मिडिल ईस्ट में सैन्य संघर्ष से ब्रेंट क्रूड $95 के पार, डीजल क्रैक स्प्रेड ने बनाया नया रिकॉर्ड अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव से क्रूड ऑयल 1 प्रतिशत बढ़कर $95 के पार पहुंच गया, हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद कीमतों में थोड़ा संतुलन देखा गया। वहीं डीजल क्रैक स्प्रेड $102 के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव और अमेरिका तथा ईरान के बीच एक-दूसरे पर किए गए सिलसिलेवार हमलों के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी अनिश्चितता का माहौल बन गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.0 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करते हुए 95 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के स्तर के ऊपर बंद हुआ। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यह संकेत दिए जाने के बाद कि ईरान के खिलाफ शुरू किया गया बमबारी अभियान कम समय के लिए हो सकता है, कच्चे तेल की कीमतों में आई शुरुआती तेजी की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ गई। इसके बावजूद, खाड़ी क्षेत्र में दोनों देशों के बीच जारी हमलों ने यह साफ कर दिया है कि भू-राजनीतिक मोर्चे पर निकट भविष्य में तनाव कम होने के ठोस संकेत फिलहाल दिखाई नहीं दे रहे हैं। मिडिल ईस्ट तनाव और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का कच्चे तेल पर असर ऊर्जा बाजार में यह अनिश्चितता ऐसे समय में आई है जब अमेरिका ने तीन दिनों के भीतर दूसरी बार बड़े हमले किए हैं। इन हमलों में ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित रडार प्रणालियों और समुद्री माइन्स बिछाने की सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया। इसके जवाब में ईरान ने भी मध्य पूर्व क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की। कॉमरज़बैंक के विश्लेषकों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम के बीच ब्रेंट क्रूड दिन के कारोबार के दौरान 97 डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर तक पहुँच गया था। बाद में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी अभियान संभवतः कम समय तक चलेगा, हालांकि उन्होंने यह भी ताकीद की कि आवश्यकता पड़ने पर अमेरिका दोबारा हमले करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसी बयान के चलते क्रूड की कीमतों में इंट्राडे उछाल थोड़ा नियंत्रित हुआ, लेकिन बाजार में अस्थिरता का दौर बना हुआ है। डीजल क्रैक स्प्रेड $102 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा हालांकि कच्चे तेल का बाजार ऊपरी स्तरों से थोड़ा शांत नजर आ रहा है, लेकिन रिफाइंड ईंधन बाजार विशेष रूप से डीजल अलग ही कहानी बयां कर रहा है। अमेरिका में अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और WTI क्रूड के बीच का अंतर यानी डीजल क्रैक स्प्रेड इतिहास में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गया। दिन के कारोबार के दौरान यह प्रीमियम 102.00 डॉलर प्रति बैरल के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँच गया। डीजल क्रैक स्प्रेड में आया यह ऐतिहासिक उछाल इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वैश्विक स्तर पर मध्यवर्ती डिस्टिलेट्स (मध्यम रिफाइंड ईंधनों) की आपूर्ति बेहद टाइट बनी हुई है, जो व्यापक औद्योगिक और परिवहन लागत पर सीधा असर डाल सकती है। क्रूड ऑयल (CL=F) का लाइव मार्केट एनालिसिस और टेक्निकल इंडिकेटर्स लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, क्रूड ऑयल वायदा (CL=F) का मौजूदा भाव 90.41 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव 91.01 डॉलर की तुलना में 0.66 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्शाता है। 52 हफ्तों के दौरान कच्चे तेल का दायरा 54.98 डॉलर के निचले स्तर से 119.48 डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर के बीच रहा है। वर्तमान ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत का 0.22 गुना दर्ज किया गया है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 63 पर बना हुआ है, जो बाजार में सकारात्मक लेकिन नियंत्रित मजबूती को दर्शाता है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) 1.96 के स्तर पर है, जो सिग्नल लाइन 1.32 से ऊपर बना हुआ है और 0.64 का बुलिश हिस्टोग्राम प्रस्तुत करता है। इसके अलावा, 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 85.25 डॉलर, 50-दिवसीय EMA 83.79 डॉलर और 200-दिवसीय EMA 76.63 डॉलर पर स्थित है। 