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  "type": "article",
  "title": "नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आईपीओ को मिला भारी समर्थन, 5.71 गुना बुकिंग के साथ 90300 करोड़ की बोलियां",
  "summary": "नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 22,569 करोड़ रुपये के पब्लिक इश्यू को अंतिम दिन तक 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जिसमें संस्थागत निवेशकों की सबसे मजबूत भागीदारी देखने को मिली।",
  "content": "देश के सबसे बड़े शेयर बाजार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का बहुप्रतीक्षित पब्लिक इश्यू निवेशकों की जोरदार मांग के साथ संपन्न हुआ। 22,569 करोड़ रुपये के इस विशाल निर्गम को बंद होने तक कुल 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन हासिल हुआ। पूरे ऑफर के दौरान बाजार सहभागियों ने कुल मिलाकर लगभग 90,300 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों के लिए बोलियां लगाईं। संस्थागत खरीदारों की आक्रामक खरीदारी ने इस इश्यू की कुल मांग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में सबसे अहम भूमिका निभाई।\n\nसंस्थागत और खुदरा निवेशकों की श्रेणीवार भागीदारी\nएक्सचेंज पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार, इस निर्गम में बिक्री के लिए रखे गए 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले निवेशकों की ओर से कुल 50.58 करोड़ शेयरों की मांग दर्ज की गई। विभिन्न श्रेणियों में मांग का रुख अलग-अलग रहा। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी क्यूआईबी वर्ग में सबसे तगड़ा उत्साह देखा गया, जहां निर्धारित कोटा 12.68 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसके साथ ही गैर-संस्थागत निवेशकों के खंड में 6.55 गुना बोलियां आईं, जबकि आम खुदरा निवेशकों का आरक्षित हिस्सा 1.39 गुना भरा गया।\n\nबोली का आकार और एंकर निवेशकों से जुटाया गया फंड\nइश्यू का कुल आकार लगभग 22,569 करोड़ रुपये था, जिसके सामने बाजार से करीब 90,300 करोड़ रुपये की कुल संचयी मांग निकलकर सामने आई। यह निर्गम बोली प्रक्रिया के दूसरे दिन ही पूर्ण अभिदान प्राप्त कर चुका था और अंतिम कारोबारी सत्र तक इसमें लगातार इजाफा दर्ज किया गया। आम जनता के लिए खुलने से पहले ही एक्सचेंज ने एंकर आवंटन के जरिए 6,746 करोड़ रुपये सुरक्षित कर लिए थे। इस एंकर राउंड में भारतीय जीवन बीमा निगम, गोल्डमैन सैक्स और फिडेलिटी के अलावा सिंगापुर के जीआईसी, अबू धाबी निवेश प्राधिकरण और नॉर्वेजियन सॉवरेन फंड नॉर्जेस बैंक जैसे प्रमुख वैश्विक संप्रभु कोषों ने अपनी पूंजी लगाई थी।\n\nप्राइस बैंड और ऑफर फॉर सेल की संरचना\nइस सार्वजनिक निर्गम के लिए 1,700 रुपये से 1,785 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा निर्धारित किया गया था। यह पूरा निर्गम विशुद्ध रूप से ऑफर फॉर सेल के रूप में लाया गया, जिसके तहत वर्तमान शेयरधारकों ने 12.64 करोड़ तक इक्विटी शेयरों की पेशकश की। इस व्यवस्था के कारण निर्गम से एकत्रित होने वाली पूंजी कंपनी के खजाने में जाने के बजाय सीधे उन मौजूदा शेयरधारकों के खातों में जाएगी जिन्होंने अपनी हिस्सेदारी बेची है। यदि मूल्य के ऊपरी स्तर यानी 1,785 रुपये प्रति शेयर के आधार पर गणना की जाए, तो एक्सचेंज का कुल बाजार मूल्यांकन लगभग 4.42 लाख करोड़ रुपये बैठता है।\n\nऐतिहासिक संदर्भ और लिस्टिंग की समयसीमा\nशेयर बाजार के मंच पर कंपनी के शेयरों का औपचारिक पदार्पण 24 सितंबर को होने की संभावना है। विनियामकीय स्वीकृतियों और अन्य कानूनी औपचारिकताओं के कारण इस एक्सचेंज की लिस्टिंग की योजनाएं करीब एक दशक से अधिक समय से लंबित चल रही थीं। ऐसे में इस सार्वजनिक निर्गम की सफल परिणति एक्सचेंज के संचालन इतिहास में एक मील का पत्थर मानी जा रही है। आकार के लिहाज से यह देश का दूसरा सबसे बड़ा पब्लिक ऑफर बन चुका है। भारत के कॉर्पोरेट इतिहास में 2024 में आया हुंडई मोटर इंडिया का 27,870 करोड़ रुपये का इश्यू शीर्ष पर कायम है, जबकि यह नया निर्गम 2022 में प्रस्तुत भारतीय जीवन बीमा निगम के करीब 21,000 करोड़ रुपये के आईपीओ से आगे निकल गया है।\n\nइसका आप पर असर\nनेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सार्वजनिक निर्गम में भारी भागीदारी से खुदरा और संस्थागत दोनों श्रेणियों के निवेशकों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।