पब्लिक इश्यू से पहले नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने एंकर राउंड में जुटाए ₹6,746 करोड़, एलआईसी और वैश्विक दिग्गजों ने लगाई बड़ी बोली पब्लिक इश्यू खुलने से ठीक पहले नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने 150 संस्थागत निवेशकों को ₹1,785 प्रति शेयर की दर पर शेयर आवंटित कर ₹6,746 करोड़ से अधिक की पूंजी जुटा ली है। देश के सबसे प्रमुख शेयर बाजार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बहुप्रतीक्षित पब्लिक इश्यू से पहले संस्थागत बोली प्रक्रिया में जबर्दस्त उत्साह देखने को मिला है। प्राथमिक बाजार में आम निवेशकों के लिए बिडिंग शुरू होने से पूर्व आयोजित एंकर राउंड के जरिए एक्सचेंज ने ₹6,746 करोड़ जुटा लिए हैं। इस विशेष आवंटन में घरेलू वित्तीय दिग्गजों से लेकर दुनिया भर के प्रतिष्ठित सॉवरेन वेल्थ फंड और ग्लोबल एसेट मैनेजमेंट कंपनियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रमुख प्रतिभागियों में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), गोल्डमैन सैक्स, फिडेलिटी, नॉर्जेस बैंक के साथ-साथ जीआईसी सिंगापुर और एडीआईए जैसे भारी-भरकम नाम शामिल हैं। उच्चतम प्राइस बैंड पर 150 बड़े संस्थागत निवेशकों को शेयर आवंटन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को भेजी गई आधिकारिक सूचना के अनुसार, एक्सचेंज प्रबंधन ने कुल 150 एंकर निवेशकों को लगभग 3.77 करोड़ इक्विटी शेयर जारी किए हैं। प्रत्येक शेयर का निर्गम मूल्य ₹1,785 निर्धारित किया गया, जो आईपीओ के लिए तय किए गए आधिकारिक प्राइस बैंड का सबसे ऊपरी स्तर है। इस बोली स्तर पर एंकर बुक का कुल वित्तीय आकार लगभग ₹6,746.2 करोड़ बैठता है। इस राउंड में अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का रुझान बेहद उत्साहजनक रहा और कुल आवंटन में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की हिस्सेदारी करीब 43 फीसदी दर्ज की गई। विदेशी फंड हाउसों ने सामूहिक रूप से लगभग ₹2,883 करोड़ का निवेश किया, जिसमें अमेरिका, यूरोप और एशिया के 20 से अधिक दीर्घकालिक लॉन्ग-ओनली फंड शामिल रहे। घरेलू म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों की 53 फीसदी भागीदारी विदेशी प्रवाह के साथ-साथ भारत के घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी एंकर बुक में अपनी मजबूत वित्तीय क्षमता का प्रदर्शन किया। देश की 11 प्रमुख बीमा एवं पेंशन कंपनियों तथा 25 से अधिक म्यूचुअल फंड घरानों ने मिलकर करीब ₹3,588 करोड़ के शेयर खरीदे, जो कुल एंकर आवंटन का लगभग 53 फीसदी हिस्सा है। घरेलू परिसंपत्ति प्रबंधकों में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड, एक्सिस म्यूचुअल फंड, कोटक म्यूचुअल फंड, यूटीआई म्यूचुअल फंड और टाटा म्यूचुअल फंड जैसे स्थापित संस्थानों ने बड़ा आवंटन हासिल किया। एलआईसी और एसबीआई समूह का सामूहिक निवेश ₹900 करोड़ के पार एक्सचेंज के मौजूदा शेयरधारिता ढांचे में सबसे बड़ी हिस्सेदारों में शुमार भारतीय जीवन बीमा निगम ने इस एंकर राउंड में अपनी स्थिति और मजबूत की है। एलआईसी की एक्सचेंज में पहले से करीब 10.72 फीसदी हिस्सेदारी मौजूद है, और उसने अपनी मूल कंपनी, एलआईसी म्यूचुअल फंड और एलआईसी पेंशन फंड के माध्यम से ₹500 करोड़ से अधिक की पूंजी लगाई है। इसी प्रकार, सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख वित्तीय घराने एसबीआई समूह ने भी अपनी विभिन्न सहायक इकाइयों के जरिए बोली लगाई। समूह ने एसबीआई म्यूचुअल फंड, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, एसबीआई जनरल इंश्योरेंस और एसबीआई पेंशन फंड के जरिए कुल मिलाकर ₹400 करोड़ से अधिक का निवेश सुनिश्चित किया। ₹22,569 करोड़ के सार्वजनिक निर्गम की समयसीमा और मूल्य दायरा एंकर राउंड की सफल समाप्ति के बाद अब यह मेगा पब्लिक इश्यू आम बाजार सहभागियों के लिए 17 सितंबर से लेकर 21 सितंबर तक खुला रहेगा। निर्गम के लिए अधिकृत मूल्य दायरा ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर निश्चित किया गया है। यदि सभी बोलियां ₹1,785 के अपर प्राइस बैंड पर प्राप्त होती हैं, तो इस पूरे पब्लिक