मध्य पूर्व में सैन्य टकराव और फेड की सख्ती से AUD/USD पर बढ़ा दबाव, 0.7125 का स्तर बना निर्णायक सीमा ऑस्ट्रेलियन डॉलर में शुरुआती तेजी के बाद गिरावट दर्ज की गई है। मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं के बीच अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है, जिससे AUD/USD जोड़ी पर दबाव बना है। ऑस्ट्रेलियन डॉलर में ऑस्ट्रेलियाई सकल घरेलू उत्पाद डेटा के अनुमान से बेहतर रहने के बाद शुरुआती बढ़त देखी गई थी, लेकिन यह तेजी ज्यादा देर नहीं टिक सकी और AUD/USD जोड़ी 0.7100 के मध्य स्तरों के स्तर से फिसलकर एक सप्ताह से अधिक के निचले स्तर की ओर चली गई। विदेशी मुद्रा बाजार में 2026-09-02 को क्लोज-बेल सत्र के दौरान AUD/USD की हाजिर कीमत 0.7135 दर्ज की गई, जो इसके पिछले बंद स्तर 0.7173 से 0.53 प्रतिशत की गिरावट दर्शाती है। बाजार में यह कमजोरी मुख्य रूप से अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं और मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण आई है। इन परिस्थितियों ने अमेरिकी डॉलर को एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में मजबूती प्रदान की है, जिससे ऑस्ट्रेलियन डॉलर सहित अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं पर भारी दबाव बन गया है। तकनीकी विश्लेषण और 0.7125 का मुख्य सपोर्ट स्तर तकनीकी चार्ट का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि AUD/USD जोड़ी में आगे किसी भी संभावित गिरावट को रोकने के लिए 0.7125 का संगम स्तर बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह महत्वपूर्ण स्तर 4 घंटे के चार्ट पर 100-अवधि के सिंपल मूविंग एवरेज और जून से अगस्त तक की तेजी के 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर के मेल से बना है। तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि यदि कीमत इस 0.7125 के संगम स्तर से नीचे टूटती है, तो बाजार में और अधिक नुकसान का रास्ता साफ हो सकता है। इसके बावजूद, मौजूदा ढांचा एक सहायक तकनीकी पृष्ठभूमि का संकेत दे रहा है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI (14) घटकर मध्य-30s की ओर सुस्त पड़ा है, जबकि 2026-09-02 के दैनिक डेटा में RSI (14) का मान 56 पर बना हुआ है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी MACD संकेतक किसी स्पष्ट मंदी के पलटाव के बजाय केवल घटती गति की ओर इशारा कर रहा है, जहां MACD लाइन 0.00 और सिग्नल लाइन 0.00 पर बनी हुई है। व्यापक तकनीकी संकेतकों को देखें तो 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी EMA20 का स्तर 0.7117, EMA50 का स्तर 0.7071 और EMA200 का स्तर 0.6923 पर स्थित है। इसके अलावा 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज यानी SMA50 0.7021 और 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज यानी SMA200 0.6974 पर है। चूंकि EMA50 का स्तर EMA200 से ऊपर है, इसलिए इसे एक दीर्घकालिक तेजी क्रॉसओवर या गोल्डन क्रॉस माना जाता है। कीमत वर्तमान में बोलिंजर बैंड्स (0.7013 से 0.7213) के भीतर कारोबार कर रही है। अल्पकालिक कारोबार के लिए पिवट बिंदु 0.7141 पर है, जिसके लिए पहला सपोर्ट S1 0.7128 और दूसरा सपोर्ट S2 0.7121 है, जबकि प्रतिरोध स्तर क्रमशः R1 0.7148 और R2 0.7161 पर केंद्रित हैं। 52-सप्ताह का दायरा 0.6422 से 0.7277 के बीच बना हुआ है। ऑस्ट्रेलियाई GDP आंकड़े और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की नीति ऑस्ट्रेलिया के आर्थिक प्रदर्शन की बात करें तो ऑस्ट्रेलियन ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स यानी ABS द्वारा त्रैमासिक आधार पर सकल घरेलू उत्पाद या GDP के आंकड़े जारी किए जाते हैं। यह रिपोर्ट संबंधित तिमाही के समाप्त होने के लगभग 65 दिन बाद प्रकाशित की जाती है। यह आर्थिक संकेतक ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए वित्तीय जगत द्वारा बेहद बारीकी से देखा जाता है। देश के बेहतर आर्थिक प्रदर्शन के लिए एक मजबूत श्रम बाजार, बढ़ती मजदूरी और निजी पूंजीगत व्यय में वृद्धि जैसे आंकड़े बेहद निर्णायक माने जाते हैं। जब देश