\n\n• शेयर आवंटन की संभावना: खुदरा कोटा 1.39 गुना सब्सक्राइब होने के कारण अधिकांश खुदरा आवेदकों को शेयर मिलने की अच्छी संभावना रहेगी। जिन निवेशकों को शेयर आवंटित नहीं होंगे, उनके बैंक खातों में ब्लॉक की गई राशि आवंटन प्रक्रिया पूरी होते ही स्वतः जारी कर दी जाएगी।\n• लिस्टिंग दिवस की तैयारी: बाजार में शेयरों का औपचारिक कारोबार 24 सितंबर को शुरू होने की उम्मीद है। जिन निवेशकों के डीमैट खाते में शेयर आएंगे, वे पहले दिन बाजार के रुख के अनुसार मुनाफावसूली या लंबी अवधि के लिए होल्ड करने का निर्णय ले सकते हैं।\n• बाजार में तरलता: इस विशाल निर्गम में लगभग 90,300 करोड़ रुपये की बोलियां लगने से घरेलू शेयर बाजार में नकदी और सहभागिता का गहरा स्तर प्रमाणित हुआ है। इससे आने वाले हफ्तों में प्राथमिक बाजार में उतरने वाली अन्य कंपनियों के प्रति भी निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा।\n• ओएफएस की प्रकृति: यह संपूर्ण निर्गम ऑफर फॉर सेल होने के कारण जुटाई गई कुल राशि सीधे शेयर बेचने वाले पुराने अंशधारकों के पास जाएगी। इसका अर्थ यह है कि कंपनी के कारोबार या नई परियोजनाओं में इस पूंजी का सीधा निवेश नहीं होगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nनेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सार्वजनिक निर्गम को मिली अप्रत्याशित सफलता के पीछे वित्तीय संस्थाओं की गहरी दिलचस्पी और एक्सचेंज के मजबूत कारोबारी आधार की प्रमुख भूमिका रही है।\n\n• संस्थागत निवेशकों का भारी आकर्षण: क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स की श्रेणी में 12.68 गुना की तगड़ी बुकिंग दर्ज हुई, जिसने कुल बोली आंकड़े को 90,300 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त किया। वैश्विक और घरेलू दिग्गज संस्थानों के भरोसे ने निर्गम की मांग को शुरुआत से ही गति प्रदान की।\n• एंकर आवंटन से निर्मित सकारात्मक माहौल: जनता के लिए खुलने से पहले ही भारतीय जीवन बीमा निगम, गोल्डमैन सैक्स और वैश्विक संप्रभु कोषों से 6,746 करोड़ रुपये जुटाए जाने से बाजार में बहुत मजबूत संकेत गया। इस शुरुआती समर्थन ने छोटे निवेशकों और गैर-संस्थागत खरीदारों का विश्वास बढ़ाने में मदद की।\n• दशक भर से प्रतीक्षित निर्गम: एक्सचेंज की सार्वजनिक सूचीकरण की योजना पिछले लगभग दस वर्षों से विनियामकीय स्वीकृतियों की वजह से अटकी हुई थी। इतने लंबे अंतराल के बाद अवसर मिलने से बड़े फंड प्रबंधकों ने बिना देरी किए अपनी पूंजी इस प्रतिष्ठित वित्तीय संस्थान में लगाने को प्राथमिकता दी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का आईपीओ कुल कितना सब्सक्राइब हुआ?\nयह आईपीओ कुल 5.71 गुना सब्सक्राइब हुआ, जिसमें 8.86 करोड़ शेयरों की पेशकश के मुकाबले 50.58 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं।\n\n2. इस आईपीओ के तहत निवेशकों से कुल कितनी राशि की मांग आई?\n22,569 करोड़ रुपये के निर्गम आकार के मुकाबले निवेशकों की ओर से कुल मिलाकर लगभग 90,300 करोड़ रुपये मूल्य की बोलियां लगाई गईं।\n\n3. संस्थागत और खुदरा निवेशकों का रिस्पॉन्स कैसा रहा?\nक्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स का हिस्सा 12.68 गुना, गैर-संस्थागत निवेशकों का कोटा 6.55 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.39 गुना भरा।\n\n4. इस इश्यू का प्राइस बैंड क्या रखा गया था?\nइस सार्वजनिक निर्गम के लिए प्रति शेयर 1,700 रुपये से 1,785 रुपये का प्राइस बैंड तय किया गया था।\n\n5. एंकर निवेशकों के जरिए कितनी राशि जुटाई गई थी?\nनिर्गम खुलने से पहले एक्सचेंज ने एंकर निवेशकों से करीब 6,746 करोड़ रुपये जुटाए थे, जिसमें एलआईसी और वैश्विक वेल्थ फंड शामिल थे।\n\n6. शेयर बाजार में शेयरों की लिस्टिंग किस तारीख को होगी?\nकंपनी के शेयरों की शेयर बाजार में लिस्टिंग 24 सितंबर को होने की उम्मीद है।\n\n7. आकार के मामले में यह आईपीओ भारतीय बाजार में किस स्थान पर है?\nयह भारत का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ है, जो हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के इश्यू के बाद और एलआईसी के 21,000 करोड़ रुपये के निर्गम से आगे है।",
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  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-09-21",
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