निजी बैंकों में बिकवाली ने डुबोया बाजार, सेंसेक्स 442 अंक लुढ़ककर 77,708 पर बंद सोमवार को निजी बैंकिंग शेयरों में तेज बिकवाली से घरेलू बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। सेंसेक्स 442.93 अंक गिरकर 77,708.52 और निफ्टी 95.80 अंक टूटकर 24,238.50 पर आ गया। सप्ताह का पहला कारोबारी दिन निवेशकों के लिए मायूसी लेकर आया। सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में निजी बैंकों के शेयरों में तेज बिकवाली हावी रही और दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान पर बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 442.93 अंक गिरकर 77,708.52 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 95.80 अंक की कमजोरी के साथ 24,238.50 पर बंद हुआ। दिनभर बाजार कई बार ऊपर-नीचे हुआ, मगर आखिर में बैंकिंग शेयरों का दबाव बाकी हर सहारे पर भारी साबित हुआ। सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाले निफ्टी शेयरों की सूची में एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, मारुति सुजुकी और जियो फाइनेंशियल सर्विसेज सबसे आगे रहे। इन बड़े नामों की फिसलन का असर पूरे सूचकांक पर साफ दिखा। दरअसल निजी बैंकों का इंडेक्स में भारी-भरकम वजन होता है, इसलिए जब ये एक साथ टूटते हैं तो पूरे बाजार को नीचे खींच ले जाते हैं। इसके उलट ट्रेंट, सिप्ला, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, भारती एयरटेल और जेएसडब्ल्यू स्टील हरे निशान में रहे और इन्होंने बाजार को पूरी तरह डूबने से कुछ हद तक रोके रखा। पीएसयू बैंक और फार्मा में लौटी जान भले ही मुख्य सूचकांक फिसले, लेकिन कई सेक्टरों ने दमदार प्रदर्शन किया। सरकारी बैंकों का निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 2.8 प्रतिशत चढ़कर दिन का सबसे बड़ा फायदे वाला समूह रहा। इसके साथ ही फार्मा, मीडिया, एनर्जी, मेटल, ऑयल एंड गैस, इंफ्रास्ट्रक्चर, एफएमसीजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी खरीदारों ने अच्छी दिलचस्पी दिखाई। दूसरी तरफ निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 2.2 प्रतिशत टूटकर दिन का सबसे कमजोर समूह बना, वहीं बैंक, ऑटो और रियल्टी से जुड़े शेयर भी दबाव में बंद हुए। छोटे और मझोले शेयरों ने संभाला बड़े शेयरों की गिरावट के बीच मिडकैप और स्मॉलकैप ने निवेशकों को थोड़ी राहत दी। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स करीब 0.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि स्मॉलकैप 100 इंडेक्स भी हल्की तेजी दर्ज करने में कामयाब रहा। यह इशारा करता है कि छोटी और मध्यम आकार की कंपनियों में खरीदारी का भरोसा फिलहाल कायम है, तभी बड़े शेयरों की कमजोरी का असर इन तक ज्यादा नहीं पहुंचा। डॉलर के आगे फिसला रुपया शेयर बाजार की तरह भारतीय मुद्रा पर भी दबाव बना रहा। सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 17 पैसे लुढ़ककर 96.45 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। इससे पिछले कारोबारी सत्र में यह 96.28 प्रति डॉलर के स्तर पर था। रुपये में यह कमजोरी विदेश से आयात होने वाली चीजों की लागत पर भी असर डालती है। निवेशक अब क्या करें बैंकिंग शेयरों की कमजोरी ने एक ही झटके में पूरे बाजार का मूड पलट दिया। आगे बाजार की चाल किस ओर मुड़ेगी, यह काफी हद तक कंपनियों के तिमाही नतीजों, विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री और दुनियाभर के बाजारों के रुख पर निर्भर करेगा। ऐसे उतार-चढ़ाव भरे माहौल में जानकार निवेशकों को जल्दबाजी से बचने और सोच-समझकर, सतर्क रहकर पैसा लगाने की सलाह दे रहे हैं। इसका आप पर असर • निवेशकों के लिए: बैंकिंग शेयरों की गिरावट से पोर्टफोलियो पर असर पड़ा है, इसलिए तिमाही नतीजों तक जल्दबाजी में खरीदारी से बचना समझदारी होगी। • आम आदमी के लिए: रुपया 96.45 प्रति डॉलर तक कमजोर होने से विदेश से आने वाली चीजों और यात्रा का खर्च बढ़ सकता है। सवाल-जवाब 1. सोमवार को सेंसेक्स कितना गिरा? बीएसई सेंसेक्स 442.93 अंक टूटकर 77,708.52 पर बंद हुआ। 2. निफ्टी कहां बंद हुआ? एनएसई निफ्टी 95.80 अंक की गिरावट के साथ 24,238.50 पर बंद हुआ। 3. किन शेयरों ने बाजार को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया? एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, मारुति सुजुकी और जियो फाइनेंशियल सर्विसेज सबसे बड़े लूजर रहे। 4. कौन से शेयरों में बढ़त रही? ट्रेंट, सिप्ला, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, भारती एयरटेल और जेएसडब्ल्यू स्टील हरे निशान में बंद हुए। 5. सबसे मजबूत और सबसे कमजोर सेक्टर कौन रहा? निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 2.8 प्रतिशत चढ़कर सबसे मजबूत रहा, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 2.2 प्रतिशत टूटकर सबसे कमजोर रहा। 6. रुपये का हाल कैसा रहा? रुपया डॉलर के मुकाबले 17 पैसे कमजोर होकर 96.45 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि पिछले सत्र में यह 96.28 पर था। 7. मिडकैप और स्मॉलकैप ने कैसा प्रदर्शन किया? निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स करीब 0.6 प्रतिशत चढ़ा और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स भी हल्की बढ़त में रहा। https://trendkia.com/market/niji-bainkon-men-bikavali-ne-duboya-bajara-sensex-442-anka-lurhakakara-77-708-para-bnda-9523 TrendKia — Har trend, sabse pehle.