मुकेश अंबानी की कंपनी के पब्लिक इश्यू में 1 करोड़ आवेदनों का नया रिकॉर्ड, तीसरे दिन बोलियां सात गुना के पार जियो प्लेटफॉर्म्स के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग ने भारतीय शेयर बाजार में 1 करोड़ से अधिक आवेदन हासिल कर ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। तीसरे दिन दोपहर तक यह इश्यू कुल 7.83 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। भारतीय शेयर बाजार के प्राथमिक बाजार में एक नया इतिहास रचते हुए मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। निवेशकों के भारी उत्साह के चलते यह देश का ऐसा पहला सार्वजनिक निर्गम बन गया है, जिसने 1 करोड़ से अधिक आवेदनों का आंकड़ा पार किया है। बोली लगाने के तीसरे दिन दोपहर तक इस इश्यू पर निवेशकों का जबर्दस्त भरोसा देखा गया और समूची पेशकश सात गुना से अधिक बुक हो चुकी थी। घरेलू खुदरा निवेशकों से लेकर दिग्गज वैश्विक संस्थागत खरीदारों तक, बाजार के हर तबके ने इस निर्गम में भारी पूंजी लगाने के संकेत दिए हैं। तीसरे दिन दोपहर तक 154 करोड़ से अधिक शेयरों की मांग नेशनल स्टॉक एक्सचेंज से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, बोली के तीसरे दिन दोपहर 1 बजे तक यह सार्वजनिक निर्गम कुल मिलाकर 7.83 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। इस पेशकश के तहत कुल 19.75 करोड़ शेयर बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए थे, जिनके मुकाबले बोलीकर्ताओं ने 154 करोड़ से भी अधिक शेयरों के लिए अपने आवेदन जमा किए। यह विशाल आंकड़ा दर्शाता है कि बाजार में डिजिटल और दूरसंचार क्षेत्र के इस दिग्गज उपक्रम को लेकर किस कदर भूख मौजूद है। बिक्री के लिए रखे गए प्रत्येक शेयर पर कई दावेदार सामने आए, जिससे समूची बोली प्रक्रिया में भारी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। संस्थागत और गैर संस्थागत बोलीदाताओं का जबर्दस्त प्रदर्शन इस पेशकश में सबसे आक्रामक रुख क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी पात्र संस्थागत खरीदारों की श्रेणी में दर्ज किया गया। संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से को 16.18 गुना बोलियां प्राप्त हुईं। इस विशेष वर्ग के लिए करीब 4.90 करोड़ शेयर रखे गए थे, जिसके मुकाबले वैश्विक और घरेलू संस्थानों ने मिलकर 81.27 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां प्रस्तुत कीं। दूसरी ओर, उच्च नेटवर्थ वाले गैर संस्थागत निवेशकों के खंड में भी जबरदस्त आकर्षण दिखाई दिया। इस वर्ग को 10.87 गुना आवेदन मिले, जहां उपलब्ध 3.64 करोड़ इक्विटी शेयरों के एवज में निवेशकों ने 39.62 करोड़ शेयरों पर दांव लगाया। रिटेल निवेशकों, कर्मचारियों और शेयरधारकों की व्यापक भागीदारी आम छोटे निवेशकों यानी रिटेल व्यक्तिगत श्रेणी में भी भारी उत्साह देखने को मिला। खुदरा श्रेणी को कुल 2.18 गुना बोलियां प्राप्त हुईं। इस खंड के लिए 8.50 करोड़ शेयर निर्धारित थे, जबकि छोटे निवेशकों ने कुल 18.53 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन दर्ज कराए। इसके अतिरिक्त, कंपनी के कर्मचारियों के लिए रखे गए विशेष कोटे को 2.59 गुना सब्सक्रिप्शन हासिल हुआ। वहीं मूल कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों के लिए तय किए गए हिस्से में 6.25 गुना बोलियां दर्ज की गईं। यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि कंपनी के साथ पहले से जुड़े लोगों और आम जनता दोनों का भरोसा बेहद मजबूत रहा है। एंकर बुक से पहले ही जुटाए जा चुके थे 8,110 करोड़ रुपये सार्वजनिक बोली शुरू होने से पहले 19 अक्टूबर को ही कंपनी ने बड़े एंकर निवेशकों के माध्यम से करीब 8,110 करोड़ रुपये की पूंजी सुरक्षित कर ली थी। कुल 212 एंकर निवेशकों को 1,119 रुपये प्रति शेयर के ऊपरी मूल्य दायरे पर शेयर आवंटित किए गए थे। एंकर आवंटन के दौरान उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 30 गुना से अधिक की मांग दर्ज हुई थी। इस सूची में वैश्विक स्तर के प्रतिष्ठित नाम शामिल थे, जिनमें ब्लैक रॉक, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, सिंगापुर की सॉवरेन वेल्थ फंड जीआईसी और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे अंतरराष्ट्रीय दिग्गज शामिल हैं। आवंटन की संभावित प्रक्रिया और लिस्टिंग की तारीखें यह सार्वजनिक निर्गम 21 अक्टूबर को आम जनता के लिए खुला था और पहले ही दिन महज 100 मिनट के भीतर पूरी तरह भर गया था। शुरुआती घंटों में ही पूर्ण अभिदान हासिल करने के बाद अब समूचे बाजार की निगाहें शेयर आवंटन और स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग की तारीखों पर टिकी हैं। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार शेयरों का आवंटन 26 अक्टूबर तक तय किए जाने की उम्मीद है। इसके बाद सफल आवेदकों के डीमैट खातों में शेयर जमा होंगे और 28 अक्टूबर को घरेलू शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों की औपचारिक लिस्टिंग प्रस्तावित है। हालांकि बोलीदाताओं को अंतिम पुष्टि के लिए आधिकारिक सूचनाओं की जांच करनी चाहिए। इसका आप पर असर इस ऐतिहासिक आईपीओ की सफलता से प्राथमिक बाजार में खुदरा और संस्थागत निवेशकों के लिए नए अवसर और उच्च प्रतिस्पर्धा पैदा हुई है। • आवंटन पर असर: भारी ओवरसब्सक्रिप्शन के कारण खुदरा श्रेणी में शेयरों का आबंटन लॉटरी प्रणाली के आधार पर होगा। कई छोटे आवेदकों को एक भी लॉट न मिलने की संभावना बढ़ गई है। • फंड अनब्लॉक प्रक्रिया: जिन बोलीदाताओं को शेयर नहीं मिलेंगे, उनके बैंक खातों में ब्लॉक्ड रकम जल्द मुक्त कर दी जाएगी। यह प्रक्रिया 26 अक्टूबर को आवंटन पूरा होने के तुरंत बाद शुरू होगी। • लिस्टिंग गैन की संभावना: एंकर और संस्थागत निवेशकों की भारी मांग से 28 अक्टूबर को लिस्टिंग के दिन मजबूत शुरुआत की उम्मीद जगी है। बाजार में भारी मांग प्रीमियम को सहारा दे सकती है। • बाजार में लिक्विडिटी: करीब 1 करोड़ आवेदनों के चलते वित्तीय तंत्र से भारी मात्रा में नकदी इस इश्यू में लॉक हुई है। आवंटन और रिफंड पूरा होते ही यह रकम अन्य शेयरों में फिर से प्रवाहित हो सकती है। ऐसा क्यों हुआ जियो प्लेटफॉर्म्स के इस आईपीओ को मिली रिकॉर्ड तोड़ प्रतिक्रिया के पीछे कंपनी की मजबूत बाजार स्थिति, दिग्गज एंकर निवेशकों का भरोसा और आकर्षक वैल्यूएशन प्रमुख कारण रहे हैं। डिजिटल कनेक्टिविटी और दूरसंचार क्षेत्र में कंपनी के विशाल ग्राहक आधार ने बाजार में तगड़ा आकर्षण पैदा किया। • मजबूत व्यावसायिक आधार: कंपनी का विशाल यूजर बेस और डिजिटल सेवाओं का व्यापक नेटवर्क निवेशकों को दीर्घकालिक आय का भरोसा देता है। इसी भरोसे ने निर्गम खुलते ही मात्र 100 मिनट में इसे पूर्ण अभिदान दिला दिया। • वैश्विक एंकर समर्थन: ब्लैक रॉक और जीआईसी जैसे शीर्ष अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने बोली से पहले ही 8,110 करोड़ रुपये लगाकर भरोसा कायम किया। 30 गुना से अधिक एंकर मांग ने आम निवेशकों के उत्साह को काफी बढ़ा दिया। • आक्रामक खुदरा भागीदारी: डिजिटल निवेश प्लेटफॉर्म्स की सुगमता के चलते छोटे निवेशकों ने रिकॉर्ड 1 करोड़ से अधिक आवेदन डाले। शेयरधारकों और कर्मचारियों के विशेष कोटे ने भी कुल अभिदान को सात गुना पार कराने में अहम योगदान दिया। सवाल-जवाब 1. जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को कुल कितना सब्सक्रिप्शन मिला है? तीसरे दिन दोपहर 1 बजे तक यह आईपीओ कुल 7.83 गुना सब्सक्राइब हो चुका था, जिसमें 154 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए बोलियां लगीं। 2. इस आईपीओ ने क्या ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है? यह भारतीय शेयर बाजार का पहला ऐसा आईपीओ बन गया है जिसे 1 करोड़ से अधिक निवेशकों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। 3. संस्थागत खरीदारों और रिटेल निवेशकों का रिस्पॉन्स कैसा रहा? क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स ने अपने हिस्से को 16.18 गुना भरा, जबकि रिटेल व्यक्तिगत निवेशकों ने 2.18 गुना बोलियां लगाईं। 4. कंपनी ने एंकर निवेशकों से कितनी राशि जुटाई थी? कंपनी ने 19 अक्टूबर को 212 एंकर निवेशकों से 1,119 रुपये प्रति शेयर के भाव पर करीब 8,110 करोड़ रुपये जुटाए थे। 5. शेयरों का अलॉटमेंट और लिस्टिंग कब होने की उम्मीद है? शेयरों का आवंटन 26 अक्टूबर तक होने की संभावना है, जबकि 28 अक्टूबर को शेयर बाजार में लिस्टिंग प्रस्तावित है। https://trendkia.com/market/mukesh-ambani-ki-knpani-ke-pablika-ishyu-men-1-karora-avedanon-ka-naya-rikorda-tisare-dina-boliyan-sata-guna-ke-para-51144 TrendKia — Har trend, sabse pehle.