फेडरल रिजर्व की सख्त ब्याज दर नीति के अनुमान से गिरा न्यूजीलैंड डॉलर, घरेलू आर्थिक सुस्ती से बढ़ीं मुश्किलें वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर की बढ़ती मजबूती और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाओं के कारण न्यूजीलैंड डॉलर में तेज गिरावट आई है, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगाया है। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बीच न्यूजीलैंड डॉलर (NZD) में अमेरिकी डॉलर (USD) के मुकाबले तेज बिकवाली देखी जा रही है। सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर की मजबूत मांग ने कीवी यानी न्यूजीलैंड डॉलर को लगातार दबाव में रखा। हालिया आंकड़ों के अनुसार, मुद्रा बाजार में NZD/USD की विनिमय दर 0.5764 के स्तर पर आ गई है, जो पिछले सत्र के बंद भाव 0.5806 की तुलना में 0.72% की गिरावट को दर्शाती है। हाल के इतिहास पर नजर डालें तो पिछले 52 हफ्तों के दौरान इस जोड़ी ने 0.5584 से 0.6093 के दायरे में कारोबार किया है, और वर्तमान मंदी का रुझान इसे एक बार फिर से इस दायरे के निचले छोर की ओर धकेल रहा है। वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों में आ रहे अंतर के चलते न्यूजीलैंड डॉलर पर चौतरफा दबाव बन रहा है। फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक और सख्त रुख की आशंका आने वाले बुधवार को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक को वर्तमान समय में इस मुद्रा जोड़ी के लिए सबसे बड़ा नीतिगत चालक माना जा रहा है। अमेरिका में हाल ही में सामने आए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) और उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) के आंकड़ों ने मुद्रास्फीति के फिर से बढ़ने के संकेत दिए हैं। इन मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने नीति निर्माताओं को नीतिगत दरों में और अधिक कड़ाई करने के लिए मजबूर किया है। सीएमई फेडवॉच (CME FedWatch) टूल के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, बाजार अब इस सप्ताह फेडरल रिजर्व द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की 88% संभावना मान रहा है, जो कि केवल एक सप्ताह पहले तक महज 59% थी। ब्याज दरों में बढ़ोतरी की यह अत्यधिक संभावना अमेरिकी डॉलर को भारी समर्थन दे रही है और वैश्विक निवेशकों को अपनी पूंजी अमेरिकी बाजारों में स्थानांतरित करने के लिए आकर्षित कर रही है। केविन वॉर्श की परीक्षा और राजनीतिक दबाव वैश्विक निवेशकों और विश्लेषकों की निगाहें फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की आगामी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हुई हैं। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके द्वारा दिए जाने वाले बयानों से बाजार यह समझने का प्रयास करेगा कि अमेरिकी ब्याज दरों का भविष्य में क्या रुख रहने वाला है। केविन वॉर्श के लिए यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्हें डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ब्याज दरों को कम रखने के तीव्र राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। यदि केविन वॉर्श इस दबाव के बावजूद मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए सख्त मौद्रिक नीति को जारी रखने का संदेश देते हैं, तो इससे अमेरिकी डॉलर की मजबूती को और बल मिलेगा। ऐसी स्थिति में न्यूजीलैंड डॉलर जैसी उच्च जोखिम वाली और कमोडिटी से जुड़ी मुद्राओं पर दबाव और अधिक बढ़ सकता है। न्यूजीलैंड के सेवा क्षेत्र में नाजुक सुधार के संकेत घरेलू स्तर पर देखा जाए तो