ऑयल इंडिया के शेयरों में हलचल, 4 सितंबर डिविडेंड रिकॉर्ड डेट से पहले जानें काम की बातें ऑयल इंडिया लिमिटेड का शेयर 3 सितंबर को निवेशकों के रडार पर है। कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अंतिम डिविडेंड देने जा रही है और इसके लिए रिकॉर्ड डेट 4 सितंबर तय की गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख तेल और प्राकृतिक गैस कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड के शेयरों में गुरुवार, 3 सितंबर को शेयर बाजार में काफी हलचल देखने को मिल सकती है। कंपनी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने पात्र निवेशकों को अंतिम डिविडेंड का भुगतान करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इस डिविडेंड के लिए अर्हता तय करने वाली रिकॉर्ड डेट बेहद करीब आ चुकी है, जिसके कारण बाजार विश्लेषक और शेयरधारक कंपनी के शेयर की गतिविधियों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। डिविडेंड भुगतान की राशि और रिकॉर्ड तिथि से जुड़े नियम ऑयल इंडिया लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए Re 1 प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड की सिफारिश की थी। कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक 13 मई को आयोजित की गई थी, जिसमें चुकता इक्विटी शेयर पूंजी के 10% की दर से यानी Re 1 प्रति शेयर का डिविडेंड देने का प्रस्ताव रखा गया था। यह डिविडेंड राशि आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद घोषित की जाएगी। घोषणा की तारीख से 30 दिनों के भीतर पात्र निवेशकों के बैंक खातों में डिविडेंड की राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी। कंपनी प्रबंधन ने डिविडेंड की पात्रता निर्धारित करने के उद्देश्य से 4 सितंबर, शुक्रवार को रिकॉर्ड डेट घोषित किया है। भारत में शेयर बाजार के सौदों का निपटान T+1 सेटलमेंट साइकिल के तहत होता है। इसका सीधा मतलब यह है कि जिन निवेशकों के पास रिकॉर्ड डेट के दिन डिमैट खाते में कंपनी के शेयर होंगे, केवल वही इस payout के हकदार होंगे। इसलिए डिविडेंड का लाभ उठाने के लिए निवेशकों को रिकॉर्ड तिथि से पहले ही शेयर खरीदने की आवश्यकता होती है। शेयर का हालिया प्रदर्शन और बाजार मूल्यांकन बुधवार के कारोबारी सत्र के दौरान BSE पर ऑयल इंडिया का शेयर मामूली गिरावट के साथ Rs 487 प्रति शेयर के स्तर पर बंद हुआ। इस बंद भाव के आधार पर कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण Rs 79,215.80 करोड़ दर्ज किया गया। बुधवार को कारोबार के दौरान स्टॉक ने Rs 499.40 का उच्च स्तर और Rs 484.25 का निचला स्तर छुआ था। पूरे दिन के कारोबार में शेयर की कीमतें लगभग स्थिर बनी रहीं। लंबे समय के प्रदर्शन पर नजर डालें तो ऑयल इंडिया के शेयर ने 14 मई 2026 को अपने 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर Rs 531 प्रति शेयर छुआ था। वहीं, 10 सितंबर 2025 को यह शेयर अपने 52 सप्ताह के निचले स्तर Rs 389.70 प्रति शेयर तक फिसल गया था। कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 13.67% दर्ज किया गया है। पिछले एक महीने की अवधि में कंपनी के शेयर में 6% का बदलाव देखा गया है, जबकि वर्ष 2026 में अब तक इस शेयर ने करीब 13.9% की बढ़त हासिल की