एमआईसी इलेक्ट्रॉनिक्स ने रक्षा क्षेत्र में रखा कदम, नई सहायक कंपनी के गठन के बावजूद शेयर में गिरावट एमआईसी इलेक्ट्रॉनिक्स ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली रक्षा सहायक कंपनी के गठन की घोषणा की है, लेकिन इसके बावजूद गुरुवार को कंपनी के शेयरों में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। एमआईसी इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने औपचारिक रूप से रक्षा क्षेत्र में अपने व्यावसायिक विस्तार का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने अपनी शत-प्रतिशत स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एमआईसी डिफेंस सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड का गठन पूरा कर लिया है। हालांकि, इस बड़ी व्यावसायिक घोषणा के बावजूद शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों पर दबाव देखने को मिला और गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को बीएसई पर इंट्राडे कारोबार के दौरान इसके शेयर में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। नई रक्षा इकाई का गठन और व्यावसायिक दायरा एमआईसी इलेक्ट्रॉनिक्स ने अपनी नई रक्षा सहायक कंपनी में लगभग एक महीने पहले 10 लाख रुपये का शुरुआती निवेश किया था। इस निवेश के बाद कंपनी को कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाले सेंट्रल रजिस्ट्रेशन सेंटर और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से निगमन का आधिकारिक प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया है। नई गठित इकाई एमआईसी डिफेंस सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से कंपनी रक्षा और सुरक्षा से जुड़े कई आधुनिक क्षेत्रों में अपनी सेवाएं प्रदान करेगी। इस नई सहायक इकाई का मुख्य ध्यान रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स, उन्नत रक्षा प्रणालियों, एयरोस्पेस तकनीक और होमलैंड सुरक्षा पर केंद्रित होगा। इसके अलावा यह कंपनी मानव रहित प्रणाली, निगरानी समाधान, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध तकनीकों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित रक्षा प्रौद्योगिकियों, साइबर सुरक्षा समाधानों तथा इनसे संबंधित अन्य उत्पादों और सेवाओं का विकास एवं आपूर्ति करेगी। रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया पहलों के तहत यह कदम कंपनी के लिए दूरगामी अवसर पैदा कर सकता है। शेयर का हालिया प्रदर्शन और ट्रेडिंग ढांचा व्यावसायिक विस्तार की सकारात्मक खबर के बावजूद गुरुवार को एमआईसी इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर लाल निशान में खुला। सुबह 10:53 बजे बीएसई पर कंपनी का शेयर 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ 37.32 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण 899.46 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। गुरुवार के इंट्राडे सत्र में शेयर ने 37.32 रुपये का उच्च स्तर और 37.32 रुपये का ही निचला स्तर छुआ। वर्तमान में यह शेयर सुरक्षात्मक निगरानी उपायों के तहत ESM Stage II श्रेणी में शामिल है। इसका तात्पर्य यह है कि इस शेयर में नियमित ट्रेडिंग के बजाय पीरियोडिक कॉल ऑक्शन प्रक्रिया के माध्यम से ही सौदे निष्पादित किए जा रहे हैं। अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए शेयर बाजार ऐसे उपाय लागू करते हैं। 5 वर्षों में 2,727 प्रतिशत का मल्टीबैगर रिटर्न एमआईसी इलेक्ट्रॉनिक्स के ऐतिहासिक शेयर प्रदर्शन पर नजर डालें तो इसमें भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है। 