न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था से मिलने वाले संकेत बहुत उत्साहजनक नहीं हैं। यद्यपि बिजनेसएनजेड (BusinessNZ) परफॉर्मेंस ऑफ सर्विसेज इंडेक्स (PSI) अगस्त के महीने में बढ़कर 51.2 पर पहुंच गया, जो लगातार तीसरे महीने सुधार की ओर इशारा करता है और सितंबर 2023 के बाद का इसका उच्चतम स्तर है, लेकिन आर्थिक विश्लेषक इसे टिकाऊ नहीं मान रहे हैं। बिजनेसएनजेड की मुख्य कार्यकारी कैथरीन रिच ने इस डेटा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इस सूचकांक के कुल पांच उप-सूचकांकों में से तीन अभी भी 50 की तटस्थ सीमा से नीचे बने हुए हैं। इसका सीधा अर्थ यह है कि सेवा क्षेत्र में सुधार की यह प्रक्रिया बेहद असमान और नाजुक है, जिससे पूरी अर्थव्यवस्था को सहारा मिलना फिलहाल मुश्किल नजर आ रहा है। RBNZ और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीतियों में बढ़ता अंतर रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड (RBNZ) ने हाल ही में अपनी ऑफिशियल कैश रेट (OCR) को 25 आधार अंक बढ़ाकर 2.75% कर दिया था, लेकिन इसके बाद केंद्रीय बैंक ने एक बेहद सतर्क दृष्टिकोण अपनाया है। RBNZ के नीति निर्माताओं का मानना है कि मौजूदा नीतिगत स्तर अर्थव्यवस्था के विकास के अनुकूल बने हुए हैं और वे मौद्रिक प्रोत्साहन को बहुत धीरे-धीरे वापस लेना चाहते हैं। न्यूजीलैंड के केंद्रीय बैंक का यह नरम और क्रमिक दृष्टिकोण बाजार के उन कयासों को सीमित करता है जो आक्रामक ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे थे। इसके विपरीत, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा लगातार ब्याज दरें बढ़ाने की तैयारियों ने दोनों देशों की मौद्रिक नीतियों के बीच के अंतर को और चौड़ा कर दिया है, जिससे वैश्विक फंड मैनेजर न्यूजीलैंड के बाजार से दूरी बना रहे हैं। सकल घरेलू उत्पाद में गिरावट और घरेलू मांग पर असर ब्राउन ब्रदर्स हैरीमैन (BBH) के शोध विश्लेषकों का आकलन है कि न्यूजीलैंड की दूसरी तिमाही के आर्थिक आंकड़े देश की विकास दर में आ रही भारी सुस्ती को उजागर करेंगे। बुधवार को जारी होने वाले उत्पादन-आधारित वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की विकास दर तिमाही-दर-तिमाही आधार पर घटकर 0.1% रहने की उम्मीद है, जो कि पहली तिमाही के 0.8% के मुकाबले बेहद निराशाजनक है। स्वयं RBNZ ने इसके शून्य प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। BBH के विश्लेषकों के अनुसार, इस सुस्ती के पीछे ईंधन की ऊंची कीमतें, अत्यधिक आर्थिक अनिश्चितता और देश के रियल एस्टेट बाजार में आवासीय संपत्तियों की गिरती कीमतें मुख्य कारक हैं। इन कारणों से न्यूजीलैंड के आम नागरिकों की वास्तविक आय में भारी गिरावट आई है, जिसके परिणामस्वरूप घरेलू उपभोक्ता खर्च और निवेश गतिविधियों में भारी संकुचन देखा गया है। आर्थिक संकेतक और भविष्य का नीतिगत परिदृश्य हालांकि भविष्य के कुछ संकेतक यह दर्शाते हैं कि तीसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था में आंशिक सुधार देखा जा सकता है, लेकिन दीर्घकालिक चुनौतियां जस की तस बनी हुई हैं। BBH का कहना है कि न्यूजीलैंड की श्रम बाजार गतिविधियों और व्यापक अर्थव्यवस्था में अभी भी अतिरिक्त क्षमता बची हुई है, जो बाजार के वर्तमान दावों से मेल नहीं खाती। वित्तीय बाजार के स्वैप कर्व (Swaps Curve) से संकेत मिलता है कि आगामी दो वर्षों में वहां नीतिगत दरें 4.25% तक पहुंच सकती हैं, जबकि RBNZ का अपना अनुमान है कि नीतिगत दर 2028 तक अधिकतम 3.25% के आसपास ही पहुंचेगी। यह अनुमान केंद्रीय बैंक की अपनी तटस्थ सीमा 2.3% से 4.1% के ऊपरी दायरे से भी नीचे