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  "type": "article",
  "title": "नॉर्वे का केंद्रीय बैंक प्रमुख ब्याज दर 4.5 फीसदी पर रख सकता है बरकरार, दरों में कटौती 2028 तक टलने के आसार",
  "summary": "नॉर्जेस बैंक आगामी गुरुवार को अपनी नीतिगत दर को 4.5 फीसदी पर स्थिर रख सकता है। बढ़ती कोर महंगाई और ऊर्जा की ऊंची लागत के बीच मुद्रास्फीति दो फीसदी के लक्ष्य तक पहुंचने से पहले नीतिगत ढील की उम्मीद नहीं दिख रही है।",
  "content": "नॉर्वे का केंद्रीय बैंक नॉर्जेस बैंक आगामी गुरुवार को होने वाली अपनी नीतिगत समीक्षा बैठक में प्रमुख नीतिगत ब्याज दर को 4.5 फीसदी के स्तर पर ही अपरिवर्तित रख सकता है। यह संभावित कदम बैंक द्वारा सितंबर की बैठक में पेश किए गए नीतिगत दर अनुमान के पूरी तरह अनुरूप दिखाई देता है। आर्थिक संकेतकों में इस समय मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है, जहां एक ओर कोर मुद्रास्फीति और ऊर्जा की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, वहीं दूसरी तरफ मजबूत नॉर्वेजियन क्रोन और सुस्त रिटेल बिक्री के आंकड़े भी सामने आए हैं।\n\nनीतिगत रुख और मुद्रास्फीति के लक्ष्य की चुनौतियां\nकेंद्रीय बैंक के आधिकारिक संवाद में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं दिखाई दे रही है। नॉर्डिया के शेतिएल ओल्सन के अनुसार, जब तक मुद्रास्फीति स्पष्ट रूप से 2 फीसदी के तय लक्ष्य की ओर घटती हुई नहीं दिखती, तब तक ब्याज दरों में किसी भी तरह की कटौती के आसार नहीं हैं। वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर यह लक्ष्य 2028 से पहले हासिल होता नजर नहीं आ रहा है।\n\nशेतिएल ओल्सन ने कहा, \n \"नॉर्जेस बैंक आगामी गुरुवार को अपनी प्रमुख दर को 4.5 फीसदी पर अपरिवर्तित रखेगा, जो सितंबर की बैठक में प्रस्तुत दर पथ के अनुरूप है।\"\n\nकच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में हालिया उछाल देखा गया है, जबकि बिजली के वायदा भाव में भी मजबूती आई है। इसके विपरीत, नॉर्वेजियन क्रोन की मजबूती मुद्रास्फीति के दबाव को कुछ हद तक सीमित करने की विपरीत दिशा में काम कर रही है। यदि केंद्रीय बैंक आज अपनी नई दर रूपरेखा पेश करता है, तो शुरुआती दौर में यह सितंबर के अनुमान के काफी करीब रह सकती है, संभवतः मामूली रूप से कम, लेकिन लंबी अवधि में यह थोड़ी और नीचे आ सकती है। इसके बावजूद, नीतिगत दरों में किसी भी कटौती का संकेत देने से पहले केंद्रीय बैंक को यह ठोस प्रमाण चाहिए होगा कि मुद्रास्फीति 2 फीसदी के लक्ष्य के करीब पहुंच रही है।\n\nवैश्विक मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव का रुख\nवैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में शुक्रवार को एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान AUD/USD की जोड़ी मजबूत होकर लगभग 0.7035 के स्तर तक पहुंच गई। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले आई इस तेजी की मुख्य वजह उम्मीद से अधिक गर्म रहे ऑस्ट्रेलिया के CPI महंगाई आंकड़े हैं, जिन्होंने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावनाओं को हवा दे दी है।\n\nदूसरी ओर, USD/JPY की जोड़ी शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के दबाव में रही। यह जोड़ी 157.00 के दायरे को छूने के बाद कुछ संभलने का प्रयास करती दिखी। निवेशक बैंक ऑफ जापान की हालिया नीतिगत बैठक के फैसलों का मूल्यांकन कर रहे हैं, जहां जापानी केंद्रीय बैंक ने बाजार की व्यापक उम्मीदों के मुताबिक दरों को बिना किसी बदलाव के स्थिर छोड़ दिया था।\n\nसोने की कीमतों पर दबाव और केंद्रीय बैंकों की नीति\nकमोडिटी बाजार में शुक्रवार को सोना फिसलकर अपने साल के नए निचले स्तर पर आ गया। वैश्विक वित्तीय बाजारों में जोखिम से बचने की धारणा के बावजूद पीली धातु को अपनी बढ़त बनाए रखने के लिए भारी संघर्ष करना पड़ रहा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आगे और बढ़ोतरी की प्रबल आशंकाएं निवेशकों के रुख और कीमतों की चाल पर हावी बनी हुई हैं। इसी दबाव के कारण सोना महीने का अंत नकारात्मक दायरे में करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।