इश्यू का सकल आकार करीब ₹22,569 करोड़ तक पहुंच जाएगा, जो भारतीय प्राथमिक बाजार के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। इसका आप पर असर एंकर राउंड में बड़े वैश्विक और घरेलू फंडों की भारी भागीदारी से आगामी मेगा पब्लिक इश्यू के प्रति निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है। • आईपीओ बोलीदाताओं के लिए: पब्लिक इश्यू के लिए ₹1,700 से ₹1,785 का प्राइस बैंड तय हुआ है, जिसमें खुदरा और गैर-संस्थागत निवेशक 17 सितंबर से 21 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं। अपर बैंड पर एंकर बुक का शत-प्रतिशत भरना शेयर की मजबूत मांग का सीधा संकेत देता है। • म्यूचुअल फंड और बीमा पॉलिसीधारकों के लिए: एसबीआई, एचडीएफसी और एलआईसी जैसी दिग्गज कंपनियों ने अपनी म्यूचुअल फंड व पेंशन स्कीमों से ₹900 करोड़ से अधिक लगाए हैं। यदि लिस्टिंग के बाद एक्सचेंज के शेयरों में तेजी आती है, तो इन फंड्स की यूनिट वैल्यू और दीर्घकालिक रिटर्न पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। • वैश्विक संस्थागत विश्वास: अमेरिका, यूरोप और एशिया के 20 से ज्यादा लॉन्ग-ओनली फंडों द्वारा ₹2,883 करोड़ का निवेश दर्शाता है कि भारतीय पूंजी बाजार के बुनियादी ढांचे में अंतरराष्ट्रीय पूंजी का विश्वास कायम है। यह रुझान आगामी अन्य बड़े पब्लिक इश्यूज में भी विदेशी निवेश प्रवाह को सहारा दे सकता है। • घरेलू बाजार स्थिरता: प्रमुख वित्तीय संस्थाओं की 53 फीसदी एंकर भागीदारी यह सुनिश्चित करती है कि इश्यू का बड़ा हिस्सा दीर्घकालिक संस्थागत हाथों में है। इससे सार्वजनिक लिस्टिंग के शुरुआती दिनों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को सीमित रखने में मदद मिलती है। ऐसा क्यों हुआ सार्वजनिक निर्गम से पूर्व संस्थागत एंकर राउंड का आयोजन इसलिए किया जाता है ताकि बड़े वित्तीय संस्थानों के माध्यम से इश्यू की कीमत और मांग का सत्यापन हो सके। • मूल्यांकन और मूल्य सीमा की पुष्टि: सभी 150 संस्थागत निवेशकों को शेयर ₹1,785 के उच्चतम प्राइस बैंड पर आवंटित किए गए हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि बड़े पूंजी प्रबंधक एक्सचेंज द्वारा तय किए गए वैल्यूएशन को उचित मान रहे हैं। • दीर्घकालिक संस्थागत विश्वास: एक्सचेंज के मौजूदा बड़े शेयरधारक जैसे एलआईसी और प्रमुख म्यूचुअल फंड्स ने नए दौर में भी भारी पूंजी लगाई है। घरेलू और विदेशी संस्थानों की मजबूत मांग ने एंकर बुक को निर्धारित समय में पूरी तरह भर दिया। • लिस्टिंग स्थिरता की तैयारी: प्राथमिक बाजार नियमों के तहत एंकर निवेशकों के लिए अनिवार्य लॉक-इन अवधि होती है, जिससे सार्वजनिक इश्यू खुलने से पहले ही 30 फीसदी से अधिक पूंजी सुरक्षित हो जाती है। यही वजह है कि 43 फीसदी विदेशी और 53 फीसदी घरेलू निवेशकों का संतुलित तालमेल बनाया गया। सवाल-जवाब 1. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने एंकर राउंड में कुल कितनी रकम जुटाई है? एक्सचेंज ने 150 संस्थागत निवेशकों को 3.77 करोड़ शेयर आवंटित करके कुल ₹6,746.2 करोड़ जुटाए हैं। 2. एंकर निवेशकों को किस भाव पर शेयर जारी किए गए हैं? एंकर निवेशकों को शेयर ₹1,785 प्रति शेयर के भाव पर दिए गए हैं, जो आईपीओ के तय प्राइस बैंड की ऊपरी सीमा है। 3. इस एंकर राउंड में विदेशी निवेशकों की कितनी हिस्सेदारी रही? विदेशी संस्थागत निवेशकों (FPI) ने करीब 43 फीसदी हिस्सेदारी हासिल की और लगभग ₹2,883 करोड़ का निवेश किया। 4. एलआईसी और एसबीआई ग्रुप ने कितना निवेश किया? एलआईसी ने अपनी विभिन्न इकाइयों के जरिए ₹500 करोड़ से ज्यादा, जबकि एसबीआई ग्रुप ने अपनी अनुषंगी कंपनियों के जरिए ₹400 करोड़ से अधिक का निवेश किया। 5. यह मेगा आईपीओ आम निवेशकों के लिए कब खुलेगा और इसका कुल आकार क्या है? यह आईपीओ 17 सितंबर से 21 सितंबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा और ₹1,785 के अपर बैंड पर इसका कुल आकार लगभग ₹22,569 करोड़ होगा। https://trendkia.com/market/national-stock-exchange-ne-enkara-raunda-men-jutae-6-746-karora-lic-aura-vaishvika-diggajon-ne-lagai-bari-boli-35969 TrendKia — Har trend, sabse pehle.