मुनाफावसूली से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्विस फ्रैंक संभला, ब्याज दरों पर एसएनबी के फैसले पर टिकी निगाहें हालिया तेजी के बाद ट्रेडर्स की मुनाफावसूली और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के चलते डॉलर के मुकाबले स्विस फ्रैंक में लगातार तीसरे दिन सुधार दर्ज हुआ। इस बीच वित्तीय बाजारों का पूरा ध्यान स्विस नेशनल बैंक की आगामी मौद्रिक नीति बैठक पर केंद्रित हो गया है। विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्विस फ्रैंक में रिकवरी देखने को मिल रही है, क्योंकि हाल के हफ्तों में आई एकतरफा तेजी के बाद ट्रेडर्स मुनाफा समेटने में लगे हैं। इस बिकवाली के चलते मुद्रा जोड़ी में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। पिछले हफ्ते यह जोड़ी चढ़कर 0.8263 तक पहुंच गई थी, जो मई 2025 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर था। इस स्तर को छूने के बाद सोमवार को मुद्रा जोड़ी में गिरावट का सिलसिला और आगे बढ़ा। हालांकि अमेरिकी डॉलर हाल की मजबूत ऊंचाई के आसपास टिका हुआ है, लेकिन मध्य अगस्त में 0.8000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के पास से शुरू हुई जबरदस्त तेजी के बाद अब ट्रेडर्स पोजीशन हल्की कर रहे हैं, जिससे स्विस फ्रैंक को फिर से सहारा मिला है। लिखे जाने के समय यह मुद्रा जोड़ी 0.8209 के आसपास कारोबार कर रही थी। कारोबारी अब गुरुवार को आने वाले स्विस नेशनल बैंक के नीतिगत फैसले की तैयारी कर रहे हैं, जिसके कारण बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है और जोखिम उठाने की क्षमता सीमित दिख रही है। ट्रेजरी यील्ड और कच्चे तेल में नरमी का डॉलर पर असर अमेरिकी मुद्रा की बढ़त पर ट्रेजरी यील्ड में आई मामूली गिरावट ने ब्रेक लगाने का काम किया है। इस यील्ड गिरावट के पीछे आंशिक रूप से कच्चे तेल की कीमतों में आई कमजोरी भी जिम्मेदार है। बेंचमार्क 10 वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड फिसलकर 4.96 प्रतिशत के आसपास कारोबार कर रही है, जो पिछले हफ्ते दर्ज किए गए 5.04 प्रतिशत के स्तर से नीचे है। गौरतलब है कि 5.04 प्रतिशत का यह स्तर साल 2007 के बाद की सबसे ऊंची यील्ड थी। वहीं दूसरी ओर, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड ऑयल 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। तेल की कीमतों में यह लगातार चौथे दिन गिरावट दर्ज की गई, जिससे कच्चा तेल एक हफ्ते से अधिक समय के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। फेडरल रिजर्व का सख्त रुख और नीतिगत अंतर अमेरिकी केंद्रीय बैंक के ज्यादातर नीति निर्माता अब भी ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए हैं। फेडरल रिजर्व के ताजा डॉट प्लॉट अनुमानों के अनुसार, 18 में से 16 अधिकारियों का मानना है कि इस साल कम से कम एक और ब्याज दर वृद्धि की जाएगी। फेडरल रिजर्व महंगाई को समय रहते अपने 2 प्रतिशत के तय लक्ष्य पर वापस लाने के प्रयास में जुटा है, जिससे मौद्रिक सख्ती का विकल्प पूरी मजबूती के साथ खुला हुआ है। इसके विपरीत, स्विट्जरलैंड में मुद्रास्फीति केंद्रीय बैंक के मूल्य स्थिरता दायरे के निचले स्तर के करीब बनी हुई है। इस स्थिति से संकेत मिलता है कि स्विस नीतिगत ब्याज दर को 0 प्रतिशत पर स्थिर रखा जा सकता है। अर्थशास्त्रियों और बाजार विश्लेषकों का व्यापक अनुमान है कि गुरुवार को घोषित होने वाले फैसले में केंद्रीय बैंक अपनी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। संयुक्त राज्य अमेरिका और स्विट्जरलैंड के बीच ब्याज दरों का यह बड़ा फासला स्विस फ्रैंक की बढ़त को सीमित रख सकता है। यह मुद्रा इस साल की सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली प्रमुख वैश्विक मुद्राओं में से एक रही है। साथ ही, घरेलू मुद्रा के अत्यधिक मजबूत होने पर बाजार में हस्तक्षेप करने की केंद्रीय बैंक की तत्परता भी फ्रैंक की मांग को नियंत्रित रखती है। स्विस नेशनल बैंक की कार्यप्रणाली और मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप स्विट्जरलैंड का केंद्रीय बैंक देश की मौद्रिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र रूप से काम करता है। इसका प्राथमिक अधिदेश मध्यम और लंबी अवधि में मूल्य स्थिरता बनाए रखना है। इस स्थिरता को हासिल करने के लिए केंद्रीय बैंक उपयुक्त मौद्रिक परिस्थितियों को बनाए रखता है, जो मुख्य रूप से ब्याज दर के स्तर और मुद्रा विनिमय दरों से तय होती हैं। केंद्रीय बैंक के मानकों के अनुसार, मूल्य स्थिरता का अर्थ स्विस उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में सालाना 2 प्रतिशत से कम की वृद्धि होना है। स्विस नेशनल बैंक का गवर्निंग बोर्ड मूल्य स्थिरता के लक्ष्य के आधार पर ही नीतिगत दर तय करता है। जब महंगाई लक्ष्य से ऊपर चली जाती है या निकट भविष्य में इसके ऊपर जाने का अनुमान होता है, तो बैंक दरों में बढ़ोतरी करके कीमतों पर लगाम लगाने का प्रयास करता है। ऊंची ब्याज दरें आम तौर पर स्विस फ्रैंक के लिए सकारात्मक मानी जाती हैं, क्योंकि इनसे बॉन्ड और निवेश पर अधिक यील्ड मिलती है, जिससे देश विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षक बन जाता है। इसके विपरीत, नीची ब्याज दरें मुद्रा को कमजोर करने का काम करती हैं। स्विस फ्रैंक को अन्य मुद्राओं के मुकाबले बहुत अधिक मजबूत होने से रोकने के लिए केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में नियमित रूप से सक्रिय हस्तक्षेप करता आया है। एक मजबूत घरेलू मुद्रा स्विट्जरलैंड के विशाल निर्यात क्षेत्र की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को नुकसान पहुंचाती है। इसी जोखिम को रोकने के लिए बैंक ने 2011 से 2015 के बीच यूरो के मुकाबले स्विस फ्रैंक की विनिमय दर को सीमित रखने के लिए एक पेग व्यवस्था लागू की थी। केंद्रीय बैंक अपने विशाल विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल करके बाजार में हस्तक्षेप करता है, जिसमें वह आम तौर पर अमेरिकी डॉलर या यूरो जैसी विदेशी मुद्राएं खरीदता है। हालांकि, जब ऊर्जा संकट या तेल की वजह से उच्च महंगाई का दौर आता है, तो बैंक बाजार में हस्तक्षेप से बचता है, क्योंकि मजबूत फ्रैंक ऊर्जा आयात को सस्ता बना देता है और घरेलू परिवारों व कंपनियों पर पड़ने वाले मूल्य झटके को कम करता है। केंद्रीय बैंक हर तिमाही में यानी मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर में अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक आयोजित करता है, जिसमें नीतिगत फैसले और मध्यम अवधि के मुद्रास्फीति अनुमान जारी किए जाते हैं। अन्य एशियाई और वैश्विक बाजारों की स्थिति सोमवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 0.7100 के स्तर से ऊपर स्थिर बना रहा। डॉलर इंडेक्स में जुलाई के अंत के बाद के अपने उच्चतम स्तर से आई नरमी के बीच यह स्थिरता देखने को मिली, हालांकि भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बरकरार हैं। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना द्वारा लोन प्राइम रेट को जस का तस बनाए रखने का फैसला ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव बना रहा था, लेकिन रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा एक और ब्याज दर वृद्धि के दांव और आगामी ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन से पहले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को बुनियादी समर्थन मिला। उधर जापानी येन के मोर्चे पर डॉलर की जोड़ी एशियाई कारोबार में 157.00 के नीचे फिसलती दिखाई दी। बैंक ऑफ जापान द्वारा शुक्रवार को किए गए रेट चेक के बाद बाजार में मुद्रा हस्तक्षेप की आशंकाएं बढ़ गई हैं, जिससे येन को समर्थन मिला। जापान में अवकाश के चलते कारोबारी सतर्क बने रहे, जबकि रूस और यूक्रेन के बीच और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भी माहौल को संवेदनशील बना रखा है। इन परिस्थितियों ने अमेरिकी डॉलर की गिरावट को थामा और डॉलर-येन के नुकसान को सीमित किया। कमोडिटी बाजार में सोने ने नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत दबाव के साथ की और यह 4,350 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के करीब कारोबार करता रहा। ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट के बावजूद मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण कीमती धातु में यह तकनीकी सुधार दर्ज हुआ। वित्तीय बाजार तीसरी तिमाही के अंतिम हफ्तों में एक विचित्र दौर से गुजर रहे हैं, जहां अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव बना हुआ है, लेकिन कच्चे तेल की कीमतें गिर रही हैं और यूरोपीय व अमेरिकी शेयर बाजार मजबूती के साथ खुलने की तैयारी में हैं। तनाव मुख्य रूप से सरकारी बॉन्ड बाजार में केंद्रित है, जहां शुक्रवार देर रात यूरोपीय और अमेरिकी यील्ड में हलचल बढ़ी थी। इसके अलावा बैंक ऑफ जापान ने मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 7-2 के बहुमत से 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया, जो बाजार की लंबे समय से चली आ रही अपेक्षाओं के अनुरूप रहा। इसका आप पर असर वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में स्विस फ्रैंक की रिकवरी और अमेरिकी डॉलर की नरमी से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश प्रवाह पर सीधा असर पड़ेगा। • मुद्रा विनिमय दर: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले फ्रैंक में आई नरमी से विदेशों में व्यापार और पढ़ाई का खर्च प्रभावित होता है। डॉलर की मौजूदा मजबूती आयात बिल को ऊंचा बनाए रख सकती है। • कच्चे तेल की कीमतें: अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल फिसलकर 92 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। ईंधन की कम लागत से परिवहन और रोजमर्रा के सामानों की ढुलाई सस्ती रखने में मदद मिलती है। • ऋण और यील्ड का रुझान: अमेरिकी 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 4.96 प्रतिशत के आसपास बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय उधारी लागत अधिक रहने से विकासशील बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेश की गति प्रभावित हो सकती है। • केंद्रीय बैंकों के फैसले: फेडरल रिजर्व और अन्य वैश्विक बैंकों की ब्याज दर नीतियां वैश्विक तरलता को सीधे नियंत्रित करती हैं। उच्च ब्याज दरों का दौर जारी रहने से बचत और फिक्स्ड इनकम योजनाओं पर रिटर्न बेहतर बना रह सकता है। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्विस फ्रैंक में सुधार हालिया जोरदार तेजी के बाद आई मुनाफावसूली, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी की वजह से हुआ है। इसके साथ ही स्विस नेशनल बैंक की मौद्रिक नीति बैठक से पहले निवेशकों ने अपनी पोजीशन संतुलित की है। • ट्रेडर्स द्वारा मुनाफावसूली: मध्य अगस्त में 0.8000 के स्तर से शुरू हुई तेजी के बाद डॉलर-फ्रैंक जोड़ी 0.8263 तक पहुंच गई थी। मई 2025 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने लाभ समेटना शुरू किया। • ट्रेजरी यील्ड और तेल में गिरावट: अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड पिछले हफ्ते के 5.04 प्रतिशत से फिसलकर 4.96 प्रतिशत पर आ गई। साथ ही कच्चे तेल के लगातार चार दिन गिरकर 92 डॉलर पर आने से डॉलर पर दबाव बना। • एसएनबी की आगामी बैठक: स्विट्जरलैंड में मुद्रास्फीति निचले स्तर पर होने के कारण गुरुवार को ब्याज दर 0 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमान है। नीतिगत घोषणा से पहले अनिश्चितता के कारण बाजार में बड़े सौदों से परहेज किया गया। • फेडरल रिजर्व और नीतिगत अंतर: फेड के 18 में से 16 नीति निर्माता इस साल एक और दर वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं। अमेरिका और स्विट्जरलैंड के बीच ब्याज दरों का भारी अंतर फ्रैंक की बहुत बड़ी तेजी को सीमित रखे हुए है। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्विस फ्रैंक में हालिया तेजी की मुख्य वजह क्या है? 0.8263 के उच्चतम स्तर तक पहुंचने के बाद ट्रेडर्स द्वारा मुनाफावसूली करने और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आने से स्विस फ्रैंक संभला है। 2. स्विस नेशनल बैंक की आगामी मौद्रिक बैठक से क्या उम्मीदें हैं? अर्थशास्त्रियों का व्यापक अनुमान है कि देश में कम महंगाई दर को देखते हुए केंद्रीय बैंक अपनी नीतिगत ब्याज दर को 0 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखेगा। 3. अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में क्या बदलाव आया है? 10 वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड पिछले हफ्ते के 5.04 प्रतिशत से गिरकर 4.96 प्रतिशत पर आ गई है, जबकि क्रूड ऑयल गिरकर 92 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। 4. फेडरल रिजर्व के अधिकारियों का ब्याज दरों पर क्या रुख है? फेडरल रिजर्व के ताजा डॉट प्लॉट के अनुसार 18 में से 16 नीति निर्माता महंगाई को 2 प्रतिशत के लक्ष्य पर लाने के लिए इस साल कम से कम एक और ब्याज दर वृद्धि की उम्मीद करते हैं। 5. बैंक ऑफ जापान ने अपनी ब्याज दरों में क्या फैसला लिया है? बैंक ऑफ जापान ने मौद्रिक नीति को सामान्य करने के तहत 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है। 6. स्विस नेशनल बैंक मुद्रा बाजार में कब और क्यों हस्तक्षेप करता है? केंद्रीय बैंक अपने मजबूत निर्यात क्षेत्र को नुकसान से बचाने के लिए अत्यधिक फ्रैंक मजबूती के दौरान डॉलर और यूरो खरीदकर बाजार में हस्तक्षेप करता है। https://trendkia.com/market/munaphavasuli-se-us-dollar-ke-mukabale-swiss-franc-snbhala-byaja-daron-para-snb-ke-phaisale-para-tiki-nigahen-35910 TrendKia — Har trend, sabse pehle.