न्यूजीलैंड डॉलर में सुस्ती के बाद वापसी, अमेरिका के जॉब डेटा पर टिकी निवेशकों की नजरें न्यूजीलैंड डॉलर यानी कीवी में हालिया सत्र के दौरान अच्छी रिकवरी देखने को मिली है, हालांकि अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल के आंकड़ों से इस चाल की दिशा तय होगी। मुद्रा बाजार में न्यूजीलैंड डॉलर ने अमेरिकी सत्र के दौरान अच्छी बढ़त दर्ज करते हुए 0.5900 के आंकड़े के ठीक नीचे कारोबार किया। यह रिकवरी मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर में लंदन के सत्र के बाद आई बिकवाली के कारण संभव हुई, जबकि इस दौरान घरेलू मोर्चे पर कोई नया आर्थिक डेटा जारी नहीं किया गया था। एनजेडडी/यूएसडी जोड़े ने बुधवार के निचले स्तरों से उबरते हुए महत्वपूर्ण एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज को पार कर लिया, जो 0.5850 के आसपास एक मजबूत दायरे में स्थित हैं। रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड के फैसलों का असर रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड ने हाल ही में अपने आधिकारिक नकद दर को बढ़ाकर 2.75% कर दिया है और समिति की अगली बैठक 28 अक्टूबर को निर्धारित है। समिति के सात सदस्यों में से चार का मानना है कि महंगाई के जोखिम ऊपर बने हुए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि केंद्रीय बैंक अभी नीतिगत चक्र के अंतिम बिंदु को लेकर पूरी तरह निश्चित नहीं है। बैंक ने इस बार तिमाही दर में मामूली वृद्धि को भविष्य के बड़े बदलावों के खिलाफ एक बीमा के रूप में देखा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार और कमोडिटी का प्रभाव न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था काफी हद तक चीन के साथ व्यापार और डेयरी उत्पादों के निर्यात पर निर्भर करती है, जिसके कारण वैश्विक बाजार के रुख का कीवी की चाल पर सीधा प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा, जोखिम भरे माहौल और सुरक्षित निवेश की धारणाओं के बीच कमोडिटी से जुड़ी मुद्राएं वैश्विक अस्थिरता के प्रति संवेदनशील बनी रहती हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और ब्याज दरों के अंतर से भी इस मुद्रा जोड़े की दिशा तय होती है. आगामी आर्थिक आंकड़े और तकनीकी स्तर शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल आंकड़ों और चीन के आगामी व्यापार आंकड़ों पर निवेशकों की कड़ी नजर है, जो मुद्रा बाजार की अगली चाल तय करेंगे। तकनीकी मोर्चे पर 0.5900 का स्तर एक बड़ी बाधा बना हुआ है, जबकि 0.5850 के आसपास का ईएमए शेल्फ समर्थन प्रदान कर रहा है। जब तक यह जोड़ी 0.5900 से नीचे बनी हुई है, तब तक बाजार का रुख थोड़ा सतर्क और मंदी की ओर झुका हुआ माना जा सकता है। इसका आप पर असर मुद्रा बाजार के इस उतार-चढ़ाव का असर आयात-निर्यात और विदेशी यात्राओं पर पड़ सकता है। • भारत में: विनिमय दरों में बदलाव से विदेशी सामानों के आयात और अंतरराष्ट्रीय लेनदेन की लागत पर अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है। • वैश्विक स्तर पर: निवेशकों और व्यापारियों को मुद्रा जोड़े में उतार-चढ़ाव के दौरान अपने ट्रेड पोजीशन और स्टॉप-लॉस का विशेष ध्यान रखना चाहिए। • आर्थिक नीतियां: केंद्रीय बैंकों के ब्याज दर के फैसलों से वैश्विक ऋण लागत और निवेशकों के रिटर्न में बदलाव आता है। • बाजार की धारणा: कमजोर डॉलर और मजबूत होती अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक कमोडिटी की कीमतों को प्रभावित करती हैं। सवाल-जवाब 1. न्यूजीलैंड डॉलर को सामान्य बोलचाल में क्या कहा जाता है? न्यूजीलैंड डॉलर को आमतौर पर कीवी (Kiwi) के नाम से जाना जाता है। 2. रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड की अगली बैठक कब है? केंद्रीय बैंक की अगली बैठक 28 अक्टूबर को निर्धारित की गई है। 3. कीवी की चाल को कौन सा देश सबसे अधिक प्रभावित करता है? चीन न्यूजीलैंड का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, इसलिए वहां की आर्थिक स्थिति कीवी को प्रभावित करती है। 4. ताजा सत्र में मुद्रा जोड़े ने कौन से प्रमुख मूविंग एवरेज को पार किया? इस जोड़े ने 200-दिन और 50-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज को पार किया। https://trendkia.com/market/nyujilainda-dollar-men-susti-ke-bada-vapasi-america-ke-joba-deta-para-tiki-niveshakon-ki-najaren-27351 TrendKia — Har trend, sabse pehle.