलर और दरें:** अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने AUD/USD और सोने पर दबाव डाला, जबकि USD/JPY को खरीदारी मिली। पिछले सप्ताह अगस्त के मुद्रास्फीति आंकड़ों के बाद बाज़ार ने फेडरल रिज़र्व की 25 बेसिस पॉइंट दर वृद्धि को लगभग कीमत में शामिल कर लिया है।
- **भंडार रिपोर्टें:** API की रिपोर्ट हर मंगलवार और EIA की रिपोर्ट अगले दिन आती है। भंडार घटने से मांग बढ़ने का संकेत मिल सकता है और कीमतें बढ़ सकती हैं, जबकि भंडार बढ़ने से आपूर्ति बढ़ने का संकेत मिल सकता है।
- **ओपेक का उत्पादन:** ओपेक 12 तेल उत्पादक देशों का समूह है और साल में दो बार कोटे तय करता है। कोटे घटने से आपूर्ति कस सकती है और कीमतें बढ़ सकती हैं, जबकि उत्पादन बढ़ने से असर उल्टा हो सकता है।
- **नीतिगत सप्ताह:** मंगलवार को चीन के अहम आंकड़ों और इस सप्ताह केंद्रीय बैंकों से जुड़ी घटनाओं पर नजर रहेगी। इसी कारण बिटकॉइन और अन्य दर-संवेदनशील संपत्तियों में नीति निर्माताओं के संकेतों को अहम माना जा रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. मसूद पेज़ेश्कियान ने सऊदी अरब को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि ईरान का सऊदी अरब से युद्ध में जाने का कोई इरादा नहीं है।

### 2. अमेरिका से वार्ता को लेकर ईरान की मांग क्या है?
पेज़ेश्कियान ने कहा कि ईरान की मांगें पहले जैसी ही हैं। उन्होंने अमेरिका पर अपने वादे पूरे न करने का सवाल भी उठाया।

### 3. सोमवार को WTI क्रूड किस स्तर पर था?
बाज़ार के उस स्तर पर WTI 1.44% बढ़कर $98.05 पर था।

### 4. WTI को लाइट और स्वीट क्यों कहा जाता है?
WTI की ग्रैविटी और सल्फर की मात्रा क्रमशः अपेक्षाकृत कम होती है, इसलिए इसे लाइट और स्वीट कहा जाता है।

### 5. API और EIA की रिपोर्टें WTI को कैसे प्रभावित करती हैं?
API की रिपोर्ट हर मंगलवार और EIA की रिपोर्ट अगले दिन आती है। भंडार घटने से कीमतें बढ़ सकती हैं और भंडार बढ़ने से कीमतें घट सकती हैं।

### 6. सोना और बिटकॉइन में क्या चाल देखी गई?
सोने ने प्रति ट्रॉय औंस $4,300 को छूने की कोशिश की, जबकि बिटकॉइन $79,000 से ऊपर चला गया। डॉलर, ट्रेजरी उपजें और फेडरल रिज़र्व की दरों को लेकर उम्मीदें इन चालों के मुख्य संदर्भ में थीं।

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