9 सितंबर 2025 को इस शेयर ने 82.82 रुपये प्रति शेयर का अपना 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर हासिल किया था। इसके विपरीत, 30 मार्च 2026 को शेयर टूटकर 30 रुपये प्रति शेयर के अपने 52 सप्ताह के निचले स्तर तक पहुंच गया था। कंपनी की इक्विटी पर रिटर्न यानी ROE -6.03 प्रतिशत बना हुआ है। अल्पकालिक प्रदर्शन की बात करें तो पिछले दो हफ्तों में इस शेयर ने 4.66 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की है, जबकि पिछले तीन महीनों की अवधि में इसमें लगभग 5.9 प्रतिशत की तेजी आई है। हालांकि, पिछले एक साल के क्षितिज पर नजर डालें तो शेयर के मूल्य में करीब 27 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके बावजूद, दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह शेयर बेहद मुनाफा देने वाला साबित हुआ है। बीएसई के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 5 वर्षों में इस स्मॉल-कैप शेयर ने अपने निवेशकों को 2,727 प्रतिशत का शानदार मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। तिमाही वित्तीय नतीजों में सुधार के संकेत कंपनी के वित्तीय आंकड़ों में पिछली तिमाही की तुलना में महत्वपूर्ण सुधार देखा गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी जून तिमाही में एमआईसी इलेक्ट्रॉनिक्स ने 1.75 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। यह प्रदर्शन वित्तीय वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही यानी मार्च तिमाही के मुकाबले काफी बेहतर है, जब कंपनी को 18.42 करोड़ रुपये का भारी शुद्ध घाटा उठाना पड़ा था। हालांकि, राजस्व के मोर्चे पर कंपनी को संकुचन का सामना करना पड़ा है। जून 2026-27 तिमाही के दौरान कंपनी का शुद्ध राजस्व 12.29 करोड़ रुपये रहा, जो मार्च 2025-26 तिमाही में दर्ज किए गए 50.8 करोड़ रुपये के राजस्व की तुलना में कम है। रक्षा क्षेत्र में नए कदम से कंपनी आने वाली तिमाहियों में अपने राजस्व स्रोतों को विविधता प्रदान करने और वित्तीय स्थिति को और मजबूत करने की उम्मीद कर रही है। इसका आप पर असर एमआईसी इलेक्ट्रॉनिक्स के रक्षा क्षेत्र में प्रवेश और शेयर के हालिया प्रदर्शन का निवेशकों पर सीधा असर पड़ रहा है। • भारत भर में: जो निवेशक स्मॉल-कैप और डिफेंस सेक्टर से जुड़े शेयरों में रुचि रखते हैं, उनके लिए यह खबर नया कारोबारी अवसर दिखाती है। लंबे समय के निवेशकों को 5 साल में 2,727 प्रतिशत का बंपर रिटर्न मिला है। • शेयरधारकों के लिए: वर्तमान में शेयर ESM Stage II के तहत पीरियोडिक कॉल ऑक्शन में ट्रेड हो रहा है, जिसका अर्थ है कि सामान्य ट्रेडिंग की तुलना में इसमें लिक्विडिटी सीमित रह सकती है। • वित्तीय स्थिति पर प्रभाव: कंपनी ने जून तिमाही में 1.75 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया है, जो घाटे से उबरने का संकेत है, हालांकि राजस्व में कमी आई है। • रक्षा ठेकों में भागीदारी: नई सहायक कंपनी की मदद से कंपनी को एयरोस्पेस, साइबर सुरक्षा और ड्रोन तकनीक जैसे क्षेत्रों में सरकारी और निजी ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। सवाल-जवाब 1. एमआईसी इलेक्ट्रॉनिक्स की नई रक्षा सहायक कंपनी का नाम क्या है? एमआईसी इलेक्ट्रॉनिक्स की नई गठित पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी का नाम एमआईसी डिफेंस सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड है। 2. नई रक्षा सहायक कंपनी में कितना शुरुआती निवेश किया गया था? कंपनी ने अपनी रक्षा सहायक इकाई में निगमन से लगभग एक महीने पहले 10 लाख रुपये का निवेश किया था। 3. गुरुवार को एमआईसी इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर का भाव क्या था? 3 सितंबर 2026 को सुबह 10:53 बजे बीएसई पर शेयर 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ 37.32 रुपये पर कारोबार कर रहा था। 4. एमआईसी इलेक्ट्रॉनिक्स का 5 साल का रिटर्न कितना रहा है? बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 5 वर्षों में इस शेयर ने अपने निवेशकों को 2,727 प्रतिशत का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। 5. जून तिमाही (Q1 FY27) में कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा? जून तिमाही में कंपनी ने 1.75 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जबकि इससे पिछली तिमाही में 18.42 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। 6. कंपनी का शेयर किस निगरानी श्रेणी में ट्रेड कर रहा है? कंपनी का शेयर वर्तमान में ESM Stage II के तहत सूचीबद्ध है, जहां ट्रेडिंग पीरियोडिक कॉल ऑक्शन के जरिए होती है। https://trendkia.com/market/mic-electronics-ne-raksha-kshetra-men-rakha-kadama-nai-sahayaka-knpani-ke-gathana-ke-bavajuda-sheyara-men-giravata-26878 TrendKia — Har trend, sabse pehle.