है। बाजार और केंद्रीय बैंक के अनुमानों के बीच का यह बड़ा अंतर आने वाले समय में नीतिगत दरों में नरमी का कारण बन सकता है, जो न्यूजीलैंड डॉलर के लिए एक और बड़ा नकारात्मक पहलू साबित होगा। तकनीकी चार्ट पर मंदी का स्पष्ट दबदबा तकनीकी संकेतकों और चार्ट पैटर्न पर गौर करें तो NZD/USD का रुख पूरी तरह से मंदड़ियों के कब्जे में दिखाई दे रहा है। वर्तमान में यह जोड़ी अपने 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 0.5871 और 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) 0.5854 से काफी नीचे कारोबार कर रही है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) वर्तमान में 32 के स्तर पर है, जो इस बात का संकेत है कि जोड़ी अत्यधिक बिकवाली (oversold) की स्थिति के करीब पहुंच चुकी है, हालांकि अभी तक यहां से किसी बड़े बाउंस या रिवर्सल के पुख्ता तकनीकी प्रमाण नहीं मिले हैं। बोलिंगर बैंड की स्थिति को देखें तो कीमत इस समय बोलिंगर बैंड के निचले बैंड 0.5788 से नीचे फिसल चुकी है। तत्काल आधार पर इस जोड़ी के लिए 0.5760 और दैनिक चार्ट पर S1 सपोर्ट स्तर 0.5745 महत्वपूर्ण रक्षात्मक दीवार का काम कर रहे हैं। यदि यह जोड़ी इस स्तर से नीचे बंद होती है, तो यह 0.5726 (S2) तक फिसल सकती है। ऊपर की तरफ रिकवरी की स्थिति में पहला बड़ा अवरोध 0.5793 और उसके बाद 0.5801 (R1) के स्तर पर देखा जाएगा। वैश्विक मुद्रा और क्रिप्टो बाजार का सामान्य हाल सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान दुनिया के अन्य मुद्रा बाजारों में भी हलचल तेज रही। एशियाई व्यापारिक घंटों के दौरान AUD/USD की जोड़ी गिरकर 0.7140 के स्तर के पास पहुंच गई, जो इसका लगभग डेढ़ सप्ताह का सबसे निचला स्तर है। हालांकि, बाद में इस जोड़ी ने कुछ स्थिरता दिखाई और यह 0.25% की दैनिक गिरावट के साथ 0.7100 के मध्य स्तर के ठीक ऊपर कारोबार करती देखी गई। इसी तरह, USD/JPY की जोड़ी में खरीदारों की दिलचस्पी लौटने से यह 154.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुंच गई, जिससे पिछले सत्र के नुकसान की भरपाई की जा सकी। दूसरी तरफ, वैश्विक डिजिटल एसेट बाजार में बिटकॉइन (BTC) $77,884 के स्तर पर मजबूत बना हुआ है, जबकि अन्य प्रमुख क्रिप्टो परिसंपत्तियों जैसे इथेरियम (ETH) और रिपल (XRP) ने क्रमशः $2,521 और $1.38 के अपने महत्वपूर्ण समर्थन स्तरों को सफलतापूर्वक बनाए रखा है। इसका आप पर असर वैश्विक मौद्रिक नीतियों में आ रहे इस बड़े बदलाव और डॉलर की मजबूती का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और आयातकों-निर्यातकों पर पड़ेगा। • विदेशी निवेशकों के लिए: अमेरिकी डॉलर में मजबूती और फेडरल रिजर्व की सख्त ब्याज दर नीति वैश्विक पूंजी को अमेरिका की ओर आकर्षित करेगी। इसका मतलब है कि भारत जैसे उभरते बाजारों से विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) अपनी पूंजी निकाल सकते हैं, जिससे स्थानीय शेयर बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है। • भारतीय आयातकों के लिए: अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से रुपया कमजोर हो सकता है, जिससे विदेशों से आयात होने वाला कच्चा तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य कच्चे माल महंगे हो जाएंगे। इसके कारण घरेलू स्तर पर मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ सकता है और आम उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ेगा। • अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए: यदि आप विदेश यात्रा या शिक्षा के लिए योजना बना रहे हैं, तो विदेशी मुद्रा विनिमय दरें आपके बजट को