का आर्थिक प्रदर्शन मजबूत होता है, तो इसका सीधा असर रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी RBA के मौद्रिक नीति संबंधी निर्णयों पर पड़ता है। यदि आधिकारिक GDP के आंकड़े बाजार के पूर्व अनुमानों से बेहतर आते हैं, तो इसे ऑस्ट्रेलियन डॉलर के लिए सकारात्मक माना जाता है। मजबूत आर्थिक वृद्धि RBA को अपनी मौद्रिक नीति में सख्ती करने और ब्याज दरों में वृद्धि करने के लिए प्रेरित कर सकती है। हालांकि, मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण घरेलू स्तर पर बेहतर आर्थिक आंकड़ों का सकारात्मक असर अंतरराष्ट्रीय कारकों के कारण दब गया है। मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव और अमेरिकी सैन्य हमले मुद्रा बाजार में इस भारी उथल-पुथल का एक बड़ा कारण मध्य पूर्व में अचानक बढ़ा भू-राजनीतिक तनाव है। यूएस सेंट्रल कमांड द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका के सैन्य बलों ने ईरान में स्थित इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के ठिकानों पर सैन्य हमले शुरू किए हैं। इस कार्रवाई के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास स्थित केशम द्वीप और दक्षिणी ईरान के विभिन्न हिस्सों में तेज धमाकों की सूचना मिली है। इस सैन्य कार्रवाई ने वैश्विक निवेशकों के बीच जोखिम की भावना को बढ़ा दिया है। जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध या सैन्य संघर्ष की स्थिति बनती है, तो वैश्विक पूंजी तेजी से सुरक्षित संपत्तियों की ओर भागती है। इस स्थिति में निवेशकों ने अमेरिकी डॉलर को तरजीह दी है, जिससे डॉलर इंडेक्स में जबरदस्त मजबूती आई है। यही वजह है कि ऑस्ट्रेलियन डॉलर जैसे जोखिम से जुड़े एसेट्स अपनी शुरुआती बढ़त को बरकरार नहीं रख पाए और उनमें बिकवाली का दबाव देखा गया। वैश्विक मुद्रा बाजार पर प्रभाव: GBP/USD और EUR/USD में मंदी अमेरिकी डॉलर की इस व्यापक मजबूती का असर केवल ऑस्ट्रेलियन डॉलर तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ा है। बुधवार को शुरुआती यूरोपीय कारोबारी घंटों के दौरान GBP/USD जोड़ी में गिरावट आई और यह 1.3500 के स्तर के करीब पहुंच गई। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष ने ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली अमेरिकी मुद्रा को मजबूती प्रदान की है। अब मुद्रा व्यापारियों की नजरें शुक्रवार को आने वाली अमेरिकी अगस्त रोजगार रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो फेड के भावी कदमों का संकेत देगी। दूसरी ओर, EUR/USD जोड़ी में भी गिरावट दर्ज की गई और यह शुरुआती यूरोपीय सत्र के दौरान 1.1575 के स्तर के आसपास कमजोर हो गई। फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और मध्य पूर्व के तनाव ने यूरो पर दबाव बढ़ा दिया है। यूरोपीय बाजार के प्रतिभागी अब शुक्रवार को जारी होने वाले यूरोज़ोन खुदरा बिक्री आंकड़ों और अमेरिकी रोजगार आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जो यूरो-डॉलर जोड़ी की आगे की दिशा तय करेंगे। कच्चे तेल में तेजी, डीजल स्प्रेड का रिकॉर्ड और सोने में गिरावट भू-राजनीतिक तनाव का सबसे सीधा असर ऊर्जा और कमोडिटी बाजारों पर देखने को मिला है। सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की कीमतों में एशियाई सत्र के दौरान मंदी देखी गई और सोना चार सप्ताह के निचले स्तर के करीब पहुंचकर 4,300 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे जाने की ओर अग्रसर है। दूसरी ओर, मध्य पूर्व संघर्ष के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंका से वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट यानी WTI क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल आया है। WTI क्रूड में लगातार तीसरे दिन तेजी दर्ज की गई है, जो पिछले छह कारोबारी दिनों में पांचवीं बार सकारात्मक बदलाव को दर्शाता है। कच्चे तेल की कीमतें 24 जुलाई के बाद के अपने नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। इसके साथ ही डीजल बाजार में ऐतिहासिक उथल-पुथल देखी जा रही है। अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और