मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव से कच्चा तेल $95 के पार, डीजल आपूर्ति संकट और अमेरिकी डॉलर की तेजी से वैश्विक बाजारों में हलचल फारस की खाड़ी में सैन्य संघर्ष और टैंकरों पर हमलों के बाद ब्रेंट क्रूड एक महीने के उच्चतम स्तर $95 प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जबकि डीजल क्रैक स्प्रेड रिकॉर्ड ऊंचाई पर है। फारस की खाड़ी में बढ़ते सैन्य संघर्ष और तेल टैंकरों पर ताजा हमलों के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजारों में जोखिम प्रीमियम तेजी से बढ़ा है। आईएनजी के विश्लेषक वॉरेन पैटरसन और ईवा मांथे के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमतें उछलकर $95 प्रति बैरल से ऊपर निकल गई हैं, जो एक महीने से अधिक समय में इसका उच्चतम स्तर है। वीकेंड के सैन्य हमलों के बाद ईरान द्वारा दो तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने और अमेरिका की ओर से ईरानी ठिकानों पर की गई जवाबी सैन्य कार्रवाई ने आपूर्ति श्रृंखला में बड़ी बाधा उत्पन्न कर दी है। इसके साथ ही डीजल और मिडिल डिस्टिलेट की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर मंडराया संकट फारस की खाड़ी में बदलती परिस्थितियों ने मध्य पूर्व से होने वाली कच्चे तेल की आपूर्ति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी गतिरोध के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल का परिवहन जारी था, लेकिन हालिया सैन्य झड़पों ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बेहद संवेदनशील बना दिया है। अमेरिकी ऊर्जा सचिव के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को इस जलडमरूमध्य से होकर 1.7 करोड़ बैरल कच्चे तेल की आवाजाही दर्ज की गई, जो इस संघर्ष के शुरू होने के बाद से एक ही दिन में सबसे अधिक मात्रा है। इसके बावजूद, जहाजों पर हमलों की घटनाओं ने समुद्री व्यापार के सुरक्षित संचालन पर जोखिम बढ़ा दिया है। सैन्य गतिविधियों में आई इस तेजी के कारण रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सामान्य होने की बची-खुची उम्मीदें भी खत्म हो गई हैं। इसका सबसे गहरा असर वैश्विक डीजल बाजार पर पड़ा है, जहां आपूर्ति अत्यधिक तंग बनी हुई है। आईएनजी के विश्लेषकों का कहना है कि आईसीई गैसऑयल क्रैक स्प्रेड बीते सत्र में बढ़कर लगभग $79 प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वहीं अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड यानी रिफाइंड अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल और WTI कच्चे तेल के वायदा भाव के बीच का अंतर $100 प्रति बैरल के स्तर को पार करते हुए $102 प्रति बैरल से अधिक के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। मिडिल डिस्टिलेट में भारी किल्लत और टाइमस्प्रेड बैकवर्डेशन रिफाइंड ईंधन बाजार में आपूर्ति की इस भारी तंगी का अंदाजा वायदा बाजार के टाइमस्प्रेड से भी लगाया जा सकता है। आईसीई गैसऑयल का सितंबर और नवंबर अनुबंधों के बीच का स्प्रेड $80 प्रति टन के अत्यधिक बैकवर्डेशन पर कारोबार कर रहा है। बैकवर्डेशन की यह स्थिति दर्शाती है कि व्यापारी भविष्य की तुलना में तत्काल आपूर्ति के लिए भारी प्रीमियम चुकाने को तैयार हैं, जो बाजार में अल्पकालिक माल की गंभीर कमी का संकेत है। मध्य पूर्व और रूस से डीजल के निर्यात में आई रुकावटों को देखते हुए विश्लेषकों का अनुमान है कि मिडिल डिस्टिलेट क्रैक स्प्रेड आने वाले दिनों में अत्यधिक ऊंचे और उतार-चढ़ाव वाले बने रहेंगे। आने वाले हफ्तों में ईंधन की मौसमी मांग में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जबकि वैश्विक रिफाइनिंग प्रणाली के पास इस तरह के झटकों की भरपाई करने के लिए अतिरिक्त क्षमता बेहद सीमित है। इस बीच अमेरिकी पेट्रोलियम संस्थान (API) द्वारा जारी हालिया आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले सप्ताह अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार में 26 लाख बैरल की गिरावट आई है। हालांकि रिफाइंड उत्पादों की स्थिति थोड़ी मिश्रित रही, जहां गैसोलीन स्टॉक में 3 लाख बैरल की मामूली बढ़ोतरी देखी गई, वहीं डिस्टिलेट स्टॉक में 3 लाख बैरल की कमी आई। डिस्टिलेट इन्वेंट्री में आई यह गिरावट ईंधन बाजार में पहले से मौजूद तंगी को दूर करने में विफल रही है। मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर को मिला सुरक्षित निवेश का लाभ मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक तनाव का असर विदेशी मुद्रा बाजार पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। बुधवार को शुरुआती यूरोपीय कारोबारी घंटों के दौरान ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ, जिससे GBP/USD जोड़ी गिरकर 1.3500 के करीब आ गई। वैश्विक अनिश्चितता के माहौल में निवेशक अमेरिकी डॉलर को सुरक्षित ठिकाने के रूप में प्राथमिकता दे रहे हैं। विदेशी मुद्रा व्यापारी अब शुक्रवार को जारी होने वाली अमेरिकी अगस्त रोजगार रिपोर्ट पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। दूसरी ओर, यूरो के मुकाबले भी अमेरिकी डॉलर में मजबूती दर्ज की गई। EUR/USD जोड़ी घटकर 1.1575 के स्तर के आसपास कारोबार कर रही है। फेडरल रिजर्व के आक्रामक मौद्रिक