है। ब्रोकरेज हाउस का आउटलुक और उत्पादन लक्ष्य प्रसिद्ध ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल ने ऑयल इंडिया के वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन पर एक सकारात्मक रिपोर्ट जारी की है। ब्रोकरेज के अनुसार, तेल और गैस की बेहतर प्राप्तियों तथा ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) में सुधार से कंपनी का आउटलुक काफी मजबूत नजर आ रहा है। इसके अलावा NWG बिक्री में जोरदार उछाल और नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (NRL) की क्षमता विस्तार से कंपनी की आय में बढ़ोतरी होने की संभावना है। परिचालन मोर्चे पर, ऑयल इंडिया ने अपने मिशन 4+ के तहत 4 mmtpa कच्चे तेल के उत्पादन लक्ष्य को सफलता पूर्वक हासिल कर लिया है। वर्तमान में कंपनी की उत्पादन दर लगभग 11 ktpd के आसपास बनी हुई है। कंपनी प्रबंधन को उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष 2029 तक कच्चे तेल का यह उत्पादन बढ़कर 4.2 mmtpa के स्तर तक पहुंच जाएगा, जो कंपनी के दीर्घकालिक विकास को मजबूती प्रदान करेगा। इसका आप पर असर ऑयल इंडिया के डिविडेंड और रिकॉर्ड डेट की घोषणा का सीधा असर शेयरधारकों और नए निवेशकों के फैसलों पर पड़ेगा। • भारत में निवेशकों के लिए: यदि आप डिविडेंड के लिए पात्र होना चाहते हैं, तो आपको रिकॉर्ड डेट 4 सितंबर से पहले शेयर की खरीदारी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। T+1 सेटलमेंट के कारण रिकॉर्ड तिथि वाले दिन खरीदे गए शेयर डिविडेंड के हकदार नहीं होंगे। • मौजूदा शेयरधारकों के लिए: एजीएम में मंजूरी मिलने के बाद घोषित तिथि से 30 दिनों के अंदर Re 1 प्रति शेयर का डिविडेंड सीधे आपके बैंक खाते में जमा कर दिया जाएगा। • दीर्घकालिक निवेशकों के लिए: कंपनी का 13.67% का ROE और FY29 तक 4.2 mmtpa उत्पादन का लक्ष्य लंबी अवधि के पोर्टफोलियो के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक है। • ट्रेडर्स के लिए: 4 सितंबर की रिकॉर्ड डेट के बाद एक्स-डिविडेंड होने पर शेयर की कीमत में डिविडेंड राशि के बराबर तकनीकी समायोजन देखा जा सकता है। सवाल-जवाब 1. ऑयल इंडिया के प्रति शेयर डिविडेंड की राशि कितनी है? ऑयल इंडिया बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए Re 1 प्रति शेयर (इक्विटी शेयर पूंजी का 10%) के अंतिम डिविडेंड की सिफारिश की है। 2. डिविडेंड पाने के लिए रिकॉर्ड डेट क्या है? डिविडेंड की पात्रता तय करने के लिए कंपनी ने 4 सितंबर, शुक्रवार को रिकॉर्ड डेट निर्धारित किया है। 3. डिविडेंड का भुगतान कब तक किया जाएगा? एजीएम में मंजूरी मिलने के बाद डिविडेंड की घोषणा की तारीख से 30 दिनों के भीतर इसका भुगतान किया जाएगा। 4. ऑयल इंडिया के शेयर का 52-हफ्ता का उच्च और निम्न स्तर क्या है? शेयर का 52-हफ्ते का उच्चतम स्तर Rs 531 (14 मई 2026) और न्यूनतम स्तर Rs 389.70 (10 सितंबर 2025) है। 5. कंपनी का कच्चा तेल उत्पादन लक्ष्य क्या है? कंपनी ने 4 mmtpa का लक्ष्य हासिल कर लिया है और प्रबंधन को वित्त वर्ष 2029 तक इसे 4.2 mmtpa तक पहुंचाने की उम्मीद है। https://trendkia.com/market/oil-india-ke-sheyaron-men-halachala-4-sitnbara-dividenda-rikorda-deta-se-pahale-janen-kama-ki-baten-26585 TrendKia — Har trend, sabse pehle.