\n\nइसका आप पर असर\nवैश्विक केंद्रीय बैंकों के सख्त रुख और दरों को उच्च स्तर पर बनाए रखने से अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों और मुद्रा विनिमय पर सीधा असर पड़ रहा है।\n\n• वैश्विक निवेशकों पर प्रभाव: नॉर्वे में नीतिगत दर 4.5 फीसदी पर स्थिर रहने और कटौती 2028 तक टलने से विकसित देशों में ऊंची ब्याज दरों का दौर लंबा खिंचने के संकेत मिले हैं। निवेशकों को बॉन्ड और मुद्रा बाजार में लंबी अवधि के लिए अपनी परिसंपत्ति आवंटन रणनीतियों को पुनर्गठित करना होगा।\n• कमोडिटी और सोने के खरीदारों के लिए: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दर वृद्धि के अनुमानों के चलते सोना साल के नए निचले स्तर पर फिसल गया है। आभूषण खरीदारों और धातु निवेशकों को वैश्विक स्तर पर कीमतों में नरमी देखने को मिल सकती है, जिससे खरीदारी का नया अवसर बन सकता है।\n• विदेशी मुद्रा व्यापारियों के लिए: मजबूत ऑस्ट्रेलियाई मुद्रास्फीति और बैंक ऑफ जापान के ठहराव के बीच AUD/USD 0.7035 तक चढ़ा है जबकि USD/JPY 157.00 के पास कमजोर हुआ है। मुद्रा व्यापारियों को केंद्रीय बैंकों के अलग-अलग नीतिगत फैसलों के आधार पर अपनी हेजिंग और पोजीशन को समायोजित करना चाहिए।\n• अंतरराष्ट्रीय यात्रा और व्यापार पर: मजबूत नॉर्वेजियन क्रोन और मुद्रा विनिमय में उतार-चढ़ाव से आयात-निर्यात से जुड़ी लागतों में बदलाव देखने को मिलेगा। नॉर्वे और प्रमुख वैश्विक बाजारों के साथ कारोबार करने वाली कंपनियों को अपनी विनिमय लागत पर करीबी नजर रखनी होगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nनॉर्जेस बैंक द्वारा नीतिगत दर 4.5 फीसदी पर स्थिर रखने और ब्याज दरों में कटौती टलने के पीछे प्रमुख घरेलू और वैश्विक आर्थिक कारक जिम्मेदार हैं।\n\n• ऊर्जा कीमतों और कोर मुद्रास्फीति में तेजी: तेल और प्राकृतिक गैस के भाव बढ़ने के साथ-साथ बिजली के वायदा मूल्यों में भी मजबूती दर्ज की गई है। इसके साथ ही कोर मुद्रास्फीति में हल्का इजाफा होने से केंद्रीय बैंक के सामने महंगाई का दबाव बना हुआ है।\n• मुद्रास्फीति का दो फीसदी लक्ष्य से दूर होना: केंद्रीय बैंक दरों में कटौती का संकेत तभी देगा जब महंगाई स्पष्ट तौर पर 2 फीसदी के लक्ष्य की ओर लौटती दिखे। वर्तमान अनुमानों के मुताबिक यह संतुलन 2028 से पहले बनने की संभावना नहीं है।\n• मिश्रित घरेलू आर्थिक आंकड़े: जहां नॉर्वेजियन क्रोन की मजबूती महंगाई को कुछ हद तक सीमित करने में मदद कर रही है, वहीं रिटेल बिक्री में सुस्ती भी दर्ज हुई है। यह विरोधाभास नीति निर्माताओं को सितंबर के दर पथ पर बने रहने और दरों को यथावत रखने के लिए प्रेरित करता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. नॉर्जेस बैंक द्वारा प्रमुख ब्याज दर को किस स्तर पर बनाए रखने की उम्मीद है?\nनॉर्जेस बैंक द्वारा आगामी गुरुवार को अपनी प्रमुख नीतिगत दर को 4.5 फीसदी पर अपरिवर्तित रखने की उम्मीद है।\n\n2. नॉर्वे में नीतिगत दरों में कटौती कब तक शुरू होने के आसार हैं?\nमुद्रास्फीति के 2 फीसदी लक्ष्य तक पहुंचने से पहले दरों में कटौती की संभावना नहीं है, जो 2028 से पहले संभव नहीं दिखता।\n\n3. ऊर्जा और कमोडिटी बाजार में क्या बदलाव देखे गए हैं?\nकच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में वृद्धि हुई है, जबकि बिजली के वायदा भाव भी मजबूत हुए हैं।\n\n4. शुक्रवार को सोने की कीमतों में क्या रुख रहा?\nफेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों के कारण सोना फिसलकर साल के नए निचले स्तर पर पहुंच गया।\n\n5. बैंक ऑफ जापान की बैठक के बाद येन में क्या हलचल रही?\nबैंक ऑफ जापान द्वारा दरें अपरिवर्तित रखने के बाद USD/JPY गिरकर 157.00 के स्तर तक पहुंचा और फिर संभलने का प्रयास किया।",
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