रुख और भू-राजनीतिक अस्थिरता ने डॉलर की मांग को समर्थन दिया है। बाजार प्रतिभागी अब शुक्रवार को आने वाले यूरोजोन खुदरा बिक्री आंकड़ों और अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल डेटा का इंतजार कर रहे हैं। ट्रेजरी यील्ड और कच्चे तेल में उछाल से सोने की कीमतों पर दबाव कीमती धातुओं के बाजार में बुधवार को सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में भारी उछाल और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण सोने पर दोहरा दबाव बना हुआ है। एशियाई व्यापार के दौरान 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.81% के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जो नवंबर 2023 के बाद का उच्चतम स्तर है। उच्च बॉन्ड यील्ड के कारण बिना ब्याज देने वाली संपत्ति जैसे सोने की आकर्षण क्षमता कम हो गई है। निवेशक अब बुधवार को जारी होने वाले अमेरिकी ADP रोजगार परिवर्तन आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं। ऊर्जा क्षेत्र में अमेरिकी बेंचमार्क WTI कच्चा तेल लगातार तीसरे सत्र में तेजी दर्ज करने में सफल रहा। पिछले छह कारोबारी दिनों में से पांच दिन बढ़त दर्ज करते हुए WTI की कीमतें 24 जुलाई के बाद के अपने नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में गिरावट का रुख अगस्त के महीने में मजबूत बढ़त दर्ज करने के बाद प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी परिसंपत्तियों पर बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। तकनीकी संकेतकों से पता चलता है कि शीर्ष तीन क्रिप्टोकरेंसी में शुरुआती कमजोरी के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। बिटकॉइन (BTC) मंदी के शुरुआती संकेत दे रहा है, जबकि एथेरियम (ETH) $2,500 के प्रतिरोध स्तर से खारिज होने के बाद अपनी गिरावट को आगे बढ़ा चुका है। इसी तरह रिपल (XRP) अपने प्रमुख समर्थन स्तरों के नीचे समेकित हो रहा है, जिससे क्रिप्टो बाजार का दृष्टिकोण सतर्क बना हुआ है। इसका आप पर असर विश्वव्यापी कच्चे तेल की कीमतों में आई इस तेज उछाल और डीजल संकट का असर भारतीय अर्थव्यवस्था, आम उपभोक्ताओं और वित्तीय परिसंपत्तियों पर देखने को मिलेगा। • भारत में: कच्चे तेल की कीमतें $95 के पार जाने से भारत के आयात बिल पर दबाव बढ़ेगा, जिससे आने वाले हफ्तों में घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतें बढ़ सकती हैं। • परिवहन और महंगाई पर: डीजल के क्रैक स्प्रेड में रिकॉर्ड तेजी से लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई महंगी होगी, जिसके परिणामस्वरूप खाद्य पदार्थों और दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं। • निवेशकों और शेयर बाजार पर: 10-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 4.81% तक पहुंचने और डॉलर में मजबूती से भारतीय शेयर बाजार से एफआईआई (FII) पूंजी की निकासी तेज हो सकती है। • सोने और क्रिप्टोकरेंसी पर: बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से सोने में गिरावट जारी रह सकती है, जबकि बिटकॉइन और एथेरियम में अल्पावधि बिकवाली बनी रह सकती है। ऐसा क्यों हुआ कच्चे तेल की कीमतों में यह अचानक तेजी फारस की खाड़ी में जारी सैन्य संघर्ष और रिफाइंड उत्पादों की वैश्विक किल्लत का सीधा परिणाम है। • फारस की खाड़ी में सैन्य हमले: ईरान द्वारा दो तेल टैंकरों पर हमले और अमेरिका की जवाबी सैन्य कार्रवाई से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल परिवहन पर संकट गहरा गया है। • डीजल निर्यात में रुकावटें: रूस और मध्य पूर्व से डीजल निर्यात प्रभावित होने के कारण वैश्विक रिफाइनरियों के पास अतिरिक्त मांग पूरी करने के लिए मार्जिन नहीं बचा है। • ट्रेजरी यील्ड में रिकॉर्ड उछाल: अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और मुद्रास्फीति की आशंकाओं के कारण 10-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़कर 4.81% पर पहुंच गई है। सवाल-जवाब 1. ब्रेंट क्रूड की कीमत में हालिया तेजी का मुख्य कारण क्या है? फारस की खाड़ी में सैन्य संघर्ष के तेज होने, तेल टैंकरों पर हमले और अमेरिका की जवाबी सैन्य कार्रवाई के कारण कच्चे तेल की कीमतें $95 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। 2. डीजल क्रैक स्प्रेड रिकॉर्ड स्तर पर क्यों पहुंचा है? मध्य पूर्व और रूस से डीजल निर्यात में आई रुकावटों और रिफाइनरियों की सीमित क्षमता के कारण अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड $100 प्रति बैरल से ऊपर निकल गया है। 3. सोने की कीमतों में गिरावट क्यों दर्ज की जा रही है? 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के बढ़कर 4.81% के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने और डॉलर की मजबूती के कारण सोने पर बिकवाली का दबाव है। 4. बिटकॉइन और क्रिप्टोकरेंसी बाजार की क्या स्थिति है? अगस्त में मजबूत बढ़त के बाद बिटकॉइन, एथेरियम और रिपल में तकनीकी रूप से बिकवाली और समेकन का दबाव देखा जा रहा है। https://trendkia.com/market/middle-east-men-barhate-tanava-se-kachcha-tela-95-ke-para-dijala-apurti-snkata-aura-us-dollar-ki-teji-se-vaishvika-bajaron-men-hal-26281 TrendKia — Har trend, sabse pehle.