एनएसई आईपीओ को पहले दिन ठंडी प्रतिक्रिया, सब्सक्रिप्शन केवल 42 फीसदी पर अटका नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 22,561.57 करोड़ रुपये का आईपीओ 17 सितंबर को खुला, लेकिन पहले दिन केवल 0.42 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। एंकर निवेशकों ने 6,746.18 करोड़ रुपये पहले ही लगा दिए थे। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम 17 सितंबर को बोली के लिए खुला, मगर पहले दिन निवेशकों का उत्साह फीका रहा। 22,561.57 करोड़ रुपये के इस ऑफर फॉर सेल को पहले दिन महज 0.42 गुना सब्सक्रिप्शन हासिल हुआ, यानी कुल इश्यू का केवल 42 फीसदी हिस्सा ही बुक हो सका। पहले दिन का सब्सक्रिप्शन आंकड़ा इश्यू खुलने से पहले एंकर निवेशकों ने 6,746.18 करोड़ रुपये की बोली लगाकर बड़ा हिस्सा सुरक्षित कर लिया था। इसके बावजूद आम निवेशकों की ओर से पहले दिन की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। बाजार जानकारों का मानना है कि ग्रे मार्केट में कम प्रीमियम इसकी एक बड़ी वजह हो सकती है। महत्वपूर्ण तारीखें और समयसीमा बोली विंडो 21 सितंबर तक खुली रहेगी। शेयरों का आवंटन 22 सितंबर को फाइनल होने की उम्मीद है, जबकि बीएसई पर लिस्टिंग 24 सितंबर को संभावित है। आने वाले सत्रों में सब्सक्रिप्शन रफ्तार पकड़ता है या नहीं, इस पर सबकी नजर रहेगी। ग्रे मार्केट प्रीमियम और लिस्टिंग अनुमान 17 सितंबर को शाम 4 बजकर 37 मिनट पर ग्रे मार्केट में एनएसई आईपीओ 148 रुपये प्रति शेयर के प्रीमियम पर कारोबार कर रहा था। इस जीएमपी के आधार पर अनुमानित लिस्टिंग मूल्य 1,933 रुपये प्रति शेयर बैठता है, जो इश्यू प्राइस पर करीब 8.29 फीसदी का लाभ दर्शाता है। ब्रोकरेज फर्मों की राय इश्यू की समीक्षा करने वाली 25 ब्रोकरेज फर्मों में से 65 फीसदी ने इसे सकारात्मक माना है और 'अप्लाई' रेटिंग दी है। एक ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा, "हमारा मानना है कि एनएसई की मजबूत फ्रेंचाइजी, काफी बड़ा पैमाना और स्थापित बाजार पारिस्थितिकी तंत्र इसे विकसित हो रहे डेरिवेटिव परिदृश्य से निपटने का ठोस आधार देता है।" इसका आप पर असर निवेशकों के लिए सबसे बड़ा असर यह है कि कम सब्सक्रिप्शन और मामूली जीएमपी लिस्टिंग लाभ को सीमित कर सकते हैं। • भारत में: खुदरा निवेशकों को आवंटन मिलने की संभावना बढ़ गई है क्योंकि मांग कम है। हालांकि लिस्टिंग लाभ केवल 8-9 फीसदी रहने का अनुमान है। • मुंबई में: वित्तीय राजधानी के ब्रोकरेज और ट्रेडिंग समुदाय की नजर 21 सितंबर तक सब्सक्रिप्शन रफ्तार पर रहेगी, क्योंकि एनएसई का मुख्यालय यहीं है और स्थानीय भागीदारी अहम है। ऐसा क्यों हुआ पहले दिन कम सब्सक्रिप्शन की मुख्य वजह ग्रे मार्केट में कम प्रीमियम है, जो निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता घटाता है। साथ ही बाजार में हालिया उतार-चढ़ाव ने भी सेंटीमेंट प्रभावित किया है। • कम जीएमपी: 148 रुपये का प्रीमियम केवल 8.29 फीसदी लिस्टिंग गेन दर्शाता है, जो बड़े इश्यू के लिए आकर्षक नहीं माना जाता। इससे सटोरिया मांग घटी। • बाजार सेंटीमेंट: हाल के हफ्तों में सूचकांकों में उतार-चढ़ाव ने निवेशकों को सतर्क किया है। बड़े इश्यू में पैसा फंसाने से पहले वे स्थिरता चाहते हैं। • एंकर बुकिंग: एंकर निवेशकों ने बड़ा हिस्सा पहले ही ले लिया, जिससे खुदरा कोटे के लिए उपलब्ध शेयर कम रह गए और उत्साह ठंडा पड़ा। सवाल-जवाब 1. एनएसई आईपीओ का इश्यू साइज कितना है? एनएसई आईपीओ का इश्यू साइज 22,561.57 करोड़ रुपये है, जो पूरी तरह ऑफर फॉर सेल है। 2. पहले दिन सब्सक्रिप्शन कितना रहा? पहले दिन 17 सितंबर को आईपीओ को 0.42 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, यानी 42 फीसदी बुकिंग हुई। 3. एनएसई आईपीओ की लिस्टिंग कब होगी? शेयरों की लिस्टिंग बीएसई पर 24 सितंबर को संभावित है, आवंटन 22 सितंबर को फाइनल होगा। 4. ग्रे मार्केट प्रीमियम क्या चल रहा है? 17 सितंबर शाम 4:37 बजे जीएमपी 148 रुपये प्रति शेयर था, जिससे अनुमानित लिस्टिंग प्राइस 1,933 रुपये बैठता है। 5. कितनी ब्रोकरेज ने अप्लाई रेटिंग दी है? 25 में से 65 फीसदी यानी करीब 16 ब्रोकरेज फर्मों ने आईपीओ को अप्लाई रेटिंग दी है। https://trendkia.com/market/nse-ipo-ko-pahale-dina-thndi-pratikriya-subscription-kevala-42-phisadi-para-ataka-33013 TrendKia — Har trend, sabse pehle.