WTI क्रूड के बीच के अंतर को दर्शाने वाला अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड इतिहास में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है, जिसने 102.00 डॉलर प्रति बैरल से अधिक का सर्वकालिक इंट्राडे रिकॉर्ड बनाया है। तेल और ईंधन की बढ़ती कीमतों ने वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति की चिंताओं को फिर से भड़का दिया है, जिससे फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें और मजबूत हुई हैं। इसका आप पर असर मध्य पूर्व में जारी सैन्य संघर्ष और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारतीय और वैश्विक निवेशकों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है। • भारत में मुद्रास्फीति और ईंधन मूल्य: कच्चे तेल में तेजी और डीजल क्रैक स्प्रेड के 100 डॉलर प्रति बैरल पार करने से भारत में परिवहन लागत बढ़ सकती है। इससे आने वाले हफ़्तों में दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं और महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। • भारतीय मुद्रा (INR) पर दबाव: मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण भारतीय रुपये की विनिमय दर पर मंदी का दबाव आ सकता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो भारत के लिए कच्चे तेल का आयात अधिक महंगा हो जाएगा। • वैश्विक विदेशी मुद्रा व्यापारी: AUD/USD में कारोबार करने वाले व्यापारियों को 0.7125 के संगम स्तर पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए। यदि यह सपोर्ट स्तर टूटता है, तो नया स्टॉप-लॉस निर्धारित करके बिकवाली की रणनीति अपनाई जा सकती है। • सोने के निवेशक: सोने की कीमतें 4,300 डॉलर के पास चार सप्ताह के निचले स्तर पर आ गई हैं। जो निवेशक कीमती धातुओं में नया निवेश करना चाहते हैं, वे शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद ही फैसला लें। • शेयर बाजार निवेशक: भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से भारतीय और वैश्विक इक्विटी बाजारों में बिकवाली बढ़ सकती है। निवेशकों को रक्षात्मक क्षेत्रों में पूंजी सुरक्षित रखनी चाहिए और बाजार स्थिर होने का इंतजार करना चाहिए। सवाल-जवाब 1. AUD/USD की कीमत में हालिया गिरावट का मुख्य कारण क्या है? मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के कारण बढ़ा भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाएं इसके मुख्य कारण हैं, जिनसे सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है। 2. AUD/USD के लिए कौन सा तकनीकी स्तर सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है? 0.7125 का संगम स्तर सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो 4 घंटे के चार्ट पर 100-अवधि के सिंपल मूविंग एवरेज और 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर से मिलकर बना है। 3. क्या ऑस्ट्रेलिया के GDP आंकड़े सकारात्मक रहे थे? हां, ऑस्ट्रेलियन ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स द्वारा जारी GDP आंकड़े बाजार के अनुमानों से बेहतर रहे थे, जिससे AUD में शुरुआती बढ़त आई थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय तनावों के कारण वह तेजी कायम नहीं रह सकी। 4. मध्य पूर्व तनाव का कच्चे तेल और ईंधन बाजार पर क्या असर पड़ा? WTI क्रूड की कीमतें 24 जुलाई के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं और अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड इतिहास में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार करते हुए 102.00 डॉलर प्रति बैरल से अधिक के रिकॉर्ड पर पहुंच गया। 5. इस हफ्ते मुद्रा व्यापारियों की नजर किन मुख्य आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी? व्यापारियों की मुख्य नजर शुक्रवार को जारी होने वाली अमेरिकी अगस्त रोजगार रिपोर्ट और यूरोज़ोन खुदरा बिक्री आंकड़ों पर रहेगी। https://trendkia.com/market/middle-east-men-sainya-takarava-aura-fed-ki-sakhti-se-aud-usd-para-barha-dabava-0-7125-ka-stara-bana-nirnayaka-sima-26191 TrendKia — Har trend, sabse pehle.