न्यूजीलैंड डॉलर 0.5625 के सपोर्ट स्तर पर संभला, अमेरिकी डॉलर की सुस्ती के बीच दिखा हल्का सुधार एशियाई कारोबारी सत्र में न्यूजीलैंड डॉलर 0.5645 के करीब सुधरा है, जबकि चीन के विनिर्माण आंकड़ों ने बाजार को सहारा दिया है लेकिन व्यापक तकनीकी रुझान अब भी दबाव का संकेत दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में बुधवार के एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान न्यूजीलैंड डॉलर ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्थिरता हासिल करने की कोशिश की है। पिछले कुछ हफ्तों से लगातार जारी एकतरफा गिरावट के बाद यह जोड़ी 0.5625 के मजबूत स्तर पर आधार खोजने में सफल रही है। बुधवार को यह करेंसी पेयर लगभग 0.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ 0.5645 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में यह सुधार मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) में आए मामूली करेक्शन के चलते देखने को मिला है, जिसने हाल ही में 101.64 के दो महीने के उच्चतम स्तर को छुआ था। हालांकि, यूएस फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख को देखते हुए विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी मुद्रा को लंबे समय तक समर्थन मिलता रह सकता है। चीन के विनिर्माण आंकड़ों से मिला समर्थन न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में शुमार चीन की ओर से जारी आर्थिक आंकड़ों ने भी कीवी डॉलर को कुछ हद तक राहत प्रदान की है। सितंबर महीने के लिए रेटिंगडॉग मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के आंकड़े उम्मीद से बेहतर दर्ज किए गए हैं। यह आंकड़ा 52.1 पर पहुंचा है, जो बाजार के 51.6 के अनुमान से कहीं अधिक है। इससे पिछले महीने यह पैमाना 51.5 पर रहा था। विनिर्माण गतिविधियों में आई इस अप्रत्याशित मजबूती ने वैश्विक स्तर पर जोखिम धारणा में कुछ सुधार किया, जिससे न्यूजीलैंड डॉलर को शुरुआती गिरावट से उबरने में मदद मिली। दैनिक चार्ट पर तकनीकी तस्वीर और दबाव दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो NZD/USD का रुख निकट अवधि में अब भी नकारात्मक बना हुआ है। हाजिर कीमत वर्तमान में 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 0.5736 के नीचे बनी हुई है, जो ऊपर की तरफ एक मजबूत गतिशील बाधा के रूप में काम कर रही है। जब तक यह जोड़ी इस गतिशील स्तर के नीचे कारोबार करती रहेगी, तब तक किसी भी उछाल पर बिकवाली हावी रहने की संभावना बनी रहेगी। वहीं, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) वर्तमान में 27 के स्तर पर है, जो अत्यधिक बिकवाली यानी ओवरसोल्ड क्षेत्र की ओर इशारा कर रहा है। यह तकनीकी स्थिति दर्शाती है कि नीचे की तरफ बिकवाली का दबाव तो तीव्र है, लेकिन अब यह थकावट के करीब पहुंच रहा है। लाइव तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, यह जोड़ी 0.5635 पर ट्रेड कर रही है, जो पिछले 0.5664 के बंद भाव से 0.50 प्रतिशत नीचे है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 0.5584 से 0.6093 के बीच रहा है। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय RSI 25 पर है, जबकि MACD -0.01 पर सिग्नल -0.00 के नीचे बना हुआ है। मूविंग एवरेजेज के मोर्चे पर 20-दिवसीय EMA 0.5744, 50-दिवसीय EMA 0.5799 और 200-दिवसीय EMA 0.5822 पर स्थित है, जो डेथ क्रॉस के बाद दीर्घकालिक गिरावट की पुष्टि करते हैं। पिवट स्तर 0.5645 पर स्थित है, जिसके लिए पहला रेजिस्टेंस R1 0.5655 और R2 0.5675 पर है, जबकि नजदीकी सपोर्ट S1 0.5625 और दूसरा सपोर्ट S2 0.5614 पर बना हुआ है। अन्य एशियाई मुद्राओं और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का हाल बुधवार के कारोबारी सत्र में अन्य प्रमुख करेंसी जोड़ियों में भी खासी हलचल दर्ज की गई। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दबाव में रहा और AUD/USD लुढ़ककर 0.6950 के करीब दो महीने के निचले स्तर पर आ गया। ऑस्ट्रेलिया में अगस्त महीने के अंतर्निहित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़े अनुमान से कमजोर रहे, जिसने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरों में आगे बढ़ोतरी की संभावनाओं को ठंडा कर दिया। चीन के मजबूत PMI आंकड़ों के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अपनी कमजोरी से उबरने में नाकाम रहा। दूसरी ओर, जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) 157.00 के नीचे कमजोर बना रहा। बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा सख्त नीति अपनाए जाने की अटकलों और मुद्रा बाजार में सरकारी हस्तक्षेप के जोखिम ने जापानी येन को सहारा दिया। इस वजह से घरेलू स्तर पर निराशाजनक औद्योगिक उत्पादन और खुदरा बिक्री के आंकड़ों का येन