प्रभावित करेंगी। डॉलर की मजबूती के कारण विदेशों में होटल बुकिंग, हवाई टिकट और ट्यूशन फीस का भुगतान करना पहले की तुलना में अधिक खर्चीला हो जाएगा। • क्रिप्टो निवेशकों के लिए: पारंपरिक बाजारों में ब्याज दरों के बढ़ने से जोखिम वाली संपत्तियों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। यद्यपि बिटकॉइन वर्तमान में मजबूत है, लेकिन फेड की सख्त नीतियों से क्रिप्टो बाजार में भी अचानक बिकवाली का दबाव आ सकता है। ऐसा क्यों हुआ न्यूजीलैंड डॉलर की इस कमजोरी और अमेरिकी डॉलर में आई तेजी के पीछे कई महत्वपूर्ण नीतिगत और आर्थिक कारण जिम्मेदार हैं। • ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती आशंकाएं: अमेरिका में जारी मजबूत मुद्रास्फीति डेटा (CPI और PPI) के बाद निवेशकों ने फेडरल रिजर्व द्वारा इस सप्ताह 25 आधार अंकों की दर वृद्धि की संभावना को 88% तक बढ़ा दिया है। इस सख्त नीति के अनुमान ने अमेरिकी डॉलर को अन्य मुद्राओं की तुलना में काफी मजबूत कर दिया है। • न्यूजीलैंड की घरेलू आर्थिक मंदी: दूसरी तिमाही में न्यूजीलैंड की उत्पादन-आधारित वास्तविक GDP विकास दर घटकर मात्र 0.1% रहने का अनुमान है। ईंधन की ऊंची कीमतों और रियल एस्टेट बाजार में मंदी के कारण घरेलू मांग और उपभोक्ता खर्च बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। • केंद्रीय बैंकों की नीतियों में टकराव: जहां अमेरिकी फेड लगातार सख्त मौद्रिक नीति अपनाने की तैयारी में है, वहीं रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड (RBNZ) अपनी दर वृद्धि को लेकर अधिक नरम और क्रमिक रुख अपनाए हुए है। इस नीतिगत अंतर के कारण निवेशक न्यूजीलैंड डॉलर से दूरी बना रहे हैं। सवाल-जवाब 1. सोमवार को न्यूजीलैंड डॉलर (NZD/USD) में कितनी गिरावट दर्ज की गई? सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान NZD/USD की जोड़ी में 0.72% की गिरावट दर्ज की गई और लाइव आंकड़ों के अनुसार यह 0.5764 के स्तर पर बंद हुई। 2. इस सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की कितनी संभावना है? सीएमई फेडवॉच टूल के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, बाजार इस सप्ताह फेड द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की लगभग 88% संभावना मान रहा है। 3. न्यूजीलैंड के सेवा क्षेत्र की स्थिति कैसी है? न्यूजीलैंड का परफॉर्मेंस ऑफ सर्विसेज इंडेक्स (PSI) अगस्त में बढ़कर 51.2 पर पहुंच गया, लेकिन इसके पांच में से तीन उप-सूचकांक अभी भी 50 से नीचे हैं, जो एक नाजुक और असमान सुधार को दर्शाते हैं। 4. न्यूजीलैंड की दूसरी तिमाही की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर का क्या अनुमान है? ब्राउन ब्रदर्स हैरीमैन (BBH) के अनुसार, न्यूजीलैंड की उत्पादन-आधारित वास्तविक GDP विकास दर दूसरी तिमाही में घटकर केवल 0.1% रहने का अनुमान है। 5. NZD/USD के लिए तत्काल तकनीकी समर्थन और प्रतिरोध स्तर क्या हैं? इस जोड़ी के लिए तत्काल क्षैतिज समर्थन 0.5760 (S1 सपोर्ट 0.5745) पर है, जबकि पहला बड़ा प्रतिरोध स्तर 0.5793 और उसके बाद 0.5801 पर देखा जा रहा है। 6. इस आर्थिक अनिश्चितता के बीच मुख्य क्रिप्टोकरेंसी का क्या प्रदर्शन रहा? इस मंदी के बावजूद क्रिप्टो बाजार मजबूत दिखा, जहां बिटकॉइन $77,884 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, और इथेरियम तथा रिपल ने क्रमशः $2,521 और $1.38 के अपने समर्थन स्तरों को बनाए रखा। https://trendkia.com/market/new-zealand-dollar-drifts-lower-on-rising-federal-reserve-rate-bets-and-local-economic-headwinds-32262 TrendKia — Har trend, sabse pehle.