50-दिवसीय EMA का 200-दिवसीय EMA से ऊपर होना (गोल्डन क्रॉस) लंबे समय के अपट्रेंड को मजबूती प्रदान करता है। दैनिक धुरी बिंदु (Pivot Point) 90.48 डॉलर पर है, जबकि पहला प्रतिरोध R1 91.39 डॉलर और दूसरा प्रतिरोध R2 92.37 डॉलर पर स्थित है। नीचे की तरफ पहला सपोर्ट S1 89.50 डॉलर और S2 88.59 डॉलर पर देखा जा रहा है। बाजार की दैनिक अस्थिरता बफर (ATR 14) 3.49 डॉलर पर है। विदेशी मुद्रा बाजार में हलचल: USD/JPY और AUD/USD का हाल ऊर्जा बाजार में जारी हलचल का असर विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान USD/JPY में बिकवाली का दबाव बढ़ा और यह जोड़ी 157.00 के स्तर से नीचे खिसक गई। अमेरिका से आए कमजोर ADP एम्प्लॉयमेंट डेटा ने अमेरिकी डॉलर को चौतरफा पस्त कर दिया, जिससे इस मुद्रा जोड़ी पर दबाव बढ़ गया। वहीं दूसरी ओर, बैंक ऑफ जापान (BoJ) की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों और जापानी अधिकारियों द्वारा करेंसी मार्केट में हस्तक्षेप के जोखिम ने येन को सहारा दिया। इसी बीच, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) की जोड़ी एशियाई सत्र के दौरान 0.7150 के स्तर से ऊपर एक सीमित दायरे में कारोबार करती नजर आई। ऑस्ट्रेलिया के कमजोर व्यापारिक आंकड़ों ने चीन के सकारात्मक रेटिंगडॉग सर्विसेज PMI डेटा के असर को बेअसर कर दिया। हालांकि, अमेरिकी डॉलर में गिरावट थमने और सितंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरें बढ़ाए जाने की संभावना मजबूत होने तथा अमेरिकी-ईरान तनाव के कारण AUD/USD की ऊपरी बढ़त सीमित रही। सोने की कीमतें और क्रिप्टोकरेंसी बाजार का रुख सुरक्षित निवेश का विकल्प माने जाने वाला सोना यूरोपीय सत्र की शुरुआत तक अपनी मजबूती बनाए रखने में सफल रहा, हालांकि यह 4,450 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे ही कारोबार करता दिखा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और नरम ADP रिपोर्ट ने डॉलर पर दबाव डाला, जिससे सोने को चार हफ्ते के निचले स्तर से उबरने में मदद मिली। इसके बावजूद, फेडरल रिजर्व द्वारा दरें बढ़ाने की आशंका और ऊर्जा कीमतों में तेजी से उपजने वाले महंगाई के खतरे ने बॉन्ड यील्ड को समर्थन दिया, जिससे सोने की तेज बढ़त पर अंकुश लगा। डिजिटल एसेट बाजार में, रिपल (XRP) और स्टेलर (XLM) का तकनीकी परिदृश्य अलग-अलग दिशाओं का संकेत दे रहा है। XRP अपने हालिया निचले स्तरों के पास सपोर्ट हासिल करते हुए एक मजबूत सपोर्ट ज़ोन बना रहा है। इसके विपरीत, XLM की कीमतें अपने महत्वपूर्ण एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के समूह से नीचे खिसक गई हैं, जो अल्पकालिक कमजोरी को दर्शाता है। इसका आप पर असर मिडिल ईस्ट में तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल तथा डीजल के बढ़ते दामों से आम उपभोक्ताओं और निवेशकों की जेब पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है। • भारत में: पेट्रोल और डीजल की वैश्विक कीमतों में तेजी से घरेलू तेल विपणन कंपनियों पर मार्जिन का दबाव बढ़ेगा। इससे आने वाले समय में ईंधन दरें और परिवहन लागत बढ़ सकती हैं। • वैश्विक अर्थव्यवस्था पर: ऊर्जा क्षेत्र में आक्रामक उछाल से माल ढुलाई महंगी होगी। इसके कारण खाद्य और विनिर्मित वस्तुओं की खुदरा महंगाई में वृद्धि हो सकती है। • सोना और बुलियन निवेशक: सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बनी रहेगी। निवेशक उच्च मुद्रास्फीति से बचाव के लिए पोर्टफोलियो में सोने का हिस्सा बढ़ा सकते हैं। • करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडर्स: अमेरिकी ADP रिपोर्ट और डॉलर इंडेक्स की चाल से USD/JPY तथा AUD/USD जैसी प्रमुख मुद्रा जोड़ियों में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। • क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडर्स: XRP और XLM में तकनीकी स्तरों पर भिन्नता देखी जा रही है। स्टॉप-लॉस और सपोर्ट ज़ोन का ध्यान रखकर ही नए सौदे दर्ज करने चाहिए। सवाल-जवाब 1. ब्रेंट क्रूड $95 के पार क्यों पहुँचा? मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों के तेज होने से ऊर्जा आपूर्ति में रुकावट की आशंका बढ़ी, जिससे ब्रेंट क्रूड $95 के स्तर से ऊपर बंद हुआ। 2. डोनाल्ड ट्रंप के बयान का कच्चे तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा? डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पर बमबारी अभियान कम समय के लिए हो सकता है, जिससे क्रूड में $97 का उच्चतम स्तर छूने के बाद तेजी की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई। 3. डीजल क्रैक स्प्रेड ने क्या नया रिकॉर्ड बनाया? अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड पहली बार $100 प्रति बैरल के पार जाकर $102.00 के सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया। 4. USD/JPY में 157.00 से नीचे गिरावट क्यों आई? अमेरिका के कमजोर ADP रोजगार आंकड़ों से डॉलर कमजोर हुआ, जबकि बैंक ऑफ जापान द्वारा दरें बढ़ाने की उम्मीदों ने येन को मजबूती दी। 5. क्रूड ऑयल (CL=F) का मौजूदा तकनीकी रुझान कैसा है? CL=F में 50-दिवसीय EMA 200-दिवसीय EMA के ऊपर बना हुआ है, जो गोल्डन क्रॉस के साथ दीर्घकालिक अपट्रेंड का संकेत देता है। https://trendkia.com/market/middle-east-men-sainya-sngharsha-se-brent-crude-95-ke-para-dijala-kraika-spreda-ne-banaya-naya-rikorda-26997 TrendKia — Har trend, sabse pehle.