पर कोई खास नकारात्मक असर नहीं पड़ा। अमेरिकी डॉलर की चौतरफा सुस्ती ने भी इस जोड़ी को नीचे धकेलने में भूमिका निभाई। सोने में ठहराव और ट्रेजरी यील्ड का रुख कमोडिटी बाजार में सोना पिछले दिन आठ सप्ताह के निचले स्तर से उबरने के बाद 4,200 डॉलर प्रति औंस के नीचे एक सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा। कच्चे तेल की कीमतों में आई रात भर की गिरावट ने अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड बाजार में जारी बिकवाली को कुछ हद तक धीमा किया, जिससे सोने को निचली कीमतों पर सहारा मिला। इसके बावजूद, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें ऊंची रखने की संभावनाओं और मुद्रास्फीति की चिंताओं ने बॉन्ड यील्ड को कई वर्षों के उच्च स्तर के करीब बनाए रखा है। साथ ही, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण सुरक्षित निवेश के तौर पर अमेरिकी डॉलर की मांग बनी हुई है, जिससे सोने में किसी बड़े उछाल की गुंजाइश सीमित हो रही है। इसका आप पर असर वैश्विक मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों के ऊंचे स्तर बने रहने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विदेशी मुद्रा विनिमय पर सीधा असर देखने को मिल रहा है। • मुद्रा विनिमय: न्यूजीलैंड डॉलर में आई कमजोरी विदेशी यात्रा और कीवी डॉलर आधारित भुगतानों को भारतीय यात्रियों के लिए अपेक्षाकृत सस्ता बना सकती है। आने वाले दिनों में यात्रा या फीस भुगतान की योजना बना रहे लोग मौजूदा विनिमय दरों पर नजर रख सकते हैं। • आयात-निर्यात व्यापार: अमेरिकी डॉलर के मजबूत बने रहने से डॉलर में होने वाले अंतरराष्ट्रीय सौदों की लागत ऊंची बनी रहेगी। भारतीय आयातकों को कच्चे माल के बिलों पर अधिक खर्च वहन करना पड़ सकता है। • सोने के निवेशक: सोने की कीमतें 4,200 डॉलर के नीचे सीमित दायरे में रहने से खुदरा खरीदारों को अचानक तेज उछाल से अस्थायी राहत मिली है। सुरक्षित निवेश और बॉन्ड यील्ड की दिशा देखकर ही निवेशकों को नई खरीदारी का फैसला लेना चाहिए। • फॉरेक्स ट्रेडर्स: NZD/USD में ओवरसोल्ड स्थिति के चलते अल्पकालिक तकनीकी उछाल की संभावना बनी रह सकती है। ट्रेडर्स को 0.5625 के सपोर्ट और 0.5736 के रेजिस्टेंस स्तर को ध्यान में रखकर स्टॉप-लॉस निर्धारित करना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ न्यूजीलैंड डॉलर में हालिया स्थिरता और गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी केंद्रीय बैंक का सख्त रुख और चीन से आए सकारात्मक औद्योगिक आंकड़े हैं। • फेडरल रिजर्व की नीति: अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने के संकेतों ने डॉलर इंडेक्स को दो महीने के उच्च स्तर पर पहुंचाया है। इसी डॉलर मजबूती के चलते अधिकांश गैर-अमेरिकी मुद्राओं में गिरावट का दौर बना हुआ है। • चीन के बेहतर विनिर्माण आंकड़े: चीन के सितंबर PMI आंकड़ों का 52.1 पर आना उम्मीदों से बेहतर रहा, जिससे कीवी डॉलर को फौरी सहारा मिला। न्यूजीलैंड का निर्यात व्यापार काफी हद तक चीनी अर्थव्यवस्था की मांग पर निर्भर करता है। • तकनीकी ओवरसोल्ड स्थिति: लगातार गिरावट के बाद रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 27 के पास पहुंच गया, जिससे बिकवाली की रफ्तार धीमी पड़ी है। तकनीकी तौर पर बिकवाली की थकावट के कारण 0.5625 के स्तर पर खरीदारों की हल्की वापसी देखी गई। सवाल-जवाब 1. न्यूजीलैंड डॉलर किस स्तर पर संभलने की कोशिश कर रहा है? न्यूजीलैंड डॉलर 0.5625 के सपोर्ट स्तर पर आधार बनाकर 0.5645 के करीब संभलने का प्रयास कर रहा है। 2. चीन के विनिर्माण पीएमआई आंकड़े कितने दर्ज किए गए? सितंबर महीने के लिए चीन का विनिर्माण पीएमआई 52.1 रहा, जो 51.6 के अनुमान से बेहतर है। 3. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स का हालिया उच्चतम स्तर क्या रहा है? अमेरिकी डॉलर इंडेक्स ने हाल ही में 101.64 का दो महीने का उच्चतम स्तर छुआ था। 4. कीवी डॉलर के लिए प्रमुख तकनीकी रेजिस्टेंस स्तर कौन सा है? कीवी डॉलर के लिए 20-दिवसीय ईएमए 0.5736 के स्तर पर तात्कालिक ऊपरी रेजिस्टेंस बना हुआ है। 5. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट की मुख्य वजह क्या रही? ऑस्ट्रेलिया में अगस्त के मुद्रास्फीति आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहने से ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदें घटी हैं। 6. सोना किस स्तर के नीचे कारोबार कर रहा है? सोना पिछले निचले स्तर से मामूली सुधार के बाद 4,200 डॉलर प्रति औंस के नीचे सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। https://trendkia.com/market/new-zealand-dollar-0-5625-ke-saporta-stara-para-snbhala-us-dollar-ki-susti-ke-bicha-dikha-halka-sudhara-40644 TrendKia — Har trend, sabse pehle.