# मुहूर्त ट्रेडिंग 2026: शानदार शुरुआत के बाद फिसला बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट की यह रही बड़ी वजह

> दिवाली के विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन के दौरान शेयर बाजार की शुरुआत तो जोरदार तेजी के साथ हुई, लेकिन भू-राजनीतिक तनाव और मुनाफावसूली के चलते अंत में बाजार लाल निशान में बंद हुआ।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-11-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/muhurat-trading-2026-shandar-shuruat-ke-baad-fisla-bazar-sensex-aur-nifty-mein-giravat-ki-yeh-rahi-badi-wajah-57927 · **Language:** Hindi
**Tags:** मुहूर्त ट्रेडिंग, शेयर बाजार, सेंसेक्स, दिवाली 2026, कच्चा तेल, मुनाफावसूली

दिवाली के पावन अवसर पर 8 नवंबर को आयोजित विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन के दौरान भारतीय शेयर बाजार में जोरदार हलचल देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत में निवेशकों ने भारी उत्साह दिखाते हुए ताबड़तोड़ खरीदारी की, जिसके दम पर सेंसेक्स शुरुआती दौर में 300 अंकों से अधिक की छलांग लगाने में सफल रहा। हालांकि, बाजार का यह जोश ज्यादा देर टिक नहीं पाया और सत्र के अंत तक निवेशकों का रुख पूरी तरह बदल गया।

## कारोबार के अंत में बाजार में क्यों आई गिरावट

कारोबार समाप्त होने तक बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला, जिससे सेंसेक्स अंततः 30 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। पारंपरिक रूप से दिवाली के मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र में बाजार अमूमन बढ़त के साथ ही बंद होते आए हैं, लेकिन इस बार कई वर्षों के अंतराल के बाद ऐसा देखने को मिला जब मुहूर्त ट्रेडिंग का समापन गिरावट के साथ हुआ। अचानक आए इस बदलाव ने बाजार के जानकारों और निवेशकों दोनों को चौंका दिया कि आखिर सेंटिमेंट इतनी जल्दी क्यों पलट गया।

## भू-राजनीतिक तनाव और ग्लोबल मार्केट का असर

बाजार में इस अचानक आए मूड परिवर्तन के पीछे मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहराता संकट है। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों में एक बार फिर तेजी आने की खबरें सामने आने के बाद वैश्विक बाजारों की चाल प्रभावित हुई। इस भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम तेजी से ऊपर चढ़ने लगे, जिसका सीधा मनोवैज्ञानिक प्रभाव घरेलू निवेशकों के आत्मविश्वास पर पड़ा।

## मुनाफावसूली हावी होने से बदली तस्वीर

शुभ अवसर पर पारंपरिक तौर पर थोड़ी बहुत खरीदारी करने के बाद निवेशकों ने किसी भी बड़े जोखिम से बचने के लिए मुनाफावसूली करना बेहतर समझा। ऊंचे स्तरों पर बिकवाली हावी हो जाने के कारण बाजार अपनी शुरुआती बढ़त को बरकरार नहीं रख सका और अंत में गिरावट के साथ ही बंद होना पड़ा।

## इसका आप पर असर
मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान बाजार में आई इस अप्रत्याशित गिरावट का सीधा असर निवेशकों के पोर्टफोलियो और बाजार के अल्पकालिक रुख पर पड़ सकता है।

- **देशभर के निवेशकों पर:** खुदरा निवेशकों को त्योहारी सत्र में भी वैश्विक अनिश्चितताओं के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से आने वाले दिनों में घरेलू महंगाई और आर्थिक नीतियों पर असर पड़ सकता है।
- **शेयर बाजार के जानकारों पर:** ट्रेडर्स को ग्लोबल मार्केट के घटनाक्रम और भू-राजनीतिक तनावों पर पैनी नजर रखनी होगी। बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने से शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग रणनीतियों में बदलाव करना पड़ सकता है।
- **कमोडिटी बाजार पर:** ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने से क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इससे ऊर्जा आयातित लागत बढ़ने की आशंका बनी रहती है।
- **दीर्घकालिक निवेशकों पर:** लंबी अवधि के फंडामेंटल निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है, हालांकि पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखना आवश्यक है। ग्लोबल संकेतों के कारण बाजार में समय-समय पर करेक्शन देखने को मिल सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
मुहूर्त ट्रेडिंग के इतिहास में यह दुर्लभ अवसर था जब बाजार बढ़त के बजाय गिरावट के साथ बंद हुआ, जिसके पीछे स्पष्ट वैश्विक कारण जिम्मेदार रहे।

- **भू-राजनीतिक तनाव का बढ़ना:** अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष में अचानक तेजी आने से वैश्विक स्तर पर डर का माहौल बन गया। इस तनाव ने निवेशकों को जोखिम भरे शेयरों से दूर रहने पर मजबूर कर दिया।
- **कच्चे तेल की कीमतों में उछाल:** अंतरराष्ट्रीय बाजारों में क्रूड ऑयल के भाव बढ़ने से आयातित महंगाई और चालू खाते के घाटे को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। ऊर्जा की कीमतें चढ़ने से अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों पर दबाव पड़ता है।
- **मुनाफावसूली का हावी होना:** शुरुआती तेजी के दौरान निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदे गए शेयरों में मुनाफा बुक करना मुनाफे का सौदा समझा। इस बिकवाली के कारण सूचकांक अपनी बढ़त को गंवा बैठे।

## सवाल-जवाब

### 1. मुहूर्त ट्रेडिंग 2026 का आयोजन कब किया गया था?
मुहूर्त ट्रेडिंग का विशेष सेशन 8 नवंबर को दिवाली के मौके पर आयोजित किया गया था।

### 2. कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स में कितनी तेजी आई थी?
बाजार खुलते ही निवेशकों की लिवाली से सेंसेक्स 300 अंकों से भी ज्यादा उछल गया था।

### 3. बाजार बंद होने पर सेंसेक्स की स्थिति क्या रही?
कारोबार के अंत में मुनाफावसूली के कारण सेंसेक्स 30 अंक गिरकर बंद हुआ।

### 4. मुहूर्त ट्रेडिंग में गिरावट आने की मुख्य वजह क्या थी?
अमेरिका और ईरान के बीच हमलों में तेजी आने और ग्लोबल मार्केट में क्रूड के भाव चढ़ने से निवेशकों का मूड बदल गया।

### 5. क्या मुहूर्त ट्रेडिंग में अमूमन हमेशा तेजी रहती है?
हां, दिवाली के मुहूर्त ट्रेडिंग में ज्यादातर बाजार बढ़त के साथ ही बंद होते हैं, और कई साल बाद ऐसा हुआ है कि बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ।

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